Share

Jamshedpur : धूल-गड्ढों से फिर बदहाल हुआ एनएच-33, सरयू राय ने लिया जायजा

  • पारडीह से बालीगुमा तक सड़क की स्थिति देख विधायक ने एनएचएआई से तत्काल पानी छिड़काव और पिचिंग की मांग की
  • मानगो फ्लाईओवर निर्माण को लेकर भी उठ चुके हैं सवाल

जेबी लाइव, रिपोर्टर

जमशेदपुर : मानगो से होकर गुजरने वाले एनएच-33 पर सड़क की बदहाली और निर्माण कार्य के कारण उड़ रही धूल को लेकर स्थानीय लोगों की शिकायत पर जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय ने बुधवार को सड़क का जायजा लिया। पारडीह स्थित होटल सिटी इन से बालीगुमा तक निरीक्षण के दौरान उन्होंने सड़क पर जगह-जगह छोटे-बड़े गड्ढे और निर्माणाधीन फ्लाईओवर के कारण उड़ती धूल देखी। स्थानीय लोगों ने बताया कि धूल घरों के अंदर तक पहुंच रही है, जिससे उन्हें काफी परेशानी हो रही है। सड़क पर गड्ढों को भरने के लिए डाली गई निर्माण सामग्री भी कई जगह वाहन चालकों के लिए परेशानी का कारण बन रही है। एनएच-33 पर निर्माण कार्य और यातायात के बीच लोगों को लगातार आवागमन संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।

इसे भी पढ़ें : Jamshedpur : मतदाता सूची की विसंगतियों पर राजनीतिक दलों के साथ बैठक, बीएलओ करेंगे घर-घर सत्यापन

धूल रोकने के लिए नियमित पानी छिड़काव की मांग

निरीक्षण के दौरान सरयू राय ने एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर से मौके पर ही बातचीत की और सड़क की मौजूदा स्थिति से अवगत कराया। प्रोजेक्ट डायरेक्टर ने बताया कि उन्होंने दो दिन पहले ही पदभार संभाला है। विधायक ने उनसे कहा कि जिम्मेदारी संभालने के साथ सबसे पहले सड़क पर उड़ रही धूल को नियंत्रित करने की व्यवस्था की जाए। उन्होंने नियमित रूप से पानी का छिड़काव कराने की मांग की, ताकि राहगीरों और सड़क किनारे रहने वाले लोगों को तत्काल राहत मिल सके। प्रोजेक्ट डायरेक्टर ने नियमित पानी छिड़काव कराने पर सहमति जताई। एनएच-33 के इस हिस्से में निर्माण के दौरान धूल नियंत्रण की समस्या पहले भी सामने आती रही है और स्थानीय शिकायतों के बाद पानी छिड़काव जैसे उपायों की मांग की जाती रही है।

इसे भी पढ़ें : Potka : आजीविका से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहीं पोटका की महिलाएं, संजीव सरदार ने किया प्रेरित

दशहरा से पहले सड़क की पिचिंग कराने पर जोर

सरयू राय ने कहा कि बरसात का मौसम खत्म हो चुका है और दशहरा सामने है। ऐसे में लोगों को गड्ढों और धूल के बीच त्योहार का समय बिताने के लिए मजबूर नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने एनएचएआई से कहा कि गड्ढों में केवल मिट्टी या अन्य सामग्री डालकर काम चलाने के बजाय सड़क की बाकायदा पिचिंग कराई जाए। प्रोजेक्ट डायरेक्टर ने आश्वासन दिया कि दो-तीन दिनों में सड़क निर्माण का काम शुरू कराया जाएगा। हालांकि, सड़क की लंबाई अधिक होने के कारण पूरे हिस्से में काम पूरा होने में समय लगने की बात भी कही गई। फ्लाईओवर निर्माण के कारण इस मार्ग पर पहले से ही यातायात और सड़क उपयोग से जुड़ी चुनौतियां बनी हुई हैं।

इसे भी पढ़ें : Jamshedpur/Seraikela : डोबो पुल के पास पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 3 किलो गांजा और ₹5.19 लाख नकद बरामद

एनएच-33 की बदहाली को लेकर पहले भी उठते रहे हैं सवाल

निरीक्षण के दौरान सरयू राय ने कहा कि एनएच-33 की बदहाली का मुद्दा नया नहीं है। उन्होंने पुराने आंदोलनों का उल्लेख करते हुए कहा कि पूर्व में भी सड़क की खराब स्थिति को लेकर आंदोलन किया गया था और एनएचएआई के अधिकारियों के समक्ष समस्या उठाई गई थी। उन्होंने सवाल उठाया कि सड़क की स्थिति खराब होने के बाद ही संबंधित एजेंसियों की सक्रियता क्यों बढ़ती है। विधायक ने कहा कि सड़क पर निर्माण सामग्री, गड्ढों और धूल के कारण वाहन चालकों के साथ-साथ आसपास रहने वाले परिवारों को भी परेशानी हो रही है। उन्होंने एनएचएआई से सड़क रखरखाव और निर्माण कार्य के दौरान लोगों की सुविधाओं का ध्यान रखने को कहा।

इसे भी पढ़ें : Manoharpur : मवेशी से टकराई बाइक, 22 वर्षीय युवक की दर्दनाक मौत

कार्रवाई नहीं हुई तो बढ़ सकता है लोगों का आक्रोश

सरयू राय ने कहा कि एनएच-33 के किनारे रहने वाले लोगों की शिकायतों को गंभीरता से लेने की जरूरत है। लगातार उड़ रही धूल से घरों के अंदर तक मिट्टी पहुंचने और लोगों को स्वास्थ्य संबंधी परेशानी होने की शिकायतें सामने आ रही हैं। उन्होंने एनएचएआई को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई और मामला केवल आश्वासन तक सीमित रहा, तो लोगों का आक्रोश बढ़ सकता है। उन्होंने तत्काल पानी छिड़काव, गड्ढों की मरम्मत और सड़क की पिचिंग पर जोर दिया। अब एनएचएआई की ओर से दिए गए आश्वासन के अनुसार निर्माण कार्य और धूल नियंत्रण के उपाय कितनी तेजी से लागू होते हैं, इस पर स्थानीय लोगों की नजर रहेगी।

Leave a Comment

Jamshedpur : बागबेड़ा में पुलिस की बड़ी कार्रवाई, गांजा और देसी कट्टा के साथ आरोपी गिरफ्तार

1.428 किलो गांजा, कट्टा, कारतूस और नकदी बरामद; आरोपी के खिलाफ पहले से आठ मामले दर्ज आठ पुराने मामलों के

  • 1.428 किलो गांजा, कट्टा, कारतूस और नकदी बरामद; आरोपी के खिलाफ पहले से आठ मामले दर्ज
  • आठ पुराने मामलों के बाद फिर पुलिस के हत्थे चढ़ा आरोपी

जेबी लाइव, रिपोर्टर

जमशेदपुर : बागबेड़ा थाना क्षेत्र के रेलवे ट्रैफिक कॉलोनी के पास पुलिस ने छापेमारी कर गांजा तस्करी के आरोपी गुप्तेश्वर गिरी उर्फ लेदा को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उसके पास से 1.428 किलोग्राम गांजा, एक देसी कट्टा, एक जिंदा कारतूस और 10,435 रुपये नकद बरामद किए। बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में एसएसपी डॉ. एहतेशाम वकारिब ने बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी कि रेलवे ट्रैफिक कॉलोनी के आसपास गांजा की बिक्री की जा रही है। आरोपी के पास हथियार होने की भी जानकारी मिली थी। इसके बाद सिटी एसपी के नेतृत्व में विशेष टीम गठित कर इलाके में छापेमारी की गई, जिसमें आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया।

इसे भी पढ़ें : Jamshedpur : बिंदल मॉल फायरिंग के चार मुख्य साजिशकर्ता जेल भेजे गए, हत्या की सुपारी का खुलासा

गांजा तौलने की मशीन और पैकिंग पाउच भी मिले

छापेमारी के दौरान पुलिस ने गांजा और हथियार के अलावा एक इलेक्ट्रॉनिक वेट मशीन तथा गांजा पैक करने के लिए रखे गए प्लास्टिक पाउच भी बरामद किए। पुलिस को आशंका है कि इनका इस्तेमाल गांजा की तौल और छोटे पैकेट तैयार कर बिक्री के लिए किया जाता था। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार गुप्तेश्वर गिरी के खिलाफ जिले के अलग-अलग थानों में पहले से आठ आपराधिक मामले दर्ज हैं। बागबेड़ा थाना में उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट और आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। बरामद सामान को जब्त कर पुलिस ने मामले की आगे की जांच शुरू कर दी है। कार्रवाई के बाद क्षेत्र में गांजा कारोबार से जुड़े लोगों के बीच हड़कंप की स्थिति है।

इसे भी पढ़ें : Ranchi : कामंडा प्लांट हादसे और नदी प्रदूषण पर उठे सवाल, समीर शेख ने मांगी उच्चस्तरीय जांच

सप्लाई नेटवर्क की कड़ियां खंगाल रही पुलिस

पुलिस अब गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ के आधार पर गांजा के स्रोत और उसके संभावित सप्लाई नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है। जांच टीम यह जानने का प्रयास कर रही है कि आरोपी गांजा कहां से लाता था और इसकी बिक्री में उसके साथ कौन-कौन लोग जुड़े हुए थे। पुलिस बरामद मोबाइल फोन, नकदी और अन्य सामान के आधार पर संभावित संपर्कों की जानकारी जुटा रही है। अधिकारियों के अनुसार, जांच आगे बढ़ने पर गांजा तस्करी से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी सामने आ सकती है। फिलहाल पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच करते हुए आगे की कानूनी कार्रवाई में जुटी है।

Jamshedpur : बिंदल मॉल फायरिंग के चार मुख्य साजिशकर्ता जेल भेजे गए, हत्या की सुपारी का खुलासा

पुलिस के अनुसार डोमिनिक की हत्या के लिए एक लाख रुपये में दी गई थी सुपारी, 25 हजार रुपये एडवांस

  • पुलिस के अनुसार डोमिनिक की हत्या के लिए एक लाख रुपये में दी गई थी सुपारी, 25 हजार रुपये एडवांस दिए गए थे
  • साजिश में शामिल अन्य लोगों की भूमिका खंगाल रही पुलिस

जेबी लाइव, रिपोर्टर

जमशेदपुर : सोनारी थाना क्षेत्र के बिंदल मॉल में बीते दिनों हुई फायरिंग के मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए चार मुख्य साजिशकर्ताओं को गिरफ्तार कर बुधवार को जेल भेज दिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सीतारामडेरा निवासी शंकर मुंडा, परसुडीह निवासी रमेश कुमार शर्मा उर्फ गुड्डू शर्मा उर्फ टीटू शर्मा, मनोज कुमार सरकार और दीपू कुमार ओझा के रूप में हुई है। बुधवार को आयोजित प्रेस वार्ता में एसएसपी डॉ. एहतेशाम वकारिब ने बताया कि पुलिस की जांच में आरोपियों की कथित संलिप्तता सामने आई है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने डोमिनिक की हत्या के लिए शूटरों को एक लाख रुपये की सुपारी दी थी। इसमें से 25 हजार रुपये एडवांस के तौर पर दिए गए थे। वारदात को अंजाम देने के लिए अन्य आवश्यक सामानों की व्यवस्था किए जाने की भी बात सामने आई है।

इसे भी पढ़ें : Ranchi : कामंडा प्लांट हादसे और नदी प्रदूषण पर उठे सवाल, समीर शेख ने मांगी उच्चस्तरीय जांच

फायरिंग के बाद शहर छोड़कर फरार हो गए थे आरोपी

पुलिस के मुताबिक बिंदल मॉल में फायरिंग की घटना को अंजाम देने के बाद साजिश में शामिल आरोपी शहर छोड़कर फरार हो गए थे। पुलिस टीम ने मामले की जांच के दौरान तकनीकी साक्ष्यों और अन्य सुरागों के आधार पर आरोपियों की तलाश शुरू की। जांच के क्रम में पुलिस को आरोपियों के छत्तीसगढ़ में होने की जानकारी मिली, जिसके बाद टीम ने वहां कार्रवाई कर चारों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपियों को जमशेदपुर लाया गया और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद बुधवार को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। पुलिस अब मामले में फायरिंग की पूरी पृष्ठभूमि और आरोपियों की भूमिका से जुड़े अन्य तथ्यों को खंगाल रही है। घटना के बाद पुलिस की कार्रवाई से मामले की जांच को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण सुराग मिलने की बात कही जा रही है।

इसे भी पढ़ें : Baharagoda : मानुषमुड़िया बाजार में इलेक्ट्रॉनिक दुकान का ताला तोड़कर लाखों की चोरी

शूटरों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की छापेमारी जारी

एसएसपी डॉ. एहतेशाम वकारिब ने बताया कि मामले में शूटरों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की ओर से लगातार छापेमारी की जा रही है। जांच टीम यह पता लगाने में जुटी है कि डोमिनिक की हत्या की कथित सुपारी देने के पीछे मुख्य वजह क्या थी और इस साजिश में अन्य कौन-कौन लोग शामिल हैं। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि वारदात के लिए संसाधन और अन्य आवश्यक सामान किस माध्यम से उपलब्ध कराए गए। अधिकारियों के अनुसार, शूटरों की गिरफ्तारी के बाद फायरिंग की घटना, कथित हत्या की साजिश और उससे जुड़े अन्य लोगों की भूमिका के संबंध में और जानकारी सामने आ सकती है। फिलहाल पुलिस आरोपियों से जुड़े संपर्कों और पूरे घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है।

Ranchi : कामंडा प्लांट हादसे और नदी प्रदूषण पर उठे सवाल, समीर शेख ने मांगी उच्चस्तरीय जांच

12 श्रमिकों की मौत का दावा, कारो-कोयल में प्रदूषण के आरोप; प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर आंदोलन की चेतावनी प्रशासनिक

  • 12 श्रमिकों की मौत का दावा, कारो-कोयल में प्रदूषण के आरोप; प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर आंदोलन की चेतावनी
  • प्रशासनिक जांच और वैज्ञानिक रिपोर्ट पर टिकी नजर

जेबी लाइव, रिपोर्टर

रांची/सुंदरगढ़ : ओडिशा के सुंदरगढ़ जिले स्थित रुंगटा कामंडा स्टील प्लांट में टैंक फटने से 12 श्रमिकों की मौत और इसके बाद कारो तथा दक्षिण कोयल नदी में कथित रूप से जहरीला पानी पहुंचने का मामला सामने आया है। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि अभी सामने नहीं आई है। घटना को लेकर दावा किया जा रहा है कि प्लांट से निकले काले-लाल रंग के पानी के नदी और स्थानीय जलस्रोतों में मिलने से आसपास के क्षेत्रों में पर्यावरणीय संकट की स्थिति बनी है। स्थानीय स्तर पर मछलियों के मरने और मवेशियों के प्रभावित होने की बातें भी सामने आई हैं। मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने के लिए प्रशासनिक और पर्यावरणीय जांच आवश्यक मानी जा रही है।

इसे भी पढ़ें : Baharagoda : मानुषमुड़िया बाजार में इलेक्ट्रॉनिक दुकान का ताला तोड़कर लाखों की चोरी

कामंडा प्लांट की घटना पर जांच की मांग तेज

घटना की जानकारी के बाद AJSU के केंद्रीय सदस्य समीर शेख ने सुंदरगढ़ और आसपास के प्रभावित ग्रामीण एवं खनन क्षेत्रों का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने स्थानीय ग्रामीणों और AJSU कार्यकर्ताओं के साथ आपात बैठक की। बैठक में ग्रामीणों ने कथित प्रदूषण, जलस्रोतों पर असर और मवेशियों से जुड़ी समस्याओं को लेकर अपनी चिंता रखी। समीर शेख ने कहा कि यदि प्लांट से निकलने वाला पानी वास्तव में कारो और दक्षिण कोयल नदी में पहुंचा है, तो इसकी वैज्ञानिक जांच कराई जानी चाहिए। उन्होंने प्रशासन और ओडिशा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से पानी, नदी और आसपास के जलस्रोतों के नमूने लेकर उनकी जांच कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि जांच रिपोर्ट के आधार पर जिम्मेदारी तय होनी चाहिए।

इसे भी पढ़ें : Jamshedpur : ड्रग्स-सट्टे के खेल पर सरयू राय का सवाल, कार्रवाई रुकने पर जताई चिंता

ग्रामीणों ने मुआवजा और पुनर्वास की उठाई मांग

बैठक में मृत श्रमिकों के परिवारों को उचित मुआवजा, आश्रितों को रोजगार तथा कथित रूप से प्रभावित ग्रामीणों और पशुपालकों को नुकसान के आकलन के बाद राहत देने की मांग उठाई गई। समीर शेख ने सुंदरगढ़ और केंदुझर के जिला प्रशासन से मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग करने की बात कही। उन्होंने कहा कि घटना के कारणों, सुरक्षा व्यवस्था और संभावित पर्यावरणीय प्रभाव की निष्पक्ष जांच जरूरी है। साथ ही यह भी स्पष्ट किया जाना चाहिए कि प्लांट से किसी प्रकार का दूषित पानी बाहर निकला या नहीं और यदि निकला तो उसका स्रोत तथा प्रभाव क्षेत्र क्या है। रुंगटा कामंडा प्लांट के पर्यावरणीय अनुपालन को लेकर पूर्व में भी आधिकारिक निरीक्षण हुए हैं; 2024 की एक संयुक्त निरीक्षण रिपोर्ट में प्रदूषण नियंत्रण उपकरणों और पर्यावरणीय मानकों के अनुपालन का उल्लेख किया गया था।

इसे भी पढ़ें : Jamshedpur : धूल-गड्ढों से फिर बदहाल हुआ एनएच-33, सरयू राय ने लिया जायजा

कारो-कोयल नदी के पानी की जांच कराने की मांग

समीर शेख ने ओडिशा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि यदि प्रदूषण की शिकायतें सामने आती हैं तो संबंधित विभाग को तत्काल स्थल निरीक्षण और वैज्ञानिक परीक्षण कराना चाहिए। उन्होंने कहा कि नदी और स्थानीय जलस्रोतों पर निर्भर ग्रामीणों के लिए पानी की गुणवत्ता का सवाल सीधे जीवन और आजीविका से जुड़ा है। उन्होंने प्रशासन से प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य एवं पशु चिकित्सा टीम भेजने, जलस्रोतों के नमूने लेने तथा ग्रामीणों को सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि जांच पूरी होने तक यदि किसी जलस्रोत के दूषित होने की आशंका है तो लोगों को उसका पानी इस्तेमाल करने से बचाने के लिए प्रशासन को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने चाहिए।

इसे भी पढ़ें : Jamshedpur : मतदाता सूची की विसंगतियों पर राजनीतिक दलों के साथ बैठक, बीएलओ करेंगे घर-घर सत्यापन

कार्रवाई नहीं हुई तो जनांदोलन की चेतावनी

बैठक में मौजूद AJSU कार्यकर्ताओं और ग्रामीण प्रतिनिधियों ने कथित प्रदूषण की निष्पक्ष जांच तथा हादसे में मृत श्रमिकों के परिजनों को न्याय दिलाने की मांग की। समीर शेख ने कहा कि यदि प्रशासन ने समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए तो ओडिशा और झारखंड के प्रभावित ग्रामीणों को साथ लेकर आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आंदोलन का उद्देश्य घटना की वास्तविकता सामने लाना, जिम्मेदारी तय कराना और प्रभावित परिवारों को राहत दिलाना है। फिलहाल पूरे मामले में प्रशासनिक जांच, प्लांट प्रबंधन का पक्ष और पानी के वैज्ञानिक परीक्षण की रिपोर्ट महत्वपूर्ण होगी। इन तथ्यों के सामने आने के बाद ही हादसे में मौतों और कथित नदी प्रदूषण के वास्तविक कारण एवं प्रभाव की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

Baharagoda : मानुषमुड़िया बाजार में इलेक्ट्रॉनिक दुकान का ताला तोड़कर लाखों की चोरी

शटर मोड़कर दुकान में घुसे चोर, तार-स्विच-बल्ब समेत सीसीटीवी का सेट-टॉप बॉक्स ले गए बाजार में रात की गश्ती बढ़ाने

  • शटर मोड़कर दुकान में घुसे चोर, तार-स्विच-बल्ब समेत सीसीटीवी का सेट-टॉप बॉक्स ले गए
  • बाजार में रात की गश्ती बढ़ाने की ग्रामीणों ने की मांग

जेबी लाइव, रिपोर्टर

बहरागोड़ा : बरसोल थाना क्षेत्र के मानुषमुड़िया मुख्य बाजार में बीती रात चोरों ने एक इलेक्ट्रॉनिक दुकान को निशाना बनाते हुए लाखों रुपये मूल्य के सामान पर हाथ साफ कर दिया। ग्रामीण बैंक के समीप निगमानंद महापात्र की दुकान के शटर का ताला तोड़ने के बाद चोरों ने शटर को एक तरफ से मोड़कर अंदर प्रवेश किया। दुकान से भारी मात्रा में इलेक्ट्रिक तार, स्विच, बल्ब समेत अन्य सामान चोरी कर लिया गया। इसके अलावा चोर सीसीटीवी कैमरे का सेट-टॉप बॉक्स भी अपने साथ ले गए। इससे आशंका जताई जा रही है कि चोरों ने साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से सीसीटीवी सिस्टम को निशाना बनाया। घटना की जानकारी बुधवार सुबह दुकान खोलने पहुंचे मालिक को हुई।

इसे भी पढ़ें : Jamshedpur : ड्रग्स-सट्टे के खेल पर सरयू राय का सवाल, कार्रवाई रुकने पर जताई चिंता

पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शुरू की जांच

दुकान में चोरी की जानकारी मिलने के बाद निगमानंद महापात्र ने पंचायत मुखिया राम मुर्मू को इसकी सूचना दी। मुखिया की सूचना पर बरसोल थाना प्रभारी कुमार इंद्रेश और एसआई अजय कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण कर छानबीन शुरू की। मुख्य बाजार में हुई चोरी की इस घटना से स्थानीय दुकानदारों और ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। स्थानीय लोगों ने पुलिस से रात के समय गश्ती और पेट्रोलिंग बढ़ाने की मांग की है। पुलिस ने जल्द ही मामले का खुलासा कर चोरी में शामिल आरोपियों को गिरफ्तार करने का आश्वासन दिया है। फिलहाल चोरी गए सामान और नुकसान का आकलन किया जा रहा है तथा पुलिस आसपास के इलाकों में भी जांच कर रही है।

Jamshedpur : ड्रग्स-सट्टे के खेल पर सरयू राय का सवाल, कार्रवाई रुकने पर जताई चिंता

बोले- छोटे आरोपियों की गिरफ्तारी से आगे बढ़कर नेटवर्क के सरगनाओं तक पहुंचे पुलिस, ऑनलाइन सट्टे पर भी नजर जरूरी

  • बोले- छोटे आरोपियों की गिरफ्तारी से आगे बढ़कर नेटवर्क के सरगनाओं तक पहुंचे पुलिस, ऑनलाइन सट्टे पर भी नजर जरूरी
  • ड्रग्स-सट्टे के खिलाफ जागरूकता अभियान को गति देने की तैयारी

जेबी लाइव, रिपोर्टर

जमशेदपुर : शहर में ड्रग्स और सट्टेबाजी के कारोबार को लेकर जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए नेटवर्क के बड़े सरगनाओं तक पहुंचने की मांग की है। उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ पुलिस ने कार्रवाई शुरू की तो उम्मीद जगी थी कि इसके पीछे सक्रिय नेटवर्क की कड़ियां सामने आएंगी और मुख्य संचालकों तक पुलिस पहुंचेगी। उनके अनुसार, शुरुआती कार्रवाई के बाद अभियान की गति कम होने से सवाल उठना स्वाभाविक है। सरयू राय ने कहा कि ड्रग्स और सट्टेबाजी अब केवल कानून-व्यवस्था का विषय नहीं है, बल्कि युवाओं, परिवारों और समाज पर इसके व्यापक प्रभाव को देखते हुए इसे गंभीरता से लेने की जरूरत है। हाल के दिनों में उन्होंने इस मुद्दे पर पुलिस से नेटवर्क की जांच और सरगनाओं की गिरफ्तारी की मांग भी की है।

इसे भी पढ़ें : Jamshedpur : धूल-गड्ढों से फिर बदहाल हुआ एनएच-33, सरयू राय ने लिया जायजा

छोटे आरोपियों से आगे सरगनाओं तक पहुंचे पुलिस

सरयू राय ने कहा कि जब पुलिस ने ड्रग्स और सट्टेबाजी के खिलाफ कार्रवाई की थी, तब उन्होंने पुलिस के प्रयासों की सराहना की थी। उनका कहना है कि उस दौरान उनकी एसएसपी से भी बातचीत हुई थी और उन्हें बताया गया था कि कार्रवाई के क्रम में कई महत्वपूर्ण लिंक सामने आए हैं। इसी आधार पर उन्हें उम्मीद थी कि जांच आगे बढ़ेगी और नेटवर्क के बड़े खिलाड़ियों तक पुलिस पहुंचेगी। उन्होंने कहा कि छोटे स्तर पर काम करने वाले लोगों की गिरफ्तारी के साथ उनके बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंक की जांच जरूरी है। सरयू राय ने स्पष्ट किया कि सरगनाओं की पहचान और गिरफ्तारी पुलिस की जिम्मेदारी है, जबकि सामाजिक संगठन और नागरिक जागरूकता फैलाकर तथा सूचना उपलब्ध कराकर सहयोग कर सकते हैं। इसी उद्देश्य से ड्रग्स और सट्टेबाजी के खिलाफ जनजागरूकता अभियान चलाने की तैयारी भी की जा रही है।

इसे भी पढ़ें : Jamshedpur : मतदाता सूची की विसंगतियों पर राजनीतिक दलों के साथ बैठक, बीएलओ करेंगे घर-घर सत्यापन

ड्रग्स और अपराध के संबंध पर जताई चिंता

सरयू राय ने कहा कि ड्रग्स की लत का असर केवल नशा करने वाले व्यक्ति तक सीमित नहीं रहता, बल्कि पूरे परिवार को प्रभावित करता है। उनके अनुसार, नशे की जरूरत पूरी करने के लिए कुछ लोग चोरी, छिनतई और अन्य आपराधिक गतिविधियों की ओर बढ़ सकते हैं। उन्होंने कहा कि बच्चों और युवाओं के नशे की गिरफ्त में आने से परिवारों के सामने गंभीर सामाजिक और आर्थिक संकट खड़ा हो सकता है। उन्होंने शहर में ड्रग्स की उपलब्धता को लेकर चिंता जताते हुए कहा कि इस समस्या से निपटने के लिए पुलिस कार्रवाई के साथ सामाजिक जागरूकता भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित अभियान पुलिस के खिलाफ नहीं, बल्कि पुलिस और प्रशासन के सहयोग से समाज को जागरूक करने का प्रयास होगा। शहर में ड्रग्स और सट्टेबाजी के दुष्प्रभाव पर 2 अक्टूबर को विचार क्रांति सम्मेलन आयोजित करने की भी तैयारी है।

इसे भी पढ़ें : Potka : आजीविका से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहीं पोटका की महिलाएं, संजीव सरदार ने किया प्रेरित

हर थाना क्षेत्र में निगरानी समिति बनाने की तैयारी

विधायक ने कहा कि ड्रग्स और सट्टेबाजी पर प्रभावी नियंत्रण के लिए स्थानीय स्तर पर भी निगरानी और सूचना तंत्र मजबूत करने की जरूरत है। उन्होंने पहले ही प्रत्येक थाना क्षेत्र में निगरानी समितियां बनाने और पुलिस-प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित करने की बात कही है। उनके अनुसार, ऐसी समितियां अपने क्षेत्र में संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाने में सहयोग कर सकती हैं। सरयू राय ने कहा कि नागरिकों की भूमिका जागरूकता और सहयोग तक सीमित होनी चाहिए, जबकि आपराधिक नेटवर्क की जांच, साक्ष्य जुटाना और आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई पुलिस की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि अभियान में नशे और सट्टेबाजी के दुष्प्रभाव को लेकर युवाओं और विद्यार्थियों के बीच जागरूकता पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।

इसे भी पढ़ें : Jamshedpur/Seraikela : डोबो पुल के पास पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 3 किलो गांजा और ₹5.19 लाख नकद बरामद

ऑनलाइन सट्टेबाजी पर साइबर जांच की जरूरत

सरयू राय ने ऑनलाइन सट्टेबाजी के बढ़ते इस्तेमाल को लेकर भी पुलिस से सक्रिय कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि डिजिटल भुगतान, ऑनलाइन आईडी और इंटरनेट आधारित नेटवर्क के कारण सट्टेबाजी का स्वरूप बदल रहा है, इसलिए इसकी जांच के लिए साइबर माध्यमों का उपयोग जरूरी है। पुलिस को ऐसे नेटवर्क की पहचान कर उनके वित्तीय लेनदेन और डिजिटल कड़ियों की जांच करनी चाहिए। वहीं, उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार जमशेदपुर पुलिस ने हाल में नशे और अवैध गतिविधियों के खिलाफ विशेष अभियान चलाकर कई गिरफ्तारियां की हैं; सितंबर में पुलिस ने दो महीने के ‘ऑपरेशन जीरो टॉलरेंस’ के दौरान 36 नशा तस्करों की गिरफ्तारी की जानकारी दी थी। सरयू राय का कहना है कि आगे की कार्रवाई में नेटवर्क के बड़े संचालकों तक पहुंचना महत्वपूर्ण होगा।

Jamshedpur : मतदाता सूची की विसंगतियों पर राजनीतिक दलों के साथ बैठक, बीएलओ करेंगे घर-घर सत्यापन

एसआईआर-2026 के तहत नो-मैपिंग और तार्किक विसंगतियों से जुड़े मामलों का डेटा साझा, सहयोग की अपील त्रुटिरहित मतदाता सूची बनाने

  • एसआईआर-2026 के तहत नो-मैपिंग और तार्किक विसंगतियों से जुड़े मामलों का डेटा साझा, सहयोग की अपील
  • त्रुटिरहित मतदाता सूची बनाने पर प्रशासन का जोर

जेबी लाइव, रिपोर्टर

जमशेदपुर : जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह उपायुक्त राजीव रंजन की अध्यक्षता में मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर)-2026 के तहत नो-मैपिंग एवं तार्किक विसंगतियों से संबंधित मामलों की विस्तृत जानकारी साझा की गई। इस दौरान राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को संबंधित डेटा उपलब्ध कराया गया, ताकि वे अपने स्तर पर इसकी समीक्षा कर सकें और पात्र मतदाताओं को आवश्यक सहयोग प्रदान कर सकें। उपायुक्त ने कहा कि मतदाता सूची को त्रुटिरहित और अद्यतन बनाने के लिए प्रशासन और राजनीतिक दलों के बीच समन्वय बेहद आवश्यक है।

इसे भी पढ़ें : Potka : आजीविका से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहीं पोटका की महिलाएं, संजीव सरदार ने किया प्रेरित

घर-घर जाकर मतदाताओं से संपर्क करेंगे बीएलओ

जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने बताया कि नो-मैपिंग और तार्किक विसंगतियों से जुड़े मामलों के निष्पादन के लिए बीएलओ घर-घर जाकर संबंधित मतदाताओं से संपर्क करेंगे। वे मतदाताओं को आवश्यक दस्तावेजों और प्रक्रिया की जानकारी देंगे तथा उनकी वास्तविक स्थिति का सत्यापन करेंगे। बैठक में सभी मतदान केंद्रों के उन मतदाताओं की बूथवार सूची भी साझा की गई, जिन्हें विभिन्न विसंगतियों अथवा विगत एसआईआर के दौरान नो-मैपिंग के कारण नोटिस जारी किए गए थे। इनमें कई मतदाता सुनवाई के दौरान आवश्यक दस्तावेज जमा कर चुके हैं, जबकि कुछ मतदाता विभिन्न कारणों से उपस्थित नहीं हो सके थे।

इसे भी पढ़ें : Jamshedpur/Seraikela : डोबो पुल के पास पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 3 किलो गांजा और ₹5.19 लाख नकद बरामद

छूटे हुए मतदाताओं के लिए चलेंगे विशेष अभियान

बैठक में बताया गया कि वर्ष 2024 की मतदाता सूची में शामिल और इन्यूमरेशन फॉर्म भर चुके, लेकिन सुनवाई में अनुपस्थित रहे मतदाताओं को चिन्हित किया जाएगा। ऐसे मतदाताओं के लिए विशेष आउटरीच कार्यक्रम और कैंप आयोजित किए जाएंगे। संबंधित ईआरओ एवं अन्य अधिकारी आवश्यकतानुसार सत्यापन और निरीक्षण करेंगे तथा उपलब्ध दस्तावेजों और तथ्यों के आधार पर नियमानुसार निर्णय लिया जाएगा। प्रशासन का प्रयास है कि कोई भी पात्र मतदाता केवल तकनीकी या प्रक्रियागत कारणों से मतदाता सूची से वंचित न रहे।

इसे भी पढ़ें : Manoharpur : मवेशी से टकराई बाइक, 22 वर्षीय युवक की दर्दनाक मौत

विशेष श्रेणी के मतदाताओं पर रहेगा फोकस

उपायुक्त राजीव रंजन ने निर्देश दिया कि पीवीटीजी, दिव्यांगजन, जनजातीय समूह, वृद्ध मतदाता तथा ऐसे मतदाता जिनके माता-पिता से संबंधित विवरण उपलब्ध नहीं हैं, उन पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने कहा कि एसआईआर-2026 का मुख्य उद्देश्य जिले के सभी पात्र भारतीय नागरिकों को मतदाता सूची में शामिल करना है। इसके लिए सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों का सहयोग और सक्रिय सहभागिता आवश्यक है। उन्होंने राजनीतिक दलों से अपील की कि वे पात्र मतदाताओं की पहचान करने और उन्हें आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने में सहयोग करें। बैठक में ईआरओ सह एडीसी, एसओआर, एडीएम लॉ एंड ऑर्डर, उप निर्वाचन पदाधिकारी तथा विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

Leave a Comment

You cannot copy content of this page

Scroll to Top