- सीतारामडेरा कारोबारी के घर फायरिंग मामले का खुलासा, जेल से चल रहा था रंगदारी वसूली का नेटवर्क
जेबी लाइव, रिपोर्टर
जमशेदपुर पुलिस को सीतारामडेरा के कारोबारी हरेराम सिंह के घर पर फायरिंग मामले में बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने कुख्यात प्रिंस खान–सुजीत सिन्हा गिरोह के दो शूटर राजेश और कुंडू को कदमा के शास्त्री नगर क्षेत्र से गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपी लंबे समय से फरार चल रहे थे। गुप्त सूचना के आधार पर की गई देर रात छापेमारी में पुलिस ने दोनों को हथियार समेत धर दबोचा। जांच में सामने आया है कि दोनों आरोपी कारोबारी से रंगदारी वसूलने के लिए फायरिंग की वारदात को अंजाम देने पहुंचे थे। पुलिस ने बताया कि इन दोनों की तलाश उस समय से जारी थी, जब गिरोह के एक अन्य सदस्य को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया था।
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दशरथ शुक्ला की गिरफ्तारी से खुला था गिरोह का नेटवर्क, कई पुराने मामलों से जुड़े तार
इस मामले की कड़ी दशरथ शुक्ला की गिरफ्तारी के बाद सामने आई थी। दशरथ ने पूछताछ में खुलासा किया था कि हरेराम सिंह के घर पर फायरिंग की घटना प्रिंस खान और सुजीत सिन्हा के इशारे पर की गई थी, ताकि कारोबारी से रंगदारी वसूली जा सके। इससे पहले भी पुलिस इस गिरोह से जुड़े आकाश सिंह को गिरफ्तार कर चुकी है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान कर ली गई है और उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी चल रही है। दोनों शूटरों के खिलाफ आर्म्स एक्ट, गैंगस्टर एक्ट और आपराधिक षड्यंत्र के तहत मामला दर्ज किया गया है।
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जेल से भी संचालित हो रही थी गिरोह की गतिविधियां, रांची से मिले हथियारों का इस्तेमाल
पुलिस सूत्रों के अनुसार, गिरोह के सरगना सुजीत सिन्हा और प्रिंस खान जेल में रहते हुए भी अपने गुर्गों के जरिए हत्या, रंगदारी और आगजनी जैसी घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं। रांची में गिरफ्तार दशरथ शुक्ला के बयान में सामने आया कि वह और उसके साथी गैंगस्टर सुजीत सिन्हा, प्रिंस खान और सुजीत सिन्हा की पत्नी रिया सिन्हा के लिए रांची और जमशेदपुर में काम करते हैं। वर्ष 2019 में घाघीडीह जेल में सुजीत सिन्हा से मुलाकात के बाद दशरथ शुक्ला गिरोह का सक्रिय सदस्य बन गया था। उसने बताया कि 2 अक्टूबर 2025 को वह अपने साथी आकाश कुमार सिंह के साथ रांची गया था, जहां कांके-चौटनी चौक के पास गिरोह के सदस्य बबलू खान, मो. सिराज उर्फ मदन और मो. शाहिद से छह पिस्टल और 30 जिंदा कारतूस लिए थे। इनमें से तीन पिस्टल और 25 कारतूस उसने जमशेदपुर के अपराधियों राजेश और काशीडीह निवासी कोदू पाजी को दिए थे।
























