- बालिकाओं के अधिकार, सुरक्षा और बाल विवाह निषेध कानून पर दी गई जानकारी
- बाल विवाह और बाल अधिकारों पर शिक्षिकाओं एवं अधिकार मित्रों ने बढ़ाई जागरूकता
जेबी लाइव, रिपोर्टर
जमशेदपुर : झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, रांची के तत्वाधान में और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, न्याय सदन, सिविल कोर्ट, जमशेदपुर के सचिव महोदय के आदेशानुसार 24 जनवरी को राष्ट्रीय बालिका दिवस पर कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय, सुंदरनगर में विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में बालिकाओं को बताया गया कि यह दिवस हर वर्ष 24 जनवरी को मनाया जाता है ताकि समाज में बालिकाओं के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और सम्मान के प्रति जागरूकता बढ़ाई जा सके। कार्यक्रम में PCPNDT Act, 1994 के दुष्परिणामों के विषय पर भी जानकारी दी गई और बताया गया कि लैंगिक चयन अपराध है, इसके लिए सजा और जुर्माने का प्रावधान है। बालिकाओं को हेल्पलाइन नंबर-1098/104, जिला स्वास्थ्य अधिकारी एवं मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी पर शिकायत दर्ज कराने की जानकारी भी दी गई।
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बालिकाओं के अधिकार और लैंगिक चयन कानून पर विशेष जानकारी दी गई
कार्यक्रम में बाल विवाह निषेध अधिनियम, 2006 पर भी प्रकाश डाला गया। बालिकाओं को बताया गया कि कम उम्र में विवाह और गर्भधारण से शिक्षा प्रभावित होती है, स्वास्थ्य जोखिम बढ़ता है और मातृ एवं शिशु मृत्यु दर बढ़ जाती है। इस अधिनियम में दो वर्ष तक की सजा और एक लाख रुपये तक का जुर्माना है, और माता-पिता, अभिभावक, पंडित, काजी या मौलवी सभी दोषी माने जाते हैं। बाल विवाह की शिकायत बाल विवाह निषेध पदाधिकारी (CMPO/BDO), चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098, पुलिस हेल्पलाइन नंबर 100, 121, नालसा हेल्पलाइन नंबर 15100 और जिला प्रशासन को दर्ज कराई जा सकती है। कार्यक्रम में पीएलभी सह अधिकार मित्र अरुण रजक, गोलोरिया पूर्ति और सूरज कुमार ने योगदान दिया, साथ ही विद्यालय की वार्डन और शिक्षिकाएँ भी उपस्थित रहीं।
























