विधायक समीर मोहंती ने प्रतिमा पर माल्यार्पण किया, बरहागाड़िया में भव्य मेले और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का हुआ आयोजन
डॉ. षाड़ंगी ने उलगुलान आंदोलन को बताया अधिकारों की लड़ाई का प्रतीक
जेबी लाइव, रिपोर्टर
बहरागोड़ा : महान स्वतंत्रता सेनानी और ‘धरती आबा’ भगवान बिरसा मुंडा की 126वीं पुण्यतिथि पर बहरागोड़ा प्रखंड क्षेत्र श्रद्धा, सम्मान और उत्साह के रंग में रंगा नजर आया। इस अवसर पर विभिन्न स्थानों पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किए गए, जहां लोगों ने भगवान बिरसा मुंडा के चित्र और प्रतिमाओं पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया। बहरागोड़ा बाजार रोड स्थित नेताजी शिशु उद्यान में आयोजित कार्यक्रम में स्थानीय विधायक समीर कुमार मोहंती मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा पर श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए उनके आदर्शों और संघर्षों को समाज के लिए प्रेरणास्रोत बताया। डोमजुड़ी पंचायत के नारायणपुर स्थित बिरसा चौक पर भी कमेटी सदस्यों और ग्रामीणों ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ आदमकद प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की।
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विधायक ने बिरसा मुंडा के आदर्शों पर चलने का दिया संदेश
भगवान बिरसा मुंडा की पुण्यतिथि को यादगार बनाने के लिए बरहागाड़िया पंचायत के बरहागाड़िया गांव में ग्रामीणों के सहयोग से भव्य और पारंपरिक मेले का आयोजन किया गया। मेले में आसपास के कई गांवों से आए सैकड़ों लोगों ने भाग लिया। इस दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रमों, लोकगीतों और पारंपरिक प्रस्तुतियों के माध्यम से भगवान बिरसा मुंडा के बलिदान, संघर्ष और गौरवशाली विरासत को याद किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने कहा कि बिरसा मुंडा केवल एक स्वतंत्रता सेनानी नहीं बल्कि आदिवासी अस्मिता, स्वाभिमान और अधिकारों के प्रतीक हैं। उनके विचार आज भी समाज को अन्याय और शोषण के खिलाफ संघर्ष करने की प्रेरणा देते हैं।
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बरहागाड़िया मेले में दिखी आदिवासी संस्कृति की झलक
वहीं झारखंड के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री डॉ. दिनेश कुमार षाड़ंगी के आवासीय कार्यालय में भी भगवान बिरसा मुंडा की 126वीं पुण्यतिथि श्रद्धापूर्वक मनाई गई। डॉ. षाड़ंगी ने उनके चित्र पर माल्यार्पण और पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा ने ब्रिटिश शासन और स्थानीय जमींदारों द्वारा आदिवासियों पर किए जा रहे शोषण के खिलाफ ऐतिहासिक ‘उलगुलान’ का नेतृत्व किया था। उनका संघर्ष आदिवासियों के अधिकारों और सम्मान की लड़ाई का प्रतीक है। इस अवसर पर चीकू गोस्वामी, हुकुम महतो, बबलू गिरी, विनोद जाना, मुन्ना दास, सागीर हुसैन, मृत्युंजय साहू और सनक कर सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे और धरती आबा के अमर योगदान को स्मरण किया।




























