- झाड़ग्राम के कुचलादाड़ी गांव में गूंजा ‘समीरन सिंह अमर रहें’ का नारा
- डोडा हादसे में शहीद जवानों को देश ने किया नमन
जेबी लाइव, रिपोर्टर
झाड़ग्राम : झाड़ग्राम जिले के सांकराइल प्रखंड अंतर्गत रगड़ा क्षेत्र के कुचलादाड़ी गांव में सोमवार को उस समय मातम छा गया, जब देश की रक्षा करते हुए शहीद हुए जवान समीरन सिंह का पार्थिव शरीर तिरंगे में लिपटा हुआ गांव पहुंचा। भोर से पहले जैसे ही 169 बटालियन की ब्रावो कंपनी के जवान शहीद का ताबूत गांव लाया गया, पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। माता-पिता, परिजन और ग्रामीण अपने आंसुओं को रोक नहीं सके। तिरंगे से ढके ताबूत को घर के आंगन में रखते ही करुण चीत्कार गूंज उठा। जिस बेटे को हंसते-हंसते देश सेवा के लिए विदा किया गया था, उसका इस रूप में लौटना हर किसी के लिए असहनीय था। गांव की हर गली, हर चेहरा गहरे शोक में डूबा नजर आया।
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शहीद जवान की शहादत से पूरे इलाके में शोक

शहीद को श्रद्धांजलि देने के लिए अहले सुबह ही गोपीबल्लवपुर के विधायक डॉ. खगेन्द्रनाथ महतो शहीद के आवास पहुंचे। उनके साथ जिला परिषद के शिक्षा कर्माध्यक्ष सुमन साहू, सह-सभाधिपति अंजलि राय दोलाई, दल के नेता कमलकांत राउत, जिला आरटीए बोर्ड सदस्य अनुप महतो, पंचायत समिति अध्यक्ष झुनू बेरा, मत्स्य कर्माध्यक्ष साहेब मन्ना, रगड़ा ग्राम पंचायत के उपप्रधान पंचानन दास सहित कई जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। सभी ने शोकसंतप्त परिजनों को ढांढस बंधाया और कहा कि समीरन सिंह का बलिदान कभी भुलाया नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि देश को ऐसे वीर सपूतों पर गर्व है, जिन्होंने मातृभूमि की रक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिए।
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शहीद के घर पहुंची जनप्रतिनिधियों की भीड़
सुबह होते ही शहीद का पार्थिव शरीर गांव के स्कूल मैदान में लाया गया, जहां अंतिम दर्शन के लिए हजारों की संख्या में लोग उमड़ पड़े। कोई फूल अर्पित कर रहा था, तो कोई मौन धारण कर आंसू बहा रहा था। मां ताबूत पर हाथ रखकर बार-बार कहती रहीं, “तूने कहा था, लौटकर आएगा…”, जबकि पिता खामोशी से खड़े होकर तिरंगे में समाते अपने आंसुओं को देखते रहे। पूरे राजकीय सम्मान के साथ शहीद का अंतिम संस्कार किया गया। सेना के जवानों ने गन सैल्यूट देकर अंतिम श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान पूरा इलाका “समीरन सिंह अमर रहें” के नारों से गूंज उठा। उल्लेखनीय है कि जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में कैंप लौटते समय सेना का वाहन गहरी खाई में गिर गया था, जिसमें 10 जवान शहीद हुए थे। उन्हीं में झाड़ग्राम के लाल समीरन सिंह भी शामिल थे।
























