- विश्व आदिवासी दिवस पर राजु बेसरा ने दी श्रद्धांजलि, राज्य सरकार से आदिवासी पहचान को सम्मान देने की अपील
- दिशोम गुरु पर आधारित पाठ्यक्रम की मांग, चेतावनी के साथ उठी आवाज
जेबी लाइव, रिपोर्टर
विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर जमशेदपुर के किताडीह ग्राम सभा सभागार में एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें पूर्व पंचायत समिति संघ के अध्यक्ष राजु बेसरा ने सिद्धो-कान्हो, चांद-भैरव, फुलो-झानो और स्वर्गीय दिशोम गुरु शिबू सोरेन की प्रतिमाओं पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि यह दिन दुनियाभर के आदिवासी समुदायों के अधिकारों, सांस्कृतिक विरासत और योगदान को मान्यता देने का प्रतीक है। उन्होंने झारखंड सरकार से आग्रह किया कि विधानसभा सत्र से पूर्व दिशोम गुरु की भाव-भंगिमा वाली एक भव्य प्रतिमा विधानसभा परिसर में स्थापित की जाए, ताकि उनके संघर्ष और योगदान को आने वाली पीढ़ियाँ याद रख सकें।
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विधानसभा परिसर में आदिवासी नेता की प्रतिमा स्थापित करने की माँग ने पकड़ा जोर
राजु बेसरा ने यह भी मांग रखी कि राज्य के सभी सरकारी व गैर-सरकारी संस्थानों तथा स्कूलों में दिशोम गुरु शिबू सोरेन के जीवन संघर्ष और योगदान पर आधारित पाठ्यक्रम शामिल किया जाए। उन्होंने कहा कि यह जरूरी है ताकि झारखंड के युवा, खासकर आदिवासी छात्र, अपने नायकों के जीवन से प्रेरणा लें और अपने इतिहास को जान सकें। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर सरकार इस मांग पर विचार नहीं करती है तो एक दिवसीय शांतिपूर्ण आंदोलन कर विधानसभा के बाहर सरकार का ध्यान आकर्षित किया जाएगा। उन्होंने इसे आदिवासी समाज की अस्मिता से जुड़ा विषय बताया।
























