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Jamshedpur : सोनारी में अतिक्रमण पर चला बुलडोजर, प्रशासन की सख्त कार्रवाई

  • रिलैक्स बार के सामने अवैध कब्जों पर चला अभियान, यातायात सुधारने की पहल

जेबी लाइव, रिपोर्टर

जमशेदपुर : सोनारी क्षेत्र में प्रशासन ने अतिक्रमण के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए रिलैक्स बार के सामने सड़क किनारे किए गए अवैध कब्जों को हटाया। इस दौरान बुलडोजर चलाकर अस्थायी दुकानों, ठेलों और अन्य निर्माणों को हटाया गया। अधिकारियों के अनुसार, लंबे समय से इस इलाके में अतिक्रमण के कारण यातायात व्यवस्था बाधित हो रही थी, जिससे आम लोगों को रोजाना परेशानी झेलनी पड़ रही थी। अभियान के दौरान पुलिस बल की तैनाती भी की गई, जिससे पूरी कार्रवाई शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। प्रशासन ने बताया कि अतिक्रमणकारियों को पहले ही नोटिस देकर जगह खाली करने का निर्देश दिया गया था, लेकिन आदेश की अनदेखी करने पर सख्त कदम उठाना पड़ा।

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स्थानीय लोगों का मिला समर्थन, आगे भी जारी रहेगा अभियान

कार्रवाई के बाद स्थानीय लोगों ने प्रशासन के इस कदम का स्वागत किया और कहा कि इससे सड़कें साफ होंगी और जाम की समस्या से राहत मिलेगी। कई लोगों ने बताया कि अतिक्रमण के कारण पैदल चलना भी मुश्किल हो गया था, लेकिन अब स्थिति में सुधार की उम्मीद है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शहर के अन्य इलाकों में भी इसी तरह का अभियान जारी रहेगा और किसी भी तरह के अवैध कब्जे को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की है कि वे सार्वजनिक स्थानों पर अतिक्रमण न करें और शहर को स्वच्छ एवं व्यवस्थित बनाए रखने में सहयोग करें।

Jamshedpur : सुगम सरायवाला बने जेसीएएस के नए अध्यक्ष, विकास और नवाचार पर रहेगा विशेष फोकस

जमशेदपुर चार्टर्ड अकाउंटेंट्स सोसाइटी की एजीएम में नई कार्यकारिणी का गठन, सदस्य-केंद्रित कार्ययोजना पर जोर ‘जुड़ें, सीखें, नेतृत्व करें, सेवा

  • जमशेदपुर चार्टर्ड अकाउंटेंट्स सोसाइटी की एजीएम में नई कार्यकारिणी का गठन, सदस्य-केंद्रित कार्ययोजना पर जोर
  • ‘जुड़ें, सीखें, नेतृत्व करें, सेवा करें’ होगा मार्गदर्शक मंत्र

जेबी लाइव, रिपोर्टर

जमशेदपुर : जमशेदपुर चार्टर्ड अकाउंटेंट्स सोसाइटी (जेसीएएस) की वार्षिक आम सभा (एजीएम) का आयोजन रूसी मोदी सेंटर फॉर एक्सीलेंस में संपन्न हुआ। सभा में वर्ष 2025-26 के दौरान किए गए कार्यों की समीक्षा, वार्षिक लेखा-जोखा की प्रस्तुति तथा नई कार्यकारिणी के चुनाव परिणामों की घोषणा की गई। वर्तमान सचिव सीए शिव चौधरी ने सचिवीय प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए वर्षभर आयोजित विभिन्न शैक्षणिक, पेशेवर और सामाजिक गतिविधियों की जानकारी दी। वहीं कोषाध्यक्ष द्वारा प्रस्तुत वार्षिक लेखा-जोखा और खातों को सदस्यों ने सर्वसम्मति से मंजूरी प्रदान की।

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एजीएम में कार्यों की समीक्षा और लेखा-जोखा स्वीकृत

सभा को संबोधित करते हुए निवर्तमान अध्यक्ष सीए मनीष मूनका ने अपने कार्यकाल के दौरान मिले सहयोग, विश्वास और समर्थन के लिए सभी सदस्यों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सोसाइटी की उपलब्धियों में कार्यकारिणी और सदस्यों की सक्रिय भागीदारी की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। इसके बाद निर्वाचन अधिकारियों सीए महेश अग्रवाल और सीए दिलीप गोलछा ने चुनाव परिणामों की घोषणा की। चुनाव में सीए सुगम सरायवाला को अध्यक्ष, सीए शिव चौधरी को उपाध्यक्ष, सीए विनीत मेहता को सचिव और सीए मुकेश अग्रवाल को कोषाध्यक्ष चुना गया।

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नई कार्यकारिणी के चुनाव परिणाम घोषित

नई कार्यकारिणी में कार्यकारी सदस्य के रूप में सीए दया शंकर, सीए बिश्वनाथ हजरा, सीए अजय कुमार गुप्ता, सीए आनंद कुमार अग्रवाल, सीए महेश कुमार, सीए रवि कुमार गुप्ता, सीए धीरज कुमार प्रसाद, सीए अमित कुमार अग्रवाल एवं सीए आदित्य कुमार जाजोदिया निर्वाचित हुए। नवनिर्वाचित अध्यक्ष सीए सुगम सरायवाला का सदस्यों ने पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया और उनके नेतृत्व में संस्था के और अधिक सशक्त एवं प्रभावी बनने की उम्मीद जताई। उपस्थित सदस्यों ने विश्वास व्यक्त किया कि नई टीम पेशेवर उत्कृष्टता और संगठनात्मक विकास को नई दिशा देगी।

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सदस्यों ने नए नेतृत्व पर जताया भरोसा

नई कार्यकारिणी ने अपना कार्यदर्शन “जुड़ें, सीखें, नेतृत्व करें, सेवा करें” निर्धारित किया है। इसके तहत सदस्यों के बीच बेहतर समन्वय, निरंतर ज्ञानवृद्धि, युवा चार्टर्ड अकाउंटेंट्स को नेतृत्व के अवसर, उद्योग एवं संस्थानों के साथ संवाद तथा तकनीक के अधिकतम उपयोग पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। साथ ही सामाजिक और पेशेवर जिम्मेदारियों के निर्वहन को भी प्राथमिकता दी जाएगी। नई टीम ने सभी सदस्यों से सक्रिय सहभागिता, सुझाव और सहयोग का आह्वान करते हुए जेसीएएस को एक मजबूत, ज्ञान-केंद्रित और सदस्य-केंद्रित संस्था के रूप में आगे बढ़ाने का संकल्प दोहराया।

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डुमरिया में हुई बैठक में BLA-2 कार्यों की समीक्षा, पंचायत चुनाव और धरना-प्रदर्शन की रणनीति पर चर्चा जनहित के मुद्दों

  • डुमरिया में हुई बैठक में BLA-2 कार्यों की समीक्षा, पंचायत चुनाव और धरना-प्रदर्शन की रणनीति पर चर्चा
  • जनहित के मुद्दों पर धरना-प्रदर्शन का निर्णय

जेबी लाइव, रिपोर्टर

डुमरिया : डुमरिया प्रखंड के वन विश्राम गृह में रविवार को कांग्रेस पार्टी की महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। प्रखंड अध्यक्ष हिंदू राम हांसदा की अध्यक्षता में हुई बैठक में संगठन को मजबूत बनाने, प्रखंड कमेटी के विस्तार, मतदाता सूची से जुड़े कार्यों तथा आगामी राजनीतिक गतिविधियों पर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में पार्टी नेताओं ने कार्यकर्ताओं से संगठन को गांव-गांव तक मजबूत करने और आम लोगों के बीच सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। साथ ही संगठनात्मक ढांचे को और प्रभावी बनाने के लिए नए सदस्यों को जोड़ने तथा बूथ स्तर पर पार्टी की मजबूती सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।

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संगठन विस्तार और बूथ स्तर पर मजबूती पर जोर

बैठक में BLA-2 से जुड़े कार्यों की विशेष समीक्षा की गई। नेताओं ने कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया कि विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान किसी भी पात्र मतदाता का नाम सूची से छूटने नहीं पाए। मतदाता सूची से संबंधित समस्याओं का समाधान कराने, लोगों को आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने और पात्र नागरिकों के नाम सूची में सुनिश्चित कराने के लिए कार्यकर्ताओं को सतर्क एवं सक्रिय रहने को कहा गया। बैठक में यह भी कहा गया कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया में प्रत्येक पात्र मतदाता की भागीदारी सुनिश्चित करना संगठन की प्राथमिक जिम्मेदारियों में शामिल है।

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मतदाता सूची में नाम सुनिश्चित कराने पर विशेष जोर

आगामी पंचायत चुनाव को देखते हुए भी बैठक में रणनीतिक चर्चा हुई। कांग्रेस नेताओं ने कार्यकर्ताओं से ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार संपर्क बनाए रखने और स्थानीय स्तर पर संगठनात्मक गतिविधियों को बढ़ाने का आह्वान किया। इसके साथ ही क्षेत्र की लंबित जनसमस्याओं पर भी गंभीर चर्चा हुई। नेताओं ने कहा कि सड़क, पेयजल, बिजली, आवागमन और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं को लेकर जनता लंबे समय से परेशान है। इन मुद्दों को प्रशासन के समक्ष मजबूती से उठाने और समाधान के लिए जनआंदोलन की आवश्यकता पर भी सहमति बनी।

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पंचायत चुनाव और जनसमस्याओं पर बनी रणनीति

बैठक में निर्णय लिया गया कि क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं को लेकर प्रखंड कार्यालय के समक्ष एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व राज्यसभा सांसद प्रदीप कुमार बलमुचू मौजूद रहे। इसके अलावा जिला अध्यक्ष परविंदर सिंह, कार्यालय प्रभारी संजय सिंह आजाद, जिला प्रभारी शशि भूषण राय, लोकसभा प्रभारी सतीश पाल, जिला ग्रामीण अध्यक्ष शिवनाथ मांडी, बीस सूत्री उपाध्यक्ष नित्यानंद साव, जिला सचिव संजय नायक तथा मंडल अध्यक्ष अजीत कुमार महाकुड़ सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। नेताओं ने कहा कि संगठन को जनता से जोड़ते हुए जनहित के मुद्दों पर लगातार संघर्ष जारी रखा जाएगा।

Jamshedpur : जुगसलाई में हत्या की साजिश का खुलासा, दो आरोपी गिरफ्तार, हथियार बरामद

मो. निजाम की हत्या की कथित योजना का भंडाफोड़, झाड़ियों से देशी कट्टा और धारदार हथियार जब्त आर्म्स एक्ट के

  • मो. निजाम की हत्या की कथित योजना का भंडाफोड़, झाड़ियों से देशी कट्टा और धारदार हथियार जब्त
  • आर्म्स एक्ट के तहत अलग प्राथमिकी दर्ज

जेबी लाइव, रिपोर्टर

जमशेदपुर : जुगसलाई थाना क्षेत्र में हत्या की कथित साजिश का पुलिस ने खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मामला पहलवानडेरा निवासी मो. निजाम से जुड़ा है, जिन्होंने पुलिस को सूचना दी थी कि घाघीडीह जेल में बंद मो. खुर्शीद उर्फ भाकुड़ अपने गिरोह के सदस्यों के माध्यम से उनकी हत्या कराने की साजिश रच रहा है। सूचना की गंभीरता को देखते हुए वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन में पुलिस उपाधीक्षक विधि-व्यवस्था के नेतृत्व में विशेष टीम का गठन किया गया। टीम में जुगसलाई थाना प्रभारी सहित कई पुलिस पदाधिकारी और जवान शामिल किए गए।

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हत्या की साजिश की सूचना पर बनी विशेष टीम

पुलिस जांच के दौरान सामने आया कि मो. आयान बच्चा और अलटु बच्चा ने मो. निजाम की गतिविधियों पर नजर रखते हुए उनकी रेकी की थी। आरोप है कि दोनों ने लोहे के भारी धारदार हथियार से उनकी हत्या का प्रयास भी किया। हालांकि, मो. निजाम मौके से भागने में सफल रहे और उनकी जान बच गई। इस संबंध में जुगसलाई थाना कांड संख्या 75/2026, दिनांक 19 सितंबर 2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया। इसके बाद पुलिस ने तकनीकी और मानवीय साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की तलाश शुरू की।

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रेकी के बाद हत्या के प्रयास का आरोप

पूछताछ के दौरान गिरफ्तार आरोपियों ने पुलिस को महत्वपूर्ण जानकारी दी। उनकी निशानदेही पर पुलिस ने आजाद खटाल मैदान स्थित झाड़ियों में छिपाकर रखे गए दो लोहे के भारी धारदार हथियार और एक अवैध देशी कट्टा बरामद किया। पुलिस के अनुसार, बरामद हथियारों का इस्तेमाल वारदात को अंजाम देने की तैयारी में किया गया था। बरामदगी के बाद पुलिस ने हथियारों को जब्त कर फॉरेंसिक जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी है, ताकि मामले से जुड़े अन्य तथ्यों का भी पता लगाया जा सके।

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झाड़ियों से बरामद हुए हथियार और देशी कट्टा

जांच में यह भी सामने आया कि मो. खुर्शीद उर्फ भाकुड़ पूर्व में भी आपराधिक मामलों में गिरफ्तार हो चुका है। पुलिस के अनुसार, उसे पहले अपने गिरोह के अन्य नौ सदस्यों के साथ दो पिस्टल और कारतूसों के साथ गिरफ्तार किया गया था। वर्तमान में वह घाघीडीह केंद्रीय कारागार में बंद है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि जेल में रहते हुए कथित रूप से साजिश किस प्रकार संचालित की जा रही थी और इसमें अन्य किन लोगों की भूमिका हो सकती है।

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जेल में बंद आरोपी की भूमिका भी जांच के दायरे में

देशी कट्टा बरामद होने के बाद पुलिस ने जुगसलाई थाना कांड संख्या 77/2026, दिनांक 20 सितंबर 2026 के तहत BNS एवं आर्म्स एक्ट की संबंधित धाराओं में अलग प्राथमिकी दर्ज की है। गिरफ्तार दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और हत्या की कथित साजिश से जुड़े अन्य संभावित आरोपियों की पहचान कर उनकी भूमिका की भी जांच की जा रही है। पुलिस का दावा है कि इस कार्रवाई से एक बड़ी आपराधिक वारदात को समय रहते टाल दिया गया।

Jamshedpur : JSSC-CGL मामले में बाबूलाल मरांडी के तीखे सवाल, CBI जांच और अधिकारियों की भूमिका की स्वतंत्र जांच की मांग

जमशेदपुर में प्रेस वार्ता कर नेता प्रतिपक्ष ने सरकार के हलफनामे, जांच प्रक्रिया और जवाबदेही पर उठाए प्रश्न हाईकोर्ट में

  • जमशेदपुर में प्रेस वार्ता कर नेता प्रतिपक्ष ने सरकार के हलफनामे, जांच प्रक्रिया और जवाबदेही पर उठाए प्रश्न
  • हाईकोर्ट में लंबित है JSSC-CGL विवाद

जेबी लाइव, रिपोर्टर

जमशेदपुर : झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने JSSC-CGL भर्ती परीक्षा विवाद को लेकर राज्य सरकार और जांच एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। शनिवार को जमशेदपुर परिसदन में आयोजित प्रेस वार्ता में उन्होंने कहा कि यदि राज्य सरकार अब अदालत में यह स्वीकार कर रही है कि JSSC-CGL परीक्षा प्रक्रिया व्यापक अनियमितताओं और गड़बड़ियों से प्रभावित थी, तो पहले न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किए गए हलफनामों और जांच रिपोर्टों का आधार क्या था। उन्होंने कहा कि सरकार के पुराने और नए रुख में स्पष्ट अंतर दिखाई देता है, जिससे पूरे मामले की निष्पक्षता और पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। मरांडी ने कहा कि छात्रों और अभ्यर्थियों का विश्वास तभी बहाल हो सकता है जब पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच कर वास्तविक तथ्यों को सार्वजनिक किया जाए।

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पुराने और नए हलफनामों पर उठे सवाल

मरांडी ने कहा कि भर्ती परीक्षा से जुड़े विवाद में केवल निचले स्तर के आरोपितों तक जांच सीमित रखना पर्याप्त नहीं होगा। उन्होंने मांग की कि भर्ती प्रक्रिया के संचालन, निगरानी और प्रशासनिक निर्णयों से जुड़े वरिष्ठ अधिकारियों की भूमिका की भी स्वतंत्र जांच होनी चाहिए। उन्होंने विशेष रूप से सुधीर गुप्ता, अनुराग गुप्ता, प्रशांत कुमार और मनोज कौशिक के नाम लेते हुए उनकी भूमिका की निष्पक्ष जांच की आवश्यकता बताई। उनका कहना था कि यदि पूरी परीक्षा प्रक्रिया प्रभावित हुई है, तो जिम्मेदारी केवल कुछ व्यक्तियों तक सीमित नहीं हो सकती। उन्होंने सवाल किया कि भर्ती प्रणाली की निगरानी करने वाले अधिकारी और संस्थागत पदाधिकारी जवाबदेही से कैसे बच सकते हैं। मरांडी ने कहा कि किसी भी जांच का उद्देश्य केवल दोषियों की पहचान करना नहीं, बल्कि यह पता लगाना भी होना चाहिए कि प्रणालीगत स्तर पर कहां और कैसे चूक हुई।

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वरिष्ठ अधिकारियों की भूमिका की जांच की मांग

प्रेस वार्ता के दौरान बाबूलाल मरांडी ने पूर्व में हुई CID जांच को भी कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने कहा कि यदि वर्तमान जांच में परीक्षा प्रक्रिया में व्यापक अनियमितताओं के संकेत मिल रहे हैं, तो पहले की जांच में यह तथ्य सामने क्यों नहीं आया। उन्होंने कहा कि विभिन्न चरणों में सामने आई जानकारियों और मीडिया रिपोर्टों से अलग-अलग तस्वीर उभरती रही है, जिससे जांच की दिशा और निष्कर्षों पर प्रश्न उठते हैं। मरांडी ने मांग की कि यह भी जांच का विषय होना चाहिए कि पहले न्यायालय में कौन-कौन से तथ्य प्रस्तुत किए गए थे और किन आधारों पर निष्कर्ष निकाले गए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रभावशाली पदों पर बैठे लोगों की भूमिका की गहन जांच के बिना पूरे मामले की सच्चाई सामने नहीं आ सकेगी। हालांकि, इन आरोपों और दावों की पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया और जांच एजेंसियों की अंतिम रिपोर्ट के बाद ही हो सकेगी।

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CID जांच और जांच प्रक्रिया पर उठे प्रश्न

मरांडी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की जवाबदेही पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यदि भर्ती प्रक्रिया में इतने बड़े स्तर पर कथित अनियमितताएं हुईं, तो शासन और निगरानी तंत्र की भूमिका की समीक्षा होना आवश्यक है। उन्होंने पूछा कि यदि सरकार को समय रहते जानकारी थी तो तत्काल कार्रवाई क्यों नहीं की गई और यदि जानकारी नहीं थी तो प्रशासनिक निगरानी व्यवस्था की जिम्मेदारी किसकी थी। उन्होंने कहा कि लाखों युवाओं और अभ्यर्थियों का भविष्य इस परीक्षा से जुड़ा हुआ है, इसलिए मामले को केवल राजनीतिक बहस तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए। मरांडी ने दोहराया कि इस पूरे प्रकरण की जांच ऐसी एजेंसी द्वारा होनी चाहिए, जिस पर किसी प्रकार के राजनीतिक या प्रशासनिक प्रभाव का संदेह न हो। इसी आधार पर उन्होंने CBI जांच की मांग को फिर दोहराया।

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मुख्यमंत्री की जवाबदेही और CBI जांच की मांग

नेता प्रतिपक्ष ने JSSC के प्रभारी अध्यक्ष प्रशांत कुमार, सचिव सुधीर गुप्ता तथा CID ADG मनोज कौशिक को तत्काल पद से हटाने की मांग भी रखी। उन्होंने कहा कि जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक निष्पक्षता बनाए रखने के लिए संबंधित अधिकारियों को जिम्मेदार पदों से अलग किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जिसके खिलाफ भी जांच में साक्ष्य मिलें, उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए, चाहे उसका पद या प्रभाव कितना भी बड़ा क्यों न हो। उल्लेखनीय है कि JSSC-CGL परीक्षा और उससे जुड़ी नियुक्तियों का मामला फिलहाल झारखंड हाईकोर्ट में विचाराधीन है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, मामले में नियुक्तियां रद्द करने के राज्य सरकार के निर्णय पर अंतरिम रोक जारी है तथा जांच की निगरानी के लिए सेवानिवृत्त हाईकोर्ट न्यायाधीश गौतम कुमार चौधरी को जिम्मेदारी सौंपी गई है। मामले की अगली सुनवाई 7 अक्टूबर को प्रस्तावित है। मरांडी ने कहा कि छात्रों के हित में पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच और जवाबदेही तय होना आवश्यक है।

Kiriburu : किरीबुरू में एसी चोरी का प्रयास नाकाम, एक आरोपी गिरफ्तार, तीन फरार

जंगल में एसी तोड़कर तांबा निकालते पकड़े गए युवक, पुलिस ने शुरू की जांच चोरी के सामान की खरीद-बिक्री पर

  • जंगल में एसी तोड़कर तांबा निकालते पकड़े गए युवक, पुलिस ने शुरू की जांच
  • चोरी के सामान की खरीद-बिक्री पर कार्रवाई की मांग

जेबी लाइव, रिपोर्टर

किरीबुरू : किरीबुरू में चोरी की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं। ताजा मामला रविवार की अहले सुबह चर्च रोड स्थित अब्दुल फ्रिज एवं एसी दुकान से सामने आया, जहां दुकान के बाहर रखा पुराना एसी चोरी करने का प्रयास किया गया। आरोप है कि चार युवक एसी को उठाकर पास के जंगल में ले गए और वहां उसे तोड़कर उसके अंदर मौजूद तांबा एवं अन्य कीमती सामान निकालने लगे। घटना की जानकारी उस समय हुई जब दुकानदार और दुकान का एक कर्मचारी सामान की तलाश करते हुए जंगल की ओर पहुंचे। वहां उन्होंने कुछ युवकों को एसी के हिस्सों को तोड़ते और अलग करते हुए देखा, जिसके बाद शोर मचाते हुए उन्हें पकड़ने का प्रयास किया गया।

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जंगल में एसी काटकर तांबा निकालने की कोशिश

दुकानदार और स्थानीय लोगों की तत्परता से एक युवक को मौके पर ही पकड़ लिया गया, जबकि तीन अन्य आरोपी जंगल का फायदा उठाकर फरार हो गए। पकड़े गए युवक ने पूछताछ में अपना नाम जोसेफ बताया। उसके अनुसार, फरार आरोपियों में मोटू, डेके और एक नाबालिग शामिल है। बताया जा रहा है कि सभी आरोपी हाटिंग मेन मार्केट क्षेत्र के रहने वाले हैं। पकड़े गए युवक को स्थानीय लोगों ने पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने आरोपी से पूछताछ शुरू कर दी है और फरार युवकों की तलाश में छापेमारी की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही सभी आरोपियों की भूमिका और घटना की वास्तविक परिस्थितियां स्पष्ट हो सकेंगी।

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एक आरोपी गिरफ्तार, तीन की तलाश जारी

घटना के बाद क्षेत्र में चोरी की बढ़ती घटनाओं को लेकर लोगों में चिंता देखी जा रही है। स्थानीय नागरिकों ने मांग की है कि पुलिस केवल चोरी करने वालों पर ही नहीं, बल्कि चोरी के सामान की खरीद-बिक्री करने वाले लोगों पर भी कार्रवाई करे। लोगों का कहना है कि एसी, मोटर, कंप्रेसर और तांबा खरीदने वाले कबाड़ी या अन्य संभावित खरीदारों की जांच होने से चोरी के पूरे नेटवर्क का खुलासा हो सकता है। उनका मानना है कि यदि चोरी के सामान की खपत पर रोक लगाई जाए तो ऐसी घटनाओं में स्वतः कमी आएगी। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।

Jamshedpur : जमशेदपुर में MACT मामलों पर डालसा की जिला स्तरीय कार्यशाला आयोजित

दुर्घटना पीड़ितों को त्वरित न्याय और उचित मुआवजा दिलाने पर दिया गया जोर पुलिस, चिकित्सा, बीमा और विधिक सेवा से

  • दुर्घटना पीड़ितों को त्वरित न्याय और उचित मुआवजा दिलाने पर दिया गया जोर
  • पुलिस, चिकित्सा, बीमा और विधिक सेवा से जुड़े प्रतिनिधि हुए शामिल

जेबी लाइव, रिपोर्टर

जमशेदपुर : झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार (झालसा), रांची के तत्वावधान में शनिवार को जमशेदपुर व्यवहार न्यायालय परिसर स्थित लोक अदालत हॉल में मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण (MACT) पर एक दिवसीय जिला स्तरीय कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार (DLSA), पूर्वी सिंहभूम अरविंद कुमार पांडेय के निर्देश और डालसा सचिव कुमार सौरभ त्रिपाठी के मार्गदर्शन में हुई। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य सड़क दुर्घटना पीड़ितों को त्वरित न्याय, कानूनी सहायता और उचित मुआवजा दिलाने की प्रक्रिया को प्रभावी बनाना रहा।

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MACT कार्यशाला में दुर्घटना पीड़ितों को त्वरित न्याय पर जोर

कार्यशाला में पीड़ित परिवारों को समय पर न्याय दिलाने, बीमा दावों के निष्पादन में आने वाली व्यावहारिक कठिनाइयों को दूर करने तथा विभिन्न विभागों और हितधारकों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर विस्तार से चर्चा हुई। बतौर अतिथि एवं मुख्य वक्ता जिला न्यायाधीश-1 कनकन पट्टादार, जिला न्यायाधीश-2 आनंद मणि त्रिपाठी, जिला न्यायाधीश-5 मंजू कुमारी और डालसा सचिव कुमार सौरभ त्रिपाठी उपस्थित रहे। वक्ताओं ने MACT मामलों के कानूनी पहलुओं, न्यायिक प्रक्रियाओं और हालिया संशोधनों की जानकारी दी।

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बीमा दावों की प्रक्रिया सरल बनाने को लेकर हुई विस्तृत चर्चा

कार्यशाला का संचालन एवं समन्वय DLSA जमशेदपुर के मनोज कुमार सिंह, LADC द्वारा किया गया। उन्होंने कार्यशाला के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए सभी संबंधित विभागों से पीड़ित पक्षों को समय पर मुआवजा दिलाने में सहयोग की अपील की। अधिवक्ता मध्यस्थ सह विभिन्न बीमा कंपनियों के पैनल अधिवक्ता सत्येंद्र कुमार सिंह तथा अधिवक्ता मध्यस्थ सह नागरिक सुरक्षा (सिविल डिफेंस) के मास्टर ट्रेनर कमल कांत सिन्हा ने प्रतिभागियों को MACT मामलों की तकनीकी बारीकियों से अवगत कराया। इस दौरान कानूनी प्रक्रिया, दस्तावेज और दावों के निष्पादन से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं पर जानकारी दी गई।

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MACT मामलों की तकनीकी बारीकियों से प्रतिभागियों को कराया गया अवगत

कार्यशाला में लीगल एड डिफेंस काउंसिल (LADC) के चीफ विदेश सिन्हा सहित पुलिस प्रशासन, चिकित्सा एवं बीमा क्षेत्र से जुड़े विभिन्न हितधारकों ने सक्रिय भागीदारी की। इसमें पुलिस अधिकारी एवं चिकित्सक, विभिन्न बीमा कंपनियों के अधिकारी और पैनल अधिवक्ता, पीड़ितों एवं आवेदकों की ओर से पैरवी करने वाले अधिवक्ता, LADC के सदस्य तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकार के पैरा लीगल वालंटियर्स (PLVs) शामिल रहे। कार्यशाला के अंत में सभी प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया। आयोजन के माध्यम से दुर्घटना पीड़ितों को बिना विलंब कानूनी सहायता और उचित मुआवजा उपलब्ध कराने के लिए समन्वित प्रयासों पर जोर दिया गया।

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