- गंभीर अनियमितता और कर्तव्य में लापरवाही पर एसएसपी के निर्देश से कार्रवाई
- मोहम्मद शारिक अली बने नए प्रभारी
- पुलिस अनुशासन और जवाबदेही पर प्रशासन का कड़ा रुख
जेबी लाइव, रिपोर्टर
उलीडीह ओपी प्रभारी दीपक कुमार ठाकुर को गंभीर अनियमितता और कर्तव्य में लापरवाही के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई एसएसपी पीयूष पांडेय के निर्देश पर की गई। निलंबन के साथ ही उनके खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अवैध मादक पदार्थों से जुड़े मामलों में किसी भी स्तर पर नियमों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। निलंबन आदेश के बाद मोहम्मद शारिक अली को उलीडीह ओपी का नया प्रभारी नियुक्त किया गया है, ताकि क्षेत्र में कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ किया जा सके और जनता का पुलिस पर विश्वास बना रहे।
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अवैध मादक पदार्थ मामलों में पुलिस की सख्त नीति
मामले की शुरुआत उस समय हुई जब सिटी एसपी को सूचना मिली कि उलीडीह ओपी प्रभारी द्वारा अवैध मादक पदार्थों के कारोबार में संलिप्त कुछ युवकों को संदेहास्पद परिस्थितियों में बिना किसी कानूनी प्रक्रिया के ओपी से छोड़ दिया गया है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए पूरे मामले की जांच सिटी एसपी कुमार शिवाशीष को सौंपी गई। जांच के दौरान सामने आया कि 10 दिसंबर की रात करीब 8 बजे अवैध गांजा खरीद-बिक्री के आरोप में चार युवकों को कई पुड़िया गांजा के साथ हिरासत में लिया गया था। इनमें अमन सिंह और संतोष ठाकुर शामिल थे, जिन्हें न तो प्राथमिकी दर्ज किए बिना और न ही वरीय पदाधिकारी को सूचना दिए बिना छोड़ दिया गया।
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हिरासत में लिए गए आरोपियों को छोड़ने पर उठे सवाल
जांच में यह भी सामने आया कि 11 दिसंबर को साधु मुंडा नामक एक अन्य संदेही को भी अवैध मादक पदार्थ से जुड़े संदेह में हिरासत में लिया गया था, लेकिन उसे भी बिना किसी कानूनी कार्रवाई के छोड़ दिया गया। जांच रिपोर्ट में इन सभी मामलों में ओपी प्रभारी की भूमिका को संदिग्ध बताया गया है, जिसे पुलिस नियमों का स्पष्ट उल्लंघन माना गया। रिपोर्ट के आधार पर एसएसपी ने इसे गंभीर अनुशासनहीनता करार देते हुए निलंबन और विभागीय जांच के आदेश दिए। पुलिस प्रशासन ने दोहराया कि भविष्य में ऐसी लापरवाही करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
























