Gua : सीआरपीएफ कोबरा 205 बटालियन के फुटबॉल टूर्नामेंट में एंग्री बर्ड बनी चैंपियन
रोमांचक फाइनल में पेनल्टी शूटआउट से रशियन एफसी को हराकर जीता खिताब
जेबी लाइव, रिपोर्टर
गुवा :बड़ाजामदा फुटबॉल मैदान में सीआरपीएफ कोबरा 205 बटालियन द्वारा आयोजित फुटबॉल टूर्नामेंट का सफलतापूर्वक समापन हुआ। प्रतियोगिता के फाइनल मुकाबले में रशियन एफसी और एंग्री बर्ड टीम आमने-सामने थीं। दोनों टीमों ने शुरुआत से ही आक्रामक खेल का प्रदर्शन करते हुए दर्शकों को रोमांच से भर दिया। मैच के दौरान खिलाड़ियों ने शानदार तालमेल, बेहतरीन पासिंग और मजबूत रक्षा पंक्ति का प्रदर्शन किया। निर्धारित समय तक दोनों टीमों में से कोई भी गोल नहीं कर सकी, जिसके कारण मुकाबला बराबरी पर समाप्त हुआ। इसके बाद विजेता का फैसला पेनल्टी शूटआउट के माध्यम से किया गया। पेनल्टी शूटआउट में एंग्री बर्ड टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए एक गोल की बढ़त हासिल की और खिताब अपने नाम कर लिया। जीत के बाद खिलाड़ियों और समर्थकों में उत्साह का माहौल देखने को मिला।
खेल से युवाओं में अनुशासन और नेतृत्व क्षमता का विकास
समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में कोबरा बटालियन के अमित शुक्ला उपस्थित रहे। उन्होंने विजेता और उपविजेता टीमों को बधाई देते हुए कहा कि खेल युवाओं के शारीरिक और मानसिक विकास का महत्वपूर्ण माध्यम है। खेल न केवल स्वास्थ्य को बेहतर बनाते हैं, बल्कि अनुशासन, टीम भावना, नेतृत्व क्षमता और आत्मविश्वास को भी मजबूत करते हैं। उन्होंने खिलाड़ियों को खेल के प्रति समर्पित रहने तथा भविष्य में बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया। टूर्नामेंट के दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण, खेल प्रेमी और युवा उपस्थित रहे, जिन्होंने पूरे मैच के दौरान खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया। आयोजन की सफलता में सीआरपीएफ कोबरा 205 बटालियन के अधिकारियों और जवानों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। इस प्रतियोगिता ने क्षेत्र के युवाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने का मंच प्रदान किया और खेल संस्कृति को बढ़ावा देने का सकारात्मक संदेश दिया।
कसाफलिया (बांसदा) गांव के ग्रामीण पानी के लिए बेहाल, महिलाओं और बच्चों को तय करनी पड़ रही लंबी दूरी जेबी
कसाफलिया (बांसदा) गांव के ग्रामीण पानी के लिए बेहाल, महिलाओं और बच्चों को तय करनी पड़ रही लंबी दूरी
जेबी लाइव, रिपोर्टर
बहरागोड़ा :प्रखंड की चिंगरा पंचायत अंतर्गत कसाफलिया (बांसदा) गांव में भीषण पेयजल संकट से ग्रामीणों का जनजीवन प्रभावित हो गया है। शहीद गणेश हांसदा के पैतृक गांव में स्थित जल मीनार पिछले लगभग एक वर्ष से खराब पड़ी है, जिसके कारण सैकड़ों परिवारों को पीने के पानी के लिए भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जलापूर्ति पूरी तरह ठप होने से महिलाएं और बच्चे गर्मी के मौसम में दो से तीन किलोमीटर दूर स्थित चापाकलों और कुओं से पानी लाने को मजबूर हैं। ग्रामीणों के अनुसार गांव के तालाब और कुएं भी सूखने की कगार पर पहुंच चुके हैं, जिससे समस्या और गंभीर हो गई है। लोगों का कहना है कि पेयजल जैसी बुनियादी सुविधा के अभाव में उन्हें रोजाना कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ रहा है।
शिकायतों के बावजूद नहीं हुई कार्रवाई, आंदोलन की चेतावनी
ग्रामीणों ने बताया कि जल मीनार की खराबी को लेकर कई बार पंचायत प्रतिनिधियों और प्रखंड प्रशासन को लिखित एवं मौखिक शिकायत की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई है। मरम्मत के नाम पर केवल आश्वासन मिलता रहा, जबकि समस्या जस की तस बनी हुई है। ग्रामीणों में प्रशासन की कार्यशैली को लेकर गहरा आक्रोश है। उनका कहना है कि जिस गांव के एक सपूत ने देश की रक्षा करते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया, उसी गांव में आज लोगों को पीने के पानी के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से अविलंब जल मीनार की मरम्मत कर पेयजल आपूर्ति बहाल करने की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए बाध्य होंगे।
राज्यपाल संतोष गंगवार बोले— चिकित्सा केवल पेशा नहीं, मानवता की सेवा का एक महान मिशन है जेबी लाइव, रिपोर्टर जमशेदपुर
राज्यपाल संतोष गंगवार बोले— चिकित्सा केवल पेशा नहीं, मानवता की सेवा का एक महान मिशन है
जेबी लाइव, रिपोर्टर
जमशेदपुर :मनीपाल एकेडमी ऑफ हायर एजुकेशन (MAHE) के घटक संस्थान मनीपाल टाटा मेडिकल कॉलेज (MTMC), जमशेदपुर ने बारीडीह स्थित अपने परिसर में पहला ऐतिहासिक दीक्षांत समारोह आयोजित किया। MAHE के 33वें दीक्षांत समारोह के तहत आयोजित यह कार्यक्रम संस्थान की शैक्षणिक यात्रा का एक महत्वपूर्ण पड़ाव साबित हुआ। इस अवसर पर शैक्षणिक सत्र 2020-21 के 133 एमबीबीएस छात्रों के प्रथम बैच को स्नातक उपाधि प्रदान की गई। MAHE के कुलपति डॉ. शरथ के. राव ने औपचारिक रूप से छात्रों को मेडिकल डिग्री प्रदान की। समारोह में झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जबकि भारत सरकार के गृह मंत्रालय के वरिष्ठ सुरक्षा सलाहकार के. विजय कुमार विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए। इसके अलावा टाटा स्टील के कॉर्पोरेट सर्विसेज के उपाध्यक्ष डी.बी. सुंदर रामम, विशेष परियोजनाओं के समूह अध्यक्ष एवं MAHE के ओएसडी सोमनाथ दास तथा MTMC के डीन ब्रिगेडियर (डॉ.) एच.एस. बंधु भी मंचासीन रहे।
दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने कहा कि यह समारोह केवल शैक्षणिक उपलब्धि का उत्सव नहीं, बल्कि समाज के प्रति भावी योगदान का भी प्रतीक है। उन्होंने कहा कि शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा सामाजिक परिवर्तन के सबसे प्रभावशाली माध्यम हैं तथा एक स्वस्थ और न्यायपूर्ण समाज के निर्माण के लिए मजबूत स्वास्थ्य व्यवस्था आवश्यक है। राज्यपाल ने नवस्नातक डॉक्टरों को संबोधित करते हुए कहा कि चिकित्सा केवल एक पेशा नहीं बल्कि मानवता की सेवा का एक मिशन है। उन्होंने आधुनिक चिकित्सा में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स और तकनीकी नवाचारों की बढ़ती भूमिका का उल्लेख करते हुए कहा कि स्वास्थ्य सेवा की वास्तविक शक्ति आज भी सहानुभूति, विश्वास और मानवीय संवेदनाओं में निहित है। उन्होंने युवा चिकित्सकों से मरीजों के प्रति संवेदनशीलता और सेवा भावना बनाए रखने का आह्वान किया।
स्वास्थ्य मंत्री और विशेषज्ञों ने युवा डॉक्टरों को दी प्रेरणा
समारोह में वर्चुअल माध्यम से शामिल हुए झारखंड सरकार के स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण मंत्री इरफान अंसारी ने कहा कि डॉक्टरों की भूमिका केवल उपचार तक सीमित नहीं है, बल्कि मरीजों के अधिकारों की रक्षा और उनमें विश्वास पैदा करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। उन्होंने युवा डॉक्टरों से आग्रह किया कि वे मरीजों को बेहतर और सम्मानजनक स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराने के लिए पूरी निष्ठा से कार्य करें। वहीं वरिष्ठ सुरक्षा सलाहकार के. विजय कुमार ने स्नातक छात्रों से अपने पेशे को जुनून, ईमानदारी और निरंतर सीखने की भावना के साथ अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवा एक सामूहिक प्रयास है, जिसमें डॉक्टर, नर्स, पैरामेडिक्स और अन्य सहयोगी कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। बेहतर उपचार और मरीजों की संतुष्टि के लिए टीमवर्क को सर्वोच्च प्राथमिकता देना आवश्यक है।
MAHE के कुलपति डॉ. शरथ के. राव ने कहा कि मनीपाल टाटा मेडिकल कॉलेज चिकित्सा शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार के क्षेत्र में तेजी से अपनी पहचान बना रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि संस्थान का पहला स्नातक बैच चिकित्सा क्षेत्र की चुनौतियों का सामना करने के लिए पूरी तरह सक्षम है। उन्होंने कहा कि संस्थान का उद्देश्य ऐसे चिकित्सक तैयार करना है जो भारत ही नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं में सार्थक योगदान दे सकें। वहीं सोमनाथ दास ने कहा कि चिकित्सा शिक्षा में प्राइवेट-प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल की सफलता का जीवंत उदाहरण MTMC है। टाटा स्टील के उपाध्यक्ष डी.बी. सुंदर रामम ने कहा कि यह संस्थान शिक्षा, स्वास्थ्य और सामुदायिक विकास के क्षेत्र में टाटा स्टील की दीर्घकालिक प्रतिबद्धता का प्रतीक है।
झारखंड और पूर्वी भारत के विकास में निभा रहा महत्वपूर्ण भूमिका
कार्यक्रम की शुरुआत MTMC के डीन ब्रिगेडियर (डॉ.) एच.एस. बंधु द्वारा स्वागत भाषण से हुई, जबकि अंत में MAHE के रजिस्ट्रार डॉ. गिरिधर किनी ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। वर्ष 2020 में मनीपाल एकेडमी ऑफ हायर एजुकेशन और टाटा स्टील की संयुक्त पहल के रूप में स्थापित मनीपाल टाटा मेडिकल कॉलेज आज झारखंड और पूर्वी भारत में चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। आधुनिक अधोसंरचना, उन्नत शिक्षण सुविधाओं, उत्कृष्ट क्लिनिकल प्रशिक्षण और अनुभवी फैकल्टी के माध्यम से यह संस्थान भावी स्वास्थ्य पेशेवरों को तैयार कर रहा है। पहला दीक्षांत समारोह न केवल 133 नए डॉक्टरों के लिए एक यादगार उपलब्धि रहा, बल्कि यह चिकित्सा शिक्षा, अनुसंधान और सामाजिक सेवा के क्षेत्र में संस्थान की बढ़ती प्रतिष्ठा का भी प्रमाण बन गया।
जेएलकेएम केन्द्रीय वरीय उपाध्यक्ष देवेन्द्र नाथ महतो रहेंगे मौजूद, विभिन्न लंबित मामलों पर होगी सुनवाई जेबी लाइव, रिपोर्टर मुरी :
जेएलकेएम केन्द्रीय वरीय उपाध्यक्ष देवेन्द्र नाथ महतो रहेंगे मौजूद, विभिन्न लंबित मामलों पर होगी सुनवाई
जेबी लाइव, रिपोर्टर
मुरी :सिल्ली प्रखंड एवं अंचल कार्यालय से संबंधित विभिन्न जनसमस्याओं के त्वरित समाधान तथा आम जनता को उनके अधिकार दिलाने के उद्देश्य से झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (जेएलकेएम) सिल्ली विधानसभा इकाई द्वारा 2 जून 2026 को प्रखंड सह अंचल कार्यालय, सिल्ली परिसर में “जन समस्या समाधान शिविर” का आयोजन किया जाएगा। शिविर में जेएलकेएम केन्द्रीय वरीय उपाध्यक्ष एवं पूर्व प्रत्याशी सिल्ली विधानसभा सह रांची लोकसभा देवेन्द्र नाथ महतो उपस्थित रहकर लोगों की समस्याओं को सुनेंगे। साथ ही संबंधित विभागीय अधिकारियों एवं पदाधिकारियों से समन्वय स्थापित कर समस्याओं के समाधान की दिशा में आवश्यक पहल करेंगे। शिविर का उद्देश्य आम लोगों को सरकारी योजनाओं और प्रशासनिक सेवाओं से जुड़ी परेशानियों का समाधान एक ही मंच पर उपलब्ध कराना है।
आवास, पेंशन और भूमि संबंधी मामलों पर होगी विशेष सुनवाई
शिविर में आवास योजना, वृद्धावस्था पेंशन, राशन कार्ड, मंईयां सम्मान योजना, मनरेगा, जाति, आय एवं आवासीय प्रमाण पत्र, दाखिल-खारिज, भूमि मापी, सीमांकन, लगान रसीद, एलपीसी तथा किसान सम्मान निधि सहित प्रखंड और अंचल कार्यालय से संबंधित अन्य लंबित मामलों पर विशेष रूप से सुनवाई की जाएगी। इस अवसर पर आम जनता से अपील की गई है कि वे अपने आवेदन की प्रति, रसीद तथा आवश्यक दस्तावेजों के साथ शिविर में उपस्थित होकर अपनी समस्याओं से अवगत कराएं। देवेन्द्र नाथ महतो ने कहा कि सरकारी योजनाओं और सेवाओं का लाभ समय पर मिलना प्रत्येक नागरिक का अधिकार है। यदि किसी व्यक्ति का आवेदन अनावश्यक रूप से लंबित है या उसे बार-बार कार्यालयों का चक्कर लगाना पड़ रहा है, तो ऐसे मामलों को गंभीरता से उठाकर संबंधित विभागों के समक्ष प्रभावी ढंग से रखा जाएगा।
प्रतिभागियों को मिला सम्मान और प्रमाण पत्र वन, पर्यावरण, नशामुक्ति और व्यक्तित्व विकास के संदेश के साथ संपन्न हुआ बहुआयामी
प्रतिभागियों को मिला सम्मान और प्रमाण पत्र
वन, पर्यावरण, नशामुक्ति और व्यक्तित्व विकास के संदेश के साथ संपन्न हुआ बहुआयामी समर कैंप
जेबी लाइव, रिपोर्टर
जमशेदपुर :वन प्रमंडल जमशेदपुर एवं गीता थिएटर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित निःशुल्क समर कैंप का भव्य समापन समारोह मानगो स्थित वन विभाग सभागार हॉल में संपन्न हुआ। समारोह में शहर की प्रख्यात समाजसेवी श्रीमती पूर्वी घोष, चंचल भाटिया, ताजदार आलम, गोविंद विद्यालय तमोलिया के निदेशक राजेश शर्मा, प्रिंसिपल सुनीता त्रिपाठी, प्रधानमंत्री उच्च विद्यालय बावनगोड़ा के प्रधानाचार्य शाहिद इक़बाल, व्यक्तित्व विकास संस्थान के अध्यक्ष दिलीप जायसवाल तथा अन्य गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। इसके बाद वन विभाग एवं गीता थिएटर की ओर से सभी अतिथियों का पौधा और अंगवस्त्र भेंट कर स्वागत किया गया। समापन समारोह में बड़ी संख्या में बच्चों, अभिभावकों और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों में रचनात्मकता, सामाजिक जागरूकता और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करना था।
समापन समारोह में सांस्कृतिक कार्यक्रमों की आकर्षक प्रस्तुतियों ने दर्शकों का मन मोह लिया। राम नृत्य स्टूडियो के निर्देशक एवं समर कैंप के नृत्य प्रशिक्षक राम मार्डी के निर्देशन में बच्चों ने गणेश वंदना प्रस्तुत कर कार्यक्रम की शुरुआत की। इसके बाद संपूर्ण आश्रय संस्था के सदस्यों ने किशोर कुमार के लोकप्रिय गीतों की प्रस्तुति देकर वातावरण को संगीतमय बना दिया। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण दो सामाजिक संदेश देने वाले नाटकों का मंचन रहा। गांधी आश्रम के कुष्ठ परिवार से जुड़े बच्चों ने विश्व तंबाकू निषेध दिवस के अवसर पर “नशा करें नाश” नाटक प्रस्तुत कर नशे के दुष्परिणामों को प्रभावी ढंग से दर्शाया। वहीं समर कैंप के बच्चों ने वन, पर्यावरण, जलवायु परिवर्तन और वन्यजीव संरक्षण पर आधारित “धरती की पुकार” नाटक का मंचन कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। दोनों प्रस्तुतियों के बाद उपस्थित लोगों ने नशामुक्ति और पर्यावरण संरक्षण की सामूहिक शपथ भी ली।
मीडिया से बातचीत करते हुए गीता थिएटर की अध्यक्ष श्रीमती गीता कुमारी ने बताया कि इस वर्ष शहर के दो अलग-अलग क्षेत्रों में समर कैंप आयोजित किए गए। पहला कैंप 15 से 25 मई तक मानगो वन विभाग सभागार में तथा दूसरा 24 से 30 मई तक बाराद्वारी स्थित गांधी आश्रम में वंचित और कुष्ठ परिवारों के बच्चों के लिए आयोजित किया गया। दोनों शिविरों में सैकड़ों बच्चों ने निःशुल्क भागीदारी की। कैंप के दौरान बच्चों को रंगमंच, अभिनय, नृत्य, संगीत, चित्रांकन, हस्तकला, स्वास्थ्य एवं स्वच्छता, गुड टच-बैड टच, गणितीय खेल तथा व्यक्तित्व विकास से संबंधित प्रशिक्षण दिया गया। नागरिक सुरक्षा विभाग की टीम ने आपदा प्रबंधन, बाढ़, भूकंप और अग्निकांड जैसी परिस्थितियों में बचाव के उपायों की जानकारी दी। वहीं जिला विधिक सेवा प्राधिकार द्वारा बाल श्रम, बाल विवाह, घरेलू हिंसा, मानव तस्करी, पॉक्सो एक्ट और अन्य महत्वपूर्ण कानूनी विषयों पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए।
प्रमाण पत्र वितरण और सम्मान समारोह के साथ हुआ समापन
जमशेदपुर वन प्रमंडल की जिला वन पदाधिकारी सबा आलम अंसारी ने कहा कि समर कैंप का उद्देश्य बच्चों को मोबाइल और पाठ्यपुस्तकों की सीमित दुनिया से बाहर निकालकर प्रकृति, वन, पर्यावरण और वन्यजीव संरक्षण के प्रति जागरूक बनाना था। उन्होंने कहा कि बच्चों में पर्यावरण संरक्षण और नशामुक्ति के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करना समय की आवश्यकता है। उन्होंने गीता थिएटर, सुंदरम, संपूर्ण आश्रय, आरंभ, व्यक्तित्व विकास संस्थान तथा अन्य सहयोगी संगठनों के योगदान की सराहना की। कार्यक्रम के अंत में दोनों समर कैंप के प्रतिभागियों को सहभागिता प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। साथ ही प्रशिक्षकों और सहयोगी संस्थाओं को उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए “दिशोम गुरु शिबू सोरेन झारखंड सम्मान 2026” से सम्मानित किया गया। सम्मान समारोह के साथ समर कैंप का सफल समापन हुआ और बच्चों ने भविष्य में भी ऐसे आयोजनों से जुड़ने की इच्छा व्यक्त की।
बड़ाजामदा-नोवामुंड़ी मुख्य मार्ग पर पुलिया की हालत चिंताजनक, स्थानीय लोगों में बढ़ी दुर्घटना की आशंका जेबी लाइव, रिपोर्टर गुवा :
बड़ाजामदा-नोवामुंड़ी मुख्य मार्ग पर पुलिया की हालत चिंताजनक, स्थानीय लोगों में बढ़ी दुर्घटना की आशंका
जेबी लाइव, रिपोर्टर
गुवा :बड़ाजामदा से नोवामुंड़ी जाने वाले मुख्य सड़क मार्ग पर सुखचैन मोटर के आगे स्थित पुलिया की स्थिति बेहद जर्जर हो चुकी है। स्थानीय लोगों और वाहन चालकों के अनुसार पुलिया कभी भी ध्वस्त हो सकती है, जिससे किसी बड़े हादसे की आशंका लगातार बनी हुई है। पुलिया के बीचों-बीच बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं तथा कई स्थानों पर आर-पार छेद दिखाई देने लगे हैं। इससे इसकी मजबूती पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि लंबे समय से पुलिया की मरम्मत नहीं होने के कारण स्थिति दिन-प्रतिदिन खराब होती जा रही है। बरसात का मौसम शुरू होने से खतरा और बढ़ गया है, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों में भय का माहौल बना हुआ है।
यह सड़क क्षेत्र की सबसे महत्वपूर्ण संपर्क मार्गों में से एक मानी जाती है। इसी मार्ग से प्रतिदिन टाटानगर से किरीबुरू, बड़बिल और जोड़ा तक चलने वाली यात्री बसों का आवागमन होता है। इसके अलावा बड़बिल और आसपास के खनन क्षेत्रों से लौह अयस्क लेकर आने-जाने वाले भारी मालवाहक ट्रक भी इसी पुलिया से गुजरते हैं। लगातार भारी वाहनों के दबाव के कारण पुलिया की स्थिति और अधिक खराब होती जा रही है। वाहन चालकों का कहना है कि यदि समय रहते मरम्मत नहीं की गई तो पुलिया किसी भी दिन जवाब दे सकती है, जिससे यातायात पूरी तरह बाधित होने के साथ जान-माल का भी बड़ा नुकसान हो सकता है।
स्थानीय ग्रामीणों और सामाजिक संगठनों ने बताया कि पुलिया की मरम्मत और पुनर्निर्माण की मांग को लेकर कई बार आंदोलन और विरोध-प्रदर्शन किए जा चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। लोगों ने प्रशासन पर उदासीनता का आरोप लगाते हुए कहा कि समस्या को नजरअंदाज किया जा रहा है। स्थानीय नागरिकों और वाहन चालकों ने झारखंड सरकार तथा संबंधित विभागीय अधिकारियों से तत्काल मरम्मत कार्य शुरू कराने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो जनहित और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बड़ाजामदा-नोवामुंड़ी मुख्य सड़क मार्ग को अनिश्चितकाल के लिए जाम कर आंदोलन शुरू किया जाएगा।
मंगल सिंह बोबोंगा ने सीजीएम को सौंपा मांग पत्र, निविदा प्रक्रिया और कार्य निष्पादन की निष्पक्ष जांच की मांग जेबी
मंगल सिंह बोबोंगा ने सीजीएम को सौंपा मांग पत्र, निविदा प्रक्रिया और कार्य निष्पादन की निष्पक्ष जांच की मांग
जेबी लाइव, रिपोर्टर
गुवा :जगन्नाथपुर विधानसभा के पूर्व विधायक एवं झारखंड बचाओ अभियान के संयोजक मंगल सिंह बोबोंगा ने गुवा सेल के मुख्य महाप्रबंधक चंद्रभूषण कुमार को मांग पत्र सौंपकर वर्ष 2024-25 के दौरान लौह अयस्क उत्पादन कार्य में कथित अनियमितताओं की जांच की मांग की है। अपने पत्र में उन्होंने आरोप लगाया है कि गुवा आयरन ओर माइंस द्वारा जारी निविदा के तहत एल-1 (न्यूनतम बोलीदाता) होने के आधार पर मेसर्स राकेश कंस्ट्रक्शन कंपनी को कार्य आवंटित किया गया था। निविदा की शर्तों के अनुसार लम्प क्रशिंग, स्क्रीनिंग, परिवहन एवं रिक्लेमेशन जैसे महत्वपूर्ण कार्य निर्धारित थे, लेकिन इन कार्यों के निष्पादन में गंभीर स्तर पर अनियमितताएं बरती गईं। उन्होंने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक स्थिति को सार्वजनिक किया जाना चाहिए ताकि सरकारी संसाधनों के उपयोग में पारदर्शिता बनी रहे और जिम्मेदार व्यक्तियों की भूमिका स्पष्ट हो सके।
मंगल सिंह बोबोंगा ने आरोप लगाया कि आरओएम की खुदाई निर्धारित मशीनों के माध्यम से नहीं की गई तथा लौह अयस्क के परिवहन, क्रशिंग और स्क्रीनिंग कार्यों को भी नियमानुसार पूरा नहीं किया गया। उन्होंने दावा किया कि ओवरसाइज लम्प अयस्क को कंपनी के क्रशर हॉपर तक पहुंचाने के बजाय अन्यत्र छिपाया गया, जिससे उत्पादन और रिकॉर्ड के बीच अंतर उत्पन्न होने की संभावना है। इसके अलावा उन्होंने यह भी कहा कि निर्धारित उत्पादन लक्ष्य की तुलना में कार्यस्थल पर मशीनों और वाहनों की संख्या काफी कम थी, जिससे लक्ष्य प्राप्त करना व्यवहारिक रूप से संभव नहीं था। उन्होंने कथित रूप से 10 से 15 करोड़ रुपये तक के संभावित नुकसान की जांच कराने तथा दोषी कर्मचारियों और संबंधित एजेंसी के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है। साथ ही जांच पूरी होने तक संबंधित कंपनी को कोई नया कार्य आवंटित नहीं करने की भी मांग की गई है।
पूर्व विधायक ने यह भी कहा कि जिस अवधि में यह निविदा जारी हुई थी, उस समय गुवा-चिड़िया क्षेत्र के तत्कालीन मुख्य महाप्रबंधक कमल भास्कर पदस्थापित थे। उन्होंने मांग की कि मामले की निष्पक्ष जांच के लिए केवल ठेका कंपनी ही नहीं, बल्कि उस समय की प्रशासनिक एवं प्रबंधन स्तर की जिम्मेदारियों की भी समीक्षा की जानी चाहिए। उनका कहना है कि सभी संबंधित पक्षों की भूमिका की जांच होने से वास्तविक तथ्यों का पता चल सकेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन का रास्ता अपनाया जाएगा। वहीं गुवा सेल के मुख्य महाप्रबंधक चंद्रभूषण कुमार ने बताया कि मामले की जांच के लिए एक टीम गठित कर दी गई है और जांच प्रक्रिया जारी है। उन्होंने कहा कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।