महंगाई के बीच रसोई गैस के दाम बढ़ने से उपभोक्ताओं की बढ़ी चिंता
जेबी लाइव, रिपोर्टर
जमशेदपुर : महंगाई की मार झेल रहे आम लोगों को एक बार फिर बड़ा झटका लगा है। सार्वजनिक क्षेत्र की तेल एवं गैस कंपनियों ने 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 29 रुपये की बढ़ोतरी कर दी है। नई दरें तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई हैं। इस वृद्धि के बाद जमशेदपुर में घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत 952.50 रुपये से बढ़कर 981.50 रुपये हो गई है। वहीं 5 किलोग्राम वाले छोटे घरेलू सिलेंडर की कीमत 429 रुपये निर्धारित की गई है। हालांकि 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत में इस बार कोई बदलाव नहीं किया गया है और यह 3,113.50 रुपये पर स्थिर बना हुआ है। रसोई गैस की कीमतों में हुई इस वृद्धि से घरेलू बजट पर अतिरिक्त बोझ पड़ने की आशंका जताई जा रही है। खासकर मध्यम वर्ग और निम्न आय वर्ग के परिवारों के लिए यह बढ़ोतरी चिंता का विषय बन गई है।
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तीन महीने में दूसरी बार बढ़े घरेलू गैस सिलेंडर के दाम
घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में लगातार हो रही वृद्धि ने उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ा दी है। पिछले तीन महीनों के दौरान यह दूसरी बार है जब घरेलू गैस सिलेंडर के दाम बढ़ाए गए हैं। इससे पहले 7 मार्च 2026 को तेल कंपनियों ने सिलेंडर की कीमत में 60 रुपये की बढ़ोतरी की थी। अब 29 रुपये की नई वृद्धि के साथ कुल बढ़ोतरी और अधिक हो गई है। लगातार बढ़ती कीमतों का असर सीधे तौर पर घरों की रसोई पर पड़ रहा है। कई उपभोक्ताओं का कहना है कि पहले से ही खाद्य पदार्थों, दूध और अन्य आवश्यक वस्तुओं की कीमतें बढ़ी हुई हैं, ऐसे में गैस सिलेंडर महंगा होने से मासिक खर्चों को संभालना कठिन होता जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऊर्जा क्षेत्र में बढ़ती लागत का असर उपभोक्ताओं तक पहुंच रहा है, जिससे महंगाई का दबाव और बढ़ सकता है।
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अंतरराष्ट्रीय बाजार और नुकसान का हवाला दे रहीं तेल कंपनियां
तेल एवं गैस कंपनियों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में ऊर्जा उत्पादों की कीमतों में लगातार वृद्धि हो रही है। इसके अलावा घरेलू बाजार में एलपीजी की बिक्री पर कंपनियों को नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। कंपनियों के अनुसार, इसी कारण कीमतों में संशोधन करना आवश्यक हो गया था। उनका दावा है कि हालिया बढ़ोतरी से होने वाले नुकसान की केवल आंशिक भरपाई ही संभव हो सकेगी। ऊर्जा विशेषज्ञों का भी मानना है कि वैश्विक बाजार में कच्चे तेल और गैस की कीमतों में उतार-चढ़ाव का सीधा असर घरेलू बाजार पर पड़ता है। ऐसे में आने वाले समय में भी ऊर्जा उत्पादों की कीमतों पर नजर बनाए रखने की जरूरत होगी। हालांकि उपभोक्ता संगठनों का कहना है कि लगातार बढ़ती कीमतों से आम लोगों की आर्थिक स्थिति प्रभावित हो रही है और सरकार को राहत के उपायों पर विचार करना चाहिए।
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पेट्रोल-डीजल और सीएनजी के बाद अब रसोई गैस भी महंगी
एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी ऐसे समय में हुई है जब हाल के दिनों में पेट्रोल, डीजल और सीएनजी के दाम भी बढ़ चुके हैं। मई माह के मध्य से पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगभग 7.50 रुपये प्रति लीटर तक की वृद्धि दर्ज की गई है, जबकि सीएनजी के दाम भी करीब 6 रुपये प्रति किलोग्राम बढ़े हैं। ऊर्जा उत्पादों की लगातार बढ़ती कीमतों का असर अब आम लोगों के मासिक बजट पर साफ दिखाई देने लगा है। परिवहन लागत बढ़ने से अन्य आवश्यक वस्तुओं के दामों में भी वृद्धि होने की संभावना जताई जा रही है। उपभोक्ताओं का कहना है कि महंगाई के इस दौर में घरेलू खर्चों का संतुलन बनाए रखना लगातार मुश्किल होता जा रहा है। नई दरों के अनुसार जमशेदपुर सहित झारखंड के उपभोक्ताओं को अब घरेलू एलपीजी सिलेंडर के लिए पहले की तुलना में अधिक कीमत चुकानी होगी।























