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Jamshedpur : एनआईटी जमशेदपुर में राष्ट्रीय महिला नेतृत्व सम्मेलन-2026 का आयोजन, शिक्षा, संस्कार और नेतृत्व पर हुआ मंथन

  • दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी में देशभर के शिक्षाविदों और विशेषज्ञों ने महिला सशक्तीकरण को लेकर साझा किए विचार
  • दूसरे दिन समकालीन चुनौतियों और महिला शिक्षा के समाधान पर होगी चर्चा

जेबी लाइव, रिपोर्टर

जमशेदपुर : राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) जमशेदपुर में “महिला शिक्षा और संस्कार : परंपरा, परिवर्तन और भविष्य-दृष्टि” विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का बुधवार को शुभारंभ हुआ। 9 एवं 10 सितंबर 2026 को आयोजित इस राष्ट्रीय महिला नेतृत्व सम्मेलन में महिला शिक्षा, नेतृत्व, भारतीय दृष्टि, सामाजिक परिवर्तन तथा ऐतिहासिक एवं समकालीन परिप्रेक्ष्य पर देश के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे शिक्षाविदों, विशेषज्ञों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने विचार साझा किए। उद्घाटन सत्र का संचालन डॉ. शीतल कुमारी ने किया। दीप प्रज्वलन एवं सरस्वती वंदना के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई। इसके बाद अतिथियों का स्वागत एवं परिचय कराया गया। कार्यक्रम में डॉ. शुक्ला महंती, पूर्व कुलपति कोल्हान विश्वविद्यालय एवं कार्यक्रम संयोजिका, सुश्री शोभा पाठक, राष्ट्रीय संयोजिका महिला कार्य, शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास, प्रो. गौतम सूत्रधार, निदेशक एनआईटी जमशेदपुर, डॉ. आशा लकड़ा, सदस्य राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग तथा प्रो. पंकज मित्तल, राष्ट्रीय अध्यक्ष शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास एवं कुलाधिपति महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय, अजमेर सहित अन्य गणमान्य अतिथि मौजूद रहे।

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महिला शिक्षा को राष्ट्र निर्माण से जोड़ने पर विशेषज्ञों ने दिया जोर

एनआईटी जमशेदपुर के निदेशक प्रो. गौतम सूत्रधार ने अपने संबोधन में कहा कि किसी भी विकसित और सशक्त राष्ट्र के निर्माण में महिलाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। महिलाओं को समान अवसर देने के साथ उन्हें नेतृत्व की भूमिका में आगे बढ़ाने के लिए शिक्षा, तकनीकी ज्ञान और उपयुक्त मंच उपलब्ध कराना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि भारतीय परंपरा और संस्कृति में महिलाओं को महत्वपूर्ण स्थान प्राप्त रहा है। वर्तमान समय की आवश्यकता है कि इस समृद्ध परंपरा को आधुनिक शिक्षा, विज्ञान एवं तकनीक तथा नेतृत्व क्षमता के साथ जोड़ा जाए। प्रो. सूत्रधार ने महिला सशक्तीकरण की आधारशिला के रूप में शिक्षा को रेखांकित करते हुए उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास तथा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि नेतृत्व केवल किसी पद पर आसीन होने का नाम नहीं, बल्कि जिम्मेदारी लेने, सही निर्णय करने, दूसरों को साथ लेकर चलने और समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने की क्षमता है। उन्होंने युवा छात्राओं और महिलाओं से आत्मविश्वास, अनुशासन, संवेदनशीलता, वैज्ञानिक दृष्टिकोण तथा सामाजिक उत्तरदायित्व को अपने व्यक्तित्व का हिस्सा बनाने का आह्वान किया।

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शिक्षा और तकनीकी ज्ञान से महिलाओं को नेतृत्व के लिए तैयार करने पर जोर

राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग की सदस्य डॉ. आशा लकड़ा ने कहा कि जनजातीय समाज की महिलाओं में नेतृत्व की अपार क्षमता मौजूद है। जरूरत इस बात की है कि उनकी प्रतिभा, परंपरागत ज्ञान और अनुभव को उचित अवसर एवं मंच मिले। उन्होंने कहा कि जनजातीय समाज में महिलाएं परिवार, संस्कृति, अर्थव्यवस्था और सामुदायिक जीवन की महत्वपूर्ण आधारशिला हैं। प्राकृतिक संसाधनों, स्थानीय ज्ञान और परंपराओं के संरक्षण में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने जनजातीय महिलाओं की शिक्षा को विशेष प्राथमिकता देने की आवश्यकता पर बल दिया। डॉ. लकड़ा ने कहा कि शिक्षा महिलाओं को उनके अधिकारों, संवैधानिक प्रावधानों और उपलब्ध अवसरों के प्रति जागरूक बनाती है। इसके साथ कौशल विकास, रोजगार, उद्यमिता और तकनीकी ज्ञान के अवसर उपलब्ध कराकर उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि जनजातीय महिलाओं की आवाज को विकास की मुख्यधारा में उचित स्थान मिलना चाहिए। विकास के साथ जनजातीय संस्कृति, परंपरा और पहचान का संरक्षण भी जरूरी है।

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जनजातीय महिलाओं की शिक्षा और आर्थिक आत्मनिर्भरता को बताया सशक्तीकरण की कुंजी

संगोष्ठी के प्रथम दिवस में दो तकनीकी सत्र आयोजित किए गए। प्रथम तकनीकी सत्र का विषय “21वीं सदी की महिला शिक्षा : संस्कार, मूल्य और सामाजिक परिवर्तन” रखा गया। इस सत्र में शिक्षा के साथ संस्कार, मूल्यबोध और सामाजिक परिवर्तन के संबंध पर विस्तार से विचार-विमर्श हुआ। वक्ताओं ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री प्राप्त करना नहीं, बल्कि व्यक्ति में जिम्मेदारी, संवेदनशीलता और सामाजिक चेतना का विकास करना भी होना चाहिए। द्वितीय तकनीकी सत्र में “महिला शिक्षा : परंपरा, आधुनिकता और पाठ्यक्रम की भारतीय दृष्टि” विषय पर चर्चा हुई। इसमें भारतीय दृष्टिकोण के संदर्भ में महिला शिक्षा, परंपरा और आधुनिक शिक्षा व्यवस्था के बीच समन्वय स्थापित करने पर विचार रखे गए। विशेषज्ञों ने बदलते सामाजिक परिवेश के अनुरूप महिला शिक्षा के पाठ्यक्रम में भारतीय मूल्यों, संस्कारों और आधुनिक ज्ञान-विज्ञान के संतुलित समावेश की आवश्यकता बताई।

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महिला शिक्षा में संस्कार और आधुनिक ज्ञान के समन्वय पर हुआ विचार-विमर्श

संगोष्ठी के दूसरे दिन “महिला शिक्षा : ऐतिहासिक, सामाजिक परिप्रेक्ष्य और भारतीय पाठ्यक्रम की दृष्टि” तथा “समकालीन चुनौतियां और समाधान” विषयों पर क्रमशः तृतीय एवं चतुर्थ तकनीकी सत्र आयोजित किए जाएंगे। समापन सत्र में विभिन्न वक्ताओं और अतिथियों के विचारों के साथ संगोष्ठी के निष्कर्षों पर चर्चा की जाएगी। आयोजकों के अनुसार इस आयोजन का उद्देश्य महिला शिक्षा को केवल शैक्षणिक उपलब्धि के रूप में देखने के बजाय उसे संस्कार, मूल्य, नेतृत्व, सामाजिक उत्तरदायित्व और राष्ट्र निर्माण से जोड़कर व्यापक दृष्टिकोण विकसित करना है। कार्यक्रम के अंत में धन्यवाद ज्ञापन प्रो. सरोज कुमार सारंगी, कुलसचिव, एनआईटी जमशेदपुर ने किया। कार्यक्रम की जानकारी संस्थान के मीडिया प्रभारी डॉ. रत्नेश कुमार मिश्रा ने दी।

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Jamshedpur : करम महोत्सव में शामिल होने के लिए राज्यपाल और रक्षा राज्य मंत्री को आमंत्रण, मिला आश्वासन

गोपाल मैदान में 27 सितंबर को होगा आयोजन, बिहार के दो मंत्रियों के भी शामिल होने की सहमति जेबी लाइव,

  • गोपाल मैदान में 27 सितंबर को होगा आयोजन, बिहार के दो मंत्रियों के भी शामिल होने की सहमति

जेबी लाइव, रिपोर्टर

जमशेदपुर : बिष्टुपुर स्थित गोपाल मैदान में कुड़मी सेना की ओर से 27 सितंबर को आयोजित होने वाले करम महोत्सव में राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार को बतौर अतिथि आमंत्रित किया गया है। कुड़मी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष शैलेंद्र महतो के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने रांची स्थित राजभवन पहुंचकर राज्यपाल से मुलाकात की और उन्हें आमंत्रण पत्र सौंपा। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने करम महोत्सव की तैयारियों, आयोजन की रूपरेखा और प्रस्तावित सांस्कृतिक कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी दी। राज्यपाल ने महोत्सव से जुड़ी विभिन्न जानकारियां लीं और प्रतिनिधिमंडल के अनुसार कार्यक्रम में शामिल होने का आश्वासन दिया। राज्यपाल से मिलने वाले प्रतिनिधिमंडल में कुड़मी सेना के महासचिव सह सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता अरविंद कुमार, वीणा महतो, गणेश कुमार और रोहित कुमार शामिल थे।

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कुड़मी सेना ने राज्यपाल को सौंपा आमंत्रण पत्र, महोत्सव की तैयारियों की दी जानकारी

कुड़मी सेना के महासचिव अरविंद कुमार ने बताया कि राज्यपाल के अलावा केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ को भी करम महोत्सव में शामिल होने के लिए ससम्मान आमंत्रित किया गया है। प्रतिनिधिमंडल ने रांची स्थित उनके आवास पर पहुंचकर आमंत्रण पत्र सौंपा। अरविंद कुमार के अनुसार, संजय सेठ ने भी कार्यक्रम में आने के लिए अपनी सहमति प्रदान की है। उन्होंने बताया कि बिहार सरकार के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार और ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने भी करम महोत्सव में शामिल होने की सहमति दी है। इससे आयोजन को लेकर समाज के लोगों में उत्साह बढ़ा है और आयोजक इसे व्यापक स्तर पर आयोजित करने की तैयारी में जुटे हैं।

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दिल्ली में भी पहली बार होगा विराट करम महोत्सव, देशभर से जुटेंगे कुड़मी समाज के लोग

आयोजकों के अनुसार, इस वर्ष 27 सितंबर को नई दिल्ली में भी पहली बार विराट करम महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। इस कार्यक्रम में राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री सहित कई प्रमुख हस्तियों के शामिल होने की उम्मीद है। विभिन्न राज्यों से बड़ी संख्या में कुड़मी समाज के लोगों के दिल्ली पहुंचने की संभावना जताई गई है। वहीं जमशेदपुर के गोपाल मैदान में होने वाले करम महोत्सव को लेकर भी तैयारियां तेज कर दी गई हैं। आयोजकों का उद्देश्य करम पर्व की सांस्कृतिक परंपरा, सामाजिक एकजुटता और सामुदायिक पहचान को व्यापक मंच प्रदान करना है। राज्यपाल और केंद्रीय मंत्री समेत अन्य अतिथियों के संभावित आगमन से कार्यक्रम को लेकर लोगों में खासा उत्साह देखा जा रहा है।

Jamshedpur : मोडिफाइड साइलेंसर के खिलाफ बिष्टुपुर ट्रैफिक पुलिस की कार्रवाई, 8 वाहनों पर शिकंजा

तेज आवाज और ध्वनि प्रदूषण पर पुलिस सख्त, मानक साइलेंसर लगाने की अपील जेबी लाइव, रिपोर्टर जमशेदपुर : बिष्टुपुर ट्रैफिक

  • तेज आवाज और ध्वनि प्रदूषण पर पुलिस सख्त, मानक साइलेंसर लगाने की अपील

जेबी लाइव, रिपोर्टर

जमशेदपुर : बिष्टुपुर ट्रैफिक थाना पुलिस ने मोडिफाइड साइलेंसर लगे दोपहिया वाहनों के खिलाफ विशेष अभियान शुरू किया है। अभियान के दौरान अब तक ऐसे 8 वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है। पुलिस के अनुसार, मोडिफाइड साइलेंसर से अत्यधिक तेज आवाज निकलती है, जिससे ध्वनि प्रदूषण बढ़ने के साथ आम नागरिकों को परेशानी होती है। यातायात पुलिस द्वारा लगातार वाहनों की जांच की जा रही है और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।

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तेज आवाज वाले वाहनों पर ट्रैफिक पुलिस की नजर, नियम तोड़ने वालों पर कार्रवाई जारी

ट्रैफिक पुलिस ने वाहन चालकों से अपील की है कि वे अपने दोपहिया वाहनों में कंपनी द्वारा निर्धारित मानक साइलेंसर का ही इस्तेमाल करें। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि मोडिफाइड साइलेंसर लगाकर वाहन चलाने वालों के खिलाफ आगे भी अभियान जारी रहेगा। यातायात पुलिस का उद्देश्य तेज आवाज और अनावश्यक ध्वनि प्रदूषण पर रोक लगाते हुए आम लोगों को राहत देना है। पुलिस ने वाहन चालकों से यातायात नियमों का पालन करने की अपील की है।

Jamshedpur : जनता के पैसे से बना चांडिल का एकमात्र मुक्तिधाम बदहाल, अंधेरे में हो रहा अंतिम संस्कार

बुनियादी सुविधाओं के अभाव में मुक्ति धाम बेहाल, जिला प्रशासन से अविलंब मरम्मत की मांग जेबी लाइव, रिपोर्टर जमशेदपुर :

  • बुनियादी सुविधाओं के अभाव में मुक्ति धाम बेहाल, जिला प्रशासन से अविलंब मरम्मत की मांग

जेबी लाइव, रिपोर्टर

जमशेदपुर : पड़ोसी जिला सरायकेला-खरसावां के चांडिल में स्थानीय लोगों के सामूहिक प्रयास और करीब 15 लाख रुपये की लागत से निर्मित एकमात्र मुक्तिधाम (श्मशान घाट) आज बदहाली का शिकार है। बामनी नदी के किनारे चांडिल डैम रोड पर स्थित इस मुक्तिधाम का उद्घाटन 29 अक्टूबर 2021 को विधायक सविता महतो ने किया था। निर्माण के बाद उचित देखरेख और बुनियादी सुविधाओं के अभाव में परिसर की स्थिति लगातार खराब होती गई। पिछले वर्ष हुई मूसलाधार बारिश ने मुक्तिधाम को और अधिक क्षतिग्रस्त कर दिया। शव रखने वाले स्थान पर बिछाए गए पेवर ब्लॉक कई जगह उखड़ गए हैं। वहीं परिसर में लगे स्ट्रीट लाइट के पोल भी गिर चुके हैं। इसके कारण रात के समय अंतिम संस्कार के लिए पहुंचने वाले परिजनों को अंधेरे में काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है।

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बिजली-पानी की सुविधा नहीं, परिजनों को अपने खर्च पर करना पड़ता है रोशनी का इंतजाम

मुक्तिधाम परिसर में स्थायी बिजली और पेयजल की व्यवस्था नहीं है। रात में शवदाह के दौरान परिजनों को अपने स्तर से जनरेटर या लाइट की व्यवस्था करनी पड़ती है। परिसर में लगे नल भी लंबे समय से सूखे पड़े हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार रात के समय परिसर वीरान रहने के कारण यह स्थान नशेड़ियों और असामाजिक तत्वों का अड्डा बनता जा रहा है। चांडिल बाजार निवासी मारवाड़ी समाज के संदीप सुल्तानिया और नवीन पसारी ने बताया कि बारिश के पानी से मुक्तिधाम जाने वाली पीसीसी सड़क के नीचे की मिट्टी बह गई है, जिससे सड़क कई स्थानों पर खोखली हो चुकी है। इससे लोगों की आवाजाही भी प्रभावित हो रही है। मुक्तिधाम जैसी महत्वपूर्ण जगह पर बुनियादी सुविधाओं की कमी को लेकर स्थानीय नागरिकों में नाराजगी है।

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डीसी और एसडीओ को सौंपा ज्ञापन, चारदीवारी और हाई मास्ट लाइट की मांग

श्री श्याम भटली परिवार चौरिटेबल ट्रस्ट जमशेदपुर के अध्यक्ष राजेश पसारी सहित स्थानीय नागरिकों ने बताया कि मुक्तिधाम की बदहाली को लेकर सरायकेला-खरसावां के उपायुक्त और चांडिल एसडीओ को कई बार ज्ञापन सौंपकर अविलंब मरम्मत की मांग की गई है। नागरिकों ने चारदीवारी, हाई मास्ट लाइट, शेड, पेयजल और बिजली की स्थायी व्यवस्था कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि समय रहते मरम्मत और रखरखाव नहीं हुआ तो चांडिल का यह महत्वपूर्ण मुक्तिधाम पूरी तरह बर्बाद हो सकता है। अंतिम संस्कार के लिए आने वाले लोगों को हर मौसम में परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। स्थानीय नागरिकों ने जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से मामले को गंभीरता से लेते हुए जल्द पहल करने की अपील की है, ताकि मुक्तिधाम को सुरक्षित और उपयोगी बनाया जा सके।

Jadugoda : जादूगोड़ा में नशे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, 15 पुड़िया ब्राउन शुगर के साथ युवक गिरफ्तार

भुरकाडीह गांव में पुलिस की दबिश, बिना नंबर की बाइक और मोबाइल भी जब्त जेबी लाइव, रिपोर्टर जादूगोड़ा : मुसाबनी

  • भुरकाडीह गांव में पुलिस की दबिश, बिना नंबर की बाइक और मोबाइल भी जब्त

जेबी लाइव, रिपोर्टर

जादूगोड़ा : मुसाबनी डीएसपी रोहित कुमार परमार के नेतृत्व में जादूगोड़ा पुलिस ने नशे के खिलाफ अभियान चलाते हुए भुरकाडीह गांव में छापामारी कर एक युवक को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने कुलडीहा पंचायत के भुरकाडीह निवासी चंचल कुमार भक्त (25), पिता तपन कुमार भक्त, को 15 पुड़िया ब्राउन शुगर के साथ गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, गुप्त सूचना के आधार पर यह कार्रवाई की गई। गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ जादूगोड़ा थाना कांड संख्या 39/2026, दिनांक 09.09.2026 के तहत बीएनएस की धारा 112(2)(b), 111(3), 111(4) तथा एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(B)IIA/29 के अंतर्गत प्राथमिकी दर्ज की गई है। कार्रवाई के बाद आरोपी को घाटशिला जेल भेज दिया गया।

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नशे के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई में बाइक और मोबाइल जब्त

पुलिस ने गिरफ्तार चंचल कुमार भक्त के पास से एक बिना नंबर की मोटरसाइकिल और मोटोरोला कंपनी का मोबाइल फोन भी जब्त किया है। छापामारी अभियान में जादूगोड़ा थाना प्रभारी ईश्वर दयाल मुंडा, आनंद मरांडी सहित सशस्त्र पुलिस बल के जवान शामिल रहे। पुलिस टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर भुरकाडीह गांव में दबिश देकर यह कार्रवाई की। पुलिस का कहना है कि क्षेत्र में नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए अभियान आगे भी जारी रहेगा। कार्रवाई के बाद स्थानीय स्तर पर नशे के कारोबार के खिलाफ पुलिस की सक्रियता को लेकर चर्चा तेज है।

Gua : बड़ाजामदा में प्रशासनिक सील तोड़कर स्क्रैप कारोबारी के लॉज-सह-दुकान में चोरी

सील लगे प्रतिष्ठान में चोरों ने किया प्रवेश, सीसीटीवी फुटेज के आधार पर जांच में जुटी पुलिस सीसीटीवी फुटेज में

  • सील लगे प्रतिष्ठान में चोरों ने किया प्रवेश, सीसीटीवी फुटेज के आधार पर जांच में जुटी पुलिस
  • सीसीटीवी फुटेज में कैद हुए संदिग्ध, आरोपियों की पहचान में जुटी पुलिस

जेबी लाइव, रिपोर्टर

गुवा : बड़ाजामदा के चर्चित स्क्रैप कारोबारी दिवाकर उर्फ दीपू सिंह के लॉज-सह-दुकान में बीती रात अज्ञात चोरों ने धावा बोलकर चोरी की घटना को अंजाम दिया। बताया जाता है कि उक्त प्रतिष्ठान को पूर्व में हुई एक बड़ी आपराधिक घटना और उसके बाद उपजे जनाक्रोश के मद्देनजर प्रशासन द्वारा सील किया गया था। चोरों ने प्रशासनिक सील और ताला तोड़कर प्रतिष्ठान के अंदर प्रवेश किया और वहां रखे सामानों को खंगालने के बाद चोरी कर फरार हो गए। घटना के बाद इलाके में चर्चा का माहौल बना हुआ है।

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प्रशासनिक सील लगे प्रतिष्ठान में चोरी, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

मिली जानकारी के अनुसार, चोरों ने सबसे पहले मुख्य दरवाजे पर लगी प्रशासनिक सील और ताला तोड़ा। इसके बाद दुकान एवं लॉज के अंदर प्रवेश कर विभिन्न स्थानों की तलाशी ली। सूत्रों के अनुसार, प्रतिष्ठान के अंदर खड़ी एक मोटरसाइकिल भी चोर अपने साथ ले गए। प्रशासनिक रूप से सील किए गए प्रतिष्ठान में चोरी की घटना सामने आने के बाद स्थानीय लोगों ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। लोगों का कहना है कि जब प्रतिष्ठान प्रशासन द्वारा सील किया गया था, तो उसकी निगरानी और सुरक्षा की व्यवस्था किस प्रकार की जा रही थी, यह जांच का विषय है।

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सील तोड़कर अंदर घुसे चोर, मोटरसाइकिल ले जाने की भी सूचना

घटना को लेकर स्थानीय लोगों में अलग-अलग चर्चाएं हैं। कुछ लोग इसे सामान्य चोरी की घटना मान रहे हैं, जबकि कुछ लोगों ने इसके पीछे किसी बड़ी साजिश की आशंका भी जताई है। बताया जा रहा है कि प्रतिष्ठान में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज में कुछ संदिग्धों की तस्वीरें कैद हुई हैं। पुलिस फुटेज और अन्य संभावित साक्ष्यों के आधार पर संदिग्धों की पहचान करने में जुटी है। फिलहाल पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और चोरी की घटना से जुड़े सभी पहलुओं को खंगाला जा रहा है। जांच के बाद ही घटना की वास्तविक वजह और चोरी में शामिल आरोपियों की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

Jamshedpur : सांसद विद्युत वरण महतो को लगातार पांचवीं बार मिला संसद रत्न पुरस्कार

लोकसभा में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए नई दिल्ली में केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी ने किया सम्मानित जनता की आवाज

  • लोकसभा में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए नई दिल्ली में केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी ने किया सम्मानित
  • जनता की आवाज संसद तक पहुंचाना ही प्राथमिकता : सांसद विद्युत वरण महतो

जेबी लाइव, रिपोर्टर

जमशेदपुर : जमशेदपुर लोकसभा क्षेत्र के सांसद विद्युत वरण महतो को लोकसभा में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए वर्ष 2026 का संसद रत्न पुरस्कार प्रदान किया गया। नई दिल्ली स्थित डॉ. अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर के भीम सभागार में आयोजित समारोह में उन्हें यह सम्मान मुख्य अतिथि केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी के हाथों प्रदान किया गया। कार्यक्रम में सम्मानित अतिथि के रूप में केंद्रीय शिक्षा एवं विकास मंत्री, उत्तर पूर्व क्षेत्र के मंत्री सुकांत मजूमदार उपस्थित रहे। वहीं मुख्य वक्ता के रूप में सर्वोच्च न्यायालय के पूर्व मुख्य न्यायाधीश बी.आर. गवई ने संबोधित किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग के पूर्व अध्यक्ष हंसराज अहीर ने की।

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लोकसभा में बेहतर प्रदर्शन के लिए सांसद विद्युत महतो को मिला सम्मान

प्राइम प्वाइंट फाउंडेशन के तत्वावधान में संसद रत्न अवार्ड कमेटी द्वारा वर्ष 2026 के लिए कुल 10 लोकसभा सदस्यों, दो राज्यसभा सांसदों और चार संसदीय समितियों को संसद रत्न पुरस्कार से सम्मानित किया गया। सांसदों का चयन बजट सत्र के अंत तक लोकसभा में उनके प्रदर्शन के आधार पर किया गया। सम्मान पाने वाले अन्य सांसदों में जगदंबिका पाल, पीपी चौधरी, निशिकांत दुबे, डॉ. एकनाथ शिंदे, प्रवीण पटेल, लुंबा राम चौधरी, हेमंत विष्णु स्वरा, स्मिता उदय वाघ, नरेश गणपत म्हास्के, मेधा विश्राम कुलकर्णी और नरहरि अमीन शामिल रहे।

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संसद रत्न अवार्ड में कई सांसदों और संसदीय समितियों का हुआ सम्मान

संसदीय समितियों की श्रेणी में कृषि संबंधी संसदीय स्थायी समिति के अध्यक्ष डॉ. चरणजीत सिंह चन्नी, वित्त संबंधी समिति के अध्यक्ष भर्तृहरि महताब, ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज समिति के अध्यक्ष सप्तगिरि शंकर उलाका तथा कोयला एवं खान संसदीय समिति के अध्यक्ष अनुराग ठाकुर को सम्मानित किया गया। उल्लेखनीय है कि संसद रत्न अवार्ड समिति का गठन पूर्व राष्ट्रपति एवं भारत रत्न डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम के सुझाव पर किया गया था। सांसदों की कार्यक्षमता और सदन में उनके प्रदर्शन को ध्यान में रखते हुए यह पुरस्कार प्रदान किया जाता है। सांसद विद्युत वरण महतो को यह सम्मान लगातार पांचवीं बार प्राप्त हुआ है, जो उनके संसदीय प्रदर्शन को लेकर महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।

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लगातार पांचवीं बार संसद रत्न मिलने पर विद्युत महतो की बड़ी उपलब्धि

लगातार पांचवीं बार संसद रत्न पुरस्कार मिलने पर सांसद विद्युत वरण महतो ने सम्मान को जमशेदपुर लोकसभा क्षेत्र की जनता को समर्पित किया। उन्होंने कहा कि वे किसी पुरस्कार या सम्मान की अपेक्षा से सदन में मुद्दे नहीं उठाते हैं, बल्कि क्षेत्र से जुड़े छोटे-बड़े महत्वपूर्ण मामलों को संसद में रखने का लगातार प्रयास करते हैं। उन्होंने कहा कि सवालों और विभिन्न संसदीय माध्यमों के जरिए सरकार का ध्यान जनसमस्याओं की ओर आकृष्ट करना और उनके समाधान के लिए पहल सुनिश्चित कराना उनका उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि लोकसभा में अपने क्षेत्र के साथ-साथ प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों को भी यथासंभव उठाने का प्रयास करते हैं।

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पुरस्कार जनता को समर्पित, जनसमस्याओं को संसद में उठाना लक्ष्य : विद्युत महतो

सांसद महतो ने कहा कि उनका एकमात्र लक्ष्य जन-जन की सेवा करना है। जनता ने जिस विश्वास और उम्मीद के साथ उन्हें लोकसभा में भेजा है, उस विश्वास पर खरा उतरते हुए सदन में उनकी आवाज को मजबूती से उठाना ही उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि संसद में जनता से जुड़े मुद्दों को प्रभावी तरीके से रखना और सरकार का ध्यान आकृष्ट कराना उनकी जिम्मेदारी है। लगातार पांचवीं बार संसद रत्न पुरस्कार मिलने को उन्होंने व्यक्तिगत उपलब्धि के बजाय जमशेदपुर लोकसभा क्षेत्र की जनता के विश्वास और समर्थन का सम्मान बताया।

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