- सुफल महतो महासचिव, असिम सरकार अध्यक्ष और प्रदीप गुड़िया कोषाध्यक्ष चुने गए
- 9 मार्च को प्रदर्शन और 24 मार्च दिल्ली रैली का ऐलान
जेबी लाइव, रिपोर्टर
रांची : रांची के नगड़ी स्थित शहीद सुभाष मुंडा नगर में 26, 27 और 28 फरवरी को झारखंड राज्य किसान सभा का 8वां राज्य सम्मेलन सुफल महतो, रामदेव सिंह और लगी सोरेन की संयुक्त अध्यक्षता में संपन्न हुआ। सम्मेलन में 43 सदस्यीय झारखंड राज्य किसान काउंसिल का चुनाव किया गया। नई कार्यकारिणी में सुफल महतो को महासचिव, असिम सरकार को अध्यक्ष और प्रदीप गुड़िया को कोषाध्यक्ष चुना गया। वहीं सुरजीत सिन्हा, एहतेशाम अहमद, गोपीन सोरेन और अशोक साह उपाध्यक्ष बनाए गए। स्वपन महतो, मदुवा कच्छप, रतन महतो और अशोक साह संयुक्त सचिव तथा प्रफुल्ल लिंडा, शंकर उरांव और लगी सोरेन सचिव मंडल सदस्य चुने गए। इसके अलावा रामदेव सिंह, अमर महली, लोधरो मुंडा, मंगल मुंडा, रीता स्वासी, जयपाल सिंह मुंडा, उमेश महतो, राजू मुंडा, बिसमबर महतो, ललित मुंडा, मीना कुजुर, कल्याण गुरिया, विनय महतो, विश्वनाथ बनर्जी, सनातन देहरी, लखीराम मुर्मू, हरे कृष्ण महतो, लोटन दास, अएता उरांव, चारो भगत, गोपाल महतो, दशरथ मंडल, मो. फैसल, फेकूलाल विद्यार्थी, धनेश्वर महतो और सुखनाथ लोहरा को राज्य किसान कौंसिल सदस्य चुना गया।
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नई राज्य काउंसिल में 43 सदस्यों का सर्वसम्मति से चयन
सम्मेलन को संबोधित करते हुए अखिल भारतीय किसान सभा के राष्ट्रीय संयुक्त सचिव अवधेश कुमार ने झारखंड के जल, जंगल, जमीन और खनिज संपदा की रक्षा के लिए व्यापक किसान आंदोलन का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य के बजाय धान लूट, पलायन, विस्थापन और जबरन जमीन अधिग्रहण का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने केंद्र सरकार पर चार लेबर कोड, बिजली विधेयक, मनरेगा में कटौती और भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के जरिए किसानों के हितों पर चोट पहुंचाने का आरोप लगाया। राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष कृष्ण प्रसाद ने भी तीनों दिनों तक सम्मेलन का मार्गदर्शन किया और संगठन को मजबूत बनाने पर बल दिया।
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जल, जंगल, जमीन की रक्षा को लेकर आंदोलन का आह्वान
सम्मेलन में जबरन जमीन अधिग्रहण, विस्थापन, पलायन, मनरेगा, हाथियों का आतंक, घोषित एमएसपी पर खरीद, जमीन सर्वे में ऑनलाइन गड़बड़ी, स्मार्ट मीटर, वनपट्टा और भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के खिलाफ कई प्रस्ताव पारित किए गए। 9 मार्च तक पोस्ट ऑफिस कार्यालयों पर प्रदर्शन, संयुक्त किसान मोर्चा द्वारा मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपने और 24 मार्च को दिल्ली रैली में भागीदारी का निर्णय लिया गया। समापन सत्र में नवनिर्वाचित महासचिव सुफल महतो ने कहा कि झारखंड में किसानों के खिलाफ किसी भी अत्याचार पर किसान सभा बिरसा और सिद्धु-कान्हु की विरासत के अनुरूप संघर्ष तेज करेगी। उन्होंने कारपोरेट कब्जा, कर्ज माफी, वन अधिकार और रोजगार जैसे मुद्दों पर व्यापक आंदोलन चलाने की प्रतिबद्धता जताई।























