धरने को जनहित नहीं बल्कि राजनीतिक और निजी स्वार्थ से प्रेरित बताया, स्थानीय राजनीति में बढ़ी तल्खी
जेबी लाइव, रिपोर्टर
जमशेदपुर : मानगो नगर निगम में विधायक सरयू राय द्वारा 27 जुलाई को प्रस्तावित महाधरना से एक दिन पहले कांग्रेस ने प्रेस वार्ता कर उनके आंदोलन पर तीखा हमला बोला। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि यह धरना जनहित से अधिक व्यक्तिगत हितों की रक्षा के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है। प्रेस वार्ता के दौरान कांग्रेस नेताओं ने कहा कि विधायक का यह आंदोलन “महाधरना” नहीं बल्कि “विधवा विलाप धरना” है। उनका आरोप था कि इस धरने के माध्यम से मानगो नगर निगम के पूर्व पदाधिकारी कृष्णा कुमार को बचाने की कोशिश की जा रही है। कांग्रेस नेताओं ने यह भी कहा कि कुछ संवेदकों की लंबित भुगतान राशि को मंजूरी दिलाने के लिए नगर निगम पर दबाव बनाने की मंशा से यह कार्यक्रम आयोजित किया गया है। नेताओं ने दावा किया कि जनसमस्याओं के समाधान के नाम पर राजनीतिक लाभ लेने का प्रयास किया जा रहा है।
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धरने से पहले बढ़ा राजनीतिक तापमान, आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज
कांग्रेस नेताओं ने प्रेस वार्ता के दौरान विधायक सरयू राय पर कई अन्य गंभीर आरोप भी लगाए और कहा कि आवश्यकता पड़ने पर उनसे जुड़े तथ्यों को सार्वजनिक किया जाएगा। हालांकि उन्होंने आरोपों के संबंध में विस्तृत जानकारी साझा नहीं की। कांग्रेस का कहना है कि जनता की समस्याओं को लेकर गंभीर पहल करने के बजाय राजनीतिक माहौल बनाने की कोशिश की जा रही है। वहीं, विधायक सरयू राय ने मानगो नगर निगम कार्यालय में विभिन्न जनसमस्याओं, विकास कार्यों में कथित अनियमितताओं और प्रशासनिक मुद्दों को लेकर महाधरना की घोषणा की है। ऐसे में धरने से ठीक पहले कांग्रेस द्वारा किए गए इस पलटवार ने स्थानीय राजनीति को और गरमा दिया है। अब राजनीतिक हलकों की नजर 27 जुलाई के महाधरना और उसके संभावित प्रभाव पर टिकी हुई है।


























