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Gua : सारंडा में स्कूल बसों को ग्रामीणों ने रोका, शिक्षा व्यवस्था सुधारने की मांग पर प्रदर्शन

  • बसों की कमी से दर्जनों बच्चे स्कूल जाने से वंचित, अतिरिक्त बस और विद्यालय उत्क्रमण की मांग तेज
  • शिक्षा को विकास का आधार बताते हुए समाधान की मांग

जेबी लाइव, रिपोर्टर

गुवा : नक्सल प्रभावित सारंडा क्षेत्र में शिक्षा व्यवस्था की समस्याओं को लेकर सोमवार को ग्रामीणों, अभिभावकों और स्कूली बच्चों का आक्रोश सड़क पर फूट पड़ा। करमपदा गांव के समीप किरीबुरू-थोलकोबाद मुख्य चौक पर बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने सेल किरीबुरू प्रबंधन द्वारा संचालित दोनों स्कूल बसों को रोककर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में शामिल बच्चों ने हाथों में किताबें और कॉपियां लेकर शिक्षा के अधिकार की मांग करते हुए जोरदार नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि वर्षों से स्कूल बसों की संख्या अपर्याप्त है, जिसके कारण क्षेत्र के अनेक बच्चे नियमित रूप से स्कूल नहीं पहुंच पा रहे हैं। कई बार शिकायत किए जाने के बावजूद न तो सेल प्रबंधन और न ही संबंधित प्रशासनिक विभागों ने समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में कोई ठोस कदम उठाया है। इससे ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।

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हमें पढ़ना है, आगे बढ़ना है’ के नारों से गूंजा प्रदर्शन स्थल

प्रदर्शन के दौरान स्कूली बच्चों ने भावुक अंदाज में अपनी समस्याएं सामने रखीं। बच्चों ने कहा कि वे पढ़-लिखकर अपने माता-पिता और क्षेत्र का नाम रोशन करना चाहते हैं, लेकिन संसाधनों की कमी उनके सपनों के रास्ते में सबसे बड़ी बाधा बन रही है। “हम आधी रोटी खाएंगे, फिर भी स्कूल जाएंगे” और “हमें खूब पढ़ना है, जीवन में आगे बढ़ना है” जैसे नारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा। अभिभावकों ने बताया कि शिक्षा के प्रति बच्चों में उत्साह तो है, लेकिन परिवहन सुविधा की कमी के कारण उनका मनोबल प्रभावित हो रहा है। कई विद्यार्थी बस में जगह नहीं मिलने के कारण रोजाना घर लौट जाते हैं। इससे उनकी पढ़ाई लगातार प्रभावित हो रही है और भविष्य को लेकर चिंता बढ़ती जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि शिक्षा जैसी मूलभूत आवश्यकता की अनदेखी किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जा सकती।

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15 गांवों के विद्यार्थियों के लिए केवल दो बसें, बढ़ी परेशानी

ग्रामीणों के अनुसार सेल की कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) योजना के तहत करमपदा, थोलकोबाद सहित लगभग 15 गांवों के विद्यार्थियों के लिए केवल दो स्कूल बसें संचालित की जा रही हैं। पहले छात्रों की संख्या कम होने के कारण यह व्यवस्था किसी तरह चल रही थी, लेकिन अब विद्यार्थियों की संख्या बढ़ने से बसों में पर्याप्त जगह नहीं बचती। सुरक्षा मानकों के तहत चालक निर्धारित क्षमता से अधिक बच्चों को बस में बैठाने से इनकार कर देते हैं, जिसके कारण कई छात्र-छात्राएं प्रतिदिन स्कूल नहीं पहुंच पाते। ग्रामीणों ने बताया कि थोलकोबाद और करमपदा से किरीबुरू की दूरी लगभग 25 से 40 किलोमीटर तक है। क्षेत्र में उच्च कक्षाओं की शिक्षा उपलब्ध नहीं होने के कारण बच्चों को रोजाना लंबी और कठिन यात्रा करनी पड़ती है। पहाड़ी रास्ते, खतरनाक घाटियां और सीमित परिवहन सुविधा उनकी शिक्षा में गंभीर बाधा बन रही हैं।

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अतिरिक्त बस या विद्यालय उत्क्रमण की मांग, आंदोलन तेज करने की चेतावनी

प्रदर्शनकारियों ने समस्या के समाधान के लिए दो प्रमुख मांगें प्रशासन और सेल प्रबंधन के समक्ष रखीं। पहली मांग यह है कि सीएसआर योजना के तहत तत्काल अतिरिक्त स्कूल बस उपलब्ध कराई जाए, ताकि सभी विद्यार्थियों को नियमित और सुरक्षित रूप से स्कूल पहुंचाया जा सके। दूसरी मांग के तहत थोलकोबाद विद्यालय को कम से कम आठवीं कक्षा तक तथा करमपदा विद्यालय को दसवीं या प्लस-टू स्तर तक उत्क्रमित करने की बात कही गई। ग्रामीणों का कहना है कि यदि स्थानीय स्तर पर उच्च शिक्षा की सुविधा उपलब्ध हो जाए तो बच्चों को लंबी दूरी तय करने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा। उन्होंने जिला प्रशासन, शिक्षा विभाग और सेल किरीबुरू प्रबंधन से तत्काल हस्तक्षेप कर सारंडा के बच्चों के भविष्य को सुरक्षित करने की मांग की। उनका कहना है कि नक्सल प्रभावित क्षेत्र में शिक्षा ही विकास और सामाजिक बदलाव का सबसे मजबूत माध्यम है।

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Jamshedpur : महिला एवं बाल विकास समिति की बैठक में शामिल हुईं विधायक पूर्णिमा साहू

महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण, बच्चों के विकास और कल्याणकारी योजनाओं की प्रभावी क्रियान्वयन पर हुई चर्चा सशक्त महिला और सुरक्षित

  • महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण, बच्चों के विकास और कल्याणकारी योजनाओं की प्रभावी क्रियान्वयन पर हुई चर्चा
  • सशक्त महिला और सुरक्षित बचपन को बताया विकसित समाज की नींव

जेबी लाइव, रिपोर्टर

जमशेदपुर : महिला एवं बाल विकास समिति की महत्वपूर्ण बैठक में जमशेदपुर पूर्वी की विधायक पूर्णिमा साहू शामिल हुईं। समिति की सभापति सह गांडेय विधायक कल्पना मुर्मू सोरेन की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में महिलाओं और बच्चों के सशक्त, सुरक्षित एवं सम्मानजनक भविष्य से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक के दौरान महिलाओं के सशक्तिकरण, बच्चों के समग्र विकास, पोषण, शिक्षा, स्वास्थ्य और सुरक्षा से संबंधित योजनाओं की समीक्षा की गई। साथ ही महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित कल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने तथा उनकी जमीनी प्रभावशीलता बढ़ाने के उपायों पर भी विचार-विमर्श किया गया। समिति के सदस्यों ने योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के लिए विभिन्न सुझाव दिए और जनहित से जुड़े विषयों पर गंभीर चर्चा की।

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महिलाओं के उत्पादों के लिए स्थायी बाजार उपलब्ध कराने पर दिया जोर

बैठक के दौरान विधायक पूर्णिमा साहू ने महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की आवश्यकता पर विशेष बल दिया। उन्होंने गृह उद्योग एवं स्वरोजगार से जुड़ी महिलाओं द्वारा तैयार किए जाने वाले उत्पादों के लिए स्थानीय स्तर पर स्थायी बाजार उपलब्ध कराने का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि बेहतर विपणन व्यवस्था विकसित होने से महिलाओं की आय में वृद्धि होगी और वे आत्मनिर्भर बन सकेंगी। बैठक में इस बात पर भी सहमति जताई गई कि महिलाओं और बच्चों का सुरक्षित, सशक्त और सम्मानजनक भविष्य ही एक विकसित एवं संवेदनशील समाज की आधारशिला है। इस अवसर पर समिति के सदस्य विधायक शशिभूषण मेहता, ममता देवी और निशत आलम भी उपस्थित रहे तथा विभिन्न जनहितकारी विषयों पर अपने विचार रखे।

Jamshedpur : इनर व्हील क्लब जमशेदपुर ईस्ट ने पत्रकारों को किया सम्मानित

क्लब की गतिविधियों को जन-जन तक पहुंचाने में सहयोग के लिए प्रेस एवं मीडिया प्रतिनिधियों का सम्मान उत्कृष्ट सामाजिक कार्यों

  • क्लब की गतिविधियों को जन-जन तक पहुंचाने में सहयोग के लिए प्रेस एवं मीडिया प्रतिनिधियों का सम्मान
  • उत्कृष्ट सामाजिक कार्यों के लिए क्लब की उपलब्धियों को मिली पहचान

जेबी लाइव, रिपोर्टर

जमशेदपुर : इनर व्हील क्लब जमशेदपुर ईस्ट की ओर से सोमवार को साकची स्थित होटल जे.के. रेजिडेंसी में प्रेस एवं मीडिया के पत्रकारों के सम्मान में एक विशेष समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में क्लब की विभिन्न सामाजिक परियोजनाओं और जनहित कार्यक्रमों को पूरे वर्ष प्रमुखता से प्रकाशित कर क्लब की सकारात्मक एवं सशक्त छवि बनाने में योगदान देने वाले पत्रकारों को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर वर्ष 2026–27 की क्लब एडिटर रश्मि नारायण का भी प्रेस प्रतिनिधियों से परिचय कराया गया। उन्होंने पत्रकारों से संवाद करते हुए अपने कार्यकाल में बेहतर समन्वय, पारदर्शिता और सहयोग के साथ कार्य करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की। कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों और क्लब पदाधिकारियों के बीच आपसी संवाद और सहयोग को मजबूत बनाने पर भी चर्चा हुई।

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जिले स्तर पर मिले पुरस्कारों का किया गया प्रदर्शन

समारोह में वर्ष 2025–26 के दौरान क्लब द्वारा किए गए उत्कृष्ट कार्यों के लिए जिला स्तर पर प्राप्त पुरस्कारों का भी भव्य प्रदर्शन किया गया। इनमें मधुमिता राय को सर्वश्रेष्ठ संपादक, मन्जरि भट्टाचार्य को आउटस्टैंडिंग आईएसओ, नीलिमा प्रकाश को सर्वश्रेष्ठ कोषाध्यक्ष, अन्जुबाला को आउटस्टैंडिंग सेक्रेटरी तथा डॉ. मीना मुखर्जी को आउटस्टैंडिंग प्रेसिडेंट का सम्मान प्राप्त हुआ। इसके अलावा क्लब को सर्वश्रेष्ठ क्लब के रूप में गत वर्ष संचालित चार उत्कृष्ट परियोजनाओं के लिए भी प्रशस्ति-पत्र प्रदान किया गया। वक्ताओं ने कहा कि ये सम्मान क्लब की कार्यशैली, समर्पण, सेवा भावना और टीमवर्क का प्रमाण हैं। कार्यक्रम में क्लब की पूरी कार्यकारिणी और सक्रिय सदस्यों की उपस्थिति ने आयोजन को और अधिक गरिमामय बना दिया।

Potka : ब्रेन मलेरिया पर नियंत्रण की दिशा में तेज हुआ अभियान, 50 शिविरों में हुई जांच

स्वास्थ्य विभाग की सक्रिय रणनीति से मरीजों की संख्या में आई कमी, निगरानी और जागरूकता अभियान जारी रोकथाम के लिए

  • स्वास्थ्य विभाग की सक्रिय रणनीति से मरीजों की संख्या में आई कमी, निगरानी और जागरूकता अभियान जारी
  • रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग की सतत पहल जारी

जेबी लाइव, रिपोर्टर

पोटका : ब्रेन मलेरिया पर नियंत्रण के लिए स्वास्थ्य विभाग ने अपने अभियान को और तेज कर दिया है। सोमवार को मलेरिया जांच शिविरों की संख्या बढ़ाकर 50 कर दी गई, जहां बड़ी संख्या में लोगों की स्वास्थ्य जांच की गई। स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्रभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखी जा रही है और संदिग्ध मरीजों की पहचान कर उनका उपचार सुनिश्चित किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि समय पर जांच और उपचार से बीमारी के प्रसार को रोकने में मदद मिल रही है, जिससे स्थिति में लगातार सुधार देखने को मिल रहा है।

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सीएचसी पोटका में घट रही मरीजों की संख्या

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पोटका में भी ब्रेन मलेरिया के मरीजों की संख्या में कमी दर्ज की जा रही है। प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. सुकांत सीट ने बताया कि प्रभार संभालने के बाद से रोकथाम के लिए प्रभावी रणनीति अपनाई गई, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि मरीजों की संख्या लगातार घट रही है और जल्द ही मलेरिया पर पूरी तरह नियंत्रण पाने की उम्मीद है। स्वास्थ्य विभाग एहतियाती उपायों के तहत जांच, निगरानी और जागरूकता अभियान निरंतर जारी रखेगा, ताकि बीमारी पर पूर्ण नियंत्रण सुनिश्चित किया जा सके।

Jamshedpur : 29 बार प्लेटलेट दान करने पर इंदरजीत सिंह को सीजीपीसी ने किया सम्मानित

मानवता की सेवा में असाधारण योगदान के लिए अंगवस्त्र देकर किया गया सम्मान रक्तदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने की अपील

  • मानवता की सेवा में असाधारण योगदान के लिए अंगवस्त्र देकर किया गया सम्मान
  • रक्तदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने की अपील
  • समाज सेवा के क्षेत्र में युवाओं के लिए बने प्रेरणास्रोत

जेबी लाइव, रिपोर्टर

जमशेदपुर : मानवता की सेवा और सामाजिक सरोकारों के प्रति समर्पण का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करने वाले इंदरजीत सिंह को सेंट्रल गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (सीजीपीसी) ने 29 बार प्लेटलेट दान करने की उल्लेखनीय उपलब्धि पर सम्मानित किया। साकची स्थित सीजीपीसी कार्यालय में आयोजित सम्मान समारोह में सीजीपीसी के प्रधान सरदार भगवान सिंह एवं चेयरमैन सरदार शैलेन्द्र सिंह ने संयुक्त रूप से उन्हें अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया। इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि प्लेटलेट दान एक विशेष और महत्वपूर्ण प्रक्रिया है, जो गंभीर रूप से बीमार मरीजों के उपचार में जीवन रक्षक साबित होती है। इंदरजीत सिंह ने लगातार 29 बार प्लेटलेट दान कर समाज सेवा और मानवता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता का परिचय दिया है, जो अन्य लोगों के लिए भी प्रेरणादायक है।

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जरूरतमंद मरीजों के लिए जीवन रक्षक साबित हो रहा प्लेटलेट दान

सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए सीजीपीसी के प्रधान भगवान सिंह और चेयरमैन शैलेन्द्र सिंह ने कहा कि इंदरजीत सिंह का योगदान केवल एक व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि समाज के प्रति उनकी संवेदनशीलता और जिम्मेदारी का परिचायक है। उन्होंने कहा कि प्लेटलेट दान की आवश्यकता अक्सर आपातकालीन परिस्थितियों में पड़ती है और ऐसे समय में स्वेच्छा से आगे आने वाले लोग कई जिंदगियां बचाने में अहम भूमिका निभाते हैं। सीजीपीसी पदाधिकारियों ने कहा कि इंदरजीत सिंह जैसे युवा समाज के सच्चे नायक हैं, जिनकी सेवा भावना से अन्य लोगों को भी प्रेरणा लेनी चाहिए। संस्था ने भविष्य में भी ऐसे निस्वार्थ सेवकों को सम्मानित और प्रोत्साहित करने की प्रतिबद्धता दोहराई।

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रक्त और प्लेटलेट दान के लिए आगे आने की अपील

सम्मान प्राप्त करने के बाद इंदरजीत सिंह ने सीजीपीसी के प्रधान सरदार भगवान सिंह, चेयरमैन शैलेन्द्र सिंह एवं सभी पदाधिकारियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने आम लोगों से रक्त एवं प्लेटलेट दान जैसे जीवन रक्षक कार्यों में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि समय पर रक्त और प्लेटलेट उपलब्ध होने से कई मरीजों की जान बचाई जा सकती है। कार्यक्रम में महासचिव गुरचरण सिंह बिल्ला, अमरजीत सिंह, टिनप्लेट गुरुद्वारा के प्रधान सुरजीत सिंह खुशीपुर, मंजीत सिंह संधू, कोषाध्यक्ष गुरनाम सिंह बेदी, सेंट्रल सिख नौजवान सभा के प्रधान अमरीक सिंह, सलाहकार सुरेन्द्र सिंह शिंदे, सरबजीत सिंह, सुखदेव सिंह बिट्टू, सतपाल सिंह सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित थे।

Jamshedpur : नगरपालिकाओं की कार्यप्रणाली में बदलाव के बिना नहीं सुलझेंगी जलजमाव और पेयजल की समस्याएं – सरयू राय

स्थायी जनसुविधा रजिस्टर, नाला आधारित नीति और वैज्ञानिक सर्वेक्षण को बताया शहरी समस्याओं के समाधान का आधार स्वच्छ जल स्रोतों

  • स्थायी जनसुविधा रजिस्टर, नाला आधारित नीति और वैज्ञानिक सर्वेक्षण को बताया शहरी समस्याओं के समाधान का आधार
  • स्वच्छ जल स्रोतों के उपयोग पर जोर, बेहतर पेयजल व्यवस्था की वकालत

जेबी लाइव, रिपोर्टर

जमशेदपुर : जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय ने कहा है कि नगरपालिकाओं में जलजमाव, कचरा प्रबंधन और पेयजल आपूर्ति जैसी मूलभूत समस्याओं का स्थायी समाधान तभी संभव है, जब उनकी कार्यप्रणाली में व्यापक और संस्थागत बदलाव किए जाएं। एक बयान जारी कर उन्होंने कहा कि नगर निकायों को केवल तात्कालिक उपायों के बजाय दीर्घकालिक योजना और वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाने की आवश्यकता है। इसके लिए नाला आधारित नीति, कचरे के त्वरित निष्पादन की प्रभावी व्यवस्था, पेयजल संरचना के लिए टोपोग्राफिकल भू-सर्वेक्षण तथा प्रत्येक नगरपालिका कार्यालय में जनसुविधाओं का स्थायी रजिस्टर तैयार किया जाना चाहिए। सरयू राय ने बताया कि उन्होंने ये सुझाव 8 जुलाई 2026 को उपायुक्त कार्यालय में आयोजित बैठक में दिए थे, जिसमें जेएनएसी, मानगो नगर निगम और टाटा स्टील यूआईएसएल के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। उन्होंने कहा कि यह बैठक उनके आग्रह पर आयोजित की गई थी ताकि शहरी समस्याओं के स्थायी समाधान की दिशा में गंभीर पहल हो सके।

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सिर्फ समीक्षा बैठकों से नहीं, संस्थागत व्यवस्था से होगा समाधान

सरयू राय ने कहा कि नगरपालिकाओं की समस्याओं के समाधान के लिए केवल समीक्षा बैठकें पर्याप्त नहीं हैं। उन्होंने कहा कि उपायुक्त, नगर आयुक्त और अन्य वरिष्ठ अधिकारी समय-समय पर बदलते रहते हैं, जबकि नगरपालिका के कार्यालय और कर्मचारी स्थायी होते हैं। इसलिए ऐसी व्यवस्था विकसित की जानी चाहिए, जिससे वर्षों के अनुभव, स्थानीय समस्याओं और उनके समाधान से जुड़ी जानकारी सुरक्षित रह सके। उन्होंने सुझाव दिया कि प्रत्येक नगरपालिका में एक स्थायी जनसुविधा रजिस्टर तैयार किया जाए, जिसमें जलजमाव वाले क्षेत्रों, जल निकासी की समस्याओं, सड़कों और गलियों के निर्माण, पेयजल आपूर्ति की स्थिति तथा शिकायतों का विस्तृत रिकॉर्ड दर्ज हो। उनका मानना है कि जिला योजना समिति और नगरपालिका की बैठकों में इन्हीं तथ्यों के आधार पर निर्णय लिए जाने चाहिए, ताकि समस्याओं का स्थायी और प्रभावी समाधान संभव हो सके।

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स्थायी रजिस्टर से स्थानीय समस्याओं की मिलेगी सटीक जानकारी

विधायक ने कहा कि वर्तमान व्यवस्था में अधिकांश समीक्षा बैठकें अधिकारियों द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदनों तक सीमित रह जाती हैं। इससे पूर्व में किए गए कार्यों के प्रभाव का सही आकलन नहीं हो पाता और भविष्य की योजनाएं भी अपेक्षित परिणाम नहीं दे पातीं। उन्होंने कहा कि स्थानीय जरूरतों और वास्तविक समस्याओं के बजाय नगरपालिकाएं अक्सर सरकारी अनुदान और आवंटन आधारित योजनाओं तक सीमित रह जाती हैं। परिणामस्वरूप वर्षों पुरानी समस्याएं लगातार बनी रहती हैं। सरयू राय ने कहा कि यदि योजनाओं के निर्माण और क्रियान्वयन में स्थानीय आंकड़ों, अनुभवों और क्षेत्रीय आवश्यकताओं को प्राथमिकता दी जाए, तो शहरी विकास अधिक प्रभावी और जनहितकारी हो सकता है।

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स्थानीय जरूरतों पर आधारित होनी चाहिए नगर विकास की योजनाएं

टाटा स्टील यूआईएसएल की पेयजल व्यवस्था पर चिंता व्यक्त करते हुए सरयू राय ने कहा कि लोगों से लगातार पानी की गुणवत्ता को लेकर शिकायतें प्राप्त हो रही हैं। उन्होंने कहा कि पेयजल में गंदगी मिलने से उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ रही है और इससे कंपनी की साख पर भी असर पड़ रहा है। उन्होंने सुझाव दिया कि प्रदूषित नदी के पानी को शुद्ध कर आपूर्ति करने के बजाय डोबो (सतनाला) डैम और डिमना सेक्शन जैसे स्वच्छ जल स्रोतों का अधिकतम उपयोग किया जाए। इसके लिए टाटा स्टील यूआईएसएल और जिला प्रशासन को मिलकर ठोस रणनीति बनानी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि इन सुझावों को गंभीरता से लागू किया जाए तो नगरपालिकाओं को जलजमाव मुक्त, स्वच्छ और बेहतर पेयजल व्यवस्था वाला बनाया जा सकता है, जिससे नागरिकों को दीर्घकालिक राहत मिलेगी।

Jamshedpur : SIR-2026 के तहत विशेष सहायता शिविरों का निरीक्षण, उपायुक्त ने मतदाताओं से फॉर्म जमा करने की अपील की

जिले के सभी मतदान केंद्रों पर आयोजित दो दिवसीय शिविर में मतदाताओं को दी गई इन्यूमरेशन फॉर्म संबंधी सहायता मतदाता

  • जिले के सभी मतदान केंद्रों पर आयोजित दो दिवसीय शिविर में मतदाताओं को दी गई इन्यूमरेशन फॉर्म संबंधी सहायता
  • मतदाता सूची के अद्यतन कार्य में सहयोग की अपील

जेबी लाइव, रिपोर्टर

जमशेदपुर : विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR-2026) कार्यक्रम के अंतर्गत जिले के सभी मतदान केंद्रों पर 18 एवं 20 जुलाई को दो दिवसीय विशेष सहायता शिविर आयोजित किए गए। इन शिविरों का उद्देश्य मतदाताओं को इन्यूमरेशन फॉर्म उपलब्ध कराना, फॉर्म भरने में सहयोग देना, जमा कराना तथा डिजिटाइजेशन एवं मैपिंग संबंधी सहायता प्रदान करना था। शिविरों में बड़ी संख्या में मतदाताओं ने पहुंचकर आवश्यक जानकारी प्राप्त की और अपने दस्तावेजों का सत्यापन कराया। निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार मतदाता सूची के अद्यतन कार्य को समयबद्ध ढंग से पूरा करने के लिए विशेष व्यवस्था की गई थी, ताकि कोई भी पात्र मतदाता इस प्रक्रिया से वंचित न रहे।

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मानपीटा, घोड़ाबांधा और बर्मामाइंस के बूथों का किया निरीक्षण

विशेष सहायता शिविर के अंतिम दिन जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह उपायुक्त राजीव रंजन ने मानपीटा, घोड़ाबांधा एवं बर्मामाइंस क्षेत्र के विभिन्न मतदान केंद्रों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) द्वारा इन्यूमरेशन फॉर्म के वितरण, संग्रहण, डिजिटाइजेशन और मतदाताओं को दी जा रही सहायता का जायजा लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए। उपायुक्त ने शिविरों में मौजूद मतदाताओं से भी संवाद किया और निर्वाचन प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची की शुद्धता और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए प्रत्येक मतदाता का सहयोग आवश्यक है।

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ऑनलाइन या ऑफलाइन माध्यम से शीघ्र जमा करें इन्यूमरेशन फॉर्म

जिला निर्वाचन पदाधिकारी राजीव रंजन ने कहा कि जिन मतदाताओं ने अभी तक अपना इन्यूमरेशन फॉर्म ऑनलाइन या ऑफलाइन माध्यम से भरकर हस्ताक्षर सहित बीएलओ को उपलब्ध नहीं कराया है, वे बिना विलंब ऐसा करें। उन्होंने बताया कि वर्तमान मतदाता सूची में दर्ज सभी मतदाताओं के लिए फॉर्म मुद्रित कर बीएलओ के माध्यम से घर-घर पहुंचाया गया है। समय पर फॉर्म जमा होने से डिजिटाइजेशन और मतदाता सूची के प्रारूप प्रकाशन की प्रक्रिया सुचारु रूप से पूरी की जा सकेगी। निरीक्षण के दौरान ईआरओ सह अपर उपायुक्त अनुराग तिवारी, उप निर्वाचन पदाधिकारी प्रियंका सिंह, बीएलओ, बीएलओ सुपरवाइजर, कंप्यूटर ऑपरेटर एवं बड़ी संख्या में मतदाता उपस्थित रहे।

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