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Patna : मुख्यमंत्री कौन? NDA से लेकर महागठबंधन तक में असमंजस, बिहार चुनाव में सीएम चेहरे पर फंसा बड़ा पेंच

  • नीतीश को NDA में अनिश्चित समर्थन, तो महागठबंधन में तेजस्वी को कांग्रेस की चुनौती राजनीतिक असमंजस गहराया
  • बिहार चुनाव 2025 – मुकाबला मुद्दों पर होगा या चेहरों पर?

जेबी लाइव, रिपोर्टर

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 जैसे-जैसे नजदीक आ रहे हैं, राज्य की राजनीति में एक बड़ा सवाल चर्चा में है—चुनाव जीते तो मुख्यमंत्री कौन बनेगा? यह सवाल सिर्फ विपक्षी महागठबंधन तक सीमित नहीं है, बल्कि सत्ताधारी NDA गठबंधन भी इससे जूझता दिख रहा है। NDA की ओर से यह जरूर कहा जा रहा है कि चुनाव नीतीश कुमार के नेतृत्व में लड़ा जा रहा है, लेकिन भाजपा इस सवाल का स्पष्ट जवाब देने से बच रही है कि जीत के बाद मुख्यमंत्री कौन होगा? भाजपा नेताओं का कहना है कि फिलहाल पूरा ध्यान सरकार दोबारा बनाने पर है, लेकिन भाजपा सत्ता की कुर्सी को लेकर चुप्पी साधे हुए है। दूसरी तरफ पूर्व डिप्टी सीएम सुशील मोदी से लेकर केंद्रीय मंत्री अमित शाह तक कई नेताओं के बयानों से इस बात के संकेत मिले हैं कि भाजपा चुनाव बाद नेतृत्व में बदलाव के विकल्प को खुला रखे हुए है।

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NDA में नीतीश की भूमिका सीमित करने की तैयारी?

उधर महागठबंधन में मुख्यमंत्री चेहरे को लेकर मतभेद ज्यादा गंभीर हैं। राजद की ओर से लगातार दबाव बनाया जा रहा है कि तेजस्वी यादव को सीएम फेस घोषित किया जाए, लेकिन कांग्रेस और वामदलों की ओर से इस पर सहमति नहीं बन पाई है। महागठबंधन की हालिया बैठक में यह दावा हुआ था कि मुख्यमंत्री चेहरे को लेकर सहमति बन गई है, लेकिन आधिकारिक घोषणा अब तक नहीं हुई है। कांग्रेस का साफ कहना है कि चुनाव सामूहिक नेतृत्व में लड़ा जाएगा और 2020 की तरह तेजस्वी को चेहरा घोषित करने की गलती दोहराई नहीं जाएगी। कांग्रेस हाईकमान के कई वरिष्ठ नेताओं—राहुल गांधी, के.सी. वेणुगोपाल और बिहार प्रभारी कृष्णा अल्लावरु—ने संकेत दिए हैं कि तेजस्वी के नेतृत्व पर भरोसा करने से पहले गठबंधन को रणनीतिक रूप से सोचना होगा।

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क्या महागठबंधन में टूट की शुरुआत तेजस्वी-बनाम-कांग्रेस टकराव से होगी?

महागठबंधन की चुनौतियाँ तेजस्वी यादव को IRCTC भ्रष्टाचार मामले की चार्जशीट के बाद और बढ़ गई हैं। इसी केस में कोर्ट द्वारा आरोप तय होने के बाद कांग्रेस तेजस्वी को चेहरा घोषित करने से और भी हिचकिचा रही है। कांग्रेस का तर्क है कि तेजस्वी को आगे करने से NDA भ्रष्टाचार का मुद्दा जोर-शोर से उठाएगा और विपक्ष की नैतिक छवि कमजोर पड़ेगी। दूसरी ओर राजद का मानना है कि बिना चेहरा घोषित किए गठबंधन चुनाव में गति नहीं पकड़ पाएगा और कार्यकर्ताओं का मनोबल कमजोर होगा। राजद यह भी तर्क दे रही है कि तेजस्वी यादव पिछले चुनाव में सबसे ज्यादा लोकप्रिय नेता के रूप में उभरे थे और मुस्लिम-यादव (MY) समीकरण उनके नेतृत्व में ही मजबूत रहता है।

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क्या तेजस्वी पर लगे आरोप महागठबंधन के लिए बड़ी बाधा बनेंगे?

इस बीच गठबंधन के अंदर सीट वितरण को लेकर भी गहरी खींचतान चल रही है। राजद अधिकतम सीटों पर चुनाव लड़ना चाहती है और खुद को गठबंधन का बड़ा भाई मान रही है। वहीं कांग्रेस इस बार पिछली बार से ज्यादा सीटें मांग रही है और जीत योग्य सीटों पर दावा कर रही है। वामदलों ने 2020 में 16 में से 12 सीटें जीतकर शानदार प्रदर्शन किया था, इसलिए वे भी इस बार ज्यादा सीटों की मांग पर अड़े हैं। वीआईपी प्रमुख मुकेश सहनी ने तो डिप्टी सीएम पद की मांग तक रख दी है। स्थिति यह हो गई है कि महागठबंधन का सीट बंटवारा अब तक फाइनल नहीं हो पाया है। इतना ही नहीं, कई सीटों पर टकराव खुलकर सामने आ चुका है, जैसे—वैशाली, लालगंज और कुटुंबा में राजद और कांग्रेस दोनों ने अपने-अपने उम्मीदवार उतार दिए हैं।

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सीट बंटवारे में फंसा महागठबंधन, क्या होगा आगे?

इन राजनीतिक उठापटक के बीच तेजस्वी यादव खुद को अब ‘ब्रांड तेजस्वी’ के रूप में पेश कर रहे हैं और उन्होंने साफ कहा है कि “बिहार में बदलाव तो तेजस्वी ही लाएगा।” उन्होंने खुद को महागठबंधन का मुख्यमंत्री चेहरा मानना शुरू कर दिया है, भले ही कांग्रेस अब तक आधिकारिक सहमति न दे रही हो। तेजस्वी लगातार जनसभाओं में नीतीश कुमार और भाजपा पर सीधे हमले कर रहे हैं। वहीं NDA इस स्थिति पर नजर रखे हुए है और महागठबंधन की फूट को अपने फायदे में बदलने की रणनीति पर काम कर रहा है। कुल मिलाकर बिहार में इस बार के चुनाव का सबसे बड़ा सवाल यही है—मुख्यमंत्री कौन? न NDA इस पर स्पष्ट है और न ही महागठबंधन। जनता भी इंतजार में है कि आखिर मुख्य मुकाबले में दावेदार कौन होगा और किसके नेतृत्व में बिहार आगे बढ़ेगा।

Jamshedpur : बाल विवाह रोकथाम में शिक्षकों की भूमिका अहम, जिला स्तरीय कार्यशाला में दिया गया जागरूकता का संदेश

बाल संरक्षण, पॉक्सो कानून और मानव तस्करी जैसे विषयों पर शिक्षकों को दी गई विस्तृत जानकारी जेबी लाइव, रिपोर्टर जमशेदपुर

  • बाल संरक्षण, पॉक्सो कानून और मानव तस्करी जैसे विषयों पर शिक्षकों को दी गई विस्तृत जानकारी

जेबी लाइव, रिपोर्टर

जमशेदपुर : सामाजिक संस्था युवा (यूथ फॉर यूनिटी वॉलंटरी एक्शन) एवं गर्ल्स फर्स्ट फंड के संयुक्त तत्वावधान में साकची स्थित होटल कैनेलाइट में बाल विवाह एवं बाल संरक्षण विषय पर जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में पोटका, जमशेदपुर और पश्चिम सिंहभूम के विभिन्न विद्यालयों के शिक्षकों ने भाग लिया। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य बच्चों के सुरक्षित, सम्मानजनक और उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में शिक्षकों की भूमिका को और अधिक प्रभावी बनाना था। मुख्य प्रशिक्षक अजय कुमार ने बच्चों के अधिकारों, बाल विवाह के कारणों और उसके दुष्परिणामों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने मानव तस्करी, पॉक्सो अधिनियम, ऑनलाइन दुर्व्यवहार और बाल संरक्षण से जुड़े विभिन्न कानूनों की जानकारी भी दी, ताकि शिक्षक इन विषयों पर बच्चों और अभिभावकों को जागरूक कर सकें।

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उत्कृष्ट शिक्षकों को किया गया सम्मानित

कार्यशाला के दौरान युवा संस्था की सचिव वार्णली चक्रवर्ती ने पंचायत प्रतिनिधियों और शिक्षकों से बाल विवाह रोकने में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की। उन्होंने कहा कि समाज के सभी वर्गों के सहयोग से ही बाल विवाह जैसी कुप्रथा पर प्रभावी रोक लगाई जा सकती है। इस अवसर पर उपस्थित शिक्षकों ने अपने अनुभव साझा करते हुए अभिभावक-शिक्षक बैठकों में बाल विवाह और बाल संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर नियमित चर्चा की आवश्यकता पर जोर दिया। कार्यक्रम में वरिष्ठ पत्रकार अन्नी अमृता सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यशाला के अंत में राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित शिक्षिका अनिता शर्मा एवं शिक्षक मनोज कुमार सिंह को शिक्षा के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया गया। इस सम्मान ने कार्यक्रम को और भी प्रेरणादायक बना दिया।

Manoharpur : शिल्पा स्वयं सहायता समूह के खाते से 4 लाख रुपये की कथित अवैध निकासी का आरोप, महिलाओं ने की जांच की मांग

6 लाख रुपये ऋण वितरण दिखाने पर खुला मामला, समूह की महिलाओं का दावा—मिले केवल 2 लाख रुपये जेबी लाइव,

  • 6 लाख रुपये ऋण वितरण दिखाने पर खुला मामला, समूह की महिलाओं का दावा—मिले केवल 2 लाख रुपये

जेबी लाइव, रिपोर्टर

मनोहरपुर : मनोहरपुर प्रखंड के रेंगालबेड़ा गांव स्थित शिल्पा स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने समूह के बैंक खाते से 4 लाख रुपये की कथित अवैध निकासी का गंभीर आरोप लगाया है। समूह की अध्यक्ष एतवारी लकड़ा ने बताया कि कुछ दिन पूर्व तिरला निवासी सुबानी लकड़ा तथा बैंक सहायक बेंजामिन पुर्ती ने उन्हें जानकारी दी थी कि समूह के खाते में राशि आई है और बैंक प्रबंधन की ओर से पैसे प्राप्त करने के लिए बुलाया गया है। इसके बाद सुबानी लकड़ा समूह की अध्यक्ष एवं सचिव को बैंक लेकर गई, जहां दो अलग-अलग दिनों में 49-49 हजार रुपये निकासी से संबंधित फॉर्म भरवाए गए। अध्यक्ष के अनुसार, कुछ दिनों बाद सुबानी लकड़ा ने समूह को 2 लाख रुपये नकद सौंप दिए, जिसके बाद महिलाओं को लगा कि उन्हें स्वीकृत राशि प्राप्त हो चुकी है।

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बैंक रिकॉर्ड में 6 लाख रुपये ऋण वितरण दर्ज होने से बढ़ा विवाद

मामले ने उस समय नया मोड़ ले लिया जब बैंक प्रबंधक और बैंक कर्मी बेंजामिन पुर्ती रेंगालबेड़ा स्थित समूह अध्यक्ष के घर पहुंचे और समूह के नाम पर लिए गए 6 लाख रुपये ऋण की राशि जमा करने की बात कही। यह सुनकर समूह की महिलाएं हैरान रह गईं। अध्यक्ष एतवारी लकड़ा ने स्पष्ट किया कि समूह को केवल 2 लाख रुपये ही प्राप्त हुए हैं, जबकि 6 लाख रुपये मिलने की कोई जानकारी उन्हें नहीं है। इसके बाद समूह की सदस्य बैंक पहुंचीं और पासबुक तथा खाते से संबंधित दस्तावेजों की जांच कराई। जांच के दौरान उन्हें जानकारी मिली कि बैंक रिकॉर्ड में समूह के खाते से कुल 6 लाख रुपये की निकासी दर्ज है, जबकि उनके पास केवल 2 लाख रुपये ही पहुंचे हैं।

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थाना में शिकायत दर्ज कराने की तैयारी, निष्पक्ष जांच की मांग

खाते की जानकारी सामने आने के बाद स्वयं सहायता समूह की महिलाओं में आक्रोश फैल गया। समूह की सदस्यों का आरोप है कि उनके खाते से 4 लाख रुपये की अवैध निकासी की गई है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। महिलाओं ने कहा कि मामले की गंभीरता को देखते हुए वे मनोहरपुर थाना में संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराएंगी और दोषियों पर कानूनी कार्रवाई की मांग करेंगी। साथ ही इस संबंध में एक लिखित शिकायत जेएसपीएल कार्यालय, मनोहरपुर को भी सौंप दी गई है। समूह की महिलाओं का कहना है कि जांच के बाद ही पूरे मामले की सच्चाई सामने आएगी और जिम्मेदार लोगों की पहचान हो सकेगी। अब स्थानीय लोगों की नजर इस मामले में प्रशासन और बैंक प्रबंधन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है।

Kharagpur : अंतर रेलवे नाट्य प्रतियोगिता में खड़गपुर मंडल की शानदार उपलब्धि, राष्ट्रीय स्तर पर मिला दूसरा स्थान

ड्रामा टीम ने प्रभावशाली प्रस्तुति से जीता दर्शकों और निर्णायकों का दिल, कई व्यक्तिगत पुरस्कार भी हुए हासिल जेबी लाइव,

  • ड्रामा टीम ने प्रभावशाली प्रस्तुति से जीता दर्शकों और निर्णायकों का दिल, कई व्यक्तिगत पुरस्कार भी हुए हासिल

जेबी लाइव, रिपोर्टर

खड़गपुर : दक्षिण पूर्व रेलवे के खड़गपुर मंडल की डिविजनल कल्चरल एसोसिएशन (डीसीए) की ड्रामा टीम ने अंतर रेलवे सांस्कृतिक प्रतियोगिता (नाटक)-2025 में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए राष्ट्रीय स्तर पर दूसरा स्थान प्राप्त कर मंडल और दक्षिण पूर्व रेलवे का गौरव बढ़ाया है। यह प्रतिष्ठित प्रतियोगिता 16 से 18 जून 2026 तक मुंबई के माटुंगा स्थित यशवंत नाट्य मंदिर में मध्य रेलवे के तत्वावधान में आयोजित की गई थी। देशभर के विभिन्न जोनल रेलवे और प्रोडक्शन यूनिट्स की प्रतिभाशाली टीमों के बीच खड़गपुर मंडल की टीम ने अपने सशक्त अभिनय, प्रभावशाली निर्देशन और उत्कृष्ट मंचन के दम पर विशेष पहचान बनाई। टीम की प्रस्तुति को निर्णायकों के साथ-साथ दर्शकों से भी भरपूर सराहना मिली। इस उपलब्धि को रेलवे कर्मचारियों की सांस्कृतिक प्रतिभा, समर्पण और रचनात्मक सोच का उत्कृष्ट उदाहरण माना जा रहा है।

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कलाकारों और निर्देशक को भी मिले व्यक्तिगत सम्मान

प्रतियोगिता में सामूहिक सफलता के साथ खड़गपुर मंडल के कलाकारों ने व्यक्तिगत श्रेणियों में भी शानदार प्रदर्शन किया। सौगत पॉल, टेक्नीशियन-1 (वरिष्ठ मंडल यांत्रिक अभियंता कार्यालय, खड़गपुर) को सर्वश्रेष्ठ अभिनेता श्रेणी में द्वितीय स्थान प्राप्त हुआ, जबकि प्रसेनजीत बनर्जी, टेक्नीशियन-1 को इसी श्रेणी में तृतीय स्थान से सम्मानित किया गया। वहीं वरिष्ठ तकनीशियन अमिया नंदा को सर्वश्रेष्ठ निर्देशक और सर्वश्रेष्ठ लेखक श्रेणी में तृतीय स्थान मिला। दक्षिण पूर्व रेलवे एवं खड़गपुर मंडल प्रशासन ने पूरी टीम को इस उपलब्धि पर बधाई देते हुए कहा कि कलाकारों ने राष्ट्रीय मंच पर रेलवे परिवार की सांस्कृतिक उत्कृष्टता को नई पहचान दिलाई है। अधिकारियों ने कहा कि रेलवे कर्मचारी अपनी पेशेवर जिम्मेदारियों के साथ-साथ कला, साहित्य और सांस्कृतिक गतिविधियों में भी उल्लेखनीय योगदान देकर संस्थान का नाम रोशन कर रहे हैं। यह सफलता आने वाले समय में अन्य कर्मचारियों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनेगी।

Chandil : चांडिल डैम में हाथियों की जलक्रीड़ा बनी आकर्षण का केंद्र, घंटों पानी में मस्ती करते दिखे तीन जंगली हाथी

भीषण गर्मी से राहत पाने डैम में उतरे हाथी, नजारा देखने जुटी ग्रामीणों की भीड़ जेबी लाइव, रिपोर्टर चांडिल :

  • भीषण गर्मी से राहत पाने डैम में उतरे हाथी, नजारा देखने जुटी ग्रामीणों की भीड़

जेबी लाइव, रिपोर्टर

चांडिल : सरायकेला-खरसावां जिले के नीमडीह प्रखंड अंतर्गत कल्याणपुर-धातकीडीह गांव के समीप स्थित चांडिल डैम में शुक्रवार सुबह तीन जंगली हाथियों का झुंड जलक्रीड़ा करते हुए दिखाई दिया। सुबह करीब छह बजे हाथी डैम के पानी में उतरे और लंबे समय तक स्नान करने के साथ पानी में अठखेलियां करते रहे। हाथियों को पानी में मस्ती करते देख आसपास के गांवों के लोगों की भीड़ मौके पर जुट गई। कई लोगों ने इस अनोखे दृश्य को अपने मोबाइल कैमरों में कैद किया। हाथियों के पानी में तैरने, सूंड उठाकर खेलने और एक-दूसरे पर पानी उछालने जैसे दृश्य लोगों के लिए खास आकर्षण का केंद्र बने रहे। इन तस्वीरों और वीडियो को सोशल मीडिया पर भी काफी पसंद किया जा रहा है।

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वन विभाग ने लोगों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की अपील की

ग्रामीणों का मानना है कि क्षेत्र में पड़ रही गर्मी और उमस से राहत पाने के लिए हाथियों का झुंड डैम के ठंडे पानी में उतरा था। घंटों तक चली इस जलक्रीड़ा के दौरान लोगों ने सुरक्षित दूरी से इस नजारे का आनंद लिया। वहीं वन विभाग और स्थानीय प्रशासन ने लोगों को सतर्क करते हुए जंगली हाथियों के पास नहीं जाने की सलाह दी है। अधिकारियों ने कहा कि जंगली हाथी सामान्य रूप से शांत दिखाई दें, लेकिन किसी भी समय आक्रामक हो सकते हैं। काफी देर तक पानी में मस्ती करने के बाद हाथियों का झुंड डैम क्षेत्र से निकलकर जंगल की ओर बढ़ गया। हाथियों की इस अनोखी जलक्रीड़ा की चर्चा पूरे इलाके में बनी हुई है।

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70 से अधिक मरीजों की हुई आंखों की जांच, मोतियाबिंद और दृष्टि दोष की पहचान कर दी गई चिकित्सीय सलाह

  • 70 से अधिक मरीजों की हुई आंखों की जांच, मोतियाबिंद और दृष्टि दोष की पहचान कर दी गई चिकित्सीय सलाह

जेबी लाइव, रिपोर्टर

बहरागोड़ा : ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को सुलभ और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से शनिवार को बहरागोड़ा प्रखंड सह अंचल कार्यालय परिसर में नि:शुल्क नेत्र चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया। पूर्णिमा नेत्रालय के सहयोग से आयोजित इस शिविर में दूर-दराज के गांवों से आए 70 से अधिक मरीजों ने अपनी आंखों की जांच कराई। नेत्र रोग विशेषज्ञों की टीम ने अत्याधुनिक मशीनों की सहायता से मरीजों की दृष्टि दोष, मोतियाबिंद एवं अन्य नेत्र संबंधी समस्याओं की बारीकी से जांच की। जांच के दौरान कई मरीजों में शुरुआती नेत्र रोगों की पहचान की गई, जबकि गंभीर मामलों को आगे के उपचार के लिए विशेषज्ञ चिकित्सा केंद्रों में जाने की सलाह दी गई। शिविर में आए लोगों ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे ग्रामीणों के लिए लाभकारी बताया।

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आंखों की सुरक्षा और जागरूकता पर डॉक्टरों ने दिए महत्वपूर्ण सुझाव

शिविर के दौरान चिकित्सकों ने मरीजों को आंखों की देखभाल और नियमित जांच के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मोबाइल, कंप्यूटर और अन्य डिजिटल स्क्रीन के बढ़ते उपयोग के कारण आंखों पर अतिरिक्त दबाव पड़ रहा है, जिससे दृष्टि संबंधी समस्याएं बढ़ रही हैं। डॉक्टरों ने धूल-मिट्टी और प्रदूषण से बचाव के उपाय भी बताए तथा जरूरतमंद मरीजों के बीच नि:शुल्क दवाइयों और आई ड्रॉप्स का वितरण किया। स्थानीय प्रशासन के सहयोग से आयोजित इस शिविर से विशेष रूप से बुजुर्गों और आर्थिक रूप से कमजोर ग्रामीणों को राहत मिली, जिन्हें शहरों के बड़े अस्पतालों तक पहुंचने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों ने भविष्य में भी ऐसे स्वास्थ्य शिविरों के आयोजन की मांग की।

Gua : जानलेवा हमले के मामले में दो आरोपी गिरफ्तार, न्यायिक हिरासत में भेजे गए

किरीबुरू में युवक पर हमले के बाद पुलिस की त्वरित कार्रवाई, दोनों आरोपियों को भेजा गया जेल जेबी लाइव, रिपोर्टर

  • किरीबुरू में युवक पर हमले के बाद पुलिस की त्वरित कार्रवाई, दोनों आरोपियों को भेजा गया जेल

जेबी लाइव, रिपोर्टर

गुवा : पश्चिमी सिंहभूम जिले के किरीबुरू थाना क्षेत्र में जानलेवा हमले के एक मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रोहित ठाकुर (19 वर्ष), पिता बेंगलू ठाकुर तथा आकाश दास उर्फ छोटू (21 वर्ष), पिता स्वर्गीय नितई दास, दोनों निवासी किरीबुरू थाना क्षेत्र के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार दोनों युवकों ने किरीबुरू निवासी अखिलेश पान पर हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया था। हमले में अखिलेश पान का पैर टूट गया, जिसके बाद उसे उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद दोनों को न्यायालय में प्रस्तुत किया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया।

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पुराने विवाद को लेकर हुई घटना, पुलिस कर रही मामले की गहन जांच

मामले की जानकारी देते हुए थाना प्रभारी रोहित कुमार ने बताया कि प्रारंभिक जांच में घटना के पीछे व्यक्तिगत विवाद का मामला सामने आया है। पुलिस के अनुसार घायल अखिलेश पान के खिलाफ पूर्व में भी एक आपराधिक मामला दर्ज था और उस पर अपनी पत्नी की हत्या का आरोप लग चुका था, जिसके कारण वह जेल भी जा चुका था। जेल से रिहा होने के बाद उसका दोनों आरोपियों की मां के साथ कथित संबंध होने की बात सामने आई, जिसे लेकर विवाद बढ़ गया। इसी विवाद के कारण दोनों युवकों ने अखिलेश पान पर हमला कर दिया। थाना प्रभारी ने बताया कि पुलिस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है तथा घटना से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि घटना में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका तो नहीं थी। पुलिस ने कहा कि क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

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