दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में राष्ट्रीय कन्वेंशन, देशभर से पहुंचे हजारों प्रतिनिधि
जेबी लाइव, रिपोर्टर
मुरी : केंद्रीय ट्रेड यूनियनों, स्वतंत्र फेडरेशन एसोसिएशन और संयुक्त किसान मोर्चा के तत्वावधान में नई दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में श्रमिकों और किसानों का राष्ट्रीय कन्वेंशन आयोजित किया गया। कन्वेंशन में देशभर से आए हजारों मजदूर, किसान और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। सम्मेलन के दौरान 10 अगस्त को देशव्यापी जेल भरो आंदोलन चलाने का आह्वान किया गया। वक्ताओं ने केंद्र सरकार की विभिन्न आर्थिक, श्रम और कृषि नीतियों की आलोचना करते हुए कहा कि मजदूरों और किसानों के अधिकारों की रक्षा के लिए व्यापक जनआंदोलन की आवश्यकता है। पूरे कार्यक्रम के दौरान विभिन्न मांगों और नारों के साथ प्रतिभागियों ने अपनी एकजुटता का प्रदर्शन किया।
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किसान और छात्र आंदोलनों की सफलता का किया गया उल्लेख
अखिल भारतीय किसान सभा के महासचिव बीजू कृष्णन ने अपने संबोधन में कहा कि किसान आंदोलन के बाद जंतर-मंतर पर छात्रों के आंदोलन ने यह साबित कर दिया है कि जनशक्ति के बल पर सरकार को अपनी नीतियों पर पुनर्विचार करने के लिए मजबूर किया जा सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों और मजदूरों के हितों की अनदेखी कर कॉरपोरेट हितों को प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने कहा कि एमएसपी की कानूनी गारंटी, चार लेबर कोड, मनरेगा, बेरोजगारी और महंगाई जैसे मुद्दों पर देशव्यापी संघर्ष जरूरी है। बीजू कृष्णन ने दावा किया कि 10 अगस्त का जेल भरो आंदोलन ऐतिहासिक साबित होगा और यह देश की दिशा तय करने वाला आंदोलन बनेगा।
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राकेश टिकैत ने संघर्ष को व्यापक बनाने का किया आह्वान
भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत ने कहा कि किसानों और मजदूरों के साथ-साथ छात्रों, युवाओं और महिलाओं की भागीदारी भी इस आंदोलन में महत्वपूर्ण होगी। उन्होंने कहा कि छात्र आंदोलन की हालिया सफलता ने यह दिखाया है कि संगठित संघर्ष से परिणाम हासिल किए जा सकते हैं। उन्होंने 10 अगस्त के जेल भरो आंदोलन को सफल बनाने की अपील करते हुए कहा कि यह आंदोलन जनहित के मुद्दों को राष्ट्रीय स्तर पर मजबूती से उठाने का माध्यम बनेगा। कार्यक्रम में सीटू महासचिव कामरेड करीम, अमरजीत कौर, अवतार सिंह, हरभजन सिंह, योगेंद्र सिंह उगराहा, डॉ. सुनीलम, राजाराम सिंह, इंदू प्रसाद, राजेंद्र सिंह सागर, शत्रुघ्न सिंह सहित कई राष्ट्रीय नेताओं ने भी अपने विचार रखे।
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विभिन्न मांगों को लेकर सरकार पर बनाया दबाव
कन्वेंशन में भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को रद्द करने, एमएसपी की कानूनी गारंटी लागू करने, किसानों की कर्ज माफी, चार लेबर कोड वापस लेने, मनरेगा को मजबूत करने, नई पेंशन योजना समाप्त कर पुरानी पेंशन योजना लागू करने, पेपर लीक पर सख्त रोक लगाने और न्यूनतम वेतन 42 हजार रुपये करने जैसी मांगें प्रमुखता से उठाई गईं। साथ ही सभी नागरिकों के लिए भोजन, स्वास्थ्य और शिक्षा की गारंटी सुनिश्चित करने की मांग भी की गई। इस अवसर पर झारखंड राज्य किसान सभा के महासचिव सुफल महतो, अध्यक्ष असिम सरकार, सीटू झारखंड के महासचिव विश्वजीत देव सहित विभिन्न राज्यों के किसान और मजदूर संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित थे। सम्मेलन में 10 अगस्त के आंदोलन को व्यापक और प्रभावी बनाने का संकल्प लिया गया।