जनगणना के 13वें कॉलम में सरना कोड जोड़ने की मांग को लेकर ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन
पोटका बीडीओ से मुलाकात के बाद तय होगी आगे की रणनीति
जेहबी लाइव, रिपोर्टर
जादूगोड़ा : आगामी 30 जून से शुरू होने वाले मतदाता सूची के विशेष गहन परीक्षण और जनगणना प्रक्रिया से पहले जादूगोड़ा क्षेत्र के आदिवासी बहुल मेचुआ गांव में सरना कोड को लेकर विरोध तेज हो गया है। जनगणना के 13वें कॉलम में सरना धर्म को अलग पहचान नहीं दिए जाने से ग्रामीणों में भारी नाराजगी देखी जा रही है। ग्राम प्रधान डोमन श्याम सोरेन, पुजारी मधु सोरेन और सामाजिक कार्यकर्ता मंगल सोरेन के नेतृत्व में ग्रामीणों ने गांव में प्रदर्शन करते हुए “सरना कोड नहीं तो जनगणना नहीं” के जोरदार नारे लगाए। प्रदर्शन में शामिल लोगों का कहना था कि आदिवासी समाज न तो हिंदू है और न ही मुस्लिम, बल्कि उनका अपना अलग सरना धर्म और पूजा पद्धति है, जिसे सरकारी दस्तावेजों में मान्यता मिलनी चाहिए।
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सरना धर्म को अलग पहचान देने की मांग फिर हुई तेज
ग्रामीणों ने कहा कि झारखंड के आदिवासी प्रकृति पूजक हैं और उनकी संस्कृति, परंपरा, खान-पान तथा धार्मिक मान्यताएं अन्य धर्मों से पूरी तरह अलग हैं। इसके बावजूद जनगणना प्रपत्र में सरना कोड के लिए अलग कॉलम नहीं होना आदिवासी समाज के अस्तित्व और अधिकारों की अनदेखी है। ग्रामीणों का कहना है कि अनुसूचित जनजाति समाज के लिए अलग “सरना कोड” अथवा अन्य स्वतंत्र कॉलम होना चाहिए, ताकि उनकी वास्तविक पहचान सुरक्षित रह सके। आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया तो वे जनगणना प्रक्रिया से दूरी बना सकते हैं। गांव में इस मुद्दे को लेकर लगातार बैठकें और जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।
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आदिवासी समाज ने पहचान और अधिकार बचाने की उठाई आवाज
मामले को लेकर सोमवार को आदिवासी समाज का एक प्रतिनिधिमंडल पोटका बीडीओ Anil Munda से मुलाकात करेगा और जनगणना के 13वें कॉलम में सरना कोड जोड़ने की मांग रखेगा। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन के साथ बातचीत के बाद ही वे आगे की रणनीति तय करेंगे और यह निर्णय लेंगे कि जनगणना प्रक्रिया में भाग लेना है या नहीं। फिलहाल मेचुआ गांव में यह मुद्दा आदिवासी पहचान और अस्तित्व से जुड़ा बड़ा आंदोलन बनता जा रहा है। स्थानीय लोगों की नजर अब प्रशासन और झारखंड सरकार की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है कि इस संवेदनशील मुद्दे का समाधान किस तरह निकाला जाता है।

























