पुनर्वास, मुआवजा, रोजगार और मूलभूत सुविधाओं को लेकर उठी 15 सूत्री मांगें
मांगें पूरी नहीं होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी
जेबी लाइव, रिपोर्टर
चांडिल : चांडिल बांध से प्रभावित विस्थापितों की विभिन्न समस्याओं और लंबित मांगों को लेकर बुधवार को विस्थापित अधिकार मंच फाउंडेशन एवं विस्थापित मुक्ति वाहिनी के संयुक्त तत्वावधान में एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन आयोजित किया गया। धरना कार्यक्रम में बड़ी संख्या में विस्थापितों ने भाग लेकर अपनी 15 सूत्री मांगों को प्रमुखता से उठाया। प्रदर्शनकारियों ने पुनर्वास प्रक्रिया में तेजी लाने, लंबित मुआवजे का भुगतान, भूखंडों का पट्टा एवं सीमांकन, प्रभावित परिवारों को रोजगार तथा पुनर्वास स्थलों पर मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की। इसके अलावा प्रभावित गांवों का पुनः सर्वेक्षण कर वास्तविक लाभुकों को योजनाओं का लाभ देने की भी मांग की गई।
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पुनर्वास और मुआवजा समेत 15 सूत्री मांगों को लेकर धरना
धरना के दौरान विस्थापितों ने पुनर्वास कार्यालयों में कथित दलाल प्रथा पर रोक लगाने, सोलर प्रोजेक्ट लागू करने से पहले ग्रामसभा की सहमति लेने तथा प्रभावित परिवारों के लिए वैकल्पिक रोजगार की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग भी रखी। उन्होंने कहा कि जब तक विस्थापितों के अधिकारों का पूर्ण निपटारा नहीं हो जाता, तब तक प्रभावित भूमि पर जल भंडारण नहीं किया जाए। साथ ही सभी योजनाओं की मासिक प्रगति रिपोर्ट सार्वजनिक करने की भी मांग की गई। संयुक्त मंच ने प्रशासन को तीन माह के भीतर सभी मांगों पर ठोस कार्रवाई करने का अल्टीमेटम दिया। चेतावनी दी गई कि निर्धारित अवधि में समाधान नहीं होने पर अनिश्चितकालीन धरना, भूख हड़ताल, रैली, मशाल जुलूस तथा विधानसभा और मुख्यमंत्री आवास घेराव जैसे चरणबद्ध लोकतांत्रिक आंदोलन किए जाएंगे। धरना में श्यामल मार्डी, राकेश रंजन महतो, कांग्रेस नेता अरुण बागड़िया, कृष्णा कालिंदी सहित बड़ी संख्या में विस्थापित उपस्थित रहे।























