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Jadugoda : जादूगोड़ा में नशे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, 15 पुड़िया ब्राउन शुगर के साथ युवक गिरफ्तार

  • भुरकाडीह गांव में पुलिस की दबिश, बिना नंबर की बाइक और मोबाइल भी जब्त

जेबी लाइव, रिपोर्टर

जादूगोड़ा : मुसाबनी डीएसपी रोहित कुमार परमार के नेतृत्व में जादूगोड़ा पुलिस ने नशे के खिलाफ अभियान चलाते हुए भुरकाडीह गांव में छापामारी कर एक युवक को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने कुलडीहा पंचायत के भुरकाडीह निवासी चंचल कुमार भक्त (25), पिता तपन कुमार भक्त, को 15 पुड़िया ब्राउन शुगर के साथ गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, गुप्त सूचना के आधार पर यह कार्रवाई की गई। गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ जादूगोड़ा थाना कांड संख्या 39/2026, दिनांक 09.09.2026 के तहत बीएनएस की धारा 112(2)(b), 111(3), 111(4) तथा एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(B)IIA/29 के अंतर्गत प्राथमिकी दर्ज की गई है। कार्रवाई के बाद आरोपी को घाटशिला जेल भेज दिया गया।

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नशे के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई में बाइक और मोबाइल जब्त

पुलिस ने गिरफ्तार चंचल कुमार भक्त के पास से एक बिना नंबर की मोटरसाइकिल और मोटोरोला कंपनी का मोबाइल फोन भी जब्त किया है। छापामारी अभियान में जादूगोड़ा थाना प्रभारी ईश्वर दयाल मुंडा, आनंद मरांडी सहित सशस्त्र पुलिस बल के जवान शामिल रहे। पुलिस टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर भुरकाडीह गांव में दबिश देकर यह कार्रवाई की। पुलिस का कहना है कि क्षेत्र में नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए अभियान आगे भी जारी रहेगा। कार्रवाई के बाद स्थानीय स्तर पर नशे के कारोबार के खिलाफ पुलिस की सक्रियता को लेकर चर्चा तेज है।

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Muri : मुरी-गोला सिंगपुर सड़क की बदहाली पर फूटा लोगों का गुस्सा, सीओ को सौंपा ज्ञापन

जर्जर सड़क से बढ़ रहा दुर्घटना का खतरा, जल्द मरम्मत नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनी सड़क मरम्मत की मांग

  • जर्जर सड़क से बढ़ रहा दुर्घटना का खतरा, जल्द मरम्मत नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनी
  • सड़क मरम्मत की मांग को लेकर आंदोलन की चेतावनी

जेबी लाइव, रिपोर्टर

मुरी : झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (जेएलकेएम) के सिल्ली प्रखंड सचिव सह प्रभारी कृष्णा महतो के नेतृत्व में स्थानीय ग्रामीणों ने मुरी-गोला सिंगपुर सड़क की जर्जर स्थिति को लेकर अंचल अधिकारी (सीओ) को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बताया गया कि भिखारी चौक से उरंगढा नदी तट तक सड़क की हालत बेहद खराब हो चुकी है, जिससे छोटे और बड़े वाहनों के साथ-साथ पैदल राहगीरों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सड़क पर जगह-जगह बड़े गड्ढे बन गए हैं, जिनमें बारिश का पानी जमा रहने से दुर्घटना की आशंका लगातार बनी रहती है। ग्रामीणों ने बताया कि हाल ही में इसी सड़क पर एक मोटरसाइकिल सवार दुर्घटना का शिकार हुआ था।

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भिखारी चौक से उरंगढा नदी तक सड़क बनी परेशानी का कारण

ज्ञापन सौंपने वालों में तारकेश्वर महतो, दिनेश महतो, विनोद महतो, घासीराम महतो, रामाकांत सहित दर्जनों ग्रामीण शामिल थे। लोगों का आरोप है कि सड़क निर्माण करने वाली कंपनी करीब एक वर्ष पहले सड़क को उखाड़कर छोड़ गई थी, जिसके बाद से इसकी मरम्मत नहीं की गई। परिणामस्वरूप सड़क की स्थिति दिन-प्रतिदिन और खराब होती जा रही है। मोर्चा के नेताओं ने प्रशासन से अविलंब सड़क की मरम्मत कराने की मांग करते हुए चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं निकाला गया तो क्षेत्र के लोग आंदोलन करने को बाध्य होंगे। ग्रामीणों ने कहा कि सड़क की दुर्दशा के कारण आमजन का आवागमन प्रभावित हो रहा है और हर समय दुर्घटना का खतरा बना हुआ है।

Jadugoda : डॉ आशा लकड़ा के दौरे से चाटीकोचा विस्थापितों में जगी नई उम्मीद, पुनर्वास और मुआवजा भुगतान की बढ़ी आस

राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के समक्ष विस्थापितों और आदिवासी कर्मचारियों ने रखीं समस्याएं यूसील प्रबंधन को नियमित समीक्षा बैठक के

  • राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के समक्ष विस्थापितों और आदिवासी कर्मचारियों ने रखीं समस्याएं
  • यूसील प्रबंधन को नियमित समीक्षा बैठक के निर्देश
  • त्रैमासिक समीक्षा बैठक के निर्देश से बढ़ी समाधान की उम्मीद

जेबी लाइव, रिपोर्टर

जादूगोड़ा : राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग की सदस्या डॉ आशा लकड़ा के दो दिवसीय जादूगोड़ा दौरे के बाद यूसील के तीसरे टेलिंग पांड से सटे चाटीकोचा गांव के विस्थापित परिवारों में नई उम्मीद जगी है। गांव के 26 विस्थापित परिवारों का मानना है कि अब वर्षों से लंबित उनकी समस्याओं के समाधान की दिशा में ठोस पहल हो सकती है। ग्रामीणों का कहना है कि तीसरे टेलिंग पांड से निकलने वाले कथित यूरेनियम विकिरण के प्रभाव से राहत मिलने के साथ-साथ वर्ष 1997 से कोषागार में जमा पुनर्वास एवं मुआवजा राशि के भुगतान का रास्ता भी खुल सकता है। यूसील अनुसूचित जनजाति कर्मचारी संघ के आग्रह पर पहुंचे आयोग की सदस्या ने क्षेत्र की परिस्थितियों का जायजा लिया और ग्रामीणों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं।

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चाटीकोचा के विस्थापित परिवारों में समाधान की नई उम्मीद

चाटीकोचा गांव के ग्रामीणों ने आयोग की सदस्या को पांच सूत्री मांग पत्र सौंपते हुए कई महत्वपूर्ण मांगें रखीं। मांग पत्र में वर्ष 1997 से पूर्व जन्मे सभी विस्थापितों को रोजगार देने, विस्थापित परिवार के सदस्य की मृत्यु अथवा कंपनी कर्मी के सेवानिवृत्त होने की स्थिति में 30 दिनों के भीतर योग्य आश्रित को नौकरी देने तथा तीसरे टेलिंग पांड से उत्पन्न समस्याओं से राहत दिलाने के लिए पुनर्वास की व्यवस्था करने की मांग प्रमुख रूप से शामिल है। ग्रामीणों ने कहा कि वर्षों से वे विस्थापन और पर्यावरणीय प्रभावों की दोहरी मार झेल रहे हैं, लेकिन उनकी समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं हो पाया है। डॉ आशा लकड़ा ने ग्रामीणों की बातों को गंभीरता से सुना और संबंधित बिंदुओं को आयोग के स्तर पर उठाने का आश्वासन दिया।

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आयोग को सौंपा गया पांच सूत्री मांग पत्र

दौरे के दौरान यूरेनियम कामगार यूनियन और यूसील अनुसूचित जनजाति कर्मचारी संघ ने भी अपनी विभिन्न समस्याओं को आयोग की सदस्या के समक्ष रखा। यूनियन के महामंत्री भरत किस्कू ने आरोप लगाया कि कंपनी में कर्मचारियों के लिए दो तरह की व्यवस्था लागू है। उन्होंने कहा कि अनुसूचित जनजाति समुदाय के कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति के बाद केवल कंपनी अस्पताल तक सीमित चिकित्सा सुविधा मिलती है, जबकि अधिकारियों को व्यापक चिकित्सा लाभ उपलब्ध कराया जाता है। उन्होंने यह भी कहा कि ड्यूटी के दौरान किसी कर्मचारी की मृत्यु होने पर ग्रुप बीमा के तहत मिलने वाली राशि परिवार के भरण-पोषण के लिए पर्याप्त नहीं है। यूनियन ने कर्मचारियों के लिए बेहतर सामाजिक सुरक्षा, चिकित्सा सुविधा और समान अधिकारों की मांग उठाई।

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आदिवासी कर्मचारियों ने सुविधाओं में भेदभाव का लगाया आरोप

कर्मचारी संघ ने आयोग की सदस्या को धीमी पदोन्नति प्रक्रिया, सेवा नीतियों में सुधार, मृतक आश्रितों को नौकरी, विस्थापित आदिवासी परिवारों के पुनर्वास और पीढ़ी दर पीढ़ी नियोजन जैसी मांगों से भी अवगत कराया। संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि लंबे समय से लंबित इन मुद्दों के कारण कर्मचारियों और प्रभावित परिवारों में असंतोष व्याप्त है। डॉ आशा लकड़ा ने इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए यूसील प्रबंधन से जवाब मांगा तथा समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि अनुसूचित जनजाति समुदाय से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता और पारदर्शिता के साथ कार्य किया जाना चाहिए ताकि कर्मचारियों और प्रभावित परिवारों का विश्वास बना रहे।

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पदोन्नति और मृतक आश्रित नियोजन की मांग हुई प्रमुख

बैठक के दौरान डॉ आशा लकड़ा ने यूसील प्रबंधन को निर्देश दिया कि प्रत्येक तीन माह में यूसील अनुसूचित जनजाति कर्मचारी संघ के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की जाए, जिससे विभिन्न विवादों और लंबित मामलों का समयबद्ध समाधान हो सके। इस अवसर पर यूसील के अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक डॉ कंचम आनंद राव, तकनीकी निदेशक विक्रम केसरी दास, कार्यकारी निदेशक एम.के. सिंघई, महाप्रबंधक मनोज कुमार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। वहीं कर्मचारी संघ की ओर से अध्यक्ष मनोरंजन महाली, महासचिव दीपतेन्दु हांसदा समेत अनेक पदाधिकारी और चाटीकोचा गांव के प्रतिनिधि मौजूद थे। अब क्षेत्र के विस्थापित परिवारों और आदिवासी कर्मचारियों की नजर इस बात पर टिकी है कि आयोग के हस्तक्षेप के बाद यूसील प्रबंधन उनकी समस्याओं के समाधान के लिए कितना प्रभावी कदम उठाता है।

Kiriburu : किरीबुरू सेल अस्पताल की बदहाली पर भड़के रामा पाण्डे, मरीजों की सुरक्षा और सुविधाओं पर उठाए सवाल

अस्पताल भवन में रिसाव, जर्जर छज्जा और बंदरों की आवाजाही को बताया गंभीर समस्या, जीएम से तत्काल सुधार की मांग

  • अस्पताल भवन में रिसाव, जर्जर छज्जा और बंदरों की आवाजाही को बताया गंभीर समस्या, जीएम से तत्काल सुधार की मांग
  • जीएम से अस्पताल का निरीक्षण कर तत्काल सुधार कराने की मांग

जेबी लाइव, रिपोर्टर

किरीबुरू : झारखंड मजदूर संघर्ष संघ (झामसंसं) के केंद्रीय अध्यक्ष रामा पाण्डे ने सेल के किरीबुरू-मेघाहातुबुरु जनरल सह रेफरल अस्पताल की बदहाल स्थिति पर गंभीर चिंता जताई है। संघ के मेघाहातुबुरु इकाई महासचिव अफताब आलम उर्फ लाल भाई वायरल बुखार के कारण पिछले दो दिनों से अस्पताल में भर्ती हैं। उनके स्वास्थ्य का हालचाल जानने पहुंचे रामा पाण्डे ने अस्पताल की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने पाया कि अस्पताल भवन के कई हिस्सों से पानी का रिसाव हो रहा है, जिससे दीवारों में सीलन और कालापन फैल गया है। उन्होंने कहा कि यह स्थिति अस्पताल की छवि और मरीजों के स्वास्थ्य दोनों के लिए चिंताजनक है।

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अस्पताल भवन में रिसाव और जर्जर ढांचे पर उठे सवाल

रामा पाण्डे ने अस्पताल के मुख्य प्रवेश द्वार पर बने जर्जर छज्जे को भी खतरे का संकेत बताते हुए कहा कि इसकी हालत ऐसी है कि यह कभी भी गिर सकता है, जिससे किसी बड़ी दुर्घटना की आशंका बनी हुई है। उन्होंने अस्पताल परिसर में बंदरों की लगातार आवाजाही पर भी नाराजगी व्यक्त की। उनके अनुसार बंदर मरीजों के वार्डों और बेड तक पहुंच जाते हैं तथा मरीजों के खाने-पीने का सामान लेकर भाग जाते हैं। उन्होंने कहा कि यह न केवल मरीजों की सुरक्षा बल्कि अस्पताल प्रबंधन की व्यवस्था पर भी प्रश्नचिह्न लगाता है। अस्पताल में भर्ती मरीजों और उनके परिजनों को इस समस्या से लगातार जूझना पड़ रहा है।

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मरीजों के वार्ड तक पहुंच रहे बंदर, सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल

उन्होंने कहा कि अस्पताल में साफ-सफाई की स्थिति अपेक्षाकृत बेहतर है, लेकिन कंबल, तकिया और खिड़कियों पर लगे पर्दों की हालत काफी खराब है। रामा पाण्डे ने किरीबुरू-मेघाहातुबुरु अस्पताल की तुलना गुवा अस्पताल से करते हुए कहा कि वहां वार्डों में एसी, बेहतर बेड, साफ-सुथरे पर्दे और सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि रेफरल अस्पताल होने के नाते किरीबुरू अस्पताल में इससे भी बेहतर सुविधाएं होनी चाहिए। इस संबंध में उन्होंने सेल किरीबुरू के महाप्रबंधक अमित बिस्वास से फोन पर बात कर अस्पताल की समस्याओं से अवगत कराया तथा स्वयं अस्पताल पहुंचकर निरीक्षण करने और आवश्यक सुधार कार्य जल्द शुरू कराने का आग्रह किया।

Jamshedpur : काशीडीह हाई स्कूल के छात्र शुभम का कमाल, दिल्ली में दिखेगा जमशेदपुर का टैलेंट

इंस्पायर अवार्ड-मानक योजना के तहत राष्ट्रीय विज्ञान प्रदर्शनी के लिए चयन झारखंड के 30 सदस्यीय दल में होंगे शामिल अटल

  • इंस्पायर अवार्ड-मानक योजना के तहत राष्ट्रीय विज्ञान प्रदर्शनी के लिए चयन
  • झारखंड के 30 सदस्यीय दल में होंगे शामिल
  • अटल टिंकरिंग लैब से विद्यार्थियों में बढ़ रही वैज्ञानिक सोच

जेबी लाइव, रिपोर्टर

जमशेदपुर : शहर के लिए गर्व की खबर है। साकची स्थित काशीडीह हाई स्कूल के मेधावी छात्र शुभम का चयन भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की प्रतिष्ठित ‘इंस्पायर अवार्ड-मानक योजना’ के तहत राष्ट्रीय स्तरीय प्रदर्शनी के लिए हुआ है। शुभम नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित होने वाली राष्ट्रीय विज्ञान प्रदर्शनी में झारखंड का प्रतिनिधित्व करेंगे। वह पूर्वी सिंहभूम से चयनित तीन बाल वैज्ञानिकों में शामिल हैं और 30 सदस्यीय झारखंड दल का हिस्सा होंगे। इस उपलब्धि से विद्यालय के साथ-साथ जमशेदपुर का नाम भी राष्ट्रीय स्तर पर रोशन होगा।

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राष्ट्रीय विज्ञान प्रदर्शनी में झारखंड का प्रतिनिधित्व करेंगे शुभम

चयनित विद्यार्थियों को ‘सकुरा साइंस एक्सचेंज प्रोग्राम’ के तहत जापान भ्रमण का अवसर भी मिलेगा। विद्यालय के प्राचार्य राकेश पांडे ने शुभम की उपलब्धि पर खुशी जताते हुए कहा कि विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच विकसित करने के लिए स्कूल में अटल टिंकरिंग लैब (ATL) का नियमित उपयोग कराया जाता है। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक प्रयोगों और नवाचार के प्रति विद्यार्थियों की रुचि बढ़ाने का प्रयास लगातार किया जा रहा है। शुभम का राष्ट्रीय स्तर पर चयन इसी पहल और उसकी प्रतिभा का परिणाम है।

Chandil : सीट कटौती से हजारों छात्र नामांकन से वंचित, एआईडीएसओ 12 सितंबर को करेगा धरना

सिंहभूम कॉलेज चांडिल में यूजी सीट बढ़ाने की मांग, मांग पूरी नहीं होने पर अनिश्चितकालीन धरने की चेतावनी मांग पूरी

  • सिंहभूम कॉलेज चांडिल में यूजी सीट बढ़ाने की मांग, मांग पूरी नहीं होने पर अनिश्चितकालीन धरने की चेतावनी
  • मांग पूरी नहीं हुई तो अनिश्चितकालीन आंदोलन की चेतावनी

जेबी लाइव, रिपोर्टर

चांडिल : सिंहभूम कॉलेज चांडिल में स्नातक (यूजी) सत्र 2026-30 में सीटों में कटौती किए जाने से क्षेत्र के हजारों विद्यार्थी नामांकन से वंचित हो गए हैं। विद्यार्थियों के भविष्य को देखते हुए ऑल इंडिया डेमोक्रेटिक स्टूडेंट्स ऑर्गेनाइजेशन (एआईडीएसओ) की सिंहभूम कॉलेज कमेटी ने 12 सितंबर को कॉलेज परिसर में धरना-प्रदर्शन करने का निर्णय लिया है। एआईडीएसओ कॉलेज कमेटी के सचिव राजा प्रमाणिक ने बताया कि सीट बढ़ाने की मांग को लेकर पूर्व में कोल्हान विश्वविद्यालय के कुलपति को ज्ञापन सौंपा गया था। इसके अलावा राज्यपाल और विश्वविद्यालय प्रशासन को ईमेल के माध्यम से भी मामले की जानकारी दी गई, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई ठोस पहल नहीं हुई है।

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यूजी सीट बढ़ाने की मांग को लेकर एआईडीएसओ करेगा आंदोलन

एआईडीएसओ कमेटी के इंचार्ज सह जिला सचिव युधिष्ठिर प्रमाणिक ने कहा कि सिंहभूम कॉलेज चांडिल अनुमंडल का प्रमुख डिग्री कॉलेज है। ग्रामीण क्षेत्रों के गरीब और सामान्य परिवारों से आने वाले हजारों विद्यार्थी उच्च शिक्षा के लिए इसी कॉलेज पर निर्भर हैं। सीटों में कटौती होने से सबसे अधिक परेशानी इन्हीं विद्यार्थियों को उठानी पड़ रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि घाटशिला कॉलेज में विद्यार्थियों का नामांकन लिया गया, जबकि सिंहभूम कॉलेज में सीटों की कमी के कारण छात्र नामांकन से वंचित हो रहे हैं। संगठन ने यूजी की सीटों में तत्काल बढ़ोतरी कर सभी प्रभावित विद्यार्थियों का नामांकन सुनिश्चित करने और नामांकन प्रक्रिया जल्द शुरू करने की मांग की है।

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ग्रामीण विद्यार्थियों के हित में सीट बढ़ाने की मांग तेज

एआईडीएसओ ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो आगे अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया जाएगा। संगठन ने कहा कि ऐसी स्थिति उत्पन्न होने पर इसकी जिम्मेदारी विश्वविद्यालय और कॉलेज प्रशासन की होगी। संगठन की ओर से प्रभावित विद्यार्थियों, अभिभावकों और शिक्षा प्रेमी लोगों से 12 सितंबर को आयोजित धरना-प्रदर्शन में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की गई है। एआईडीएसओ का कहना है कि विद्यार्थियों के शैक्षणिक भविष्य को देखते हुए कॉलेज में यूजी सीटों की संख्या बढ़ाना आवश्यक है, ताकि योग्य विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा से वंचित न होना पड़े।

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