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Patna : बिहार में सियासी भूचाल : सीएम पद के दावेदार रहे राजेंद्र सिंह और मनीष वर्मा का टिकट कटा, राजनीति में बढ़ी हलचल

  • टिकट बंटवारे में बड़ा उलटफेर, भाजपा और जदयू में वरिष्ठ नेताओं की अनदेखी से बढ़ी अंदरूनी नाराजगी
  • क्या जदयू में शुरू हो गया पीढ़ी परिवर्तन? मनीष वर्मा के टिकट कटने के मायने

जेबी लाइव, रिपोर्टर

बिहार की राजनीति इन दिनों टिकट बंटवारे को लेकर बड़े उतार-चढ़ाव के दौर से गुजर रही है। इस बीच भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और जनता दल (यूनाइटेड) (जदयू) से जुड़ी एक बड़ी राजनीतिक खबर सामने आई है। भाजपा के वरिष्ठ नेता और कभी बिहार में मुख्यमंत्री पद के संभावित चेहरे माने जाने वाले राजेंद्र सिंह को टिकट नहीं दिया गया। इसी प्रकार जदयू में नीतीश कुमार के बेहद करीबी और संगठन में प्रभावशाली पहचान वाले मनीष वर्मा का भी टिकट कट गया। इन दोनों नेताओं को लेकर यह माना जा रहा था कि वे अपनी-अपनी पार्टी में मजबूत जनाधार और संगठनात्मक पकड़ रखते हैं। इसके बावजूद दोनों का नाम उम्मीदवारों की अंतिम सूची से बाहर रहना न केवल राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है, बल्कि पार्टी कार्यकर्ताओं में भी असंतोष पैदा कर गया है। यह फैसला बिहार की राजनीति में नए समीकरणों और संभावित शक्ति परिवर्तन का संकेत भी माना जा रहा है।

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भाजपा में टिकट बंटवारे का फॉर्मूला क्या है? वरिष्ठों की उपेक्षा या राजनीतिक रणनीति

भाजपा नेता राजेंद्र सिंह पिछले दो दशकों से बिहार की राजनीति में सक्रिय हैं और संगठन के भीतर उनकी गहरी पकड़ मानी जाती है। संगठन में रहते हुए उन्होंने पार्टी के विस्तार में अहम योगदान दिया। कई मौकों पर उनका नाम मुख्यमंत्री पद के संभावित चेहरे के रूप में भी उभरा, खासकर तब जब भाजपा ने राज्य में नेतृत्व परिवर्तन के संकेत दिए थे। टिकट न मिलने के बाद उनके समर्थकों में निराशा का माहौल है और कई कार्यकर्ताओं ने इसे वरिष्ठ नेताओं की अनदेखी करार दिया है। पार्टी के एक धड़े का मानना है कि भाजपा नेतृत्व इस बार “युवा चेहरों” और “नए सामाजिक समीकरणों” पर दांव खेलना चाहती है। वहीं, पार्टी सूत्रों का कहना है कि टिकट चयन पूरी तरह प्रदर्शन आधारित है और इसमें क्षेत्रीय समीकरणों को प्राथमिकता दी गई है। राजेंद्र सिंह ने इस फैसले पर फिलहाल कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन सूत्र बताते हैं कि वे इस निर्णय से आहत हैं और अपने अगले राजनीतिक कदम पर मंथन कर रहे हैं।

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राजेंद्र सिंह की चुप्पी क्यों है मायने रखती? क्या बदल सकती है भाजपा की रणनीति

दूसरी ओर, जदयू नेता मनीष वर्मा का टिकट कटना भी राजनीतिक विश्लेषकों को हैरान कर रहा है। उन्हें मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का विश्वासपात्र माना जाता रहा है और कई बार उन्हें “नीतीश के उत्तराधिकारी” के तौर पर भी देखा गया। बताया जाता है कि पार्टी के कई महत्वपूर्ण फैसले वर्मा की सलाह से ही तय होते थे। लेकिन पिछले कुछ वर्षों में उनकी भूमिका संगठन में सीमित होती चली गई। जदयू के अंदर बदले राजनीतिक समीकरणों के बीच यह संकेत मिलने लगा था कि पार्टी अब पीढ़ीगत परिवर्तन की ओर बढ़ना चाहती है। यही कारण है कि इस बार टिकट वितरण में कई पुराने चेहरों की जगह नए नेताओं को मौका दिया गया है। वहीं विपक्ष ने इस फैसले पर तंज कसते हुए कहा है कि भाजपा और जदयू में “भीतरी कलह चरम पर” है और दोनों दलों में वरिष्ठ नेताओं की उपेक्षा लगातार बढ़ती जा रही है। अब सबकी निगाह इस बात पर है कि राजेंद्र सिंह और मनीष वर्मा पार्टी लाइन पर बने रहते हैं या नया राजनीतिक रास्ता चुनते हैं।

Chandil : दुर्गापूजा से पहले अवैध शराब पर उत्पाद विभाग की बड़ी कार्रवाई, दो भट्ठियां ध्वस्त

चांडिल के तीन गांवों में छापेमारी, 1,200 किलो जावा महुआ और 90 लीटर चुलाई शराब जब्त पर्व-त्योहारों को लेकर अवैध

  • चांडिल के तीन गांवों में छापेमारी, 1,200 किलो जावा महुआ और 90 लीटर चुलाई शराब जब्त
  • पर्व-त्योहारों को लेकर अवैध शराब कारोबारियों पर प्रशासन की नजर

जेबी लाइव, रिपोर्टर

चांडिल : आगामी दुर्गापूजा एवं अन्य पर्व-त्योहारों को देखते हुए सरायकेला-खरसावां जिले में अवैध शराब के निर्माण, बिक्री और भंडारण के खिलाफ उत्पाद विभाग ने कार्रवाई तेज कर दी है। उपायुक्त के निर्देश एवं अधीक्षक उत्पाद के नेतृत्व में 7 अक्टूबर 2026 को चांडिल थाना क्षेत्र के जरियाडीह, चाकुलिया और कठजोड़ गांव में विधिवत छापेमारी की गई। कार्रवाई के दौरान अवैध रूप से संचालित दो चुलाई शराब भट्ठियों को ध्वस्त किया गया। विभाग की टीम ने मौके से करीब 1,200 किलोग्राम जावा महुआ और 90 लीटर महुआ चुलाई शराब बरामद की।

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दुर्गापूजा से पहले चांडिल में अवैध शराब के खिलाफ बढ़ी कार्रवाई

छापेमारी के दौरान बरामद अवैध उत्पादों को नियमानुसार जब्त किया गया। उत्पाद विभाग की कार्रवाई के बाद अवैध शराब निर्माण से जुड़े लोगों में हड़कंप मच गया है। विभाग के अनुसार संबंधित अवैध चुलाई अड्डों के संचालकों की पहचान कर उनके खिलाफ झारखंड उत्पाद अधिनियम की सुसंगत धाराओं के तहत अभियोग दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। प्रशासन का उद्देश्य पर्व-त्योहार के दौरान अवैध शराब के कारोबार पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना और इसके कारण उत्पन्न होने वाली किसी भी अप्रिय स्थिति को रोकना है।

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अवैध चुलाई अड्डों पर कार्रवाई, संचालकों के खिलाफ केस की तैयारी

जिला प्रशासन ने आगामी दुर्गापूजा एवं अन्य पर्व-त्योहारों को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के लिए अवैध शराब के निर्माण, बिक्री और परिवहन के विरुद्ध अभियान लगातार जारी रखने का निर्देश दिया है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि अवैध शराब के कारोबार में संलिप्त पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। उत्पाद विभाग द्वारा ग्रामीण और संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने के साथ ही अवैध शराब के संभावित ठिकानों पर आगे भी छापेमारी जारी रखने की बात कही गई है।

Jamshedpur : परसूडीह मध्य विद्यालय जानिगोड़ा में डालसा का जागरूकता शिविर, बच्चों को कानून की दी जानकारी

बाल विवाह, पॉक्सो, मानव तस्करी और बाल श्रम समेत विभिन्न कानूनी प्रावधानों से कराया अवगत करणडीह प्रखंड परिसर में भी

  • बाल विवाह, पॉक्सो, मानव तस्करी और बाल श्रम समेत विभिन्न कानूनी प्रावधानों से कराया अवगत
  • करणडीह प्रखंड परिसर में भी चला विधिक जागरूकता अभियान

जेबी लाइव, रिपोर्टर

जमशेदपुर : जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा) जमशेदपुर के अध्यक्ष सह प्रधान जिला जज अरविंद कुमार पांडेय के निर्देशानुसार एवं डालसा सचिव कुमार सौरभ त्रिपाठी के मार्गदर्शन में बुधवार को डालसा की जागरूकता मोबाइल वैन परशुडीह पहुंची। इस दौरान परशुडीह स्थित मध्य विद्यालय जानिगोड़ा में विधिक जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। डालसा टीम में लीगल एड डिफेंस कौंसिल के सदस्य देवाशीष दत्ता तथा पीएलवी अरुण रजक, जयंतो नंदी, शंकर गोराई, नागेंद्र कुमार, दिलीप जायसवाल, सुनील पांडेय, ग्लोरिया पूर्ति, चैतन्य नायक, सूरज कुमार, अनिल कुमार एवं प्रियंका कुमारी मौजूद रहे। शिविर में छात्र-छात्राओं को डालसा के कार्यों और उद्देश्यों की जानकारी दी गई।

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डालसा मोबाइल वैन पहुंची परशुडीह, छात्र-छात्राओं को दी विधिक जानकारी

जागरूकता अभियान के दौरान बच्चों को नागरिकों के मौलिक अधिकार एवं कर्तव्यों के साथ शिशु प्रोजेक्ट, बाल विवाह, मानव तस्करी, पॉक्सो एक्ट, बाल श्रम, नशा उन्मूलन और डायन प्रथा जैसी सामाजिक एवं कानूनी समस्याओं के बारे में विस्तार से बताया गया। बच्चों को विभिन्न सरकारी कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी दी गई। टीम ने किसी भी कानूनी या व्यक्तिगत समस्या की स्थिति में नालसा की निःशुल्क कानूनी सलाह और परामर्श लेने की जानकारी दी। इस दौरान नालसा हेल्पलाइन 15100, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, पुलिस सेवा 100/112, महिला हिंसा हेल्पलाइन 181 और साइबर अपराध रोकथाम हेल्पलाइन 1930 के बारे में भी जानकारी साझा की गई।

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बाल विवाह और मानव तस्करी से बचाव के उपायों की दी गई जानकारी

शिविर में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने भाग लेकर विभिन्न कानूनी विषयों की जानकारी प्राप्त की। डालसा टीम ने बच्चों को कानून के प्रति जागरूक रहने तथा किसी भी तरह की समस्या होने पर संबंधित हेल्पलाइन या विधिक सेवा प्राधिकरण से संपर्क करने के लिए प्रेरित किया। जागरूकता अभियान के दौरान कानून से संबंधित पंपलेट भी वितरित किए गए। इसके अलावा करणडीह प्रखंड परिसर में भी विधिक जागरूकता अभियान चलाया गया। डालसा के इस अभियान का उद्देश्य आम लोगों, विशेषकर बच्चों और जरूरतमंदों को उनके कानूनी अधिकारों, कर्तव्यों और उपलब्ध निःशुल्क विधिक सेवाओं के प्रति जागरूक करना रहा।

Baharagoda : भुवनेश्वर में इंजीनियरिंग छात्र सागर तोराई का संदिग्ध शव बरामद, निष्पक्ष जांच की मांग

बहरागोड़ा के नागूढ़साई निवासी 22 वर्षीय छात्र की रहस्यमयी मौत से गांव में मातम परिजनों ने संदिग्ध मौत की निष्पक्ष

  • बहरागोड़ा के नागूढ़साई निवासी 22 वर्षीय छात्र की रहस्यमयी मौत से गांव में मातम
  • परिजनों ने संदिग्ध मौत की निष्पक्ष जांच की उठाई मांग

जेबी लाइव, रिपोर्टर

बहरागोड़ा : प्रखंड के नागूढ़साई निवासी 22 वर्षीय कंप्यूटर इंजीनियरिंग छात्र सागर तोराई की भुवनेश्वर के सान सिटी स्थित आवास में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। सागर गांधी इंजीनियरिंग कॉलेज में कंप्यूटर इंजीनियरिंग के तीसरे वर्ष का छात्र था। मंगलवार शाम उसके दोस्त नाश्ता करने के बाद कमरे पर लौटे, तो सागर को संदिग्ध अवस्था में पाया। इसके बाद तत्काल परिजनों और ओडिशा पुलिस को घटना की जानकारी दी गई। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई शुरू की।

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भुवनेश्वर में छात्र की संदिग्ध मौत से नागूढ़साई में पसरा मातम

पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया है। वहीं, सागर के परिजनों ने स्थानीय थाने में शिकायत दर्ज कराते हुए घटना को संदिग्ध बताया है। परिवार ने मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है, ताकि मौत की वास्तविक वजह सामने आ सके। फिलहाल पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद परिजन सागर के पार्थिव शरीर के गांव पहुंचने का इंतजार कर रहे हैं। घटना की खबर फैलने के बाद नागूढ़साई गांव में शोक का माहौल है और परिवार के साथ ग्रामीण भी गमगीन हैं।

Kolkata : खड़गपुर इलेक्ट्रिक लोको शेड में ‘कवच’ प्रणाली की बड़ी उपलब्धि, सुरक्षा व्यवस्था होगी मजबूत

पारंपरिक इलेक्ट्रिक इंजनों में कवच लगाने वाला दक्षिण पूर्व रेलवे का पहला शेड बना खड़गपुर खड़गपुर शेड में इंजनों की

  • पारंपरिक इलेक्ट्रिक इंजनों में कवच लगाने वाला दक्षिण पूर्व रेलवे का पहला शेड बना खड़गपुर
  • खड़गपुर शेड में इंजनों की निगरानी के लिए RFID तकनीक का इस्तेमाल

जेबी लाइव, रिपोर्टर

कोलकाता : दक्षिण पूर्व रेलवे के खड़गपुर स्थित इलेक्ट्रिक लोको शेड ने रेल सुरक्षा और परिचालन व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। खड़गपुर शेड दक्षिण पूर्व रेलवे का पहला पारंपरिक इलेक्ट्रिक लोको शेड बन गया है, जहां पारंपरिक इलेक्ट्रिक इंजनों में ‘कवच’ स्वचालित ट्रेन सुरक्षा प्रणाली सफलतापूर्वक लगाई गई है। कवच प्रणाली के जरिए ट्रेन के सुरक्षित संचालन में कई महत्वपूर्ण सुविधाएं मिलती हैं। इसके तहत जरूरत पड़ने पर स्वचालित ब्रेक लगाने, लाल सिग्नल पार करने से रोकने, निर्धारित गति सीमा से अधिक रफ्तार पर नियंत्रण रखने तथा चालक कक्ष में लगातार सिग्नल संबंधी जानकारी उपलब्ध कराने की व्यवस्था होती है। इससे चालक को परिचालन के दौरान अतिरिक्त सुरक्षा सहायता मिलेगी और ट्रेनों के सुरक्षित संचालन को मजबूती मिलेगी।

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पारंपरिक इलेक्ट्रिक इंजनों में पहली बार कवच प्रणाली की सुविधा

25 जुलाई से 1 अक्टूबर 2026 के बीच खड़गपुर इलेक्ट्रिक लोको शेड के 10 इंजनों में कवच प्रणाली सफलतापूर्वक चालू कर दी गई है। इसके अलावा दो अन्य इंजनों में प्रणाली लगाने का काम पूरा हो चुका है और उन्हें चालू करने की प्रक्रिया जारी है। वहीं, दो और इंजनों में कवच प्रणाली स्थापित करने का कार्य चल रहा है। इसी के साथ खड़गपुर शेड पारंपरिक इलेक्ट्रिक मालगाड़ियों के इंजनों में रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन (RFID) टैग लगाने वाला दक्षिण पूर्व रेलवे का पहला शेड भी बन गया है। अब तक दो इंजनों में RFID टैग लगाए जा चुके हैं, जबकि तीन अन्य इंजनों में काम जारी है। इससे इंजनों की पहचान, निगरानी और परिचालन प्रबंधन को अधिक व्यवस्थित एवं प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी।

Rajnagar : राजनगर के गोपालपुर जंगल में अवैध महुआ शराब भट्ठियों पर पुलिस की कार्रवाई, 250 किलो जावा महुआ नष्ट

थाना प्रभारी सोनू कुमार के नेतृत्व में चला अभियान, शराब निर्माण की भट्ठी और सामग्री भी की गई ध्वस्त अवैध

  • थाना प्रभारी सोनू कुमार के नेतृत्व में चला अभियान, शराब निर्माण की भट्ठी और सामग्री भी की गई ध्वस्त
  • अवैध शराब कारोबार के खिलाफ आगे भी जारी रहेगा पुलिस का अभियान

जेबी लाइव, रिपोर्टर

राजनगर : राजनगर थाना प्रभारी सोनू कुमार के नेतृत्व में बुधवार को थाना क्षेत्र के गोपालपुर जंगल में अवैध महुआ शराब निर्माण के खिलाफ विशेष अभियान चलाया गया। पुलिस टीम ने जंगल क्षेत्र में अवैध रूप से संचालित शराब निर्माण के ठिकानों की पहचान कर वहां छापामारी की। कार्रवाई के दौरान शराब तैयार करने के लिए रखे करीब 250 किलोग्राम जावा महुआ को पुलिस ने मौके पर ही नष्ट कर दिया। इसके अलावा अवैध रूप से संचालित शराब निर्माण की भट्ठी को भी ध्वस्त किया गया। पुलिस ने शराब बनाने में इस्तेमाल होने वाली अन्य सामग्रियों को भी मौके पर नष्ट कर दिया। कार्रवाई के बाद जंगल क्षेत्र में अवैध शराब निर्माण करने वालों में हड़कंप की स्थिति है।

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गोपालपुर जंगल में अवैध शराब निर्माण के ठिकानों पर पुलिस का अभियान

थाना प्रभारी सोनू कुमार ने बताया कि क्षेत्र में अवैध महुआ शराब के निर्माण और बिक्री के खिलाफ पुलिस का अभियान लगातार जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि जंगल और ग्रामीण इलाकों में अवैध शराब निर्माण के ठिकानों की पहचान कर उनके खिलाफ विधि सम्मत कार्रवाई की जाएगी। पुलिस की इस कार्रवाई का उद्देश्य अवैध शराब के कारोबार पर अंकुश लगाना और ग्रामीण क्षेत्रों में इसके प्रभाव को कम करना है। पुलिस टीम आगे भी ऐसे स्थानों पर लगातार निगरानी रखेगी और सूचना मिलने पर छापामारी अभियान चलाया जाएगा।

Chandil : चांडिल थाना में शांति समिति की बैठक, दुर्गापूजा में डीजे पर रहेगा प्रतिबंध

एसडीएम ने पूजा समितियों से शांतिपूर्ण आयोजन में सहयोग की अपील, सुरक्षा व्यवस्था की ली जानकारी डीजे प्रतिबंध के साथ

  • एसडीएम ने पूजा समितियों से शांतिपूर्ण आयोजन में सहयोग की अपील, सुरक्षा व्यवस्था की ली जानकारी
  • डीजे प्रतिबंध के साथ पूजा पंडालों की सुरक्षा पर प्रशासन की नजर

जेबी लाइव, रिपोर्टर

चांडिल : शारदीय नवरात्र एवं दुर्गापूजा को लेकर बुधवार को चांडिल थाना परिसर में शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता एसडीएम नितिन शिवम गुप्ता ने की। इसमें डीएसपी, बीडीओ तुलेश्वर रोहीदास, थाना प्रभारी संतन तिवारी सहित विभिन्न पूजा समितियों के सदस्य, जनप्रतिनिधि और स्थानीय लोग शामिल हुए। बैठक में दुर्गापूजा को शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण और आपसी भाईचारे के माहौल में संपन्न कराने को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। एसडीएम ने पूजा समितियों को प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों की जानकारी दी। साथ ही पूजा पंडालों में सुरक्षा व्यवस्था, आयोजन की तैयारियों और आवश्यक सुविधाओं की जानकारी लेते हुए समितियों से प्रशासन के साथ समन्वय बनाए रखने की अपील की।

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दुर्गापूजा को लेकर प्रशासन ने पूजा समितियों से मांगा सहयोग

एसडीएम नितिन शिवम गुप्ता ने कहा कि पर्व के दौरान सभी लोग शांति और सामाजिक सौहार्द बनाए रखें तथा ऐसी कोई गतिविधि न करें, जिससे अप्रिय स्थिति उत्पन्न हो। उन्होंने स्पष्ट किया कि दुर्गापूजा के दौरान डीजे साउंड सिस्टम के इस्तेमाल पर प्रतिबंध रहेगा। प्रशासन की ओर से शांतिपूर्ण आयोजन को लेकर पूरी सतर्कता बरती जा रही है। पूजा समितियों से भी नियमों का पालन करने और प्रशासन का सहयोग करने की अपील की गई। बैठक में गुरुचरण किस्कू, काबलू पाल, मिलन प्रमाणिक, तापस मंडल, समीर कुंडू, कृष्ण कालिंदी, अरुण बागड़िया, रत्नाकर खैतान, मो. फकरुद्दीन अंसारी, मो. सलीम समेत अन्य लोग उपस्थित रहे।

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