- विधायक ने कहा- मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को देंगे कार्रवाई की जानकारी और पुनर्वास की करेंगे मांग
- पूर्णिमा साहू ने मुख्यमंत्री से शीघ्र पुनर्वास की मांग की
जेबी लाइव, रिपोर्टर
भुईयांडीह बर्निंग घाट गोलचक्कर से कल्याण नगर चौक तक कोर्ट के आदेश पर जिला प्रशासन और टाटा स्टील लैंड डिपार्टमेंट द्वारा की गई अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के अगले दिन गुरुवार को जमशेदपुर पूर्वी की विधायक पूर्णिमा साहू प्रभावित परिवारों के बीच पहुँचीं। उन्होंने现场 का निरीक्षण कर पीड़ितों की व्यथा सुनी और कहा कि अचानक हुई यह कार्रवाई अत्यंत पीड़ादायक है। पूर्णिमा साहू ने स्पष्ट किया कि कुछ लोग यह भ्रम फैला रहे हैं कि इस कार्रवाई में उनका हाथ है, जबकि यह पूरी तरह कोर्ट के आदेश पर हुई प्रशासनिक प्रक्रिया थी। उन्होंने कहा, “मेरा इससे कोई संबंध नहीं है और मैं हमेशा जनता के साथ खड़ी रही हूँ।”
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विधायक ने कार्रवाई को पीड़ादायक और प्रशासनिक त्रुटि बताया

विधायक ने जिला प्रशासन और टाटा स्टील से सवाल उठाए कि जब सड़क चौड़ीकरण की योजना पहले से तय थी, तो प्रभावित परिवारों को अग्रिम सूचना क्यों नहीं दी गई। उन्होंने कहा कि घर और दुकान खाली करने तथा सामान हटाने के लिए पर्याप्त समय नहीं दिया गया। अचानक केवल 30 मिनट की नोटिस देकर घर-दुकान जमींदोज करना मानवीय दृष्टिकोण से अस्वीकार्य है। पूर्णिमा साहू ने सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों पर भी प्रतिक्रिया दी और कहा कि कुछ लोग अपनी राजनीति और अस्तित्व बचाने के लिए गरीब परिवारों को ढाल बना रहे हैं। उन्होंने दोहराया कि सड़क चौड़ीकरण की मांग जनता की थी, परंतु बिना सूचना और समय दिए कार्रवाई करना बेहद दुःखद है।
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अधिकारियों की लापरवाही पर विधायक ने जताई नाराज़गी
पीड़ित परिवारों से मुलाकात के दौरान पूर्णिमा साहू ने भरोसा दिया कि वे इस पूरे प्रकरण को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के समक्ष रखेंगी। उन्होंने प्रभावित परिवारों के शीघ्र पुनर्वास के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की। विधायक ने कहा कि भविष्य में इस तरह की कार्रवाई में पारदर्शिता और जनता को अग्रिम सूचना सुनिश्चित की जाए, ताकि गरीब और कमजोर वर्ग को किसी प्रकार की कठिनाई न झेलनी पड़े। उन्होंने जनता से आह्वान किया कि किसी अफवाह पर विश्वास न करें और प्रशासनिक प्रक्रिया की वास्तविकता को समझें।
























