- नगर पंचायत चुनाव 2026 से पहले आरक्षण विसंगति को लेकर बढ़ी हलचल
- आरक्षण को बताया जनसंख्या के अनुपात में असंगत
जेबी लाइव, रिपोर्टर
सरायकेला : आगामी सरायकेला नगर पंचायत चुनाव 2026 को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। इसी क्रम में शनिवार को वार्ड संख्या 10 की आरक्षण स्थिति पर आपत्ति जताते हुए विधायक प्रतिनिधि सनद आचार्य ने उपायुक्त नितिश कुमार सिंह से मुलाकात की और उन्हें एक मांग पत्र सौंपा। मांग पत्र में बताया गया कि वार्ड संख्या 10 की पार्षद सीट को अनुसूचित जनजाति (अ.ज.जा.) के लिए आरक्षित किया गया है, जबकि वार्ड में कुल 747 मतदाताओं में अ.ज.जा. वर्ग के केवल 6 मतदाता हैं, जो कुल मतदाताओं का 1 प्रतिशत से भी कम है। वहीं सामान्य और पिछड़ा वर्ग के मतदाताओं की संख्या 99 प्रतिशत से अधिक बताई गई है। विधायक प्रतिनिधि ने इस आरक्षण को जनसंख्या के अनुपात में अनुचित बताते हुए पुनर्विचार की मांग की।
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जनप्रतिनिधि के अभाव में विकास कार्य प्रभावित
प्रतिनिधिमंडल का कहना है कि आरक्षण की इस विसंगति के कारण पिछले 11 टर्म से वार्ड संख्या 10 में पार्षद का चुनाव नहीं हो सका है। जनप्रतिनिधि के अभाव में क्षेत्र के विकास कार्य पूरी तरह ठप पड़े हैं, जिससे स्थानीय निवासियों को बुनियादी सुविधाओं के लिए भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। विधायक प्रतिनिधि और स्थानीय लोगों ने प्रशासन के समक्ष यह तर्क रखा कि जहाँ अ.ज.जा. मतदाताओं की संख्या नगण्य है, वहाँ सीट को उसी वर्ग के लिए आरक्षित करना न्यायसंगत नहीं है। उन्होंने जनहित को ध्यान में रखते हुए इस सीट को सामान्य या पिछड़ा वर्ग के लिए परिवर्तित करने की मांग की, ताकि इस बार चुनाव संपन्न हो सकें और वार्ड के विकास को गति मिल सके। उपायुक्त से इस मामले में शीघ्र निर्णय लेने की अपील की गई है।
























