अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस पर डालसा ने वृद्धाश्रमों में चलाया जागरूकता अभियान, बुजुर्गों के स्वास्थ्य की भी हुई जांच
जेबी लाइव, रिपोर्टर
जमशेदपुर : अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा), जमशेदपुर की ओर से बुधवार को बाराद्वारी स्थित ओल्ड एज होम और डिमना स्थित वृद्धाश्रम में अलग-अलग विधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। नालसा एवं झालसा के निर्देश तथा डालसा के अध्यक्ष सह प्रधान जिला जज अरविंद कुमार पांडेय के मार्गदर्शन में आयोजित कार्यक्रम में डालसा सचिव कुमार सौरभ त्रिपाठी ने वरिष्ठ नागरिकों को उनके कानूनी अधिकारों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बुजुर्ग हमारे लिए बोझ नहीं, बल्कि अनुभव की पूंजी हैं। उन्होंने कहा कि एक अक्तूबर को अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस मनाया जाता है, जिसका उद्देश्य बुजुर्गों के योगदान का सम्मान करने और उनके अधिकारों के प्रति समाज में जागरूकता बढ़ाना है।
इसे भी पढ़ें : Muri : सिल्ली अंचल कार्यालय का अमीन 50 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार
वरिष्ठ नागरिकों के अधिकारों और सम्मान के प्रति जागरूकता जरूरी

डालसा सचिव ने कहा कि जिस उदासीनता के साथ आज समाज के कुछ हिस्सों में बुजुर्गों के साथ व्यवहार किया जा रहा है, वह भविष्य में हमारी अपनी बुढ़ापे की तस्वीर बन सकती है। उन्होंने माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिकों के भरण-पोषण और कल्याण अधिनियम, 2007 की जानकारी देते हुए कहा कि इसके तहत संतान अपने बुजुर्ग माता-पिता के भरण-पोषण के लिए बाध्य है। कानून में यह प्रावधान भी है कि यदि कोई संतान माता-पिता से संपत्ति हस्तांतरित कराने के बाद उनकी उपेक्षा करती है, तो निर्धारित परिस्थितियों में ऐसा हस्तांतरण रद्द किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में वरिष्ठ नागरिकों को इन कानूनी प्रावधानों की जानकारी नहीं है और जानकारी होने के बावजूद कई बुजुर्ग संतान के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने से हिचकते हैं।
इसे भी पढ़ें : New Delhi : वियतनाम हादसे में दिवंगत विनय राय और राजा कुमार वर्मा के पार्थिव शरीर लाने की पहल तेज
संपत्ति हस्तांतरण और भरण-पोषण कानून की दी गई जानकारी
कुमार सौरभ त्रिपाठी ने वरिष्ठ नागरिकों से अपील की कि वे अपनी समस्याओं को लेकर किसी तरह का संकोच न करें और डालसा से संपर्क करें। उन्होंने कहा कि जिला विधिक सेवा प्राधिकार के माध्यम से जरूरतमंद लोगों को निःशुल्क कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जाती है। उन्होंने सामाजिक न्याय मंत्रालय से संबंधित आंकड़ों का उल्लेख करते हुए कहा कि वरिष्ठ नागरिकों के भरण-पोषण कानून के तहत सामने आने वाली शिकायतों में बड़ी संख्या संपत्ति से जुड़े विवादों की होती है। उन्होंने वृद्धजनों की स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों पर भी चिंता जताई और कहा कि वृद्धावस्था चिकित्सा के लिए विशेषज्ञों की उपलब्धता अभी भी एक चुनौती है। जिला स्तर पर बुजुर्गों के लिए विशेष स्वास्थ्य सुविधाओं की आवश्यकता है।
इसे भी पढ़ें : Jamshedpur : मुर्दा मैदान की सफाई नहीं हुई तो खुद उतरेंगे लोग, सरयू राय ने मानगो नगर निगम को दिया अल्टीमेटम
समस्याओं के समाधान के लिए डालसा से संपर्क करने की अपील
कार्यक्रम के दौरान दोनों वृद्धाश्रमों में बुजुर्गों के स्वास्थ्य की जांच के लिए अलग-अलग मेडिकल कैंप लगाए गए। मेडिकल टीम ने वृद्धजनों की स्वास्थ्य जांच कर आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श दिया। जागरूकता कार्यक्रम के बाद डालसा सचिव ने वृद्धाश्रमों का निरीक्षण भी किया। उन्होंने बुजुर्गों के रहन-सहन, खान-पान, साफ-सफाई, शयन कक्ष और किचेन सहित अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की समस्या सामने आने पर डालसा कार्यालय को इसकी जानकारी दी जाए, ताकि आवश्यक समाधान की दिशा में कार्रवाई की जा सके। उन्होंने वृद्धाश्रम प्रबंधन से भी बुजुर्गों की सुविधाओं और आवश्यकताओं का विशेष ध्यान रखने को कहा।
इसे भी पढ़ें : Seraikela : चौका और कांड्रा में तंबाकू नियंत्रण अभियान, 35 प्रतिष्ठानों की हुई जांच
वृद्धाश्रमों में स्वास्थ्य जांच के साथ व्यवस्थाओं का लिया जायजा
कार्यक्रम को सफल बनाने में डालसा के पारा लीगल वॉलंटियर्स (पीएलवी) की महत्वपूर्ण भूमिका रही। कार्यक्रम में प्रकाश मिश्रा, नागेन्द्र कुमार, दिलीप जायसवाल, आशीष प्रजापति, जोबारानी बास्के, संजय तिवारी, बालेश्वर दास, रमन कुमार, सुनीता कुमारी, रीना तिवारी, सुनीता झा और प्रसीश मरांडी सहित अन्य पीएलवी तथा मेडिकल टीम के सदस्य मौजूद रहे। कार्यक्रम के माध्यम से वरिष्ठ नागरिकों को उनके अधिकारों, कानूनी सहायता और स्वास्थ्य संबंधी सुविधाओं के प्रति जागरूक किया गया। डालसा सचिव ने कहा कि बुजुर्गों की समस्याओं को सुनना और उन्हें सम्मानजनक जीवन उपलब्ध कराने में समाज एवं परिवार की सामूहिक भूमिका महत्वपूर्ण है।























