बहरागोड़ा के प्रतिभा सम्मान समारोह में राज्यपाल संतोष गंगवार ने युवाओं को दिया आत्मविश्वास और परिश्रम का संदेश
बच्चों संग भोजन कर राज्यपाल ने जीता सबका दिल
जेबी लाइव, रिपोर्टर
बहरागोड़ा : बहरागोड़ा बाजार स्थित देव वाटिका परिसर बुधवार को प्रतिभा, प्रेरणा और सम्मान का केंद्र बना रहा, जहां मैट्रिक एवं इंटरमीडिएट परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं के सम्मान में भव्य ‘प्रतिभा सम्मान समारोह’ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि झारखंड के महामहिम राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार तथा विशिष्ट अतिथि झारग्राम के विधायक लक्ष्मीकांत साहू थे। दीप प्रज्वलन के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ और मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर राज्यपाल ने कहा कि किसी भी समाज और राष्ट्र की सबसे बड़ी पूंजी उसकी प्रतिभाएं होती हैं। उन्होंने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि सफलता के लिए संसाधनों से अधिक आत्मविश्वास, मेहनत और दृढ़ संकल्प की आवश्यकता होती है। उन्होंने शिक्षकों की भूमिका को राष्ट्र निर्माण की आधारशिला बताते हुए युवाओं को देश का वर्तमान और भविष्य दोनों बताया।
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मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित कर बढ़ाया उत्साह

समारोह को संबोधित करते हुए झारग्राम के विधायक लक्ष्मीकांत साहू ने बहरागोड़ा को झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल के त्रिकोणीय क्षेत्र का प्रमुख शैक्षणिक केंद्र बनाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में एक विश्वविद्यालय की स्थापना समय की मांग है, जिससे ग्रामीण और सीमावर्ती इलाकों के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए दूर-दराज के शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा। उन्होंने स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार और क्षेत्र के समग्र विकास पर भी जोर दिया। कार्यक्रम के संयोजक डॉ. दिनेशानंद गोस्वामी ने कहा कि राज्यपाल का यह दौरा विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा और उन्हें अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ने का उत्साह देगा।
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बहरागोड़ा को एजुकेशनल हब बनाने की उठी मांग
कार्यक्रम का सबसे भावुक और यादगार क्षण तब आया जब राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने औपचारिकताओं और प्रोटोकॉल को पीछे छोड़ते हुए बच्चों के बीच जमीन पर बैठकर मध्याह्न भोजन किया। उनकी इस सादगी और आत्मीय व्यवहार ने उपस्थित विद्यार्थियों, अभिभावकों और शिक्षकों का दिल जीत लिया। बच्चों के साथ सहजता से भोजन करते राज्यपाल की तस्वीरें पूरे कार्यक्रम का आकर्षण बन गईं। उपस्थित लोगों ने कहा कि इतने उच्च पद पर आसीन व्यक्ति का यह व्यवहार समाज के लिए प्रेरणादायक है। राज्यपाल की इस सरलता ने समारोह को सिर्फ एक सम्मान कार्यक्रम नहीं, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और विनम्रता का संदेश देने वाला आयोजन बना दिया।






















