- अनुसूचित जनजाति दर्जा और सरना कोड की मांग पर हजारों लोगों का जुटान
- एफआईआर दर्ज होने से आंदोलनकारियों में रोष, राजनीति गरमाई
जेबी लाइव, रिपोर्टर
20 सितंबर 2025 को आदिवासी कुड़मी समाज द्वारा आहूत रेल टेका डहर छेका आंदोलन ने मूरी–सिल्ली रेलखंड पर बड़ा रूप ले लिया। आंदोलन को रोकने के लिए पुलिस प्रशासन ने पहले से ही पूरी तैयारी कर रखी थी और प्रमुख नेता देवेंद्र नाथ महतो की गिरफ्तारी की कोशिश भी की, लेकिन वे बचते रहे। आंदोलन के दिन वे अपने विधानसभा क्षेत्र सिल्ली से हजारों समर्थकों के साथ 20 किलोमीटर पैदल चलकर मूरी–सिल्ली रेलवे स्टेशन पहुंचे और रेल पटरी पर डटे रहे। आंदोलनकारियों ने देर रात तक “कुड़मी जाति को अनुसूचित जनजाति में सूचीबद्ध करो, कुड़माली भाषा को आठवीं अनुसूची में शामिल करो और सरना धर्म कोड लागू करो” जैसे नारे बुलंद किए।
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सरकार से वार्ता के बाद आंदोलन स्थगित, रेल सेवा बहाल
लगातार बढ़ते जनसैलाब और नारेबाजी के बीच देर रात 10 बजे आंदोलनकारी नेताओं और सरकार के अधिकारियों के बीच वार्ता हुई। सकारात्मक आश्वासन मिलने के बाद आंदोलन स्थगित कर दिया गया और रेलवे सेवा को फिर से सुचारू किया गया। इस दौरान आंदोलन स्थल पर एडीएम रांची, सिल्ली बीडीओ, राहे बीडीओ, सीओ सिल्ली, रांची ग्रामीण एसपी, रांची आरपीएफ डीएसपी और मूरी आरपीएफ एएसपी समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। प्रशासनिक प्रयासों से हालात काबू में आए और किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली।
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वार्ता के बाद आंदोलन समाप्त, प्रशासन ने ली राहत की सांस
हालांकि पुलिस ने कानूनी कार्रवाई करते हुए जेएलकेएम केंद्रीय वरीय उपाध्यक्ष देवेंद्र नाथ महतो को मुख्य अभियुक्त बनाया और कुल छह नेताओं पर नामजद एफआईआर दर्ज की। आरपीएफ पोस्ट/मूरी ओपी में दर्ज केस संख्या 2158/25 के तहत महतो के अलावा आजसू नेता एवं पूर्व विधायक सुदेश कुमार महतो, जेएलकेएम के वरिष्ठ नेता रामपदो महतो, जेएलकेएम सिल्ली प्रभारी कृष्ण महतो, आदिवासी कुड़मी समाज के डोला महतो और श्रीकांत महतो पर धारा 145, 146, 147 एवं रेल अधिनियम 174 (क) के तहत मामला दर्ज हुआ है। पुलिस की इस कार्रवाई से आंदोलन समर्थकों में नाराजगी है और आने वाले दिनों में इस मुद्दे के और गरमाने की संभावना जताई जा रही है।
























