- जमशेदपुर और घाटशिला न्यायालय परिसर में लोक अदालत का सफल आयोजन
- राष्ट्रीय लोक अदालत से लाखों मामलों का हुआ समाधान
जेबी लाइव, रिपोर्टर
न्याय को जन-जन तक सुलभ बनाने और लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन के उद्देश्य से शनिवार को जमशेदपुर व्यवहार न्यायालय एवं घाटशिला न्यायालय परिसर में जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा) के तत्वावधान में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। जमशेदपुर में लोक अदालत का शुभारंभ प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश अरविंद कुमार पांडेय ने किया। इस अवसर पर प्रधान कुटुंब न्यायालय के न्यायाधीश अजीत कुमार सिंह, एडीजे-1 कनकन पट्टदार, पोक्सो कोर्ट के न्यायाधीश बिमलेश सहाय, जिला बार संघ के अध्यक्ष आर.एन. दास, सचिव कुमार राजेश रंजन और डालसा सचिव धर्मेंद्र कुमार सहित कई न्यायिक पदाधिकारी उपस्थित रहे।
इसे भी पढ़ें : Seraikela : सरायकेला जिले में 15 दिसंबर से शुरू होगा धान क्रय कार्य, 27 क्रय केंद्र स्थापित
राष्ट्रीय लोक अदालत से आमजन को मिला त्वरित न्याय

राष्ट्रीय लोक अदालत के दौरान मोटर वाहन दुर्घटना दावा मामलों में दो पीड़ित परिवारों को कुल एक करोड़ 80 लाख रुपये का मुआवजा प्रदान किया गया। एडीजे-6 न्यायालय में लंबित केस संख्या MAC-137/23 में सोनारी निवासी मृतक निलंजना बोस के माता-पिता डॉली बोस और सुब्रतो घोष को संयुक्त रूप से ₹1 करोड़ 10 लाख का चेक प्रदान किया गया। वहीं प्रधान जिला जज के न्यायालय में केस संख्या MAC-05/2025 में चक्रधरपुर निवासी मृतक बिमल खलको की पत्नी पूपेन खलको को ₹70 लाख का चेक सौंपा गया। दोनों ही मामलों में यह राशि टाटा एआईजी इंश्योरेंस कंपनी के माध्यम से दी गई।
इसे भी पढ़ें : Seraikela : सरायकेला–राजनगर में सड़क सुरक्षा को लेकर विशेष जांच अभियान, ₹32,650 की वसूली
मोटर दुर्घटना पीड़ितों को लोक अदालत से बड़ी राहत
इस अवसर पर इंश्योरेंस कंपनी के अधिकारी देवजीत सरकार और सफदर स्माइल भी मौजूद रहे। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश अरविंद कुमार पांडेय ने कहा कि यह पहल न्यायपालिका की सामाजिक जिम्मेदारी को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि लोक अदालत पीड़ितों को न केवल त्वरित न्याय प्रदान करती है, बल्कि उन्हें आर्थिक और सामाजिक रूप से मुख्यधारा में जोड़ने में भी अहम भूमिका निभाती है। उन्होंने लोक अदालत को गरीब और पिछड़े वर्ग के लिए वरदान बताते हुए कहा कि यहां बिना किसी खर्च और लंबी कानूनी प्रक्रिया के विवादों का समाधान होता है।
इसे भी पढ़ें : Ranchi : झारखंड राज्य किसान सभा का 8वां सम्मेलन फरवरी 2026 में, व्यापक तैयारी का निर्णय
लोक अदालत से पीड़ित परिवारों को मिला आर्थिक संबल
राष्ट्रीय लोक अदालत के सफल संचालन के लिए कुल 16 बेंचों का गठन किया गया था, जिनमें जमशेदपुर न्यायालय परिसर में 12 और घाटशिला न्यायालय में 4 बेंच शामिल थीं। इन बेंचों में मोटर दुर्घटना दावा, चेक बाउंस, वैवाहिक विवाद, बैंक ऋण सहित विभिन्न श्रेणियों के मामलों का आपसी सुलह और समझौते के माध्यम से त्वरित निपटारा किया गया। इस आयोजन में न्यायिक पदाधिकारी, कोर्ट स्टाफ और पैरालीगल वॉलंटियर्स (पीएलवी) की भूमिका सराहनीय रही।
इसे भी पढ़ें : Ranchi : झारखंड राज्य किसान सभा का 8वां सम्मेलन फरवरी 2026 में, व्यापक तैयारी का निर्णय
जमशेदपुर-घाटशिला में लोक अदालत का व्यापक असर
नेशनल लोक अदालत में कुल 2,75,936 मामलों का निष्पादन किया गया, जिसमें 2,64,775 प्री-लिटिगेशन केस और 11,159 न्यायालय में लंबित मामले शामिल थे। इन मामलों के निपटारे से कुल ₹10 करोड़ 9 लाख 80 हजार 705 रुपये के राजस्व की प्राप्ति हुई। इससे पूर्व नेशनल लोक अदालत का ऑनलाइन उद्घाटन दुमका से झारखंड हाईकोर्ट के प्रधान न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान, झालसा के कार्यकारी अध्यक्ष सुजीत नारायण सिंह, मेंबर सचिव कुमारी रंजना अस्थाना सहित अन्य गणमान्य व्यक्तियों द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलन कर किया गया। यह आयोजन न्याय और सामाजिक उत्थान के समन्वय का एक सशक्त उदाहरण बनकर सामने आया।
























