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Baharagoda : प्रतिभा सम्मान समारोह में मेधावी विद्यार्थियों का हुआ सम्मान, विधायक समीर मोहंती ने बढ़ाया उत्साह

  • मॉडल विद्यालय पाटबेड़ा में शिक्षा और प्रेरणा का दिखा अनूठा संगम
  • शिक्षा के माध्यम से लक्ष्य तय करने की दी प्रेरणा
  • शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों का बढ़ रहा सम्मान

जेबी लाइव, रिपोर्टर

बहरागोड़ा : बहरागोड़ा प्रखंड के पाटबेड़ा स्थित मॉडल विद्यालय परिसर में मंगलवार को शिक्षा, उत्साह और सम्मान का अद्भुत संगम देखने को मिला। विद्यालय में 10वीं एवं 12वीं के कला और विज्ञान संकाय में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों के लिए भव्य ‘प्रतिभा सम्मान समारोह’ का आयोजन किया गया। समारोह में क्षेत्रीय विधायक समीर कुमार मोहंती मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम में विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक गोपेश कुमार मिश्रा ने विधायक का पारंपरिक रूप से अंगवस्त्र एवं पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया। कार्यक्रम की शुरुआत विद्यालय के छात्र-छात्राओं द्वारा प्रस्तुत स्वागत गीत से हुई, जिसने पूरे वातावरण को उत्साह और ऊर्जा से भर दिया। समारोह के दौरान मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित कर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई।

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ग्रामीण क्षेत्रों में प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को प्रोत्साहन देने की पहल तेज

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक समीर कुमार मोहंती ने विद्यार्थियों की मेहनत और सफलता की सराहना की। उन्होंने कहा कि शिक्षा ही जीवन में सफलता का सबसे मजबूत आधार है और विद्यार्थियों को अपने लक्ष्य का निर्धारण शिक्षा के माध्यम से करना चाहिए। उन्होंने कहा कि एक शिक्षित और जागरूक युवा ही समाज और देश को नई दिशा देने में सक्षम होता है। विधायक ने विद्यार्थियों से निरंतर सीखने, अनुशासन बनाए रखने और क्षेत्र का नाम रोशन करने का आह्वान किया। समारोह में प्रखंड बीस सूत्री अध्यक्ष असित मिश्रा, मिंटू पाल, रिंकू माईती, अरुण बारिक, यदूप्रति राणा सहित विद्यालय के शिक्षक, कर्मचारी, अभिभावक एवं कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। सभी ने विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

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Manoharpur : क्लस्टर सिस्टम के विरोध में छात्रों का प्रदर्शन, भूगोल विभाग बचाने की उठी मांग

डिग्री कॉलेज मनोहरपुर में विभाग स्थानांतरण के विरोध में छात्रों ने सौंपा ज्ञापन नई शिक्षा नीति के क्लस्टर सिस्टम को

  • डिग्री कॉलेज मनोहरपुर में विभाग स्थानांतरण के विरोध में छात्रों ने सौंपा ज्ञापन
  • नई शिक्षा नीति के क्लस्टर सिस्टम को लेकर छात्रों में बढ़ी चिंता
  • ग्रामीण क्षेत्रों में उच्च शिक्षा सुविधाओं को बनाए रखने की मांग तेज

जेबी लाइव, रिपोर्टर

मनोहरपुर : मनोहरपुर स्थित डिग्री कॉलेज में भूगोल विभाग को दूसरे कॉलेज में स्थानांतरित किए जाने के प्रस्ताव के खिलाफ छात्र-छात्राओं ने मंगलवार को जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। नई शिक्षा नीति 2020 के तहत लागू हो रहे क्लस्टर सिस्टम को लेकर विद्यार्थियों ने कोल्हान विश्वविद्यालय के कुलपति के नाम ज्ञापन सौंपते हुए मांग की कि भूगोल विभाग को डिग्री कॉलेज मनोहरपुर में ही पूर्ववत संचालित रखा जाए। छात्रों का कहना है कि मनोहरपुर जैसे ग्रामीण और जनजातीय बहुल क्षेत्र में उच्च शिक्षा पहले से ही बड़ी चुनौती बनी हुई है। ऐसे में विभाग को हटाकर विद्यार्थियों को जेएलएन कॉलेज भेजने का निर्णय उनके भविष्य पर नकारात्मक प्रभाव डालेगा। विद्यार्थियों ने कहा कि इस फैसले से कई छात्रों को प्रतिदिन 80 से 125 किलोमीटर तक सफर करना पड़ेगा, जो आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए संभव नहीं है।

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छात्राओं की सुरक्षा और पढ़ाई छूटने की आशंका को लेकर जताई चिंता

छात्र-छात्राओं ने ज्ञापन में कहा कि लंबी दूरी तय कर दूसरे शहर में पढ़ाई करना खासकर छात्राओं की सुरक्षा के लिहाज से गंभीर चिंता का विषय है। इसके अलावा परिवहन, रहने और खाने का अतिरिक्त खर्च भी परिवारों पर आर्थिक बोझ बढ़ाएगा। विद्यार्थियों ने आशंका जताई कि यदि भूगोल विभाग को कॉलेज से हटाया गया तो कई छात्र-छात्राओं को बीच में ही अपनी पढ़ाई छोड़नी पड़ सकती है। उन्होंने कुलपति से मांग की कि क्षेत्र की सामाजिक और भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए विभाग को मनोहरपुर कॉलेज में ही संचालित रखा जाए। ज्ञापन की प्रतिलिपि मनोहरपुर विधायक जगत माझी और सिंहभूम सांसद जोबा मांझी को भी भेजी गई है। इस दौरान झामुमो छात्र मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष गोवर्धन ठाकुर सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

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दो बाइकों की आमने-सामने टक्कर में दो युवक गंभीर रूप से घायल एमजीएम अस्पताल में डॉक्टरों ने प्रमोद कुंडू को

  • दो बाइकों की आमने-सामने टक्कर में दो युवक गंभीर रूप से घायल
  • एमजीएम अस्पताल में डॉक्टरों ने प्रमोद कुंडू को मृत घोषित किया
  • जमशेदपुर में बढ़ते सड़क हादसों को लेकर लोगों में चिंता

जेबी लाइव, रिपोर्टर

जमशेदपुर : एमजीएम थाना क्षेत्र स्थित डेंटल कॉलेज के पास मंगलवार दोपहर एक भीषण सड़क हादसा हो गया। दो बाइकों की आमने-सामने हुई जोरदार टक्कर में भिलाई पहाड़ी निवासी 35 वर्षीय प्रमोद कुंडू की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि मुखियाडांगा निवासी विशाल और मोनू गंभीर रूप से घायल हो गए। जानकारी के अनुसार प्रमोद कुंडू उलिडीह ओपी के पास स्थित संजीविनी नेत्रालय नरसिंह होम में सिक्योरिटी गार्ड के रूप में कार्यरत थे। मंगलवार को ड्यूटी खत्म कर वह बाइक से अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान सामने से आ रही दूसरी बाइक से उनकी सीधी भिड़ंत हो गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि तीनों युवक सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए।

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तेज रफ्तार और लापरवाही बन रही सड़क हादसों की बड़ी वजह

हादसे के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए सभी घायलों को तत्काल एमजीएम अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में जांच के बाद डॉक्टरों ने प्रमोद कुंडू को मृत घोषित कर दिया, जबकि विशाल और मोनू का इलाज जारी है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी। इधर, प्रमोद कुंडू की मौत की खबर मिलते ही उनके परिवार में मातम छा गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से सड़क सुरक्षा को लेकर ठोस कदम उठाने की मांग की है ताकि इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।

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भीषण गर्मी के बीच सामाजिक कार्यकर्ताओं ने लोगों को पहुंचाई राहत गांवों में सामाजिक सहयोग और सेवा कार्यों की बढ़

  • भीषण गर्मी के बीच सामाजिक कार्यकर्ताओं ने लोगों को पहुंचाई राहत
  • गांवों में सामाजिक सहयोग और सेवा कार्यों की बढ़ रही परंपरा

जेबी लाइव, रिपोर्टर

पोटका : पोटका प्रखंड अंतर्गत कलिकापुर में वैशाख माह के अंतिम मंगलवार को भीषण गर्मी और तेज धूप के बीच राहगीरों एवं स्थानीय लोगों के लिए सेवा कार्य का आयोजन किया गया। इस दौरान सड़क से गुजरने वाले यात्रियों के बीच चना-गुड़ और ठंडे शरबत का वितरण किया गया। तेज गर्मी में शरबत और चना-गुड़ पाकर लोगों ने राहत महसूस की तथा आयोजन की सराहना की। कार्यक्रम में मुख्य रूप से कलिकापुर के पूर्व मुखिया होपना मोहाली सहित कई ग्रामीण और सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सभी ने मिलकर राहगीरों को गर्मी से राहत पहुंचाने के उद्देश्य से यह सेवा कार्य किया। सड़क से गुजरने वाले लोगों ने आयोजनकर्ताओं को धन्यवाद देते हुए इसे सराहनीय पहल बताया।

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भीषण गर्मी में जनसेवा कार्यों के जरिए लोगों को मिल रही राहत

पूर्व मुखिया होपना मोहाली ने कहा कि इन दिनों बढ़ती गर्मी और तपती धूप के कारण लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस सड़क से प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग गुजरते हैं, इसलिए राहगीरों को थोड़ी राहत पहुंचाने और सेवा भावना के उद्देश्य से चना-गुड़ एवं शरबत वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। उन्होंने कहा कि समाज सेवा और जरूरतमंद लोगों की मदद करना हम सभी की जिम्मेदारी है। गर्मी के मौसम में इस प्रकार के आयोजन न केवल लोगों को राहत पहुंचाते हैं, बल्कि सामाजिक एकता और सहयोग की भावना को भी मजबूत करते हैं। कार्यक्रम में स्थानीय लोगों ने भी बढ़-चढ़कर भाग लिया और भविष्य में भी ऐसे जनसेवा कार्य जारी रखने का संकल्प लिया।

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चांडिल और रसूनिया पंचायत में बड़े संगठित फर्जीवाड़े की आशंका, प्रशासन जांच में जुटा कई स्तर के सत्यापन के बावजूद

  • चांडिल और रसूनिया पंचायत में बड़े संगठित फर्जीवाड़े की आशंका, प्रशासन जांच में जुटा
  • कई स्तर के सत्यापन के बावजूद जारी हुए फर्जी प्रमाण पत्र
  • फर्जी प्रमाण पत्र मामलों में दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग तेज

जेबी लाइव, रिपोर्टर

सरायकेला : सरायकेला-खरसावां जिले के चांडिल प्रखंड अंतर्गत रसूनिया एवं चांडिल पंचायत में लगभग 750 फर्जी जन्म प्रमाण पत्र जारी होने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए उपायुक्त के आदेश पर चांडिल अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ) द्वारा जांच शुरू कर दी गई है। विस्थापित अधिकार मंच फाउंडेशन के अध्यक्ष राकेश रंजन महतो ने दावा किया है कि अब तक की जांच में रसूनिया पंचायत से 471 और चांडिल पंचायत से 279 फर्जी जन्म प्रमाण पत्र जारी होने की जानकारी मिली है। उन्होंने आशंका जताई कि जांच आगे बढ़ने पर यह संख्या और भी बढ़ सकती है। मामले को लेकर प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है और इसे एक बड़े संगठित घोटाले के रूप में देखा जा रहा है।

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झारखंड में फर्जी दस्तावेजों के मामलों पर प्रशासन की सख्ती बढ़ी

राकेश रंजन महतो ने बताया कि जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया में कई स्तरों पर सत्यापन किया जाता है। आवेदन पत्र पर मुखिया, पंचायत समिति सदस्य, वार्ड सदस्य और आंगनबाड़ी सेविका का सत्यापन आवश्यक होता है। इसके साथ ही आवेदक का आधार कार्ड, स्थानीय गवाही और अन्य जरूरी दस्तावेज संलग्न किए जाते हैं। इसके बाद पंचायत सचिव द्वारा दस्तावेजों का सत्यापन किया जाता है तथा अंत में प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) की स्वीकृति के बाद प्रमाण पत्र जारी किया जाता है। इतने कड़े सत्यापन तंत्र के बावजूद इतनी बड़ी संख्या में फर्जी प्रमाण पत्र जारी होना संगठित रैकेट की ओर संकेत करता है। आरोप है कि बाहरी लोगों को लाभ पहुंचाने और सरकारी योजनाओं का गलत तरीके से फायदा दिलाने के उद्देश्य से यह फर्जीवाड़ा किया गया। जानकारी के अनुसार गिरिडीह, धनबाद, बोकारो, हजारीबाग समेत कई जिलों और अन्य राज्यों के लोगों के नाम पर भी प्रमाण पत्र जारी किए गए हैं।

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सरकारी योजनाओं और सुरक्षा व्यवस्था पर मंडराया खतरा, उच्च स्तरीय जांच की मांग

फर्जी जन्म प्रमाण पत्रों के जरिए सरकारी योजनाओं, आवास, पुनर्वास, छात्रवृत्ति और अन्य लाभों में बड़े पैमाने पर फर्जी तरीके से घुसपैठ की आशंका जताई जा रही है। इससे वास्तविक गरीब और स्थानीय लोगों के अधिकार प्रभावित हो सकते हैं। राकेश रंजन महतो ने कहा कि ऐसे दस्तावेजों के आधार पर फर्जी आधार कार्ड, राशन कार्ड, वोटर आईडी, जाति एवं निवास प्रमाण पत्र बनाकर सरकारी नौकरी, आरक्षण व्यवस्था और प्रशासनिक प्रक्रियाओं में भी धोखाधड़ी की संभावना बढ़ जाती है। उन्होंने चेतावनी दी कि बाहरी लोगों के नाम पर दस्तावेज निर्गत होने से राष्ट्रीय सुरक्षा, कानून व्यवस्था और सरकारी रिकॉर्ड की विश्वसनीयता पर गंभीर खतरा उत्पन्न हो सकता है। विस्थापित अधिकार मंच फाउंडेशन ने मामले की उच्च स्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है। साथ ही अब तक जारी सभी संदिग्ध जन्म प्रमाण पत्रों की दोबारा जांच कर उन्हें तत्काल निरस्त करने तथा इसमें शामिल बिचौलियों, कर्मचारियों और अधिकारियों की भूमिका सार्वजनिक करने की मांग भी उठाई गई है।

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स्थानीय युवाओं को रोजगार देने की मांग पर अड़े आंदोलनकारी, खदान क्षेत्र में बढ़ा दबाव 500 युवाओं को रोजगार देने

  • स्थानीय युवाओं को रोजगार देने की मांग पर अड़े आंदोलनकारी, खदान क्षेत्र में बढ़ा दबाव
  • 500 युवाओं को रोजगार देने की मांग पर अड़े ग्रामीण
  • सीजीएम स्तर के अधिकारी से वार्ता की मांग, प्रस्ताव को बताया नाकाफी
  • उत्पादन ठप होने से बढ़ी प्रबंधन की चिंता, आंदोलन तेज करने की चेतावनी
  • गुवा खदान क्षेत्र में आंदोलन के कारण प्रभावित हुआ लौह अयस्क उत्पादन

जेबी लाइव, रिपोर्टर

गुवा : गुवा सेल खदान क्षेत्र में स्थानीय युवाओं को रोजगार देने की मांग को लेकर शुरू हुआ अनिश्चितकालीन चक्का जाम आंदोलन मंगलवार को लगातार दूसरे दिन भी जारी रहा। कई गांवों के मुंडा-मानकी संघ के बैनर तले चल रहे इस आंदोलन के कारण खदान क्षेत्र की उत्पादन और परिवहन व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित रही। लौह अयस्क उत्पादन, क्रशर प्लांट संचालन तथा परिवहन कार्य लगभग ठप हो गया, जिससे सेल प्रबंधन पर लगातार दबाव बढ़ता जा रहा है। आंदोलन स्थल पर बड़ी संख्या में ग्रामीण, मजदूर और मुंडा-मानकी प्रतिनिधि डटे रहे। आंदोलनकारियों का कहना है कि स्थानीय युवाओं को रोजगार देने में लगातार उपेक्षा की जा रही है, जबकि खदानों से करोड़ों रुपये का मुनाफा कमाया जा रहा है।

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स्थानीय रोजगार की मांग को लेकर खदान क्षेत्रों में बढ़ रहे आंदोलन

आंदोलनकारियों ने साफ कहा कि जब तक स्थानीय 500 युवाओं को सम्मानजनक रोजगार, हटाए गए मजदूरों की बहाली, हैंड माइनिंग और मैनुअल रैक लोडिंग शुरू करने तथा 75 प्रतिशत स्थानीय लोगों को रोजगार देने पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन समाप्त नहीं होगा। आंदोलनकारी नेता मंगता सुरीन ने बताया कि आंदोलन के दूसरे दिन भी सेल प्रबंधन का कोई वरिष्ठ अधिकारी वार्ता के लिए स्थल पर नहीं पहुंचा। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रबंधन केवल समय बिताने की रणनीति अपना रहा है। मंगलवार शाम लगभग तीन बजे तक किसी प्रकार की औपचारिक वार्ता नहीं हुई थी। केवल अधिकारी डॉ. टी.सी. आनंद द्वारा फोन कर जानकारी दी गई कि वे और सीएसआर अधिकारी अनिल कुमार बातचीत के लिए आ सकते हैं।

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रोजगार और पुनर्बहाली की मांग को लेकर ग्रामीणों का बढ़ता आक्रोश

आंदोलनकारियों ने स्पष्ट कहा कि वे केवल सीजीएम स्तर के अधिकारी के साथ ही वार्ता करेंगे और अब केवल मौखिक आश्वासन नहीं बल्कि लिखित और ठोस निर्णय चाहते हैं। मंगता सुरीन ने बताया कि उन्हें जानकारी मिली है कि सेल प्रबंधन पहले 25 लोगों को रोजगार देने की बात कर रहा था, जिसे अब बढ़ाकर 40 करने का प्रस्ताव दिया गया है। बताया जा रहा है कि यह रोजगार मां सरला ठेका कंपनी के अधीन दिया जाएगा। हालांकि आंदोलनकारियों ने इस प्रस्ताव को पूरी तरह नाकाफी बताते हुए कहा कि आंदोलन केवल 40 लोगों की नौकरी के लिए नहीं, बल्कि सैकड़ों स्थानीय बेरोजगार युवाओं के भविष्य के लिए किया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि स्थानीय लोगों को ठेका कंपनियों के भरोसे छोड़ने के बजाय सेल प्रबंधन को स्थायी और सम्मानजनक रोजगार उपलब्ध कराना चाहिए।

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ठेका व्यवस्था के विरोध में स्थानीय संगठनों की आवाज हुई तेज

लगातार दूसरे दिन जारी आंदोलन का असर गुवा खदान क्षेत्र के उत्पादन पर साफ दिखाई दिया। लौह अयस्क उत्पादन बाधित रहने से कई विभागों का काम प्रभावित हुआ, वहीं भारी वाहनों की आवाजाही भी पूरी तरह बंद रही। आंदोलनकारियों का आरोप है कि खदानों से भारी मुनाफा कमाने वाली कंपनियां स्थानीय युवाओं को रोजगार देने से बच रही हैं। इसी कारण अब गांव-गांव से लोग आंदोलन में शामिल हो रहे हैं। आंदोलनकारी नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द सकारात्मक पहल नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति उत्पन्न होने पर इसकी पूरी जिम्मेदारी सेल प्रबंधन और प्रशासन की होगी। क्षेत्र में जारी इस आंदोलन को लेकर लोगों की नजर अब प्रबंधन और प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है।

Baharagoda : झारखंड आंदोलनकारियों को मिला सम्मान, विधायक समीर मोहंती ने बांटे अधिकार पत्र

बहरागोड़ा में आयोजित समारोह में 30 आंदोलनकारियों को किया गया सम्मानित बहरागोड़ा को आदर्श विधानसभा बनाने का दोहराया संकल्प अलग

  • बहरागोड़ा में आयोजित समारोह में 30 आंदोलनकारियों को किया गया सम्मानित
  • बहरागोड़ा को आदर्श विधानसभा बनाने का दोहराया संकल्प
  • अलग राज्य आंदोलन के नायकों को सम्मान देने की मांग वर्षों से थी जारी

जेबी लाइव, रिपोर्टर

बहरागोड़ा : बहरागोड़ा प्रखंड सह अंचल कार्यालय सभागार में मंगलवार को झारखंड राज्य गठन आंदोलन से जुड़े वीर आंदोलनकारियों के सम्मान में एक विशेष समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर क्षेत्रीय विधायक समीर कुमार मोहंती मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित हुए और क्षेत्र के 30 चिन्हित आंदोलनकारियों को आधिकारिक प्रमाण पत्र एवं अधिकार पत्र सौंपकर सम्मानित किया। समारोह में मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए विधायक ने कहा कि झारखंड राज्य का निर्माण आंदोलनकारियों के लंबे संघर्ष, त्याग और बलिदान का परिणाम है। उन्होंने कहा कि आज राज्य जिस विकास पथ पर आगे बढ़ रहा है, उसमें इन आंदोलनकारियों की अहम भूमिका रही है। विधायक ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के प्रति आभार जताते हुए कहा कि वर्तमान सरकार ने आंदोलनकारियों को सम्मान देने और उनके अधिकारों को सुरक्षित करने का ऐतिहासिक कार्य किया है।

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झारखंड आंदोलनकारियों के सम्मान को लेकर सरकार की पहल तेज

विधायक समीर कुमार मोहंती ने समारोह के दौरान बहरागोड़ा के सर्वांगीण विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि उनका सपना बहरागोड़ा को एक आदर्श विधानसभा क्षेत्र के रूप में विकसित करना है, जहां हर वर्ग को सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में क्षेत्र में विकास कार्यों की गति और तेज की जाएगी। कार्यक्रम में अंचल अधिकारी राजा रामसिंह मुंडा, प्रखंड 20 सूत्री अध्यक्ष असित मिश्रा, उप प्रमुख मुन्ना होता, शाम मुर्मू, बिसु ओझा, रासबिहारी साहू, जादूपति राणा, सुमित मैति, विशाल बारिक सहित कई जनप्रतिनिधि और गणमान्य लोग उपस्थित रहे। सभी ने झारखंड आंदोलनकारियों के योगदान को याद करते हुए उनके जज्बे और संघर्ष को नमन किया।

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