- सीसीटीवी निगरानी, सुरक्षा बलों की तैनाती और नियमित औचक निरीक्षण पर जोर
जेबी लाइव, रिपोर्टर
समाहरणालय सभागार में उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी की अध्यक्षता में जिले के कारा परिसरों की सुरक्षा व्यवस्था और व्यवस्थागत आवश्यकताओं की समीक्षा को लेकर बैठक आयोजित की गई। बैठक में पुलिस अधीक्षक (नगर) कुमार शिवाशीष, एडीएम लॉ एंड ऑर्डर भगीरथ प्रसाद, एसडीएम धालभूम चन्द्रजीत सिंह, एसडीपीओ घाटशिला अजीत कुजूर, जेल उपाधीक्षक सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक के दौरान घाघीडीह केंद्रीय कारा, साकची कारा और घाटशिला उपकारा की वर्तमान सुरक्षा स्थिति, बुनियादी सुविधाएं, संसाधनों की उपलब्धता, सीसीटीवी कवरेज, वॉच टावर की स्थिति और कैदियों के सेल, अस्पताल, पेयजल आपूर्ति, साफ-सफाई तथा प्रकाश व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा की गई। उपायुक्त ने निर्देश दिया कि सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही या चूक बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि जेलों की सुरक्षा अत्यंत संवेदनशील विषय है, इसलिए नियमित ऑडिट, औचक निरीक्षण तथा सभी संबंधित स्थलों—जैसे कारा, उपकारा, बाल सुधार गृह, अस्पतालों के कैदी वार्ड और कोर्ट हाजत—में समय-समय पर सुरक्षा मानकों की जांच सुनिश्चित की जाए।
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एमजीएम अस्पताल में कैदी वार्ड और रेलवे स्टेशन हाजत को लेकर दिए विशेष निर्देश
बैठक में उपायुक्त ने एमजीएम अस्पताल में कैदियों के लिए एक अलग कैदी वार्ड के शीघ्र स्थल चयन की प्रक्रिया में तेजी लाने का निर्देश दिया। साथ ही जमशेदपुर रेलवे स्टेशन परिसर में कोर्ट हाजत की उचित व्यवस्था हेतु भी कार्रवाई शुरू करने को कहा। उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने के लिए वॉच टावरों पर पर्याप्त सुरक्षा बलों की तैनाती और पुलिस पेट्रोलिंग बढ़ाने पर विशेष जोर दिया। उपायुक्त ने उपस्थित अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक विभाग अपनी जिम्मेदारी स्पष्ट रूप से समझते हुए समन्वय के साथ कार्य करे, ताकि कारा प्रबंधन अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और अनुशासित बन सके। उन्होंने कहा कि सभी जेल परिसरों में सुरक्षा मानकों का अनुपालन सुनिश्चित करने के साथ ही संसाधनों की उपलब्धता, तकनीकी निगरानी और आपात स्थितियों से निपटने की तैयारी को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। बैठक के अंत में अधिकारियों को समयबद्ध कार्रवाई रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश भी दिया गया।
























