Share

Gua : गुवा खदान में मजदूरों की समस्याओं पर भड़के रामा पाण्डे, मजदूरी, सुरक्षा और प्रदूषण को लेकर प्रबंधन को घेरा

  • झामसंसं प्रतिनिधिमंडल ने खदान, क्रेशर प्लांट और कार्यस्थलों का किया निरीक्षण
  • सुरक्षा उपकरणों की कमी और धूल प्रदूषण से बढ़ रही परेशानी
  • मांगें पूरी नहीं हुईं तो होगा व्यापक आंदोलन

जेबी लाइव, रिपोर्टर

गुवा : झारखंड मजदूर संघर्ष संघ (झामसंसं) के केंद्रीय अध्यक्ष रामा पाण्डे ने यूनियन के पदाधिकारियों के साथ सेल की गुवा खदान, क्रेशर प्लांट तथा विभिन्न कार्यस्थलों का निरीक्षण कर मजदूरों की समस्याओं और कार्यस्थल की स्थितियों का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान मजदूरों ने मजदूरी, सुरक्षा और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी कई शिकायतें यूनियन नेतृत्व के समक्ष रखीं। इसके बाद रामा पाण्डे ने सेल के मुख्य महाप्रबंधक (सीजीएम) से मुलाकात कर मजदूरों की समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि खदान क्षेत्र में कार्यरत कई ठेका मजदूरों को ठेकेदारों द्वारा निर्धारित मजदूरी का भुगतान नहीं किया जा रहा है। इसे श्रम कानूनों का उल्लंघन बताते हुए उन्होंने कहा कि मजदूरों की मेहनत की कमाई रोकना अन्यायपूर्ण है और इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने सभी बकाया मजदूरी का तत्काल भुगतान सुनिश्चित करने तथा भविष्य में प्रत्येक मजदूर को नियमानुसार न्यूनतम मजदूरी उपलब्ध कराने की मांग की।

इसे भी पढ़ें : Baharagoda : भूतिया पंचायत में पीएम आवास योजना को लेकर बैठक, पात्र परिवारों की नई सूची होगी तैयार

सुरक्षा व्यवस्था और प्रदूषण को लेकर यूनियन ने जताई गंभीर चिंता

निरीक्षण के दौरान झामसंसं अध्यक्ष ने खदान क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि कई मजदूरों को आवश्यक सुरक्षा उपकरण उपलब्ध नहीं कराए जा रहे हैं, जिससे वे जोखिमपूर्ण परिस्थितियों में कार्य करने को मजबूर हैं। रामा पाण्डे ने कहा कि डीजीएमएस और आईबीएम के निर्धारित मानकों के अनुरूप सुरक्षित कार्यस्थल और पर्याप्त सुरक्षा संसाधन उपलब्ध कराना प्रबंधन की जिम्मेदारी है। उन्होंने चेतावनी दी कि सुरक्षा नियमों की अनदेखी किसी बड़ी दुर्घटना को जन्म दे सकती है। इसके साथ ही उन्होंने खदान क्षेत्र में बढ़ते प्रदूषण का मुद्दा भी उठाया। उनका कहना था कि नियमित जल छिड़काव नहीं होने के कारण भारी मात्रा में धूल उड़ रही है, जिससे मजदूरों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। धूलकणों के कारण श्वसन संबंधी बीमारियों का खतरा लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने प्रबंधन से नियमित जल छिड़काव और प्रभावी प्रदूषण नियंत्रण उपाय लागू करने की मांग की।

इसे भी पढ़ें : Jhargram :  आंगनवाड़ी केंद्र के भोजन से 30 बच्चे और महिलाएं बीमार, खिचड़ी में छिपकली मिलने की आशंका से मचा हड़कंप

बायोमेट्रिक हाजिरी और मजदूर हितों पर आंदोलन की चेतावनी

बायोमेट्रिक अटेंडेंस सिस्टम के मुद्दे पर रामा पाण्डे ने कहा कि मामला वर्तमान में न्यायालय में विचाराधीन है। ऐसे में अंतिम न्यायिक निर्णय आने तक प्रबंधन को मजदूरों पर जबरन बायोमेट्रिक हाजिरी लागू करने का प्रयास नहीं करना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि यूनियन न्यायालय के आदेशों का सम्मान करेगी, लेकिन न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने से पहले किसी भी प्रकार का दबाव स्वीकार नहीं किया जाएगा। झामसंसं अध्यक्ष ने कहा कि मजदूरों की मजदूरी, सुरक्षा, स्वास्थ्य और सम्मान से जुड़े मुद्दे लंबे समय से लंबित हैं। यदि इन समस्याओं का जल्द समाधान नहीं किया गया तो यूनियन व्यापक आंदोलन शुरू करने के लिए बाध्य होगी। उन्होंने चेतावनी दी कि जरूरत पड़ने पर खदान क्षेत्र से लेकर मुख्यालय स्तर तक संघर्ष को तेज किया जाएगा। यूनियन का उद्देश्य मजदूरों के अधिकारों की रक्षा करना और उन्हें सुरक्षित एवं सम्मानजनक कार्य वातावरण उपलब्ध कराना है।

Leave a Comment

Jhargram :  आंगनवाड़ी केंद्र के भोजन से 30 बच्चे और महिलाएं बीमार, खिचड़ी में छिपकली मिलने की आशंका से मचा हड़कंप

झाड़ग्राम के आखड़ागोड़ा आंगनवाड़ी केंद्र में मध्याह्न भोजन के बाद बिगड़ी तबीयत दूषित भोजन की आशंका, स्वास्थ्य केंद्र में चल

  • झाड़ग्राम के आखड़ागोड़ा आंगनवाड़ी केंद्र में मध्याह्न भोजन के बाद बिगड़ी तबीयत
  • दूषित भोजन की आशंका, स्वास्थ्य केंद्र में चल रहा उपचार
  • खाद्य सुरक्षा पर उठे सवाल, दोषियों पर कार्रवाई की मांग

जेबी लाइव, रिपोर्टर

झाड़ग्राम : पश्चिम बंगाल के झाड़ग्राम जिले के बिनपुर-1 ब्लॉक स्थित आखड़ागोड़ा आंगनवाड़ी केंद्र में गुरुवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब मध्याह्न भोजन के रूप में परोसी गई खिचड़ी खाने के बाद लगभग 30 बच्चे, माताएं और गर्भवती महिलाएं बीमार पड़ गईं। जानकारी के अनुसार केंद्र में कुल 61 लाभार्थियों को भोजन कराया गया था। भोजन करने के कुछ ही समय बाद कई लोगों ने उल्टी, चक्कर आने और अस्वस्थता की शिकायत शुरू कर दी। अचानक बड़ी संख्या में लोगों की तबीयत खराब होने से केंद्र परिसर में हड़कंप मच गया। स्थानीय लोगों और परिजनों ने तत्काल बीमार बच्चों और महिलाओं को उपचार के लिए लालगढ़ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां चिकित्सकों की निगरानी में उनका इलाज शुरू किया गया।

इसे भी पढ़ें : Dumaria : डुमरिया के सारुदा गांव में गहराया पेयजल संकट, बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे ग्रामीण

खिचड़ी में छिपकली मिलने की आशंका से बढ़ी दहशत

स्थानीय सूत्रों के अनुसार भोजन वितरण के दौरान कुछ अभिभावकों ने खिचड़ी में एक छिपकली देखी, जिसके बाद पूरे केंद्र में दहशत का माहौल बन गया। आशंका जताई जा रही है कि भोजन दूषित होने के कारण लाभार्थियों की तबीयत बिगड़ी। हालांकि प्रशासन की ओर से अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। लालगढ़ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सकों ने सभी प्रभावित लोगों की स्वास्थ्य जांच कर आवश्यक दवाएं उपलब्ध कराईं। अस्पताल सूत्रों के मुताबिक सभी मरीजों की स्थिति फिलहाल स्थिर है और किसी की हालत गंभीर नहीं बताई गई है। घटना के बाद परिजनों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है तथा क्षेत्र में खाद्य गुणवत्ता को लेकर सवाल उठने लगे हैं।

इसे भी पढ़ें : Muri : सिल्ली और अनगड़ा में विकास कार्यों की सौगात, विधायक अमित महतो ने किया शिलान्यास

अस्पताल पहुंचे विधायक और प्रशासनिक अधिकारी, जांच शुरू

घटना की सूचना मिलते ही झाड़ग्राम विधानसभा क्षेत्र के भाजपा विधायक लक्ष्मीकांत साऊ अस्पताल पहुंचे और बीमार बच्चों व महिलाओं का हालचाल जाना। उनके साथ एसडीपीओ शमीम बिश्वास, लालगढ़ थाना प्रभारी संजीब घोष तथा अन्य प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सा व्यवस्था की समीक्षा की और प्रभावित परिवारों से बातचीत की। घटना के बाद आंगनवाड़ी केंद्रों में परोसे जाने वाले भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा मानकों को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। प्रशासन ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है और जांच रिपोर्ट आने के बाद आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया है। वहीं स्थानीय लोगों ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई तथा आंगनवाड़ी केंद्रों में खाद्य सामग्री की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने की मांग की है।

Dumaria : डुमरिया के सारुदा गांव में गहराया पेयजल संकट, बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे ग्रामीण

25 वर्षों बाद भी मूलभूत जल सुविधा से वंचित आदिवासी गांव जर्जर कुआं बना सहारा, झरना और नदी का पानी

  • 25 वर्षों बाद भी मूलभूत जल सुविधा से वंचित आदिवासी गांव
  • जर्जर कुआं बना सहारा, झरना और नदी का पानी पीने को मजबूर लोग
  • जनप्रतिनिधियों पर उपेक्षा का आरोप, आंदोलन की चेतावनी

जेबी लाइव, रिपोर्टर

डुमरिया : झारखंड राज्य गठन के 25 वर्ष पूरे होने के बावजूद डुमरिया प्रखंड के केंदुआ पंचायत अंतर्गत सारुदा गांव के ग्रामीण आज भी पेयजल संकट से जूझ रहे हैं। पोटका विधानसभा क्षेत्र के इस आदिवासी बहुल गांव में गर्मी बढ़ते ही अधिकांश कुएं और जलस्रोत सूख जाते हैं, जिससे लोगों के सामने पानी की गंभीर समस्या खड़ी हो जाती है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में उपलब्ध एकमात्र जलमीनार न केवल अपर्याप्त है, बल्कि उसका पानी भी पीने योग्य नहीं है। ऐसे में ग्रामीणों को अपनी दैनिक जरूरतों के लिए काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। वर्षों से चली आ रही इस समस्या के कारण गांव के लोगों में निराशा और असंतोष का माहौल है।

इसे भी पढ़ें : Muri : सिल्ली और अनगड़ा में विकास कार्यों की सौगात, विधायक अमित महतो ने किया शिलान्यास

ग्रामीणों को एक किलोमीटर दूर से लाना पड़ता है पानी

ग्रामीण राजू मुर्मू, सिमल मुर्मू और मुनि बास्के ने बताया कि गर्मी के मौसम में गांव के अधिकांश कुएं और जलमीनार सूख जाते हैं। ऐसी स्थिति में लोगों को गांव से लगभग एक किलोमीटर दूर स्थित नदी या झरना से पानी लाकर अपनी जरूरतें पूरी करनी पड़ती हैं। ग्रामीणों के अनुसार खाना बनाने और पीने के लिए फिलहाल एक पुराना और जर्जर कुआं ही सहारा बना हुआ है, लेकिन अधिक गर्मी पड़ने पर उसके भी सूख जाने का खतरा बना रहता है। इसके बाद लोगों को झरना या नदी का पानी छानकर पीना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था नहीं होने से स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का भी खतरा बढ़ जाता है। महिलाओं और बच्चों को पानी लाने के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है, जिससे उनकी दिनचर्या और जीवन स्तर प्रभावित हो रहा है।

इसे भी पढ़ें : Jamshedpur : अनुकंपा नियुक्ति में देरी पर झामुमो का विरोध, जेएनएसी कार्यालय में सौंपा ज्ञापन

जलमीनार और तालाब की मांग को लेकर ग्रामीणों में बढ़ रहा आक्रोश

ग्रामीणों ने राज्य सरकार से गांव में कम से कम दो नई जलमीनार और स्नान व अन्य उपयोग के लिए एक तालाब निर्माण की मांग की है। उनका कहना है कि इससे पेयजल संकट से काफी हद तक राहत मिल सकती है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि चुनाव के समय जनप्रतिनिधि वोट मांगने तो आते हैं, लेकिन चुनाव समाप्त होने के बाद उनकी समस्याओं की ओर ध्यान नहीं देते। इस कारण गांव के लोगों में जनप्रतिनिधियों के प्रति नाराजगी बढ़ती जा रही है। वहीं जदयू के ग्रामीण जिला महासचिव वीर सिंह देवगम ने कहा कि जल्द ही इस मुद्दे को लेकर प्रखंड विकास पदाधिकारी और उपायुक्त से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि प्रशासन द्वारा समस्या के समाधान की दिशा में ठोस पहल नहीं की गई तो लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन चलाकर ग्रामीणों की आवाज को बुलंद किया जाएगा। अब लोगों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि सारुदा गांव की वर्षों पुरानी पेयजल समस्या का समाधान कब तक हो पाता है।

Muri : सिल्ली और अनगड़ा में विकास कार्यों की सौगात, विधायक अमित महतो ने किया शिलान्यास

पीसीसी पथ, नाली, चबूतरा और शौचालय निर्माण कार्यों का हुआ शुभारंभ ग्रामीण विकास को गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण

  • पीसीसी पथ, नाली, चबूतरा और शौचालय निर्माण कार्यों का हुआ शुभारंभ
  • ग्रामीण विकास को गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल

जेबी लाइव, रिपोर्टर

मुरी : सिल्ली विधानसभा क्षेत्र के विधायक अमित महतो की उपस्थिति में सिल्ली और अनगड़ा प्रखंड के विभिन्न गांवों में विकास योजनाओं का शिलान्यास किया गया। कार्यक्रम के तहत अनगड़ा प्रखंड के हेसल बेड़ा में चबूतरा निर्माण, दिनेश तिर्की चौक के समीप चर्च परिसर में चबूतरा निर्माण, राम मंदिर परिसर में शौचालय निर्माण तथा जरूवाडीह उरांव टोला में पीसीसी पथ निर्माण कार्य का शुभारंभ किया गया। इसके अलावा सिल्ली प्रखंड के टुटकी, नवाडीह तांती टोला में पीसीसी पथ तथा छाताटांड, उपर चट्टानी और सिल्ली नीचे टोला में नाली निर्माण कार्यों की आधारशिला रखी गई। विशेष बात यह रही कि सभी योजनाओं का शिलान्यास क्षेत्र की बुजुर्ग महिलाओं के हाथों कराया गया। विधायक ने उन्हें पुष्पगुच्छ और नए वस्त्र भेंट कर सम्मानित किया।

इसे भी पढ़ें : Jamshedpur : अनुकंपा नियुक्ति में देरी पर झामुमो का विरोध, जेएनएसी कार्यालय में सौंपा ज्ञापन

ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार पर सरकार का विशेष जोर

शिलान्यास कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक अमित महतो ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क, नाली, चबूतरा और शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाओं का विकास सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि हेमंत सोरेन के नेतृत्व में राज्य सरकार गांवों के समग्र विकास के लिए लगातार कार्य कर रही है। इन योजनाओं के पूरा होने से ग्रामीणों को बेहतर आवागमन, स्वच्छता और सामुदायिक सुविधाओं का लाभ मिलेगा। विधायक ने कहा कि जनता के सहयोग और आशीर्वाद से विकास कार्यों की गति आगे भी जारी रहेगी तथा आने वाले समय में कई अन्य योजनाओं का लाभ भी लोगों तक पहुंचेगा। इस अवसर पर जिला परिषद सदस्य लक्ष्मी देवी, प्रकाश कोईरी, देवेन महतो, पांडे महतो सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण महिला-पुरुष और बच्चे उपस्थित रहे।

Jamshedpur : अनुकंपा नियुक्ति में देरी पर झामुमो का विरोध, जेएनएसी कार्यालय में सौंपा ज्ञापन

कुमार बास्के को शीघ्र नियुक्ति पत्र जारी करने की मांग, झामुमो ने आंदोलन की दी चेतावनी नियुक्ति नहीं मिलने पर

  • कुमार बास्के को शीघ्र नियुक्ति पत्र जारी करने की मांग, झामुमो ने आंदोलन की दी चेतावनी
  • नियुक्ति नहीं मिलने पर झामुमो ने आंदोलन की दी चेतावनी

जेबी लाइव, रिपोर्टर

जमशेदपुर : अनुकंपा नियुक्ति के लंबित मामले को लेकर झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने बुधवार को जमशेदपुर अधिसूचित क्षेत्र समिति (जेएनएसी) कार्यालय एवं उपायुक्त कार्यालय में ज्ञापन सौंपा। झामुमो महिला मोर्चा की जिला अध्यक्ष बाली मार्डी के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में कुमार बास्के को अनुकंपा के आधार पर शीघ्र नियुक्ति देने की मांग की गई। बताया गया कि कुमार बास्के के पिता स्वर्गीय लक्ष्मण बास्के जेएनएसी कार्यालय में कार्यरत थे और सेवा अवधि के दौरान ही उनका निधन हो गया था। उस समय उनकी उम्र 55 वर्ष थी। परिवार का आरोप है कि नियमानुसार अनुकंपा नियुक्ति का लाभ मिलने के बावजूद अब तक नियुक्ति पत्र जारी नहीं किया गया है, जिससे परिवार को आर्थिक और सामाजिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

इसे भी पढ़ें : Jamshedpur : मणिपाल हॉस्पिटल्स ने सीपीआर प्रशिक्षण के जरिए बचाई जा सकने वाली जिंदगियों का दिया संदेश

स्वर्गीय कर्मचारी के पुत्र को अब तक नहीं मिली अनुकंपा नियुक्ति

ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि कुमार बास्के ने विभाग के निर्देशानुसार अपने सभी मूल दस्तावेज जमा कर दिए थे। संबंधित अधिकारियों ने उन्हें आश्वासन दिया था कि एक-दो दिनों के भीतर नियुक्ति पत्र जारी कर दिया जाएगा। हालांकि एक वर्ष से अधिक समय बीत जाने के बावजूद नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी नहीं हुई। झामुमो नेताओं के अनुसार जब इस संबंध में जेएनएसी कार्यालय में जानकारी ली गई तो अधिकारियों ने आवेदन और दस्तावेजों का रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं होने की बात कही। इस स्थिति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए झामुमो नेताओं ने सवाल उठाया कि आखिर एक वर्ष तक मामला लंबित क्यों रखा गया और संबंधित दस्तावेजों का रिकॉर्ड कैसे गायब हो गया।

इसे भी पढ़ें : Jadugoda : सुरदा माइंस के ठेका कर्मियों का प्रदर्शन, मांगों को लेकर प्रबंधन के खिलाफ खोला मोर्चा

दस्तावेज नहीं मिलने की बात पर भड़के झामुमो कार्यकर्ता

झामुमो महिला मोर्चा की जिला अध्यक्ष बाली मार्डी ने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि कुमार बास्के को हर हाल में जल्द से जल्द नियुक्ति पत्र जारी किया जाए। उन्होंने आशंका जताई कि कहीं उनके अधिकार की अनदेखी तो नहीं की जा रही है। बाली मार्डी ने कहा कि यदि एक-दो दिनों के भीतर सकारात्मक कार्रवाई नहीं की गई तो झामुमो जेएनएसी कार्यालय के समक्ष उग्र आंदोलन करने को बाध्य होगा। इस अवसर पर कुमार बास्के, झामुमो नेता उज्जवल दास, मकसूद अंसारी, सूरज गोड़, संतोष हो, जय सोरेन, आकाश महतो सहित कई कार्यकर्ता उपस्थित थे।

Jamshedpur : मणिपाल हॉस्पिटल्स ने सीपीआर प्रशिक्षण के जरिए बचाई जा सकने वाली जिंदगियों का दिया संदेश

जमशेदपुर में आयोजित जागरूकता सत्र में विशेषज्ञों ने हृदय रोगों की रोकथाम समय पर उपचार और जीवनरक्षक कौशलों पर डाला

  • जमशेदपुर में आयोजित जागरूकता सत्र में विशेषज्ञों ने हृदय रोगों की रोकथाम
  • समय पर उपचार और जीवनरक्षक कौशलों पर डाला प्रकाश
  • जागरूकता और प्रशिक्षण के जरिए स्वस्थ समाज निर्माण की पहल

जेबी लाइव, रिपोर्टर

जमशेदपुर : भारत के अग्रणी स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं में से एक मणिपाल हॉस्पिटल्स समूह की इकाई मणिपाल हॉस्पिटल्स ढाकुरिया ने बुधवार को गोलमुरी स्थित एक होटल में सीपीआर (कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन) प्रशिक्षण एवं जागरूकता सत्र का आयोजन किया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों को हृदय संबंधी आपात स्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया, समय पर चिकित्सा हस्तक्षेप और जीवनरक्षक कौशलों के महत्व के प्रति जागरूक बनाना था। कार्यक्रम में मणिपाल हॉस्पिटल्स ढाकुरिया के वरिष्ठ विशेषज्ञ डॉ. कौशिक मुखर्जी (सीनियर कंसल्टेंट, कार्डियोथोरेसिक सर्जरी) तथा डॉ. सुमंत चटर्जी (सीनियर कंसल्टेंट, कार्डियोलॉजी) ने भाग लिया। उन्होंने हृदय एवं रक्तवाहिका संबंधी रोगों के बढ़ते मामलों और समय पर उपचार की आवश्यकता पर विस्तार से चर्चा की। विशेषज्ञों ने कहा कि हृदय संबंधी आपात स्थितियों में शुरुआती कुछ मिनट अत्यंत महत्वपूर्ण होते हैं और सही समय पर की गई सहायता किसी व्यक्ति की जान बचा सकती है।

इसे भी पढ़ें : Jadugoda : सुरदा माइंस के ठेका कर्मियों का प्रदर्शन, मांगों को लेकर प्रबंधन के खिलाफ खोला मोर्चा

सीपीआर प्रशिक्षण से बढ़ेगी आपातकालीन स्थितियों में लोगों की तैयारी

सत्र के दौरान हृदय रोगों के बढ़ते खतरे और उनके प्रमुख कारणों पर भी चर्चा की गई। विशेषज्ञों ने बताया कि भारत में हृदय एवं रक्तवाहिका संबंधी रोग (सीवीडी) आज सबसे बड़ी स्वास्थ्य चुनौतियों में शामिल हैं और देश में होने वाली कुल मौतों का लगभग एक-तिहाई हिस्सा इन बीमारियों से जुड़ा है। वर्ष 2021 में अनुमानित 28.7 लाख लोगों की मृत्यु हृदय संबंधी कारणों से हुई थी। उच्च रक्तचाप, मधुमेह, मोटापा, तंबाकू सेवन, शारीरिक निष्क्रियता और मानसिक तनाव जैसे जोखिम कारक लगातार बढ़ रहे हैं, जिससे युवा आबादी भी तेजी से प्रभावित हो रही है। विशेषज्ञों ने कहा कि नियमित स्वास्थ्य जांच, शुरुआती लक्षणों की पहचान और समय पर उपचार से हृदय रोगों की गंभीरता को काफी हद तक कम किया जा सकता है। उन्होंने लोगों से स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और नियमित चिकित्सा परामर्श लेने की अपील की।

इसे भी पढ़ें : Baharagoda : सादगी की मिसाल बने राज्यपाल, मेधावियों को सम्मानित कर बच्चों संग जमीन पर बैठकर किया मध्याह्न भोजन

हृदय रोगों की रोकथाम के लिए स्वस्थ जीवनशैली अपनाने पर जोर

कार्यक्रम में उन मरीजों के अनुभव भी साझा किए गए, जिन्होंने मणिपाल हॉस्पिटल्स ढाकुरिया में सफल हृदय उपचार प्राप्त किया है। इनमें जमशेदपुर के मरीज काशी नाथ सिंह ने अपनी स्वास्थ्य यात्रा का अनुभव साझा करते हुए बताया कि हाल ही में उनकी सफल कोरोनरी आर्टरी बायपास ग्राफ्टिंग (सीएबीजी) सर्जरी की गई थी। उन्होंने कहा कि डॉ. कौशिक मुखर्जी और अस्पताल की पूरी टीम ने उपचार के दौरान न केवल उत्कृष्ट चिकित्सा सेवा प्रदान की, बल्कि मानसिक रूप से भी उन्हें और उनके परिवार को संबल दिया। उन्होंने अस्पताल की विशेषज्ञता, समर्पण और मरीजों के प्रति संवेदनशीलता की सराहना करते हुए कहा कि समय पर मिले उपचार ने उन्हें जीवन का नया अवसर प्रदान किया है। उनके अनुभव ने उपस्थित लोगों को समय रहते चिकित्सा सहायता लेने के लिए प्रेरित किया।

इसे भी पढ़ें : Muri : लोदमु में पांच दिवसीय हरिनाम संकीर्तन का पूर्णाहुति के साथ समापन

मरीजों ने साझा किए सफल उपचार और नई जिंदगी के अनुभव

निवारक हृदय देखभाल के महत्व पर बोलते हुए डॉ. सुमंत चटर्जी ने कहा कि हृदय रोगों की रोकथाम उपचार से कहीं अधिक प्रभावी और लाभकारी है। उन्होंने बताया कि संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, तनाव प्रबंधन और समय-समय पर स्वास्थ्य परीक्षण जैसी आदतें हृदय संबंधी गंभीर समस्याओं के जोखिम को काफी हद तक कम कर सकती हैं। उन्होंने लोगों से अपने स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने और किसी भी असामान्य लक्षण को नजरअंदाज न करने की सलाह दी। वहीं डॉ. कौशिक मुखर्जी ने कहा कि अचानक हृदयाघात जैसी स्थितियों में सीपीआर और बेसिक लाइफ सपोर्ट की जानकारी किसी भी व्यक्ति को संभावित जीवनरक्षक बना सकती है। उन्होंने बताया कि आम लोगों के बीच इन तकनीकों की जानकारी और आत्मविश्वास अभी भी सीमित है, जिसे ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से बढ़ाया जा सकता है।

इसे भी पढ़ें : Muri : मुआवजा नोटिस को लेकर रैयतों में असंतोष, बांसारूली पंचायत भवन में हुई बैठक

विशेषज्ञों ने बताया कैसे बचाई जा सकती है हृदय रोगियों की जान

कार्यक्रम का समापन व्यावहारिक सीपीआर प्रशिक्षण सत्र के साथ हुआ, जिसमें प्रतिभागियों को आपातकालीन परिस्थितियों में उपयोग की जाने वाली महत्वपूर्ण तकनीकों का प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षकों ने प्रतिभागियों को हृदयाघात की स्थिति में तुरंत प्रतिक्रिया देने, सीपीआर की सही प्रक्रिया अपनाने और मरीज को चिकित्सा सहायता मिलने तक जीवनरक्षक सहायता प्रदान करने की जानकारी दी। उपस्थित लोगों ने प्रशिक्षण में उत्साहपूर्वक भाग लिया और इसे बेहद उपयोगी बताया। मणिपाल हॉस्पिटल्स ने कहा कि वह भविष्य में भी ऐसे जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से समाज में स्वास्थ्य शिक्षा, आपातकालीन तैयारी और निवारक चिकित्सा को बढ़ावा देने का कार्य जारी रखेगा। संस्था का लक्ष्य लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक बनाकर एक अधिक सुरक्षित, सक्षम और स्वस्थ समाज के निर्माण में योगदान देना है।

Jadugoda : सुरदा माइंस के ठेका कर्मियों का प्रदर्शन, मांगों को लेकर प्रबंधन के खिलाफ खोला मोर्चा

18 सूत्री मांग पत्र सौंपेगी झामुमो, समाधान नहीं होने पर हुडका जाम आंदोलन की चेतावनी मांगें पूरी नहीं हुईं तो

  • 18 सूत्री मांग पत्र सौंपेगी झामुमो, समाधान नहीं होने पर हुडका जाम आंदोलन की चेतावनी
  • मांगें पूरी नहीं हुईं तो सुरदा माइंस में होगा बड़ा आंदोलन

जेबी लाइव, रिपोर्टर

जादूगोड़ा : हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड की सुरदा खदान में कार्यरत ठेका कर्मियों ने कथित शोषण और विभिन्न समस्याओं को लेकर ठेका कंपनी आर.के. अर्थ रिसोर्सेस प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। मजदूरों ने अपनी नाराजगी जताते हुए कहा कि लंबे समय से उनकी मांगों की अनदेखी की जा रही है। प्रदर्शन का नेतृत्व झामुमो नेता बाघराय मार्डी ने किया। इस दौरान सुरदा बाजार हाट में बाघराय मार्डी की अध्यक्षता में ठेका कर्मियों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें बड़ी संख्या में मजदूर शामिल हुए। बैठक में मजदूरों की समस्याओं और उनके समाधान को लेकर विस्तृत चर्चा की गई तथा आगे की रणनीति तैयार की गई।

इसे भी पढ़ें : Baharagoda : सादगी की मिसाल बने राज्यपाल, मेधावियों को सम्मानित कर बच्चों संग जमीन पर बैठकर किया मध्याह्न भोजन

ठेका कर्मियों ने शोषण के खिलाफ बुलंद की आवाज

बैठक में निर्णय लिया गया कि गुरुवार को ठेका कंपनी प्रबंधन और हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड के अधिकारियों को 18 सूत्री मांग पत्र सौंपा जाएगा। झामुमो नेता बाघराय मार्डी ने कहा कि निर्धारित समय-सीमा के भीतर यदि मजदूरों की मांगों पर सकारात्मक पहल नहीं की गई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि जरूरत पड़ने पर सुरदा माइंस का हुडका जाम कर उत्पादन और संचालन को प्रभावित करने वाला आंदोलन भी किया जाएगा। मजदूरों ने एकजुट होकर अपने अधिकारों की लड़ाई लड़ने का संकल्प लिया और प्रबंधन से जल्द समस्याओं के समाधान की मांग की। बैठक के बाद आंदोलन को लेकर मजदूरों में व्यापक समर्थन और उत्साह देखा गया।

Leave a Comment

You cannot copy content of this page

Scroll to Top