- सदन के पहले सत्र में नए विधायकों का उत्साह, जनता की उम्मीदों पर खरा उतरने का संकल्प
- गृह विभाग अब भाजपा के पास, सम्राट चौधरी को मिली अहम जिम्मेदारी
जेबी लाइव, रिपोर्टर
बिहार की 18वीं विधानसभा का पहला सत्र सोमवार को औपचारिक रूप से शुरू हुआ, जिसमें नवनिर्वाचित विधायकों ने प्रोटेम स्पीकर नरेंद्र नारायण यादव के समक्ष शपथ ली। सत्र की शुरुआत से पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, विजय कुमार सिन्हा तथा नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव का विधानसभा पोर्टिको में स्वागत किया गया। शपथ ग्रहण के दौरान नवनिर्वाचित विधायकों में विशेष उत्साह देखा गया, जिन्होंने अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों के विकास और जनता के कल्याण के लिए कार्य करने की प्रतिबद्धता जाहिर की। जद(यू) विधायक विनय कुमार चौधरी ने कहा कि उनकी पार्टी जनकल्याण के पथ पर हमेशा अग्रणी रही है और आगे भी जनता की सेवा प्राथमिकता रहेगी।
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विधायकों ने कहा—जनता की सेवा और विकास कार्य ही हमारी प्राथमिकता
लोजपा (रामविलास) के विधायक विष्णु देव पासवान ने युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने और पलायन की समस्या पर रोक लगाने की अपनी सोच साझा की। उन्होंने कहा कि राजनीति की अस्थिरता और अन्य कारणों से बिहार अपने विकास की पूरी क्षमता नहीं पा सका, ऐसे में जरूरी है कि रोजगार सृजन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। दूसरी ओर, राजद विधायक भाई वीरेंद्र ने विपक्ष की भूमिका पर जोर देते हुए एनडीए सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि यह सरकार जनादेश से नहीं, बल्कि “वोट चोरी” से बनी है। उन्होंने कहा कि विपक्ष की संख्या कम हो सकती है, पर जनता की आवाज उठाने की ताकत कम नहीं होगी।
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विपक्ष का तीखा रुख—‘संख्या कम, पर जनता की आवाज बुलंद करेंगे’
इस बीच, भाजपा की युवा चेहरे और बिहार विधानसभा के इतिहास की सबसे कम उम्र की विधायक मैथिली ठाकुर ने शपथ ग्रहण के क्षण को अपने जीवन का “सबसे बड़ा दिन” बताया। उन्होंने कहा कि विधायक के रूप में उनकी नई यात्रा जनता की सेवा और उनके मुद्दों को मजबूती से उठाने के संकल्प के साथ शुरू हो रही है। दूसरी ओर, हाल ही में हुई राजनीतिक फेरबदल के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने मंत्रिमंडल का गठन किया था, जिसके तहत गृह विभाग पहली बार भाजपा को सौंपा गया है। उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी अब गृह विभाग संभालेंगे, जबकि 2005 के बाद यह पहला अवसर है जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने यह विभाग खुद के पास नहीं रखा है।
























