महिला कांग्रेस ने टिप्पणी को महिलाओं के सम्मान से जोड़ा
मेयर ने सौहार्द बनाए रखने की अपील की
धरना स्थल पर मेयर की भूमिका को बताया शालीनता का उदाहरण
राजनीतिक सौहार्द और संवाद की मिसाल बनी मेयर की पहल
जेबी लाइव, रिपोर्टर
जमशेदपुर : जमशेदपुर में विधायक सरयू राय की एक कथित टिप्पणी को लेकर महिला कांग्रेस द्वारा प्रस्तावित आंदोलन को वापस ले लिया गया है। बुधवार को आयोजित प्रेस वार्ता में महिला कांग्रेस की जिला अध्यक्ष नलिनी सिन्हा ने इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि हाल ही में आयोजित धरना कार्यक्रम के बाद विधायक सरयू राय द्वारा महिला श्रृंगार को लेकर की गई टिप्पणी को संगठन ने महिलाओं की गरिमा और सम्मान के प्रतिकूल माना था। इसी कारण महिला कांग्रेस इस मुद्दे को झारखंड विधानसभा अध्यक्ष और राष्ट्रीय महिला आयोग के समक्ष उठाने की तैयारी कर रही थी। साथ ही शहरव्यापी आंदोलन की रूपरेखा भी बनाई जा रही थी। नलिनी सिन्हा ने कहा कि महिला सम्मान से जुड़े मुद्दों पर संगठन हमेशा सजग रहता है और महिलाओं की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाली किसी भी टिप्पणी का लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करना उसका दायित्व है।
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महिला सम्मान के मुद्दे पर आंदोलन की थी तैयारी
महिला कांग्रेस की जिला अध्यक्ष ने बताया कि मामले को लेकर मेयर सुधा गुप्ता ने संगठन के पदाधिकारियों से मुलाकात की और आंदोलन वापस लेने का आग्रह किया। मेयर ने कहा कि विधायक सरयू राय वरिष्ठ एवं अभिभावक तुल्य जनप्रतिनिधि हैं तथा संभव है कि उनसे यह टिप्पणी अनजाने में हुई हो। उन्होंने इस मुद्दे को अधिक तूल न देने और शहर में सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाए रखने की अपील की। नलिनी सिन्हा ने कहा कि मेयर की भावनाओं और उनके आग्रह का सम्मान करते हुए महिला कांग्रेस ने प्रस्तावित आंदोलन वापस लेने का निर्णय लिया है। हालांकि संगठन ने यह भी स्पष्ट किया कि सार्वजनिक जीवन से जुड़े लोगों को अपने वक्तव्यों में विशेष सावधानी बरतनी चाहिए, ताकि किसी वर्ग की भावनाएं आहत न हों।
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मेयर की पहल से टला संभावित राजनीतिक विवाद
प्रेस वार्ता के दौरान महिला कांग्रेस की ओर से कहा गया कि धरना कार्यक्रम के समय मेयर सुधा गुप्ता स्वयं धरना स्थल पर पहुंची थीं। उन्होंने विधायक सरयू राय का अभिवादन किया और आंदोलन में शामिल लोगों के लिए पानी एवं लड्डू की व्यवस्था भी कराई थी। संगठन ने इस पहल को लोकतांत्रिक परंपराओं और राजनीतिक शालीनता का सकारात्मक उदाहरण बताया। महिला कांग्रेस ने कहा कि राजनीतिक मतभेदों के बावजूद संवाद और सम्मान की भावना बनी रहनी चाहिए। संगठन ने उम्मीद जताई कि भविष्य में सभी जनप्रतिनिधि महिलाओं की गरिमा और सम्मान का विशेष ध्यान रखते हुए सार्वजनिक मंचों पर अपने विचार व्यक्त करेंगे, ताकि समाज में सकारात्मक संदेश जाए और अनावश्यक विवादों से बचा जा सके।
























