कर्बला के शहीदों की याद में होंगे धार्मिक कार्यक्रम, शांति और भाईचारे का दिया जाएगा संदेश
चहलुम को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में, बड़ी संख्या में जुटेंगे अकीदतमंद
जेबी लाइव, रिपोर्टर
घाटशिला : घाटशिला प्रखंड के फूलपाल गांव स्थित ऐतिहासिक इमामबाड़ा में आगामी 4 अगस्त 2026, मंगलवार को मुहर्रम का चहलुम (40वां) पूरे धार्मिक रीति-रिवाज और अकीदत के साथ मनाया जाएगा। इस अवसर पर क्षेत्र के साथ-साथ आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में अकीदतमंदों के शामिल होने की संभावना है। फूलपाल मुहर्रम कमेटी के सचिव शेख अखरुद्दीन ने बताया कि चहलुम के अवसर पर विशेष धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनमें इमाम हुसैन (अ.स.) और कर्बला के शहीदों की याद में फातिहा, दुआ और अन्य धार्मिक रस्में अदा की जाएंगी। उन्होंने कहा कि यह आयोजन केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक नहीं, बल्कि त्याग, बलिदान और इंसानियत के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का माध्यम भी है। कार्यक्रम के दौरान लोगों को शांति, भाईचारे और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने का संदेश दिया जाएगा।
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श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए कमेटी जुटी, शांतिपूर्ण आयोजन की अपील
मुहर्रम कमेटी की ओर से आयोजन की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं। इमामबाड़ा परिसर की साफ-सफाई, सजावट, प्रकाश व्यवस्था और श्रद्धालुओं की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं। कमेटी के पदाधिकारी और स्थानीय ग्रामीण लगातार तैयारियों में जुटे हुए हैं ताकि कार्यक्रम श्रद्धा और अनुशासन के साथ संपन्न हो सके। शेख अखरुद्दीन ने क्षेत्रवासियों से अपील की है कि वे चहलुम के अवसर पर अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर कर्बला के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करें। उन्होंने प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए शांतिपूर्ण और अनुशासित ढंग से कार्यक्रम को सफल बनाने का भी आग्रह किया। कमेटी ने विश्वास जताया है कि प्रत्येक वर्ष की तरह इस वर्ष भी चहलुम का आयोजन धार्मिक वातावरण और आपसी सौहार्द के बीच सफलतापूर्वक संपन्न होगा।






















