- नहाय-खाय के साथ पवित्रता और आस्था के बीच आरंभ हुआ महापर्व
जेबी लाइव, रिपोर्टर
पोटका : पोटका क्षेत्र में सूर्य उपासना का महापर्व चैती छठ श्रद्धा और भक्ति के माहौल में प्रारंभ हो गया। पहले दिन नहाय-खाय की परंपरा के तहत व्रतियों ने पवित्रता और नियमों का पालन करते हुए अरवा चावल का भात, चना दाल और लौकी की सब्जी को सेंधा नमक में तैयार किया। इस प्रसाद को अत्यंत शुद्ध वातावरण में बनाया गया, जहां घरों की साफ-सफाई और सात्विकता का विशेष ध्यान रखा गया। परंपरा के अनुसार व्रतियों ने सबसे पहले प्रसाद ग्रहण कर व्रत का संकल्प लिया और छठी मैया से प्रार्थना की कि उनका व्रत बिना किसी बाधा के सफलतापूर्वक पूर्ण हो। इसके बाद प्रसाद को परिवारजनों और आसपास के लोगों के बीच भी बांटा गया, जिससे सामाजिक सद्भाव का संदेश भी प्रसारित हुआ।
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सुख-समृद्धि और संतान प्राप्ति की कामना से किया जाता है व्रत
चैती छठ को लेकर पूरे क्षेत्र में भक्तिमय वातावरण व्याप्त है। श्रद्धालु इस कठिन व्रत को पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ करते हैं। धार्मिक मान्यता है कि छठ व्रत करने से सभी कष्टों का निवारण होता है और मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है। विशेष रूप से पति और पुत्र की लंबी आयु, परिवार की सुख-शांति और समृद्धि के लिए महिलाएं यह व्रत करती हैं। इसके साथ ही संतान प्राप्ति की कामना रखने वाले श्रद्धालु भी इस पर्व को बड़े विश्वास के साथ मनाते हैं। आने वाले दिनों में खरना, संध्या अर्घ्य और उषा अर्घ्य जैसे महत्वपूर्ण अनुष्ठानों को लेकर व्रती तैयारियों में जुट गए हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में उत्साह और भक्ति का माहौल बना हुआ है।
























