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Jamshedpur : रीबॉक बिष्टुपुर ने मनाई 10वीं वर्षगांठ, विधायक सरयू राय ने किया उद्घाटन

  • विशेष समारोह में ग्राहकों और अतिथियों के साथ मनाया गया सफलता का उत्सव

जेबी लाइव, रिपोर्टर

जमशेदपुर : बिष्टुपुर स्थित रीबॉक स्टोर ने अपनी सफल 10वीं वर्षगांठ के अवसर पर एक भव्य समारोह का आयोजन किया। कार्यक्रम का उद्घाटन पश्चिमी विधानसभा क्षेत्र के विधायक सरयू राय ने फीता काटकर किया। इस अवसर पर रीबॉक स्टोर के फ्रेंचाइजी अमनदीप भाटिया तथा रीबॉक के एरिया मैनेजर सचिन शर्मा सहित कई गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। समारोह के दौरान स्टोर की दस वर्षों की सफल यात्रा को याद करते हुए ग्राहकों एवं अतिथियों के साथ खुशी साझा की गई। उपस्थित लोगों ने ब्रांड की उपलब्धियों और क्षेत्र में उसकी लोकप्रियता की सराहना की।

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गुणवत्ता और नवाचार के दम पर ग्राहकों की पहली पसंद बना रीबॉक

कार्यक्रम में रीबॉक की ओर से ग्राहकों को उपलब्ध कराए जा रहे उत्पादों और सेवाओं की भी जानकारी दी गई। आदित्य बिड़ला लाइफस्टाइल ब्रांड्स लिमिटेड के अंतर्गत संचालित रीबॉक रनिंग, वॉकिंग, ट्रेनिंग और क्लासिक श्रेणियों में फुटवियर एवं परिधानों की विस्तृत रेंज प्रदान करता है। गुणवत्ता, नवाचार और फिटनेस के प्रति अपनी प्रतिबद्धता के कारण यह ब्रांड लगातार ग्राहकों की पसंद बना हुआ है। समारोह में उपस्थित अतिथियों ने रीबॉक की दस वर्षों की उपलब्धियों की सराहना करते हुए उसके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

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Dumaria : जलमीनार खराब, दूषित पानी पीने को मजबूर ग्रामीण; जनप्रतिनिधियों के खिलाफ फूटा गुस्सा

डुमरिया के ईचाकुटी गांव में महीनों से ठप पेयजल व्यवस्था, जल संकट से जूझ रहे ग्रामीण जेबी लाइव, रिपोर्टर डुमरिया

  • डुमरिया के ईचाकुटी गांव में महीनों से ठप पेयजल व्यवस्था, जल संकट से जूझ रहे ग्रामीण

जेबी लाइव, रिपोर्टर

डुमरिया : पूर्वी सिंहभूम जिले के डुमरिया प्रखंड की केंदुआ पंचायत अंतर्गत बोमरो टोला ईचाकुटी गांव में भीषण जल संकट ने ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। गांव में स्थापित दो प्रमुख जलमीनार महीनों से खराब पड़ी हैं, जिसके कारण लोगों को शुद्ध पेयजल नहीं मिल पा रहा है। ईचाकुटी बाड़ेटोला में जलमीनार नहीं होने के कारण प्राथमिक विद्यालय ईचाकुटी में बने जलमीनार से पाइपलाइन के माध्यम से पानी आपूर्ति की व्यवस्था की गई थी, लेकिन लंबे समय से पाइपलाइन से जलापूर्ति ठप है। नतीजतन ग्रामीणों को पेयजल के लिए भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासनिक उदासीनता और समस्या के समाधान में हो रही देरी से ग्रामीणों में नाराजगी लगातार बढ़ती जा रही है।

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खेतों के कच्चे कुएं का गंदा पानी पीने को विवश हैं ग्रामीण

ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में शुद्ध पेयजल की कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं है। ऐसे में महिलाएं, बुजुर्ग और बच्चे खेतों में बने कच्चे कुओं से पानी लाने को मजबूर हैं। इन कुओं का पानी दूषित होने के बावजूद लोग अपनी प्यास बुझाने के लिए उसी का उपयोग कर रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि इस पानी के सेवन से स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं बढ़ रही हैं और कई लोग बीमार पड़ चुके हैं। कुछ मामलों में लोगों को मलेरिया और अन्य जलजनित बीमारियों के इलाज के लिए अस्पताल तक जाना पड़ा है। भीषण गर्मी के बीच जल संकट ने ग्रामीणों की चिंता और बढ़ा दी है, जबकि जिम्मेदार विभाग अब तक समस्या के समाधान के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठा सका है।

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समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन की चेतावनी

स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि कई बार शिकायत और गुहार लगाने के बावजूद न तो कोई जनप्रतिनिधि गांव पहुंचा और न ही किसी अधिकारी ने समस्या का स्थायी समाधान करने की पहल की। ग्रामीणों का कहना है कि चुनाव के समय बड़े-बड़े वादे करने वाले नेता अब उनकी परेशानी से मुंह मोड़ चुके हैं। इस बीच मौके पर पहुंचे समाजसेवी सह जदयू जिला महासचिव बीरसिंह देवगाम ने स्थिति पर गहरी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि पेयजल जैसी बुनियादी सुविधा से लोगों को वंचित रखना गंभीर लापरवाही है। उन्होंने प्रशासन से तत्काल जलमीनारों की मरम्मत कर जलापूर्ति बहाल करने की मांग की। साथ ही चेतावनी दी कि यदि शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो ग्रामीणों के साथ मिलकर प्रखंड सह अंचल कार्यालय डुमरिया के समक्ष बड़ा आंदोलन किया जाएगा।

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पूजा-अर्चना के दौरान खेलते-खेलते नदी किनारे पहुंचा था बच्चा, परिवार में पसरा मातम जेबी लाइव, रिपोर्टर राजनगर : राजनगर प्रखंड

  • पूजा-अर्चना के दौरान खेलते-खेलते नदी किनारे पहुंचा था बच्चा, परिवार में पसरा मातम

जेबी लाइव, रिपोर्टर

राजनगर : राजनगर प्रखंड के प्रसिद्ध धार्मिक एवं पर्यटन स्थल भीमखंदा स्थित बोंगबोंगा नदी में रविवार को एक दर्दनाक हादसे में चार वर्षीय बालक की डूबने से मौत हो गई। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई, जबकि परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। जानकारी के अनुसार गम्हरिया पंचायत के सोलगड़िया गांव से 8 से 10 महिलाएं एवं कुछ बच्चे पूजा-अर्चना के लिए भीमखंदा पहुंचे थे। धार्मिक अनुष्ठान के दौरान उनके साथ आए बच्चे आसपास खेल रहे थे। इसी बीच तीन छोटे बच्चे खेलते-खेलते नदी घाट के समीप पहुंच गए, जहां अचानक एक मासूम का पैर फिसल गया और वह गहरे पानी में चला गया।

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स्थानीय लोगों ने किया बचाव का प्रयास, अस्पताल में डॉक्टरों ने किया मृत घोषित

घटना को देख अन्य बच्चों ने तत्काल इसकी सूचना परिजनों को दी। सूचना मिलते ही मौके पर अफरा-तफरी मच गई और परिवार के सदस्य नदी की ओर दौड़ पड़े। स्थानीय ग्रामीणों और परिजनों ने मिलकर बच्चे को नदी से बाहर निकाला तथा उसकी जान बचाने के लिए हरसंभव प्रयास किया। इसके बाद उसे तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, राजनगर ले जाया गया। अस्पताल में चिकित्सकों ने बच्चे की जांच की, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। यह खबर सुनते ही अस्पताल परिसर में मातम छा गया और परिजनों की चीख-पुकार से माहौल गमगीन हो गया।

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गर्मी की छुट्टियां मनाने आया था ननिहाल, सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने की उठी मांग

बताया जा रहा है कि मृत बालक धनबाद जिले का निवासी था और गर्मी की छुट्टियों में अपनी मां के साथ सोलगड़िया स्थित अपने मामा के घर आया हुआ था। किसी ने कल्पना भी नहीं की थी कि छुट्टियों की खुशियां इस तरह दुख में बदल जाएंगी। इस हृदयविदारक घटना ने एक बार फिर नदी घाटों, जलाशयों और धार्मिक स्थलों पर बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे संवेदनशील स्थलों पर चेतावनी बोर्ड, सुरक्षा घेराबंदी और निगरानी की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की दुखद घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।

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गुवा में संयुक्त यूनियन की बैठक, आंदोलन तेज करने का लिया निर्णय जेबी लाइव, रिपोर्टर गुवा : झारखंड मजदूर संघर्ष

  • गुवा में संयुक्त यूनियन की बैठक, आंदोलन तेज करने का लिया निर्णय

जेबी लाइव, रिपोर्टर

गुवा : झारखंड मजदूर संघर्ष संघ कार्यालय में शुक्रवार देर शाम संघ के केंद्रीय अध्यक्ष रामा पांडे की अध्यक्षता में संयुक्त यूनियन की बैठक आयोजित की गई। बैठक में सेल प्रबंधन द्वारा बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली लागू किए जाने के निर्णय का कड़ा विरोध किया गया। यूनियन नेताओं ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि शनिवार शाम पांच बजे गुवा सेल के जनरल ऑफिस के समक्ष सेल प्रबंधन का पुतला दहन कर विरोध-प्रदर्शन किया जाएगा। नेताओं ने बताया कि इस कार्यक्रम में संयुक्त यूनियन के पदाधिकारियों के साथ बड़ी संख्या में सेलकर्मी एवं ठेका मजदूर शामिल होंगे। उनका कहना है कि बायोमेट्रिक व्यवस्था को लेकर कर्मचारियों के बीच व्यापक असंतोष है, लेकिन प्रबंधन उनकी आपत्तियों पर ध्यान नहीं दे रहा है।

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न्यायालय के निर्णय तक यथास्थिति बनाए रखने की मांग

बैठक को संबोधित करते हुए केंद्रीय अध्यक्ष रामा पांडे ने कहा कि सेल में बायोमेट्रिक व्यवस्था लागू करने के मामले में न्यायालय में वाद विचाराधीन है। उन्होंने दावा किया कि न्यायालय ने आगामी 15 जून तक यथास्थिति बनाए रखने का निर्देश दिया है। ऐसे में अंतिम निर्णय से पहले बायोमेट्रिक प्रणाली लागू करने का प्रयास न्यायालय की अवमानना तथा संविधान की भावना के विपरीत होगा। उन्होंने कहा कि संयुक्त यूनियन न्यायपालिका का सम्मान करती है और 15 जून को आने वाले न्यायालय के फैसले को स्वीकार करेगी। हालांकि तब तक बायोमेट्रिक व्यवस्था लागू करने के किसी भी प्रयास का लोकतांत्रिक तरीके से विरोध जारी रहेगा। बैठक में उपस्थित नेताओं ने कर्मचारियों से आंदोलन में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की।

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वन विभाग ने मृतक की पत्नी नंदी जोजो को सौंपा मुआवजा चेक, ग्रामीणों ने सुरक्षा उपाय बढ़ाने की मांग की

  • वन विभाग ने मृतक की पत्नी नंदी जोजो को सौंपा मुआवजा चेक, ग्रामीणों ने सुरक्षा उपाय बढ़ाने की मांग की
  • ग्रामीणों ने हाथियों की निगरानी और सुरक्षा बढ़ाने की मांग उठाई

जेबी लाइव, रिपोर्टर

मनोहरपुर : जंगली हाथी के हमले में जान गंवाने वाले समठा गांव निवासी चंदन जोजो के परिवार को वन विभाग की ओर से अनुग्रह सहायता राशि प्रदान की गई। शुक्रवार को आयोजित एक कार्यक्रम में विभागीय अधिकारियों ने मृतक की पत्नी नंदी जोजो को 4 लाख रुपये का मुआवजा चेक सौंपा। जानकारी के अनुसार, 20 दिसंबर 2025 को चंदन जोजो जंगल से लकड़ी लाने गए थे। इसी दौरान घर से करीब एक किलोमीटर दूर उनका सामना एक जंगली हाथी से हो गया। हाथी के हमले में उन्हें गंभीर चोटें आईं और घटनास्थल पर ही उनकी मौत हो गई थी। घटना के बाद वन विभाग ने आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर आश्रित परिवार को सहायता राशि उपलब्ध कराई।

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वन विभाग ने नियमानुसार दी अनुग्रह सहायता राशि

मुआवजा वितरण कार्यक्रम में समाजसेवी सदस्य संदीप गुड़िया, वनपाल कमल, वनकर्मी बासुदेव सहित वन विभाग के कई अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे। इस दौरान ग्रामीणों ने क्षेत्र में लगातार बढ़ रही जंगली हाथियों की गतिविधियों पर चिंता जताई। ग्रामीणों का कहना है कि हाथियों के कारण जान-माल का खतरा लगातार बना रहता है और कई बार लोग भय के माहौल में जीवन यापन करने को मजबूर होते हैं। उन्होंने वन विभाग से हाथियों की नियमित निगरानी, समय पर चेतावनी व्यवस्था और प्रभावी सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने की मांग की, ताकि भविष्य में इस प्रकार की दुखद घटनाओं को रोका जा सके।

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प्रेस कॉन्फ्रेंस में लगाए गंभीर आरोप, कहा– वीडियो में लगाए गए सभी आरोप पूरी तरह निराधार और प्रतिष्ठा को नुकसान

  • प्रेस कॉन्फ्रेंस में लगाए गंभीर आरोप, कहा– वीडियो में लगाए गए सभी आरोप पूरी तरह निराधार और प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने वाले
  • कमरों के कब्जे को लेकर प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग

जेबी लाइव, रिपोर्टर

जमशेदपुर : साकची स्थित होटल ग्रैंड की ओनर शबनम सिंह ने यूट्यूबर विनोद सिंह के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की घोषणा की है। शुक्रवार को होटल ग्रैंड में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा कि विनोद सिंह द्वारा सोशल मीडिया और यूट्यूब पर उनके तथा होटल के खिलाफ लगाए गए सभी आरोप पूरी तरह फर्जी, बेबुनियाद और प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने वाले हैं। प्रेस वार्ता में उनके पति संजय सिंह भी मौजूद थे। शबनम सिंह ने कहा कि वीडियो के माध्यम से उनके व्यवसाय और सामाजिक छवि को धूमिल करने का प्रयास किया गया है, जिसके कारण उन्हें मानसिक और सामाजिक परेशानियों का सामना करना पड़ा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मामले को लेकर वे कानूनी प्रक्रिया का सहारा ले रही हैं और जल्द ही नया मानहानि का मुकदमा दायर किया जाएगा।

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होटल ग्रैंड की ओनर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रखी अपनी बात

शबनम सिंह ने मोहन कॉम्प्लेक्स स्थित अपार्टमेंट पर कब्जे के आरोपों को भी सिरे से खारिज किया। उन्होंने दावा किया कि संबंधित फ्लैट उन्होंने वर्ष 2003 और 2005 में सौरेंद्र मोहन बनर्जी तथा ज्योतिका बनर्जी से विधिवत खरीदा था और इसकी रजिस्ट्री व सेल डीड उनके पास उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि संपत्ति पर अवैध कब्जे का आरोप पूरी तरह तथ्यहीन है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने दस्तावेजों के आधार पर अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि सभी संपत्तियां वैधानिक प्रक्रिया के तहत खरीदी गई हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सोशल मीडिया के माध्यम से गलत सूचनाएं फैलाकर उन्हें विवादों में घसीटने का प्रयास किया जा रहा है।

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अपार्टमेंट खरीद से जुड़े दस्तावेज होने का किया दावा

शबनम सिंह ने दावा किया कि 4 अप्रैल 2022 को विनोद सिंह कुछ लोगों के साथ होटल ग्रैंड पहुंचे थे और स्वयं को एक समाचार पोर्टल का पत्रकार बताया था। उन्होंने आरोप लगाया कि उस दौरान होटल संचालन के बदले 12 लाख रुपये की मांग की गई थी। उनके अनुसार रकम नहीं देने पर होटल को बदनाम करने के उद्देश्य से सोशल मीडिया पर वीडियो प्रसारित किए गए, जिनमें होटल में अनैतिक गतिविधियों के संचालन जैसे आरोप लगाए गए। शबनम सिंह ने कहा कि इन आरोपों का कोई आधार नहीं है और यदि ऐसा कुछ होता तो पुलिस प्रशासन द्वारा कार्रवाई की जाती। उन्होंने बताया कि इस मामले में वर्ष 2023 में भी कानूनी शिकायत दर्ज कराई गई थी और वर्तमान में अदालत में मानहानि से जुड़े मामले विचाराधीन हैं।

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सोशल मीडिया वीडियो को लेकर पुराने मामलों का भी जिक्र

प्रेस कॉन्फ्रेंस में शबनम सिंह ने होटल के दो कमरों को लेकर चल रहे विवाद का भी उल्लेख किया। उन्होंने आरोप लगाया कि एक महिला और एक स्थानीय राजनीतिक नेता द्वारा कमरों पर कब्जा किया गया है। उनके अनुसार संबंधित महिला पूर्व में वहां रहती थी और कमरा खाली करने के बाद होटल प्रबंधन ने ताला लगा दिया था, लेकिन बाद में ताला तोड़कर कमरे में प्रवेश कर लिया गया। उन्होंने कहा कि इस मामले की शिकायत प्रशासनिक अधिकारियों से की गई है और निष्पक्ष जांच की मांग की गई है। शबनम सिंह ने कहा कि उन्हें न्यायपालिका और प्रशासन पर पूरा भरोसा है तथा सभी विवादों का समाधान कानूनी प्रक्रिया के माध्यम से किया जाएगा।

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होरगाड़ा चौक से बारुगोड़ा तक पांच किलोमीटर सड़क बदहाल, ग्रामीणों ने आंदोलन की दी चेतावनी सड़क नहीं बनी तो होगा

  • होरगाड़ा चौक से बारुगोड़ा तक पांच किलोमीटर सड़क बदहाल, ग्रामीणों ने आंदोलन की दी चेतावनी
  • सड़क नहीं बनी तो होगा उग्र आंदोलन

जेबी लाइव, रिपोर्टर

डुमरिया : डुमरिया प्रखंड के केंदुआ पंचायत अंतर्गत बोमरो गांव के होरगाड़ा चौक से बारुगोड़ा जाने वाली लगभग पांच किलोमीटर लंबी सड़क की जर्जर स्थिति को लेकर ग्रामीणों में भारी नाराजगी देखी जा रही है। सड़क पर जगह-जगह बड़े गड्ढे बन गए हैं और कई स्थानों पर नुकीले पत्थर निकल आने से आवागमन जोखिम भरा हो गया है। आए दिन छोटी-बड़ी दुर्घटनाएं हो रही हैं, जिससे ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। इस गंभीर समस्या को लेकर हातू मुंडा अमर तापे की अध्यक्षता में ग्राम सभा आयोजित की गई, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए। बैठक में जनता दल (यूनाइटेड) के पूर्वी सिंहभूम जिला महासचिव बीरसिंह देवगाम भी मौजूद रहे और ग्रामीणों की समस्याओं को सुना।

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जर्जर सड़क ने बढ़ाई ग्रामीणों की परेशानी

बैठक के दौरान निर्णय लिया गया कि सड़क की बदहाल स्थिति को लेकर 23 जून को उपायुक्त पूर्वी सिंहभूम को लिखित ज्ञापन सौंपा जाएगा। बीरसिंह देवगाम ने कहा कि क्षेत्र की जनता आज भी मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रही है, जबकि सरकार इस ओर गंभीरता नहीं दिखा रही है। ग्रामीणों के अनुसार सड़क खराब होने से एदेलबेडा, जोबराकोचा, कासीगोड़ा, लोछोनिया, ईचाकुटी और बारुगोड़ा गांवों के बीच संपर्क प्रभावित हो रहा है। सबसे अधिक परेशानी आपातकालीन सेवाओं को हो रही है। एम्बुलेंस और दमकल वाहनों को गांवों तक पहुंचने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है, जिससे संकट के समय लोगों की जान जोखिम में पड़ जाती है।

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उपायुक्त को ज्ञापन सौंपकर समाधान की मांग

ग्रामीणों ने बताया कि सड़क निर्माण और मरम्मत की मांग को लेकर कई बार जनप्रतिनिधियों और संबंधित विभागों को अवगत कराया गया, लेकिन अब तक केवल आश्वासन ही मिले हैं। बरसात के मौसम में सड़क पर जलजमाव हो जाता है, जबकि गर्मी और अन्य दिनों में उड़ती धूल लोगों के लिए परेशानी का कारण बनती है। जदयू जिला महासचिव बीरसिंह देवगाम ने चेतावनी दी कि यदि जल्द सड़क निर्माण एवं मरम्मत कार्य शुरू नहीं किया गया तो ग्रामीणों के साथ मिलकर उग्र आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जनता की समस्याओं को अनदेखा करना किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा और सड़क निर्माण तक संघर्ष जारी रहेगा।

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