- छात्रा की मौत के बाद टाटानगर पहुंचे डीआरएम, आरओबी निर्माण को लेकर बढ़ी उम्मीद
- स्थानीय लोगों ने रखी सुरक्षा बढ़ाने की मांग
जेबी लाइव, रिपोर्टर
बारीगोड़ा : बारीगोड़ा रेलवे फाटक के समीप बस से दबकर एक छात्रा की दर्दनाक मौत के बाद रेलवे प्रशासन सक्रिय हो गया है। घटना की गंभीरता को देखते हुए चक्रधरपुर रेल मंडल के मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) तरुण हुरिया मंगलवार को स्वयं टाटानगर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। डीआरएम ने पूरे मामले की विस्तृत जानकारी ली और अधिकारियों से सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चर्चा की। उनके दौरे से यह संकेत मिला है कि बारीगोड़ा फाटक पर लंबे समय से लंबित रोड ओवर ब्रिज (आरओबी) निर्माण को लेकर रेलवे अब ठोस कदम उठाने की दिशा में आगे बढ़ सकता है। इस फाटक पर आए दिन जाम और हादसों की घटनाएं सामने आती रही हैं।
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बारीगोड़ा फाटक पर क्यों जरूरी है रोड ओवर ब्रिज
निरीक्षण के दौरान डीआरएम तरुण हुरिया ने स्थानीय पंचायत प्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और क्षेत्र के लोगों से मुलाकात की। उन्होंने मृत छात्रा के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए इस हादसे को अत्यंत दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण बताया। डीआरएम ने कहा कि रेलवे इस घटना को केवल एक दुर्घटना मानकर नहीं देख रहा है, बल्कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए गंभीर समीक्षा की जा रही है। स्थानीय लोगों ने डीआरएम के समक्ष बारीगोड़ा फाटक पर रोजाना लगने वाले जाम, भारी वाहनों की आवाजाही और सुरक्षा इंतजामों की कमी जैसी समस्याएं रखीं। डीआरएम ने इन सभी बिंदुओं पर आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिलाया।
























