- 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने के लिए रोजगार सृजन पर जोर जरूरी
- रोजगार सृजन से ही साकार होगा विकसित भारत का सपना
जेबी लाइव, रिपोर्टर
जमशेदपुर : भाजपा किसान मोर्चा झारखंड प्रदेश के नेता सह झारखंड राज्य समाज कल्याण आंगनवाड़ी कर्मचारी संघ के संयोजक जय प्रकाश पांडेय ने भारत सरकार को आगाह करते हुए कहा है कि देश में तेजी से बढ़ती बेरोजगारी अब विकसित भारत निर्माण की राह में सबसे बड़ी बाधा बनती जा रही है। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते बेरोजगारी पर प्रभावी नियंत्रण नहीं किया गया, तो 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र की श्रेणी में स्थापित करने का लक्ष्य प्रभावित हो सकता है। जेपी पांडेय ने कहा कि बीते कुछ वर्षों में बेरोजगारी एक गंभीर सामाजिक और आर्थिक समस्या के रूप में उभर कर सामने आई है, जिससे देश की विकास गति धीमी होती नजर आ रही है।
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विकसित भारत 2047 के लक्ष्य पर बेरोजगारी का असर
जेपी पांडेय ने कहा कि भारत में युवाओं की आबादी अन्य देशों की तुलना में कहीं अधिक है, लेकिन इस विशाल युवा श्रमशक्ति का समुचित उपयोग नहीं हो पा रहा है। उन्होंने कहा कि किसी भी देश की अर्थव्यवस्था तभी संतुलित मानी जाती है, जब आर्थिक विकास के साथ-साथ रोजगार के नए अवसर भी सृजित किए जाएं। ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में भारत का कार्यबल दुनिया में सबसे बड़ा है, बावजूद इसके युवाओं को राष्ट्र निर्माण में सम्मानजनक भागीदारी और रोजगार के पर्याप्त अवसर नहीं मिल पा रहे हैं। इसका सीधा असर भारत की आर्थिक प्रगति पर पड़ रहा है और विकास की रफ्तार बाधित होती दिख रही है।
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युवा शक्ति के उपयोग से ही तेज होगा राष्ट्र निर्माण
उन्होंने हाल ही में सांख्यिकी एवं कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि देश में बेरोजगारी की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। दिसंबर माह में 15 वर्ष या उससे अधिक आयु वर्ग के लोगों के बीच बेरोजगारी दर बढ़कर 4.8 प्रतिशत पहुंच गई, जबकि नवंबर में यह 4.7 प्रतिशत थी। वहीं शहरी क्षेत्रों में बेरोजगारी दर 6.5 प्रतिशत से बढ़कर 6.7 प्रतिशत हो गई है। इससे स्पष्ट होता है कि सरकारी और निजी दोनों क्षेत्रों में रोजगार के अवसर घट रहे हैं। सरकारी भर्ती प्रक्रियाओं में देरी और परीक्षा प्रणाली से जुड़े मुद्दे भी रोजगार पाने में बड़ी बाधा बनते जा रहे हैं।
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बेरोजगारी के आंकड़े बढ़ा रहे सरकार की चिंता
जेपी पांडेय ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा आत्मनिर्भर भारत और स्किल इंडिया जैसी योजनाएं शुरू की गई हैं, लेकिन इनका प्रभाव सभी क्षेत्रों में समान रूप से नहीं दिख रहा है। कई युवा कौशल प्रशिक्षण लेने के बावजूद रोजगार पाने में असफल हो रहे हैं। डिजिटल क्षेत्र में रोजगार के कुछ नए अवसर जरूर पैदा हुए हैं, लेकिन इसके लिए विशेष कौशल की आवश्यकता होती है, जो हर युवा के पास नहीं होता। उन्होंने कहा कि विकसित भारत का सपना तभी साकार हो सकता है, जब प्रति व्यक्ति आय बढ़े, गरीबी, भुखमरी और सामाजिक असमानता कम हो तथा हर हाथ को काम मिले। सभी को रोजगार से जोड़कर ही भारत तेज आर्थिक वृद्धि के साथ विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में आगे बढ़ सकता है।
























