निर्माण कार्य में घटिया सामग्री इस्तेमाल करने का आरोप, ग्रामीणों ने जांच की मांग की
जेबी लाइव, रिपोर्टर
घाटशिला : घाटशिला प्रखंड के बड़ाखुर्सी पंचायत अंतर्गत कुलियाना गांव में निर्माणाधीन वाटर फिल्टर प्लांट को लेकर ग्रामीणों ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि प्लांट निर्माण में जंग लगे सरियों (रॉड) का उपयोग किया जा रहा है, जिससे परियोजना की मजबूती और सुरक्षा पर संदेह उत्पन्न हो गया है। स्थानीय लोगों के अनुसार निर्माण स्थल पर बड़ी मात्रा में ऐसे सरिए रखे गए हैं, जिन पर स्पष्ट रूप से जंग दिखाई दे रहा है और उन्हीं सामग्रियों का उपयोग निर्माण कार्य में किया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि पेयजल जैसी महत्वपूर्ण परियोजना में यदि घटिया सामग्री का उपयोग किया गया तो भविष्य में इसका असर संरचना की गुणवत्ता और दीर्घकालिक सुरक्षा पर पड़ सकता है। लोगों ने विभागीय अधिकारियों से निर्माण सामग्री की जांच कराने और गुणवत्ता सुनिश्चित करने की मांग की है।
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साइट सुपरवाइजर पर अभद्र व्यवहार का आरोप, मजदूरी भुगतान को लेकर भी नाराजगी
ग्रामीणों के अनुसार जब उन्होंने निर्माण स्थल पर मौजूद साइट सुपरवाइजर मणिकांत तिवारी से सरियों की गुणवत्ता के संबंध में जानकारी लेने का प्रयास किया, तो उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिला। आरोप है कि सवाल पूछने पर सुपरवाइजर ने ग्रामीणों के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया और उचित जानकारी देने से परहेज किया। स्थानीय लोगों का यह भी कहना है कि निर्माण कार्य में लगे कुछ मजदूरों को समय पर मजदूरी का भुगतान नहीं किया जा रहा है। मजदूरों ने आरोप लगाया कि कई बार इस संबंध में शिकायत करने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ। इससे श्रमिकों और ग्रामीणों में नाराजगी देखी जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि निर्माण कार्य में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित नहीं की गई तो परियोजना को लेकर लोगों का भरोसा कमजोर पड़ सकता है।
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विभाग ने लिया संज्ञान, ग्रामीणों ने निष्पक्ष जांच की उठाई मांग
मामले के दौरान मौके पर पहुंचे एक पत्रकार ने भी साइट सुपरवाइजर से बातचीत कर पक्ष जानने का प्रयास किया, लेकिन उनके साथ भी कथित रूप से असहयोगात्मक और अभद्र व्यवहार किए जाने का आरोप लगाया गया। इस संबंध में जब पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के घाटशिला स्थित जूनियर इंजीनियर (जेई) से संपर्क किया गया, तो उन्होंने कहा कि मामले की जानकारी ली जाएगी और संबंधित पक्ष को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जाएंगे। हालांकि विवाद सामने आने के बाद कई स्थानीय लोगों ने खुलकर बयान देने से परहेज किया। वहीं ग्रामीणों ने विभाग से निर्माण कार्य की गुणवत्ता की निष्पक्ष जांच कराने, उपयोग की जा रही सामग्रियों की तकनीकी जांच करवाने तथा यदि अनियमितता पाई जाती है तो संबंधित जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि सरकारी योजनाओं में गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होना चाहिए और जनता के हित में पारदर्शी जांच आवश्यक है।
























