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Ghatsila : कुलियाना के निर्माणाधीन वाटर फिल्टर प्लांट में जंग लगे सरियों के उपयोग का आरोप, ग्रामीणों ने उठाए गुणवत्ता पर सवाल

  • निर्माण कार्य में घटिया सामग्री इस्तेमाल करने का आरोप, ग्रामीणों ने जांच की मांग की

जेबी लाइव, रिपोर्टर

घाटशिला : घाटशिला प्रखंड के बड़ाखुर्सी पंचायत अंतर्गत कुलियाना गांव में निर्माणाधीन वाटर फिल्टर प्लांट को लेकर ग्रामीणों ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि प्लांट निर्माण में जंग लगे सरियों (रॉड) का उपयोग किया जा रहा है, जिससे परियोजना की मजबूती और सुरक्षा पर संदेह उत्पन्न हो गया है। स्थानीय लोगों के अनुसार निर्माण स्थल पर बड़ी मात्रा में ऐसे सरिए रखे गए हैं, जिन पर स्पष्ट रूप से जंग दिखाई दे रहा है और उन्हीं सामग्रियों का उपयोग निर्माण कार्य में किया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि पेयजल जैसी महत्वपूर्ण परियोजना में यदि घटिया सामग्री का उपयोग किया गया तो भविष्य में इसका असर संरचना की गुणवत्ता और दीर्घकालिक सुरक्षा पर पड़ सकता है। लोगों ने विभागीय अधिकारियों से निर्माण सामग्री की जांच कराने और गुणवत्ता सुनिश्चित करने की मांग की है।

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साइट सुपरवाइजर पर अभद्र व्यवहार का आरोप, मजदूरी भुगतान को लेकर भी नाराजगी

ग्रामीणों के अनुसार जब उन्होंने निर्माण स्थल पर मौजूद साइट सुपरवाइजर मणिकांत तिवारी से सरियों की गुणवत्ता के संबंध में जानकारी लेने का प्रयास किया, तो उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिला। आरोप है कि सवाल पूछने पर सुपरवाइजर ने ग्रामीणों के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया और उचित जानकारी देने से परहेज किया। स्थानीय लोगों का यह भी कहना है कि निर्माण कार्य में लगे कुछ मजदूरों को समय पर मजदूरी का भुगतान नहीं किया जा रहा है। मजदूरों ने आरोप लगाया कि कई बार इस संबंध में शिकायत करने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ। इससे श्रमिकों और ग्रामीणों में नाराजगी देखी जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि निर्माण कार्य में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित नहीं की गई तो परियोजना को लेकर लोगों का भरोसा कमजोर पड़ सकता है।

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विभाग ने लिया संज्ञान, ग्रामीणों ने निष्पक्ष जांच की उठाई मांग

मामले के दौरान मौके पर पहुंचे एक पत्रकार ने भी साइट सुपरवाइजर से बातचीत कर पक्ष जानने का प्रयास किया, लेकिन उनके साथ भी कथित रूप से असहयोगात्मक और अभद्र व्यवहार किए जाने का आरोप लगाया गया। इस संबंध में जब पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के घाटशिला स्थित जूनियर इंजीनियर (जेई) से संपर्क किया गया, तो उन्होंने कहा कि मामले की जानकारी ली जाएगी और संबंधित पक्ष को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जाएंगे। हालांकि विवाद सामने आने के बाद कई स्थानीय लोगों ने खुलकर बयान देने से परहेज किया। वहीं ग्रामीणों ने विभाग से निर्माण कार्य की गुणवत्ता की निष्पक्ष जांच कराने, उपयोग की जा रही सामग्रियों की तकनीकी जांच करवाने तथा यदि अनियमितता पाई जाती है तो संबंधित जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि सरकारी योजनाओं में गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होना चाहिए और जनता के हित में पारदर्शी जांच आवश्यक है।

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Jamshedpur : विश्व पर्यावरण दिवस पर टाटा स्टील यूआईएसएल का हरित अभियान, 1,000 पौधे लगाए

पर्यावरण संरक्षण और नेट जीरो 2045 लक्ष्य की दिशा में बढ़ाया कदम जेबी लाइव, रिपोर्टर जमशेदपुर : विश्व पर्यावरण दिवस

  • पर्यावरण संरक्षण और नेट जीरो 2045 लक्ष्य की दिशा में बढ़ाया कदम

जेबी लाइव, रिपोर्टर

जमशेदपुर : विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर टाटा स्टील यूआईएसएल ने पर्यावरण संरक्षण और टाटा समूह के नेट जीरो 2045 लक्ष्य के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को मजबूत करते हुए जमशेदपुर और आसपास के क्षेत्रों में व्यापक पौधरोपण अभियान चलाया। इस अभियान के तहत कुल 1,000 पौधे लगाए गए, जबकि 800 से अधिक पौधे विभिन्न सामाजिक संस्थाओं और टाटा समूह की कंपनियों को वितरित किए गए। अभियान का उद्देश्य हरित आवरण बढ़ाना, कार्बन उत्सर्जन को कम करना तथा लोगों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करना था। कंपनी की इस पहल को स्थानीय समुदाय और विभिन्न संस्थानों का भी व्यापक सहयोग प्राप्त हुआ। पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए विभिन्न कार्यक्रमों और जनभागीदारी गतिविधियों का भी आयोजन किया गया।

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पूर्व कचरा डंपिंग स्थल को विकसित कर बनाया गया हरित क्षेत्र

मुख्य पौधरोपण कार्यक्रम सीआरएम बड़ा डंप में आयोजित किया गया। यह स्थान पहले कचरा डंपिंग क्षेत्र के रूप में उपयोग किया जाता था, जिसे अब सफलतापूर्वक एक हरित क्षेत्र में परिवर्तित किया गया है। लगभग 11 एकड़ क्षेत्र में फैले और करीब 30 मीटर ऊंचे इस स्थल पर वर्तमान में 28,000 से अधिक पौधे मौजूद हैं। टाटा स्टील यूआईएसएल ने भविष्य में इस संख्या को बढ़ाकर 50,000 से अधिक करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर यहां 500 नए पौधे लगाए गए। कार्यक्रम में वन प्रमंडल पदाधिकारी (डीएफओ) शवा आलम अंसारी सहित टाटा स्टील और टाटा स्टील यूआईएसएल के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने पर्यावरण संरक्षण के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया और अधिक से अधिक लोगों को वृक्षारोपण से जुड़ने का आह्वान किया।

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सरायकेला से बर्मामाइंस तक चला वृक्षारोपण अभियान

हरित पहल को और व्यापक बनाते हुए टाटा स्टील यूआईएसएल ने अपनी ई-बिलिंग पहल के अंतर्गत सरायकेला-खरसावां में 250 पौधे लगाए। इस कार्यक्रम में सरायकेला-खरसावां के उपायुक्त नीतीश कुमार सिंह मुख्य रूप से उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त बर्मामाइंस स्थित कॉम्बेई मिल्स, दुर्गा पूजा मैदान और कीनन स्टेडियम में भी वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किए गए। कीनन स्टेडियम में विश्व पर्यावरण दिवस की पूर्व संध्या पर 40 पौधे लगाए गए, जहां झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय पदाधिकारी जितेंद्र प्रसाद सिंह भी मौजूद रहे। अभियान के दौरान बकुल, करंज, नीम, महोगनी, सागवान (टीक) और बांस जैसे पौधे लगाए गए। ये पौधे कार्बन अवशोषण, मिट्टी संरक्षण और जैव विविधता को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। टाटा स्टील यूआईएसएल का यह अभियान क्षेत्र में स्वच्छ, स्वस्थ और टिकाऊ पर्यावरण निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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आपदा प्रबंधन की तैयारियों को परखने के लिए किया गया व्यापक अभ्यास जेबी लाइव, रिपोर्टर गुवा : सेल की मेघाहातुबुरु

  • आपदा प्रबंधन की तैयारियों को परखने के लिए किया गया व्यापक अभ्यास

जेबी लाइव, रिपोर्टर

गुवा : सेल की मेघाहातुबुरु लौह अयस्क खदान में शनिवार को राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की 9वीं बटालियन, पटना द्वारा आपदा प्रबंधन को लेकर एक व्यापक मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इस अभ्यास का उद्देश्य प्राकृतिक एवं औद्योगिक आपदाओं की स्थिति में विभिन्न एजेंसियों की तत्परता, समन्वय और बचाव क्षमता का परीक्षण करना था। मॉक ड्रिल के तहत खदान क्षेत्र में लैंड स्लाइड होने तथा पांच श्रमिकों के मलबे में फंसने की काल्पनिक स्थिति बनाई गई। घटना की सूचना मिलते ही सेल और सीआईएसएफ की टीम ने तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। प्रारंभिक प्रयासों के बाद स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एनडीआरएफ की विशेष टीम को बुलाया गया। टीम ने मौके पर पहुंचकर आधुनिक उपकरणों, संचार व्यवस्था और प्रशिक्षित बचावकर्मियों की सहायता से रेस्क्यू अभियान को व्यवस्थित ढंग से संचालित किया। इस दौरान आपदा के समय विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित करने की प्रक्रिया का भी परीक्षण किया गया।

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आधुनिक तकनीक और बेहतर समन्वय से सफल हुआ बचाव अभियान

मॉक ड्रिल का सबसे चुनौतीपूर्ण चरण लगभग 100 फीट गहरी खाई में फंसे एक घायल श्रमिक को सुरक्षित बाहर निकालना था। एनडीआरएफ के जवानों ने विशेष रोप सिस्टम, हार्नेस, स्ट्रेचर और अन्य आधुनिक रेस्क्यू उपकरणों का उपयोग करते हुए बेहद सावधानी और दक्षता के साथ बचाव अभियान को अंजाम दिया। निर्धारित समय के भीतर घायल को सुरक्षित निकालकर प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया गया। इस अवसर पर एनडीआरएफ के उप समादेष्टा विनय कुमार, सीआईएसएफ के उप समादेष्टा इंगले मयूर दादाराव, सेल किरीबुरू के महाप्रबंधक राम सिंह, मेघाहातुबुरु खदान के प्रभारी महाप्रबंधक संजय कुमार सिंह सहित सीआरपीएफ, वन विभाग, पुलिस, सुरक्षा विभाग और मेडिकल टीम के अधिकारी एवं कर्मी मौजूद रहे। अधिकारियों ने कहा कि किसी भी बड़ी आपदा से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए आधुनिक तकनीक, प्रशिक्षित मानव संसाधन और विभिन्न एजेंसियों के बीच मजबूत समन्वय आवश्यक है। यह मॉक ड्रिल भविष्य में संभावित आपदाओं के दौरान त्वरित और प्रभावी प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुई।

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सात दिवसीय धार्मिक अनुष्ठान का श्रद्धा और उत्साह के साथ हुआ समापन जेबी लाइव, रिपोर्टर बहरागोड़ा : झांझीया गांव स्थित

  • सात दिवसीय धार्मिक अनुष्ठान का श्रद्धा और उत्साह के साथ हुआ समापन

जेबी लाइव, रिपोर्टर

बहरागोड़ा : झांझीया गांव स्थित सदियों पुराने ऐतिहासिक शिव मंदिर में आयोजित सात दिवसीय ‘गाजन पर्व’ का समापन रविवार को श्रद्धा, आस्था और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ संपन्न हो गया। पर्व के अंतिम दिन बड़ी संख्या में शिवभक्तों ने नेशनल हाईवे के समीप स्थित पवित्र तालाब में स्नान कर भगवान शिव की आराधना की। इसके बाद मुख्य पुजारी सौरभ मिश्रा के सानिध्य में विशेष पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए गए। मंदिर परिसर से निकली भव्य शोभायात्रा में श्रद्धालुओं ने ढोल-नगाड़ों और पारंपरिक वाद्ययंत्रों की धुन पर भक्ति भाव से हिस्सा लिया। पूरे क्षेत्र में ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष से माहौल भक्तिमय बना रहा और दूर-दराज के ग्रामीण भी इस आयोजन में शामिल हुए।

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अंगारों पर चलकर और कीलें चुभाकर दिखाई अटूट आस्था

गाजन पर्व के दौरान भक्ति की पराकाष्ठा उस समय देखने को मिली जब शिवभक्तों ने अपनी धार्मिक मान्यताओं के अनुसार कठिन तप और अनुष्ठानों का प्रदर्शन किया। कई श्रद्धालुओं ने जीभ में कीलें चुभाकर, कमर में लोहे की सलाखें पिरोकर तथा दहकते अंगारों पर नंगे पांव चलकर अपनी अटूट श्रद्धा और आध्यात्मिक विश्वास का परिचय दिया। इस अलौकिक दृश्य को देखने के लिए आसपास के गांवों सहित दूर-दूर से लोग पहुंचे। मंदिर परिसर में लगे मेले में लोगों ने खरीदारी, खानपान और सांस्कृतिक गतिविधियों का आनंद लिया। देर रात धार्मिक जुलूस को गोरियाभार मंदिर प्रांगण ले जाया गया, जहां पारंपरिक विधि-विधान के साथ गाजन पर्व का विधिवत समापन किया गया। आयोजन ने क्षेत्र की सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत को एक बार फिर जीवंत कर दिया।

Jamshedpur : विश्व पर्यावरण दिवस पर प्रधान जिला जज ने किया पौधरोपण, पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश

व्यवहार न्यायालय परिसर में न्यायिक पदाधिकारियों ने लिया हरित और स्वच्छ भविष्य का संकल्प डालसा ने जिलेभर में चलाया जागरूकता

  • व्यवहार न्यायालय परिसर में न्यायिक पदाधिकारियों ने लिया हरित और स्वच्छ भविष्य का संकल्प
  • डालसा ने जिलेभर में चलाया जागरूकता अभियान, लगाए गए सैकड़ों पौधे
  • बार संघ ने वितरित किए फलदार और छायादार पौधे, दिलाई संरक्षण की शपथ
  • पौधों के वितरण के साथ पर्यावरण संरक्षण का लिया गया सामूहिक संकल्प

जेबी लाइव, रिपोर्टर

जमशेदपुर : जमशेदपुर के व्यवहार न्यायालय परिसर में विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर प्रधान जिला जज अरविंद कुमार पांडेय के नेतृत्व में पौधारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान न्यायालय के अन्य न्यायिक पदाधिकारियों और कर्मचारियों ने भी पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधान जिला जज ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल एक दिन का आयोजन नहीं, बल्कि इसे हमारी दैनिक जीवनशैली और कार्य संस्कृति का अभिन्न हिस्सा बनाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने के लिए अधिक से अधिक वृक्षारोपण करना समय की आवश्यकता है। उन्होंने सभी लोगों से पौधे लगाने के साथ-साथ उनके संरक्षण और संवर्धन की जिम्मेदारी निभाने का आह्वान किया तथा इसे आने वाली पीढ़ियों के लिए एक महत्वपूर्ण निवेश बताया।

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जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए वृक्षारोपण को बताया जरूरी

जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा) के सचिव कुमार सौरभ त्रिपाठी ने न्याय सदन परिसर में पौधारोपण करते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण एक सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने बताया कि विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर डालसा की ओर से जिले के विभिन्न क्षेत्रों में व्यापक जागरूकता अभियान चलाया गया। अधिकार मित्रों (पीएलवी) द्वारा कई स्थानों पर पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिसमें सैकड़ों छायादार और फलदार पौधे लगाए गए। उन्होंने कहा कि ऐसे अभियान न केवल हरित वातावरण के निर्माण में योगदान देते हैं, बल्कि समाज में पर्यावरणीय जागरूकता और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को भी मजबूत करते हैं।

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पीएलवी के माध्यम से विभिन्न क्षेत्रों में चलाया गया हरित अभियान

विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर जिला बार संघ की ओर से भी व्यवहार न्यायालय परिसर में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। अधिवक्ता बलवंत सिंह के सौजन्य से सैकड़ों फलदार एवं छायादार पौधों का वितरण किया गया। इस दौरान उपस्थित न्यायिक पदाधिकारियों, अधिवक्ताओं और कर्मचारियों ने पर्यावरण संरक्षण के प्रति सामूहिक संकल्प लेते हुए हरित एवं स्वच्छ भविष्य के निर्माण में सक्रिय योगदान देने की शपथ ली। कार्यक्रम के माध्यम से लोगों को प्रकृति संरक्षण, वृक्षारोपण और पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के प्रति जागरूक किया गया।

Jamshedpur : टाटा स्टील फाउंडेशन मल्टी स्किल सेंटर में विश्व पर्यावरण दिवस पर चलाया गया पौधरोपण अभियान

विश्व पर्यावरण दिवस पर क्वेस सेंटर में छात्रों ने लिया पर्यावरण संरक्षण का संकल्प पर्यावरण संरक्षण की शपथ के साथ

  • विश्व पर्यावरण दिवस पर क्वेस सेंटर में छात्रों ने लिया पर्यावरण संरक्षण का संकल्प
  • पर्यावरण संरक्षण की शपथ के साथ कार्यक्रम का हुआ समापन

जेबी लाइव, रिपोर्टर

जमशेदपुर : कदमा स्थित रोड नंबर-19, फार्म एरिया में संचालित टाटा स्टील फाउंडेशन मल्टी स्किल डेवलपमेंट सेंटर में विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर क्वेस (Quess) की ओर से विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विभिन्न ट्रेडों में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इस दौरान प्रतिभागियों ने “दिन हो या रात, करो पर्यावरण की बात” का संदेश देते हुए लोगों को प्रकृति के प्रति जागरूक रहने की अपील की। छात्रों ने पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता और हरियाली बढ़ाने के महत्व पर अपने विचार साझा किए तथा अधिक से अधिक पेड़ लगाने और उन्हें संरक्षित रखने की आवश्यकता पर बल दिया। कार्यक्रम के दौरान परिसर में उत्साह और जागरूकता का माहौल देखने को मिला।

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छात्रों ने हरियाली बढ़ाने और प्रकृति संरक्षण का दिया संदेश

कार्यक्रम का संचालन क्वेस के सेंटर मैनेजर अमन कुमार साह ने किया। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल एक दिवस तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि यह प्रत्येक व्यक्ति की निरंतर जिम्मेदारी है। उन्होंने छात्रों को प्रकृति के संरक्षण के लिए सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर बैंकिंग शिक्षक मनोज महतो, रिटेल ट्रेनर रवि कुमार, इंग्लिश ट्रेनर उषा कुमारी, आईटी ट्रेनर कृति श्रीवास्तव तथा कम्युनिटी मोबिलाइजर अंबुज कुमार सहित अन्य प्रशिक्षक और छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने पर्यावरण संरक्षण की शपथ लेते हुए अपने जीवन में अधिक से अधिक पौधे लगाने, उनकी देखभाल करने और स्वच्छ वातावरण बनाए रखने का संकल्प लिया। कार्यक्रम उत्साहपूर्ण और प्रेरणादायक वातावरण में संपन्न हुआ।

Patna : पटना कोचिंग फायरिंग मामला: खान सर पर एफआईआर दर्ज, जांच तेज, पुलिस जुटी कार्रवाई में

कदमकुआं थाने में आर्म्स एक्ट समेत विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज, दो गार्ड पहले ही गिरफ्तार खान सर ने कहा-

  • कदमकुआं थाने में आर्म्स एक्ट समेत विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज, दो गार्ड पहले ही गिरफ्तार
  • खान सर ने कहा- आत्मरक्षा में चली गोली, जांच में करेंगे पूरा सहयोग
  • पोस्टर विवाद से बढ़ा तनाव, पुलिस सभी पहलुओं की कर रही जांच
  • पोस्टर विवाद और फायरिंग कनेक्शन की जांच में जुटी पुलिस

जेबी लाइव, रिपोर्टर

पटना : पटना के चर्चित कोचिंग संचालक खान सर एक बार फिर सुर्खियों में हैं। उनके कोचिंग संस्थान से जुड़ी फायरिंग की घटना के बाद पुलिस ने उनके खिलाफ कदमकुआं थाना में एफआईआर दर्ज की है। जानकारी के अनुसार, वायरल वीडियो और प्रारंभिक जांच के आधार पर पुलिस ने यह कार्रवाई की है। खान सर पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 109 तथा शस्त्र अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। घटना के संबंध में सामने आए वीडियो में कथित तौर पर कुछ लोगों को गोलीबारी करते हुए देखा गया है। पुलिस का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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वायरल वीडियो के बाद पुलिस ने तेज की जांच

मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए खान सर ने कहा है कि उनके कोचिंग सेंटर पर हुई पत्थरबाजी और तनावपूर्ण स्थिति के दौरान सुरक्षा गार्डों ने आत्मरक्षा में गोली चलाई थी। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें अपने खिलाफ दर्ज एफआईआर की औपचारिक जानकारी नहीं है, लेकिन वे जांच एजेंसियों के साथ पूरा सहयोग करेंगे। वहीं पटना के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कार्तिकेय के शर्मा ने बताया कि वीडियो में फायरिंग करते दिखाई देने वाले दोनों व्यक्तियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। उनके पास से हथियार भी बरामद किए गए हैं, जिन्हें फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। पुलिस का कहना है कि जांच रिपोर्ट और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

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गिरफ्तार गार्डों के हथियार एफएसएल जांच के लिए भेजे गए

जांच के दौरान यह बात भी सामने आई है कि घटना से पहले कदमकुआं स्थित क्षेत्र में एक कोचिंग संस्थान के प्रचार-प्रसार को लेकर विवाद हुआ था। जानकारी के अनुसार, ज्ञान बिंदु कोचिंग सेंटर के निदेशक रोशन आनंद का बैनर लगाए जाने के बाद कुछ लोगों द्वारा पोस्टर फाड़े जाने का आरोप लगाया गया। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच तनाव बढ़ गया, जो बाद में विवाद का कारण बना। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि पूरे घटनाक्रम में किसकी क्या भूमिका रही और क्या फायरिंग की घटना का संबंध इसी विवाद से था। अधिकारियों का कहना है कि निष्पक्ष जांच के आधार पर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।

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