Jamshedpur : टाटा टीएमएच डिस्पेंसरी सोनारी में CPR प्रशिक्षण, आपात स्थिति में जीवन बचाने की दी गई जानकारी
हार्ट अटैक व पल्स रुकने की स्थिति में तुरंत CPR करने का दिया गया डेमोंस्ट्रेशन
जेबी लाइव, रिपोर्टर
जमशेदपुर :सोनारी स्थित टाटा टीएमएच डिस्पेंसरी में आपातकालीन चिकित्सा स्थिति से निपटने के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान स्वास्थ्य कर्मियों एवं उपस्थित लोगों को बताया गया कि यदि किसी मरीज को हार्ट अटैक या स्ट्रोक आता है और उसकी धड़कन रुक जाती है तथा पल्स नहीं चलती है, तो ऐसी स्थिति में तुरंत CPR (कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन) देना जीवन बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने CPR की सही तकनीक का डेमोंस्ट्रेशन कर सभी को व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया।
प्रशिक्षण के दौरान बताया गया कि CPR देने में समय की अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका होती है, इसलिए किसी भी आपात स्थिति में तुरंत प्रतिक्रिया देना जरूरी है। विशेषज्ञों ने उपस्थित लोगों को छाती पर दबाव देने की सही विधि, सांस देने की प्रक्रिया और मरीज को स्थिर रखने के तरीके विस्तार से समझाए। कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि प्राथमिक उपचार की जानकारी हर व्यक्ति को होनी चाहिए ताकि जरूरत पड़ने पर किसी की जान बचाई जा सके। इस डेमोंस्ट्रेशन को सभी प्रतिभागियों ने ध्यानपूर्वक देखा और अभ्यास भी किया।
लोक अदालत के माध्यम से 8.16 करोड़ रुपये की रिकॉर्ड राजस्व प्राप्ति जेबी लाइव, रिपोर्टर जमशेदपुर : जमशेदपुर जिला व्यवहार
लोक अदालत के माध्यम से 8.16 करोड़ रुपये की रिकॉर्ड राजस्व प्राप्ति
जेबी लाइव, रिपोर्टर
जमशेदपुर :जमशेदपुर जिला व्यवहार न्यायालय परिसर में जिला विधिक सेवा प्राधिकार की ओर से राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। इस नेशनल लोक अदालत में कुल 3,18,765 मामलों का निष्पादन किया गया, जिसमें 3,08,616 प्रीलिटिगेशन केस और 10,149 लंबित न्यायालयीन मामले शामिल रहे। लोक अदालत के माध्यम से कुल 8,16,24,299 रुपये की रिकॉर्ड राजस्व प्राप्ति भी हुई। कार्यक्रम का उद्घाटन रांची से झालसा के कार्यकारी अध्यक्ष न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद एवं झारखंड उच्च न्यायालय के अन्य न्यायाधीशों द्वारा वर्चुअल माध्यम से किया गया। इस अवसर पर पूर्वी सिंहभूम के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह जिला विधिक सेवा प्राधिकार के अध्यक्ष अरविंद कुमार पांडेय उपस्थित रहे।
लोक अदालत को बताया न्याय व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी
प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश अरविंद कुमार पांडेय ने कहा कि लोक अदालत आज आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को त्वरित एवं सुलभ न्याय दिलाने का एक सशक्त माध्यम बन चुका है। उन्होंने कहा कि आपसी मेल-मिलाप और समझौते के जरिए लोगों को न्याय मिल रहा है, जिससे न्यायालयों पर लंबित मामलों का बोझ भी कम हो रहा है। उन्होंने लोक अदालत को भारतीय न्याय प्रणाली की प्राचीन परंपरा से जुड़ी व्यवस्था बताते हुए कहा कि इसकी प्रासंगिकता आज भी बनी हुई है। कार्यक्रम में जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव कुमार सौरव त्रिपाठी ने धन्यवाद ज्ञापन किया। इस राष्ट्रीय लोक अदालत को सफल बनाने में कोर्ट स्टाफ, डालसा कर्मियों एवं पीएलवी (अधिकार मित्र) की महत्वपूर्ण भूमिका रही। मामलों के निष्पादन के लिए जिला व्यवहार न्यायालय में कुल 13 बेंच का गठन किया गया था।
सरस्वती शिशु मंदिरों में आधुनिक तकनीक से विद्यार्थियों को जोड़ने की पहल जेबी लाइव, रिपोर्टर बहरागोड़ा : बहरागोड़ा में शिक्षा
सरस्वती शिशु मंदिरों में आधुनिक तकनीक से विद्यार्थियों को जोड़ने की पहल
जेबी लाइव, रिपोर्टर
बहरागोड़ा :बहरागोड़ा में शिक्षा के क्षेत्र में डिजिटल क्रांति को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सांसद पुत्र सह सामाजिक कार्यकर्ता कुणाल महतो ने शनिवार को सराहनीय पहल की। उन्होंने सरस्वती शिशु विद्या मंदिर, गीता आश्रम बहरागोड़ा एवं सरस्वती शिशु मंदिर रांगुनिया को निजी स्तर पर एक-एक कंप्यूटर भेंट किया। इस दौरान विद्यालय परिवार ने उनका पट्टा पहनाकर भव्य स्वागत किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कुणाल महतो ने कहा कि वर्तमान समय में विद्यार्थियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और आधुनिक तकनीकों से जोड़ना बेहद जरूरी है, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों के छात्र भी तकनीकी शिक्षा में पीछे न रहें। उन्होंने कहा कि डिजिटल शिक्षा आज के दौर की सबसे बड़ी आवश्यकता बन चुकी है।
कुणाल महतो ने विद्यार्थियों को उज्ज्वल भविष्य के लिए तकनीकी शिक्षा अपनाने की प्रेरणा देते हुए कहा कि आने वाले समय में विद्यालयों में कंप्यूटर की संख्या और बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा। उनके इस पहल की शिक्षकों, अभिभावकों और स्थानीय लोगों ने खुलकर सराहना की। कार्यक्रम में प्रधानाचार्य जगन्नाथ कुईला, विजय भांडारी, समाजसेवी चित्त देहुरी, बाबला बारीक, युवा नेता चंदन सीट एवं अमल बेरा सहित बड़ी संख्या में गणमान्य लोग उपस्थित रहे। उपस्थित लोगों ने कहा कि यह प्रयास ग्रामीण शिक्षा को सशक्त बनाने और विद्यार्थियों को आधुनिक संसाधनों से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
जेबी लाइव, रिपोर्टर मेघाहातुबुरु : मेघाहातुबुरु निवासी ठेका मजदूर बालाजी शर्मा उर्फ बाला (लगभग 38 वर्ष) ने शुक्रवार रात कथित
जेबी लाइव, रिपोर्टर
मेघाहातुबुरु :मेघाहातुबुरु निवासी ठेका मजदूर बालाजी शर्मा उर्फ बाला (लगभग 38 वर्ष) ने शुक्रवार रात कथित रूप से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना के बाद पूरे इलाके में शोक का माहौल है, जबकि परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। जानकारी के अनुसार, बाला मेघाहातुबुरु स्थित सेल आवास संख्या 12/5 ए टाइप में रहता था। शुक्रवार रात करीब 9 बजे उसने अपने कमरे के अंदर पंखे से बेडशीट के सहारे फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और उसे नीचे उतारकर तत्काल किरीबुरू अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
परिजनों और स्थानीय लोगों के अनुसार, बाला पिछले दो दिनों से काफी तनाव में था। बताया जा रहा है कि वह घर से बाहर भी नहीं निकल रहा था और ठीक से खाना भी नहीं खा रहा था। घटना के समय घर में उसकी मां और बहन मौजूद थीं। इसी दौरान उसने कमरे का दरवाजा अंदर से बंद कर लिया और फंदे से झूल गया। कुछ देर बाद उसकी मां की नजर खिड़की से कमरे के अंदर गई तो बेटे को फंदे से लटका देख वह चीख पड़ी। आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और दरवाजा तोड़कर बाला को नीचे उतारा। इसके बाद उसे तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी।
स्थानीय लोगों के अनुसार, बाला मिलनसार और सामाजिक स्वभाव का युवक था। वह हर सुख-दुख में लोगों के साथ खड़ा रहता था और इलाके में काफी लोकप्रिय था। उसकी अचानक मौत की खबर से लोग स्तब्ध हैं। बताया जा रहा है कि बाला अपने परिवार में इकलौता भाई था और उसकी तीन बहनें हैं। पिता का पहले ही निधन हो चुका है। बेटे की मौत के बाद परिवार पूरी तरह टूट गया है। घटना की सूचना मिलने के बाद किरीबुरू थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आगे की कानूनी प्रक्रिया प्रारंभ कर दी है। आत्महत्या के कारणों का पता लगाने के लिए परिजनों और आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है।
समझौता उल्लंघन का आरोप लगाकर ग्रामीणों ने खनन कार्य कराया ठप जेबी लाइव, रिपोर्टर गुवा : गुवा स्थित सेल के
समझौता उल्लंघन का आरोप लगाकर ग्रामीणों ने खनन कार्य कराया ठप
जेबी लाइव, रिपोर्टर
गुवा :गुवा स्थित सेल के रांजाबुरु माइंस में शनिवार को सारंडा विकास समिति के बैनर तले 18 गांवों के मुंडा-मानकी एवं ग्रामीणों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। सुबह से ही ग्रामीण माइंस परिसर के बाहर जुट गए और कामकाज बंद करा दिया, जिससे खनन कार्य एवं वाहनों का परिचालन पूरी तरह प्रभावित रहा। आंदोलनकारियों का आरोप था कि पिछले दिनों 13 दिनों तक चले आंदोलन के बाद सेल प्रबंधन और ग्रामीणों के बीच जो समझौता हुआ था, उसका पालन नहीं किया जा रहा है। ग्रामीणों ने कहा कि समझौते के अनुसार माइंस में स्थानीय गांवों के लोगों को रोजगार देने की बात तय हुई थी, लेकिन अब भी बाहरी लोगों को काम पर रखा जा रहा है।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि संबंधित ठेकेदार मां सरला द्वारा ड्राइवर, खलासी, झंडा दिखाने वाले कर्मी सहित कई मजदूरों को बाहरी क्षेत्रों से लाकर नियुक्त किया गया है। इससे स्थानीय युवाओं में भारी नाराजगी है। प्रदर्शन कर रहे लोगों ने कहा कि क्षेत्र के बेरोजगार युवा लंबे समय से रोजगार की मांग कर रहे हैं, लेकिन बार-बार आंदोलन और वार्ता के बावजूद उनकी अनदेखी की जा रही है। आंदोलनकारियों ने कहा कि स्थानीय लोगों को प्राथमिकता नहीं देना समझौते का सीधा उल्लंघन है। माइंस परिसर के बाहर बड़ी संख्या में ग्रामीण जुटे रहे और स्थानीय नियुक्ति लागू करने की मांग करते रहे।
वार्ता के बाद फिलहाल आंदोलन स्थगित, दोबारा उग्र आंदोलन की चेतावनी
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और आंदोलनकारियों से बातचीत की। इस दौरान झारखंड के परिवहन मंत्री के पीए ने भी ग्रामीणों से वार्ता कर उनकी मांगों को संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाने का आश्वासन दिया। काफी देर तक चली बातचीत के बाद आंदोलन को फिलहाल कुछ समय के लिए स्थगित कर दिया गया। हालांकि ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि जल्द स्थानीय लोगों को रोजगार देने की दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो आंदोलन को और उग्र रूप में दोबारा शुरू किया जाएगा। इस मुद्दे को लेकर क्षेत्र के युवाओं और ग्रामीणों में लगातार आक्रोश बना हुआ है।
रेल अस्पताल में आग से बचाव और रेस्क्यू तकनीकों की दी गई जानकारी जेबी लाइव, रिपोर्टर जमशेदपुर : गुवा स्थित
रेल अस्पताल में आग से बचाव और रेस्क्यू तकनीकों की दी गई जानकारी
जेबी लाइव, रिपोर्टर
जमशेदपुर :गुवा स्थित उप मंडल रेल अस्पताल में टाटानगर रेल सिविल डिफेंस टीम द्वारा आपदा प्रबंधन एवं अग्नि सुरक्षा को लेकर विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। अस्पताल के मेल वार्ड के सामने कैंटीन परिसर में आयोजित इस मॉक ड्रिल प्रशिक्षण में उप मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ कुतलू मुर्मू, वरिष्ठ मंडल चिकित्सा अधिकारी डॉ डी टोपनो, मंडल चिकित्सा अधिकारी, नर्स, ड्रेसर, लिपिक, रेलकर्मी एवं मरीज उपस्थित रहे। कार्यक्रम की शुरुआत सिविल डिफेंस इंस्पेक्टर संतोष कुमार ने की। उन्होंने आग लगने के विभिन्न कारणों जैसे ढीली वायरिंग, खराब स्विच और प्लग के उपयोग तथा एयर कंडीशनर की समय पर सर्विसिंग नहीं होने से होने वाले खतरों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि छोटी लापरवाही भी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है।
महंगे उपकरणों की सुरक्षा के लिए CO2 फायर संयंत्र उपयोगी
प्रशिक्षण के दौरान अस्पताल में मौजूद एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड मशीन जैसे महंगे उपकरणों में आग लगने की स्थिति में CO2 फायर संयंत्र के उपयोग की जानकारी दी गई। बताया गया कि इस प्रकार के फायर उपकरण से आग बुझाने पर मशीनों को कम नुकसान होता है। डेमोंस्ट्रेटर अनिल कुमार सिंह ने आग लगने की स्थिति में मरीजों को सुरक्षित बाहर निकालने की विभिन्न विधियों का प्रदर्शन किया। उन्होंने स्टॉप-ड्रॉप-रोल तकनीक के साथ ब्लैंकेट ड्रैग और टो ड्रैग रेस्क्यू पद्धति की जानकारी देकर कर्मियों को प्रशिक्षित किया। प्रशिक्षण के दौरान मौजूद स्वास्थ्यकर्मियों ने भी इन तकनीकों का अभ्यास किया।
मॉक ड्रिल में चिकित्सा अधिकारियों ने भी लिया हिस्सा
कार्यक्रम के दौरान डेमोंस्ट्रेटर शंकर कुमार प्रसाद ने फायर संयंत्र के उपयोग के ‘PASS’ नियम की जानकारी देते हुए आग बुझाने की मॉक ड्रिल कराई। इस दौरान सभी चिकित्सा अधिकारियों और अस्पताल कर्मियों ने स्वयं फायर उपकरण चलाकर उसका अनुभव प्राप्त किया। कार्यक्रम के अंत में उप मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ कुतलू मुर्मू ने सिविल डिफेंस टीम द्वारा दिए गए प्रशिक्षण की सराहना की। उन्होंने कहा कि अस्पताल में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए एक्स-रे एवं अल्ट्रासाउंड मशीन कक्ष में शीघ्र ही कार्बन डाइऑक्साइड फायर संयंत्र लगाने का प्रस्ताव तैयार किया जाएगा।
परियोजना उल्लास के तहत मरीजों की काउंसलिंग, स्क्रीनिंग और दवा वितरण कार्यक्रम आयोजित जेबी लाइव, रिपोर्टर जादूगोड़ा : जादूगोड़ा स्थित
परियोजना उल्लास के तहत मरीजों की काउंसलिंग, स्क्रीनिंग और दवा वितरण कार्यक्रम आयोजित
जेबी लाइव, रिपोर्टर
जादूगोड़ा :जादूगोड़ा स्थित मुसाबनी प्रखंड के केंदाडीह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में शुक्रवार को दिल्ली स्थित एम्स अस्पताल से आई डॉक्टरों की टीम ने मिर्गी रोगियों के लिए विशेष स्वास्थ्य शिविर आयोजित किया। परियोजना उल्लास के तहत आयोजित इस कार्यक्रम में केंद्र प्रभारी डॉ सुंदर लाल मार्डी एवं बीपीएम सूरज पूर्ति की अगुवाई में पहले मरीजों की काउंसलिंग की गई, जिसके बाद एम्स दिल्ली से आई वरिष्ठ चिकित्सक डॉ ममता भूषण सिंह ने करीब 80 मिर्गी मरीजों की स्क्रीनिंग कर उन्हें आवश्यक दवाइयां उपलब्ध कराईं। शिविर में मरीजों की स्वास्थ्य संबंधी विस्तृत जानकारी लेकर उनके इलाज और नियमित दवा सेवन के बारे में परामर्श दिया गया। ग्रामीण क्षेत्रों से पहुंचे मरीजों और उनके परिजनों ने विशेषज्ञ डॉक्टरों से परामर्श मिलने पर संतोष जताया।
झारखंड में मिर्गी उपचार सुविधा की कमी, सरकार के आग्रह पर पहुंची विशेषज्ञ टीम
स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी डॉ सुंदर लाल मार्डी ने बताया कि झारखंड सरकार की पहल पर एम्स दिल्ली के न्यूरोलॉजी विभाग से जुड़े विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम यहां पहुंची है, ताकि डॉक्टरों के अभाव में इलाज से वंचित मिर्गी रोगियों को बेहतर चिकित्सा सुविधा मिल सके। उन्होंने कहा कि शिविर का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में मिर्गी रोग के प्रति जागरूकता बढ़ाना और समय पर इलाज उपलब्ध कराना है। इस दौरान डॉ ममता भूषण सिंह ने बताया कि मिर्गी रोग पूरे देश में पाया जाता है और कई मामलों में यह बीमारी वंशानुगत भी होती है। उन्होंने कहा कि जन्म के समय नवजात शिशु के देर से रोने, सिर में चोट लगने या मस्तिष्क में गांठ जैसी समस्याओं के कारण भी मिर्गी के लक्षण विकसित हो सकते हैं। ऐसे मरीजों में अचानक शरीर में ऐंठन होने लगती है, जिसे नियमित दवा और सही इलाज से नियंत्रित किया जा सकता है।
स्वास्थ्य कर्मियों और चिकित्सकों की सक्रिय भागीदारी से सफल हुआ शिविर
डॉ ममता भूषण सिंह ने कहा कि मिर्गी जैसी बीमारी की रोकथाम और नियंत्रण के लिए प्रशासनिक अधिकारियों, स्वास्थ्यकर्मियों और डॉक्टरों की सक्रिय रुचि बेहद जरूरी है। उन्होंने लोगों से अपील की कि मिर्गी को अंधविश्वास से जोड़ने के बजाय इसे सामान्य बीमारी मानकर चिकित्सकीय सलाह लें। कार्यक्रम को सफल बनाने में एम्स दिल्ली के डॉ मयंक शर्मा और डॉ हेमंत तिवारी के अलावा केंदाडीह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉ सुंदर लाल मार्डी, जिला कार्यक्रम समन्वयक हकिम प्रधान, बीपीएम सूरज पूर्ति, कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ आरके पांडा, दीपक गिरी, डॉ महेश हेंब्रम, डॉ सुकांतो सीट, जितेंद सिंहदेव, सुशीला टूटू सहित एमपीडब्ल्यू एवं सहियाओं ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। शिविर के दौरान बड़ी संख्या में मरीज एवं ग्रामीण उपस्थित रहे।