दो दिन में समाधान नहीं हुआ तो भूख हड़ताल की चेतावनी
छात्र आंदोलन के समर्थन में उतरा झारखंडी भाषा भाषी मूलनिवासी संघ
हजारों विद्यार्थियों के शिक्षा अधिकार पर पड़ सकता है असर
छात्रों के समर्थन में आंदोलन तेज करने की तैयारी
जेबी लाइव, रिपोर्टर
घाटशिला : घाटशिला महाविद्यालय में विभिन्न विषयों की सीटों में की गई कटौती के विरोध में छात्र-छात्राओं द्वारा 5 अगस्त से चल रहे धरना-प्रदर्शन और भूख हड़ताल को गुरुवार को झारखंडी भाषा भाषी मूलनिवासी संघ का समर्थन मिल गया। संघ के प्रतिनिधिमंडल ने आंदोलनरत छात्रों से मुलाकात कर उन्हें समर्थन पत्र सौंपा और उनकी मांगों को जायज बताया। इसके बाद प्रतिनिधिमंडल ने महाविद्यालय के प्राचार्य आर.के. चौधरी से मुलाकात कर सीट कटौती के संबंध में वस्तुस्थिति की जानकारी ली। संघ के केंद्रीय अध्यक्ष संजय बेहरा ने कहा कि पहले विद्यालयों को विलय के नाम पर कमजोर किया गया और अब सरकारी महाविद्यालयों की सीटें घटाकर निजी शिक्षण संस्थानों को बढ़ावा देने की साजिश रची जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा व्यवस्था को उद्योग की तरह संचालित करने की कोशिश की जा रही है, जिसका सीधा नुकसान गरीब और ग्रामीण छात्रों को उठाना पड़ रहा है।
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सरकारी महाविद्यालयों की सीटें घटाने पर जताई नाराजगी
संघ के केंद्रीय प्रवक्ता रामचन्द्र सोरेन ने आरोप लगाया कि पूरे झारखंड में सरकारी महाविद्यालयों की सीटें कम कर निजी संस्थानों को लाभ पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने इसके लिए केंद्र और राज्य सरकार दोनों को जिम्मेदार ठहराया। जिला अध्यक्ष आनन्द हेम्ब्रम ने कहा कि घाटशिला अनुमंडल का यह एकमात्र सरकारी महाविद्यालय है, जहां ग्रामीण और दूर-दराज क्षेत्रों के हजारों छात्र-छात्राएं उच्च शिक्षा के लिए नामांकन कराते हैं। ऐसे में विषयवार सीटों में कटौती से विद्यार्थियों के भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा और कई छात्र उच्च शिक्षा से वंचित हो सकते हैं। उन्होंने राज्य के शिक्षा मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू से तत्काल हस्तक्षेप कर इस समस्या का समाधान निकालने की मांग की।
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दो दिनों में निर्णय नहीं हुआ तो संघ भी करेगा भूख हड़ताल
आनन्द हेम्ब्रम ने चेतावनी दी कि यदि अगले दो दिनों के भीतर सीट कटौती के मुद्दे पर कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो झारखंडी भाषा भाषी मूलनिवासी संघ के पदाधिकारी भी छात्रों के समर्थन में भूख हड़ताल पर बैठेंगे। उन्होंने कहा कि शिक्षा से जुड़े इस मुद्दे पर संगठन पीछे नहीं हटेगा और छात्रों के अधिकारों की रक्षा के लिए हर स्तर पर संघर्ष करेगा। इस दौरान केंद्रीय सचिव सुनील माद्री, जिला अध्यक्ष आनन्द हेम्ब्रम, रवि मुखी सहित संघ के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में सीट कटौती का निर्णय वापस लेने और विद्यार्थियों के हितों की रक्षा करने की मांग की।























