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Muri : 10 अगस्त को देशव्यापी जेल भरो आंदोलन का आह्वान, मजदूर-किसानों ने केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ भरी हुंकार

  • दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में राष्ट्रीय कन्वेंशन, देशभर से पहुंचे हजारों प्रतिनिधि

जेबी लाइव, रिपोर्टर

मुरी : केंद्रीय ट्रेड यूनियनों, स्वतंत्र फेडरेशन एसोसिएशन और संयुक्त किसान मोर्चा के तत्वावधान में नई दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में श्रमिकों और किसानों का राष्ट्रीय कन्वेंशन आयोजित किया गया। कन्वेंशन में देशभर से आए हजारों मजदूर, किसान और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। सम्मेलन के दौरान 10 अगस्त को देशव्यापी जेल भरो आंदोलन चलाने का आह्वान किया गया। वक्ताओं ने केंद्र सरकार की विभिन्न आर्थिक, श्रम और कृषि नीतियों की आलोचना करते हुए कहा कि मजदूरों और किसानों के अधिकारों की रक्षा के लिए व्यापक जनआंदोलन की आवश्यकता है। पूरे कार्यक्रम के दौरान विभिन्न मांगों और नारों के साथ प्रतिभागियों ने अपनी एकजुटता का प्रदर्शन किया।

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किसान और छात्र आंदोलनों की सफलता का किया गया उल्लेख

अखिल भारतीय किसान सभा के महासचिव बीजू कृष्णन ने अपने संबोधन में कहा कि किसान आंदोलन के बाद जंतर-मंतर पर छात्रों के आंदोलन ने यह साबित कर दिया है कि जनशक्ति के बल पर सरकार को अपनी नीतियों पर पुनर्विचार करने के लिए मजबूर किया जा सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों और मजदूरों के हितों की अनदेखी कर कॉरपोरेट हितों को प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने कहा कि एमएसपी की कानूनी गारंटी, चार लेबर कोड, मनरेगा, बेरोजगारी और महंगाई जैसे मुद्दों पर देशव्यापी संघर्ष जरूरी है। बीजू कृष्णन ने दावा किया कि 10 अगस्त का जेल भरो आंदोलन ऐतिहासिक साबित होगा और यह देश की दिशा तय करने वाला आंदोलन बनेगा।

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राकेश टिकैत ने संघर्ष को व्यापक बनाने का किया आह्वान

भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत ने कहा कि किसानों और मजदूरों के साथ-साथ छात्रों, युवाओं और महिलाओं की भागीदारी भी इस आंदोलन में महत्वपूर्ण होगी। उन्होंने कहा कि छात्र आंदोलन की हालिया सफलता ने यह दिखाया है कि संगठित संघर्ष से परिणाम हासिल किए जा सकते हैं। उन्होंने 10 अगस्त के जेल भरो आंदोलन को सफल बनाने की अपील करते हुए कहा कि यह आंदोलन जनहित के मुद्दों को राष्ट्रीय स्तर पर मजबूती से उठाने का माध्यम बनेगा। कार्यक्रम में सीटू महासचिव कामरेड करीम, अमरजीत कौर, अवतार सिंह, हरभजन सिंह, योगेंद्र सिंह उगराहा, डॉ. सुनीलम, राजाराम सिंह, इंदू प्रसाद, राजेंद्र सिंह सागर, शत्रुघ्न सिंह सहित कई राष्ट्रीय नेताओं ने भी अपने विचार रखे।

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विभिन्न मांगों को लेकर सरकार पर बनाया दबाव

कन्वेंशन में भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को रद्द करने, एमएसपी की कानूनी गारंटी लागू करने, किसानों की कर्ज माफी, चार लेबर कोड वापस लेने, मनरेगा को मजबूत करने, नई पेंशन योजना समाप्त कर पुरानी पेंशन योजना लागू करने, पेपर लीक पर सख्त रोक लगाने और न्यूनतम वेतन 42 हजार रुपये करने जैसी मांगें प्रमुखता से उठाई गईं। साथ ही सभी नागरिकों के लिए भोजन, स्वास्थ्य और शिक्षा की गारंटी सुनिश्चित करने की मांग भी की गई। इस अवसर पर झारखंड राज्य किसान सभा के महासचिव सुफल महतो, अध्यक्ष असिम सरकार, सीटू झारखंड के महासचिव विश्वजीत देव सहित विभिन्न राज्यों के किसान और मजदूर संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित थे। सम्मेलन में 10 अगस्त के आंदोलन को व्यापक और प्रभावी बनाने का संकल्प लिया गया।

Chaibasa : जामदा में समारोहपूर्वक मनाई गई लाको बोदरा की 107वीं जयंती

हो भाषा और साहित्य के विकास में लाको बोदरा के योगदान को किया गया याद जेबी लाइव, रिपोर्टर चाईबासा :

  • हो भाषा और साहित्य के विकास में लाको बोदरा के योगदान को किया गया याद

जेबी लाइव, रिपोर्टर

चाईबासा : आदिवासी हो समाज के महान दार्शनिक, साहित्यकार, नाटककार तथा वारंग क्षिति लिपि के खोजकर्ता ओतगुरू लाको बोदरा की 107वीं जयंती ओडिशा के जामदा में समारोहपूर्वक मनाई गई। आदिवासी हो समाज महासभा, ओडिशा की ओर से आयोजित समारोह में झारखंड और ओडिशा के 40 से अधिक सीमावर्ती गांवों से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। लाको बोदरा के हजारों अनुयायियों, श्रद्धालुओं, हो भाषा के लेखकों, कवियों, साहित्यकारों और आम लोगों ने उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित कर नमन किया। समारोह से पहले शहर में ढोल-नगाड़ों की थाप और धार्मिक पताकाओं के साथ भव्य जुलूस निकाला गया। कार्यक्रम में मयूरभंज सांसद नभाचरण माझी, जसीपुर विधायक सह वन एवं पर्यावरण मंत्री गणेश राम सिंह कुंटिया, करंजिया विधायक पदमाचरण हाईबुरू और रायरंगपुर विधायक जोलेन बारदा सहित कई अतिथि मौजूद रहे।

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लाको बोदरा की जयंती पर उमड़ा जनसैलाब, निकाली गई भव्य शोभायात्रा

समारोह को संबोधित करते हुए वन एवं पर्यावरण मंत्री गणेश राम सिंह कुंटिया ने कहा कि लाको बोदरा ने हो समाज के लिए वारंग क्षिति लिपि की खोज कर महत्वपूर्ण योगदान दिया, जिसे संरक्षित और आगे विकसित करने की आवश्यकता है। रायरंगपुर विधायक जोलेन बारदा ने कहा कि लिपि के विकास के लिए उनकी ओर से हरसंभव सहयोग किया जाएगा। करंजिया विधायक पदमाचरण हाईबुरू ने लाको बोदरा के आध्यात्मिक योगदान को अतुलनीय बताया। हो साहित्यकार डोबरो बुड़ीउली ने उनके जीवन और साहित्यिक योगदान पर विस्तार से प्रकाश डाला। समारोह में हो भाषा और साहित्य के संरक्षण तथा विकास को लेकर भी चर्चा हुई। मौके पर एंकर चंद्रिका कोडांकेल, मलोती आल्डा, पूनम पुरती, सतीश सामड, बिरसा कोडांकेल, मनोरंजन तिरिया, सेलाय पुरती समेत बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।

Chandil : चाचा की हत्या के आरोप में भतीजा गिरफ्तार, घर से खून से सना कटनी बरामद

तुलग्राम में 16 सितंबर को हुई थी आनंद सिंह सरदार की हत्या, पूछताछ के बाद भेजा गया न्यायिक हिरासत में

  • तुलग्राम में 16 सितंबर को हुई थी आनंद सिंह सरदार की हत्या, पूछताछ के बाद भेजा गया न्यायिक हिरासत में
  • आरोपित की निशानदेही पर बरामद हुआ हत्या में इस्तेमाल हथियार

जेबी लाइव, रिपोर्टर

चांडिल : चौका थाना क्षेत्र के तुलग्राम में चाचा आनंद सिंह सरदार की हत्या के मामले में पुलिस ने उनके भतीजे मधु सिंह सरदार (34) को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपित की निशानदेही पर उसके घर से हत्या में प्रयुक्त खून से सना हथियार (कटनी) भी बरामद किया है। घटना 16 सितंबर 2026 की बताई गई है। मामले की जानकारी एसडीपीओ शिव प्रकाश कुमार ने प्रेसवार्ता के दौरान दी। इस दौरान चौका थाना प्रभारी गौरव कुमार भी मौजूद थे। पुलिस के अनुसार हथियार से हत्या किए जाने के मामले में मृतक के छोटे भाई दुर्गा चरण सरदार की लिखित शिकायत पर चौका थाना में कांड संख्या 44/2026 दर्ज किया गया था।

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तुलग्राम हत्याकांड में पुलिस ने भतीजे को किया गिरफ्तार

पुलिस ने बताया कि मामले की जांच के दौरान मधु सिंह सरदार की कथित संलिप्तता के संबंध में जानकारी मिली। इसके बाद पुलिस टीम ने 18 सितंबर की रात उसे गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान मिली जानकारी और आरोपित की निशानदेही पर उसके घर से हत्या में इस्तेमाल किया गया खून लगा कटनी बरामद किया गया। पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद गिरफ्तार आरोपित को शनिवार, 19 सितंबर को न्यायिक हिरासत में भेज दिया। कार्रवाई चौका थाना प्रभारी गौरव कुमार के नेतृत्व में पुलिस पदाधिकारियों और सशस्त्र बल के जवानों ने की। पुलिस मामले में आगे की जांच और अन्य पहलुओं की पड़ताल कर रही है।

Chaibasa : चाईबासा में मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण पर एक दिवसीय जिलास्तरीय कार्यशाला संपन्न

सड़क दुर्घटना पीड़ितों को समय पर मुआवजा दिलाने और MACT प्रक्रिया सरल बनाने पर जोर दुर्घटना पीड़ितों को मुआवजा दिलाने

  • सड़क दुर्घटना पीड़ितों को समय पर मुआवजा दिलाने और MACT प्रक्रिया सरल बनाने पर जोर
  • दुर्घटना पीड़ितों को मुआवजा दिलाने में चिकित्सा दस्तावेजों की भूमिका अहम

जेबी लाइव, रिपोर्टर

चाईबासा : जिला विधिक सेवा प्राधिकार, पश्चिमी सिंहभूम चाईबासा के तत्वावधान में रविवार को व्यवहार न्यायालय परिसर स्थित न्यायालय सभागार में मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल (MACT) पर एक दिवसीय जिलास्तरीय कार्यशाला आयोजित की गई। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकार (नालसा), नई दिल्ली एवं झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार, रांची के निर्देशानुसार आयोजित कार्यशाला का उद्घाटन प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, पश्चिमी सिंहभूम मोहम्मद शाकिर ने दीप प्रज्वलित कर किया।

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MACT मामलों में पीड़ितों को त्वरित न्याय दिलाने पर जोर

कार्यशाला को संबोधित करते हुए प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश मोहम्मद शाकिर ने कहा कि सड़क दुर्घटना के पीड़ितों को समय पर और उचित मुआवजा दिलाना सभी संबंधित पक्षों की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि कार्यशाला में विशेषज्ञों द्वारा दी जा रही महत्वपूर्ण जानकारी का उपयोग कर MACT मामलों की प्रक्रिया को अधिक सरल और प्रभावी बनाया जा सकता है। उन्होंने बताया कि MACT मामलों में न्यायालय शुल्क मात्र 10 रुपये देय है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि ऐसे मामलों में निर्धारित समयसीमा के भीतर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि पीड़ित परिवारों को जल्द न्याय और मुआवजा मिल सके।

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MACT मामलों में महज 10 रुपये न्यायालय शुल्क की जानकारी दी गई

कार्यशाला के प्रथम तकनीकी सत्र में अधिवक्ता अमर बक्शी ने मोटर दुर्घटना कानून की धारा 166 के तहत विभिन्न प्रावधानों पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पुलिस द्वारा दुर्घटना से संबंधित सभी आवश्यक दस्तावेज समय पर न्यायालय में प्रस्तुत किया जाना जरूरी है। द्वितीय तकनीकी सत्र में अधिवक्ता प्रमोद प्रसाद ने पुलिस एवं विभिन्न विभागों के अधिकारियों को MACT के तहत अपनाई जाने वाली प्रक्रियाओं की जानकारी दी। उन्होंने विशेष रूप से AIR (एक्सीडेंटल इंफॉरमेशन रिपोर्ट) और DIR (डेथ इंफॉरमेशन रिपोर्ट) तैयार करने एवं प्रस्तुत करने की प्रक्रिया समझाई। अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी बहमण टूटी ने भी FIR दर्ज करने की प्रक्रिया तथा दुर्घटना से जुड़े क्लेम मामलों में बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में पुलिस अधिकारियों को जानकारी दी।

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AIR और DIR की प्रक्रिया पर अधिकारियों को दिया गया प्रशिक्षण

सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. शिवचरण हांसदा ने दुर्घटना पीड़ितों के उपचार और मुआवजा प्रक्रिया में चिकित्सकों एवं चिकित्सा प्रबंधन की भूमिका पर जानकारी दी। उन्होंने दुर्घटना में मृत्यु होने की स्थिति में पोस्टमार्टम रिपोर्ट समेत अन्य आवश्यक दस्तावेज समय पर ट्रिब्यूनल के समक्ष प्रस्तुत करने पर जोर दिया, ताकि पीड़ित परिवार को मुआवजा प्राप्त करने में परेशानी न हो। कार्यशाला का संचालन DLSA के सचिव रवि चौधरी ने किया। इस अवसर पर न्यायिक पदाधिकारी, अधिवक्ता, पुलिस पदाधिकारी एवं विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। कार्यशाला के माध्यम से दुर्घटना मामलों में समन्वय, दस्तावेजी प्रक्रिया और पीड़ितों को समय पर न्याय दिलाने की प्रक्रिया को बेहतर बनाने पर जोर दिया गया।

Jamshedpur : जेएनएसी टीम पर हमला और सरकारी काम में बाधा मामले में गुरदीप पप्पू समेत 14 बरी

अदालत ने साक्ष्य के अभाव में सुनाया फैसला, 2017 में साकची थाना में दर्ज हुआ था मामला अतिक्रमण हटाओ अभियान

  • अदालत ने साक्ष्य के अभाव में सुनाया फैसला, 2017 में साकची थाना में दर्ज हुआ था मामला
  • अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान हुई घटना का मामला था दर्ज

जेबी लाइव, रिपोर्टर

जमशेदपुर : जमशेदपुर में जेएनएसी की टीम पर कथित हमला और सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने के मामले में जनता दल यू के पूर्व नगर अध्यक्ष एवं ट्रांसपोर्टर गुरदीप सिंह पप्पू समेत 14 आरोपियों को अदालत ने साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया। जीआर संख्या 2340/2017 की सुनवाई न्यायिक दंडाधिकारी जितेंद्र राम की अदालत में हुई। अदालत में अभियोजन पक्ष आरोपों को साबित करने के लिए पर्याप्त साक्ष्य प्रस्तुत नहीं कर सका। आरोपियों की ओर से वरीय अधिवक्ता मलकीत सिंह सैनी, मनप्रीत सिंह सैनी समेत अन्य अधिवक्ताओं ने पक्ष रखा। मामले में भाजपा एवं सामाजिक क्षेत्र से जुड़े लोगों के नाम भी आरोपी के रूप में शामिल थे।

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साक्ष्य के अभाव में 14 आरोपियों को अदालत से मिली राहत

मामले की प्राथमिकी जेएनएसी के नगर प्रबंधक रंजन कुमार पांडे की शिकायत पर साकची थाना में 22 अगस्त 2017 को दर्ज की गई थी। शिकायत के अनुसार जिला प्रशासन के निर्देश पर अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया जा रहा था। पलंग मार्केट के पास कार्रवाई के दौरान भाजपा नेता रॉकी सिंह, सतिंदर सिंह रोमी, गुरदीप सिंह पप्पू, गुरप्रीत सिंह, हरजिंदर सिंह रिंकू, ध्रुव मिश्रा, शिवम राव, अजीत सिंह गंभीर, हेमंत साहू, सतीश शर्मा, दशरथ शुक्ला और जुगसलाई के सुखविंदर सिंह साबी समेत अन्य पर मारपीट करने और सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने का आरोप लगाया गया था। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि जान बचाने के लिए काशीडीह चौक की ओर भागने पर भी उनका पीछा किया गया।

Gua : एमएमडीआर संशोधन विधेयक के विरोध में झामुमो की मोटरसाइकिल रैली

गुवा से नोवामुंडी के लिए रवाना हुए कार्यकर्ता, धरना-प्रदर्शन में शामिल होने का आह्वान नोवामुंडी धरना में शामिल होने के

  • गुवा से नोवामुंडी के लिए रवाना हुए कार्यकर्ता, धरना-प्रदर्शन में शामिल होने का आह्वान
  • नोवामुंडी धरना में शामिल होने के लिए कार्यकर्ता हुए रवाना

जेबी लाइव, रिपोर्टर

गुवा : गुवा क्षेत्र में शनिवार को झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार द्वारा लाए गए खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) यानी एमएमडीआर संशोधन विधेयक-2026 के विरोध में मोटरसाइकिल रैली निकाली। यह रैली प्रखंड मुख्यालयों में आयोजित एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन के समर्थन में निकाली गई। रैली के दौरान कार्यकर्ताओं ने विधेयक के विरोध में अपनी एकजुटता प्रदर्शित करते हुए नोवामुंडी में आयोजित विरोध कार्यक्रम में शामिल होने के लिए प्रस्थान किया। पूरे मार्ग में कार्यकर्ताओं ने संगठन के समर्थन में नारे लगाए और लोगों को आंदोलन की जानकारी दी।

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एमएमडीआर विधेयक के विरोध में झामुमो ने दिखाई एकजुटता

मोटरसाइकिल रैली में बड़ी संख्या में झामुमो कार्यकर्ता और समर्थक शामिल हुए। रैली में प्रमुख रूप से रितेश पाणिग्राही, रोहित पांडे, शादाब खान, शकील अहमद, गुलबाज खान, जयराम गोप, शिवा, विवेक, संपा, गीता, शांति, पार्वती और सपना चाम्पिया समेत अन्य कार्यकर्ता मौजूद थे। कार्यकर्ताओं ने कहा कि वे नोवामुंडी पहुंचकर निर्धारित धरना-प्रदर्शन में भाग लेंगे और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखेंगे। रैली के माध्यम से क्षेत्र में पार्टी की सक्रियता और आंदोलन के प्रति समर्थन भी देखने को मिला।

Potka : एमएमडीआर बिल के विरोध में पोटका में झामुमो की हुंकार, संजीव सरदार के नेतृत्व में हजारों लोग उतरे सड़क पर

पोटका, जमशेदपुर और डुमरिया में एक साथ प्रदर्शन, केंद्र सरकार के खिलाफ सौंपा गया ज्ञापन 34 पंचायतों से पहुंचे कार्यकर्ता,

  • पोटका, जमशेदपुर और डुमरिया में एक साथ प्रदर्शन, केंद्र सरकार के खिलाफ सौंपा गया ज्ञापन
  • 34 पंचायतों से पहुंचे कार्यकर्ता, संगठन की एकजुटता का प्रदर्शन

जेबी लाइव, रिपोर्टर

पोटका : पोटका विधानसभा क्षेत्र में शनिवार को खान एवं खनिज (संशोधन) विधेयक (एमएमडीआर) के विरोध में झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने व्यापक प्रदर्शन किया। पोटका, जमशेदपुर और डुमरिया प्रखंड मुख्यालयों में आयोजित धरना-प्रदर्शन में हजारों महिला-पुरुष शामिल हुए। पोटका प्रखंड मुख्यालय में सबसे बड़ी भीड़ देखने को मिली, जहां करीब पांच हजार लोगों के शामिल होने का दावा किया गया। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और विधेयक वापस लेने की मांग उठाई। बाद में बीडीओ और सीओ को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर विरोध दर्ज कराया गया। ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी ने कार्यक्रम को जनआंदोलन का स्वरूप दे दिया।

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तीन प्रखंडों में एक साथ प्रदर्शन, झामुमो ने दिखाई ताकत

धरना-सभा को संबोधित करते हुए पोटका विधायक संजीव सरदार ने केंद्र सरकार पर झारखंड के अधिकारों को कमजोर करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि झारखंड की खनिज संपदा राज्य की सबसे बड़ी पूंजी है और इस पर पहला अधिकार यहां की जनता का होना चाहिए। विधायक ने कहा कि जल, जंगल, जमीन और खनिज झारखंड की पहचान हैं तथा इनके संरक्षण और अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने लोगों से लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज बुलंद करने और राज्यहित के मुद्दों पर एकजुट रहने की अपील की।

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खनिज संपदा पर झारखंड के अधिकार की उठी मांग

सभा के दौरान संजीव सरदार ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार की नीतियां राज्य के हितों को प्रभावित कर सकती हैं। उन्होंने कहा कि झारखंड की जनता ने अपने अधिकारों के लिए लंबे संघर्ष के बाद अलग राज्य हासिल किया है और अब खनिज संसाधनों से जुड़े मुद्दों पर भी जनता को जागरूक रहना होगा। उन्होंने कहा कि राज्य के विकास और ग्रामीण क्षेत्रों की प्रगति में खनिज संपदा से मिलने वाले संसाधनों की महत्वपूर्ण भूमिका है। इस कारण राज्य के अधिकारों और हितों की रक्षा को लेकर जनता को संगठित रहना चाहिए।

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राज्यहित के मुद्दों पर एकजुट रहने का आह्वान

विधायक ने अपने संबोधन में राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि मंइयां सम्मान योजना, अबुआ आवास योजना, पेंशन योजना तथा अन्य सामाजिक कल्याण कार्यक्रमों का लाभ बड़ी संख्या में लोगों तक पहुंच रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि एमएमडीआर विधेयक का असर राज्य की आर्थिक संरचना और विकास योजनाओं पर पड़ सकता है। इस दौरान उन्होंने कहा कि झारखंड की जनता के सहयोग से सड़क से लेकर सदन तक लोकतांत्रिक आंदोलन जारी रहेगा और राज्य के हितों से जुड़ा कोई भी मुद्दा मजबूती से उठाया जाएगा।

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जनकल्याणकारी योजनाओं पर प्रभाव को लेकर जताई चिंता

प्रदर्शन में पोटका विधानसभा क्षेत्र की 34 पंचायतों से कार्यकर्ता और ग्रामीण शामिल हुए। कार्यक्रम में पर्यवेक्षक मोहन कर्मकार, राजू गिरि, सुनील महतो, बबलू चौधरी, चंद्रावती महतो, हीरामनी मुर्मू, रजनी षांडगी, भुगलु टुडू, कार्तिक मुर्मू, बाघराय सोरेन, दुखु मार्डी, सुधीर सोरेन, भुवनेश्वर सरदार, हितेश भगत, चक्रधर महतो, मो. जमाल, भूपति महतो, बनमाली महतो और बीरेन पात्र समेत कई नेता एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे। तीनों प्रखंडों में एक साथ हुए कार्यक्रम को झामुमो ने अपनी संगठनात्मक एकजुटता और जनभागीदारी का प्रतीक बताया।

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