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Baharagoda : बनियाकुंदर मध्य विद्यालय में विश्व पृथ्वी दिवस पर आयोजन, छात्रों ने दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश

  • पेंटिंग और पोस्टर प्रतियोगिता में छात्रों ने दिखाई रचनात्मकता

जेबी लाइव, रिपोर्टर

बहरागोड़ा : बहरागोड़ा के बरसोल स्थित बनियाकुंदर मध्य विद्यालय में बुधवार को विश्व पृथ्वी दिवस के अवसर पर विविध कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस खास मौके पर विद्यालय के छात्रों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हुए पेंटिंग और पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिताओं में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। छात्रों ने अपनी कलाकृतियों के माध्यम से पृथ्वी के संरक्षण, हरियाली बढ़ाने और प्रदूषण रोकने का संदेश दिया। इसके साथ ही विद्यार्थियों ने एक विशेष वीडियो प्रस्तुति के जरिए पृथ्वी के महत्व को उजागर किया और पर्यावरण से जुड़ी कई रोचक जानकारियां साझा कीं, जिससे कार्यक्रम और भी ज्ञानवर्धक बन गया।

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पौधारोपण कर छात्रों ने लिया ‘धरती बचाओ, जीवन बचाओ’ का संकल्प

कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण पौधारोपण अभियान रहा, जिसमें विद्यालय के विज्ञान और कॉमर्स संकाय के छात्रों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। विद्यालय परिसर में पौधे लगाते हुए सभी विद्यार्थियों ने एक स्वर में “धरती बचाओ, जीवन बचाओ” का संकल्प लिया। इस दौरान छात्रों को पृथ्वी दिवस के ऐतिहासिक महत्व और वर्तमान समय में पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकता के बारे में विस्तार से बताया गया। शिक्षकों ने बच्चों को दैनिक जीवन में छोटे-छोटे प्रयासों के माध्यम से पर्यावरण की रक्षा करने के लिए प्रेरित किया।

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प्रधानाचार्य ने प्रकृति संरक्षण को बताया भविष्य के लिए अनिवार्य

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानाचार्य संजय जेना ने प्रकृति के अंधाधुंध दोहन पर चिंता जताई और कहा कि वर्तमान समय में पर्यावरण की रक्षा करना अत्यंत जरूरी हो गया है। उन्होंने बताया कि 22 अप्रैल को मनाया जाने वाला पृथ्वी दिवस हमें सालभर प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को निभाने की प्रेरणा देता है। विद्यालय प्रबंधन ने कार्यक्रम में भाग लेने वाले सभी छात्रों को सराहना पत्र देकर सम्मानित किया और भविष्य में भी ऐसे जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने का संकल्प लिया। इस अवसर पर प्रशांत भोल, छाया राणी महतो, उत्पल बेरा, बैद्यनाथ हेंब्रम, दीपक महतो, रंजीत हंसदा और धारून हेंब्रम सहित कई शिक्षक एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

Kiriburu : किरीबुरू में एसी चोरी का प्रयास नाकाम, एक आरोपी गिरफ्तार, तीन फरार

जंगल में एसी तोड़कर तांबा निकालते पकड़े गए युवक, पुलिस ने शुरू की जांच चोरी के सामान की खरीद-बिक्री पर

  • जंगल में एसी तोड़कर तांबा निकालते पकड़े गए युवक, पुलिस ने शुरू की जांच
  • चोरी के सामान की खरीद-बिक्री पर कार्रवाई की मांग

जेबी लाइव, रिपोर्टर

किरीबुरू : किरीबुरू में चोरी की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं। ताजा मामला रविवार की अहले सुबह चर्च रोड स्थित अब्दुल फ्रिज एवं एसी दुकान से सामने आया, जहां दुकान के बाहर रखा पुराना एसी चोरी करने का प्रयास किया गया। आरोप है कि चार युवक एसी को उठाकर पास के जंगल में ले गए और वहां उसे तोड़कर उसके अंदर मौजूद तांबा एवं अन्य कीमती सामान निकालने लगे। घटना की जानकारी उस समय हुई जब दुकानदार और दुकान का एक कर्मचारी सामान की तलाश करते हुए जंगल की ओर पहुंचे। वहां उन्होंने कुछ युवकों को एसी के हिस्सों को तोड़ते और अलग करते हुए देखा, जिसके बाद शोर मचाते हुए उन्हें पकड़ने का प्रयास किया गया।

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जंगल में एसी काटकर तांबा निकालने की कोशिश

दुकानदार और स्थानीय लोगों की तत्परता से एक युवक को मौके पर ही पकड़ लिया गया, जबकि तीन अन्य आरोपी जंगल का फायदा उठाकर फरार हो गए। पकड़े गए युवक ने पूछताछ में अपना नाम जोसेफ बताया। उसके अनुसार, फरार आरोपियों में मोटू, डेके और एक नाबालिग शामिल है। बताया जा रहा है कि सभी आरोपी हाटिंग मेन मार्केट क्षेत्र के रहने वाले हैं। पकड़े गए युवक को स्थानीय लोगों ने पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने आरोपी से पूछताछ शुरू कर दी है और फरार युवकों की तलाश में छापेमारी की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही सभी आरोपियों की भूमिका और घटना की वास्तविक परिस्थितियां स्पष्ट हो सकेंगी।

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एक आरोपी गिरफ्तार, तीन की तलाश जारी

घटना के बाद क्षेत्र में चोरी की बढ़ती घटनाओं को लेकर लोगों में चिंता देखी जा रही है। स्थानीय नागरिकों ने मांग की है कि पुलिस केवल चोरी करने वालों पर ही नहीं, बल्कि चोरी के सामान की खरीद-बिक्री करने वाले लोगों पर भी कार्रवाई करे। लोगों का कहना है कि एसी, मोटर, कंप्रेसर और तांबा खरीदने वाले कबाड़ी या अन्य संभावित खरीदारों की जांच होने से चोरी के पूरे नेटवर्क का खुलासा हो सकता है। उनका मानना है कि यदि चोरी के सामान की खपत पर रोक लगाई जाए तो ऐसी घटनाओं में स्वतः कमी आएगी। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।

Jamshedpur : जमशेदपुर में MACT मामलों पर डालसा की जिला स्तरीय कार्यशाला आयोजित

दुर्घटना पीड़ितों को त्वरित न्याय और उचित मुआवजा दिलाने पर दिया गया जोर पुलिस, चिकित्सा, बीमा और विधिक सेवा से

  • दुर्घटना पीड़ितों को त्वरित न्याय और उचित मुआवजा दिलाने पर दिया गया जोर
  • पुलिस, चिकित्सा, बीमा और विधिक सेवा से जुड़े प्रतिनिधि हुए शामिल

जेबी लाइव, रिपोर्टर

जमशेदपुर : झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार (झालसा), रांची के तत्वावधान में शनिवार को जमशेदपुर व्यवहार न्यायालय परिसर स्थित लोक अदालत हॉल में मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण (MACT) पर एक दिवसीय जिला स्तरीय कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार (DLSA), पूर्वी सिंहभूम अरविंद कुमार पांडेय के निर्देश और डालसा सचिव कुमार सौरभ त्रिपाठी के मार्गदर्शन में हुई। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य सड़क दुर्घटना पीड़ितों को त्वरित न्याय, कानूनी सहायता और उचित मुआवजा दिलाने की प्रक्रिया को प्रभावी बनाना रहा।

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MACT कार्यशाला में दुर्घटना पीड़ितों को त्वरित न्याय पर जोर

कार्यशाला में पीड़ित परिवारों को समय पर न्याय दिलाने, बीमा दावों के निष्पादन में आने वाली व्यावहारिक कठिनाइयों को दूर करने तथा विभिन्न विभागों और हितधारकों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर विस्तार से चर्चा हुई। बतौर अतिथि एवं मुख्य वक्ता जिला न्यायाधीश-1 कनकन पट्टादार, जिला न्यायाधीश-2 आनंद मणि त्रिपाठी, जिला न्यायाधीश-5 मंजू कुमारी और डालसा सचिव कुमार सौरभ त्रिपाठी उपस्थित रहे। वक्ताओं ने MACT मामलों के कानूनी पहलुओं, न्यायिक प्रक्रियाओं और हालिया संशोधनों की जानकारी दी।

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बीमा दावों की प्रक्रिया सरल बनाने को लेकर हुई विस्तृत चर्चा

कार्यशाला का संचालन एवं समन्वय DLSA जमशेदपुर के मनोज कुमार सिंह, LADC द्वारा किया गया। उन्होंने कार्यशाला के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए सभी संबंधित विभागों से पीड़ित पक्षों को समय पर मुआवजा दिलाने में सहयोग की अपील की। अधिवक्ता मध्यस्थ सह विभिन्न बीमा कंपनियों के पैनल अधिवक्ता सत्येंद्र कुमार सिंह तथा अधिवक्ता मध्यस्थ सह नागरिक सुरक्षा (सिविल डिफेंस) के मास्टर ट्रेनर कमल कांत सिन्हा ने प्रतिभागियों को MACT मामलों की तकनीकी बारीकियों से अवगत कराया। इस दौरान कानूनी प्रक्रिया, दस्तावेज और दावों के निष्पादन से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं पर जानकारी दी गई।

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MACT मामलों की तकनीकी बारीकियों से प्रतिभागियों को कराया गया अवगत

कार्यशाला में लीगल एड डिफेंस काउंसिल (LADC) के चीफ विदेश सिन्हा सहित पुलिस प्रशासन, चिकित्सा एवं बीमा क्षेत्र से जुड़े विभिन्न हितधारकों ने सक्रिय भागीदारी की। इसमें पुलिस अधिकारी एवं चिकित्सक, विभिन्न बीमा कंपनियों के अधिकारी और पैनल अधिवक्ता, पीड़ितों एवं आवेदकों की ओर से पैरवी करने वाले अधिवक्ता, LADC के सदस्य तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकार के पैरा लीगल वालंटियर्स (PLVs) शामिल रहे। कार्यशाला के अंत में सभी प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया। आयोजन के माध्यम से दुर्घटना पीड़ितों को बिना विलंब कानूनी सहायता और उचित मुआवजा उपलब्ध कराने के लिए समन्वित प्रयासों पर जोर दिया गया।

Chandil : खनन संशोधन अधिनियम को लेकर राष्ट्रपति को ज्ञापन, झारखंड के अधिकारों की रक्षा की मांग

जल-जंगल-जमीन और खनिज अधिकारों के संरक्षण के साथ राज्यों की वित्तीय स्वायत्तता का मुद्दा उठाया धारा 9D को लेकर जताई

  • जल-जंगल-जमीन और खनिज अधिकारों के संरक्षण के साथ राज्यों की वित्तीय स्वायत्तता का मुद्दा उठाया
  • धारा 9D को लेकर जताई चिंता, राष्ट्रपति से हस्तक्षेप की मांग

जेबी लाइव, रिपोर्टर

चांडिल : खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन अधिनियम, 2026 को लेकर झारखंड में चिंता जताते हुए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के नाम प्रखंड विकास पदाधिकारी/अंचलाधिकारी के माध्यम से ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में राज्यों के संवैधानिक अधिकारों, झारखंड की वित्तीय स्वायत्तता तथा आदिवासी-मूलवासी समाज के जल, जंगल, जमीन और खनिज अधिकारों की रक्षा की मांग की गई है। ज्ञापन में कहा गया कि झारखंड और राष्ट्रपति के बीच संबंध केवल संवैधानिक नहीं, बल्कि भावनात्मक भी हैं। वर्ष 2015 से 2021 तक झारखंड की राज्यपाल के रूप में द्रौपदी मुर्मु ने राज्य के गांवों, आदिवासी-मूलवासी समाज और आम लोगों के जीवन को करीब से देखा है। ऐसे में राज्य के संसाधनों और भविष्य से जुड़े विषय पर संवेदनशीलता की अपेक्षा जताई गई है।

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खनन संशोधन अधिनियम के विरोध में झारखंड के अधिकारों की उठी आवाज

ज्ञापन में कहा गया कि झारखंड की पहचान उसकी मिट्टी, जंगल, पहाड़, नदियों और खनिज संपदा से जुड़ी है। आदिवासी एवं मूलवासी समाज के लिए ये संसाधन केवल प्राकृतिक संपदा नहीं, बल्कि जीवन, संस्कृति, पहचान और अस्तित्व का हिस्सा हैं। ज्ञापन में भगवान बिरसा मुंडा, सिद्धो-कान्हू, चांद-भैरव, फूलो-झानो और तिलका मांझी के संघर्षों का उल्लेख करते हुए जल-जंगल-जमीन और अधिकारों की रक्षा को ऐतिहासिक संघर्ष बताया गया। साथ ही कहा गया कि खान एवं खनिज संशोधन अधिनियम, 2026 का विषय केवल खनिज उपकर या राजस्व तक सीमित नहीं है, बल्कि राज्यों के संवैधानिक अधिकारों, संघीय व्यवस्था और विकास क्षमता से भी जुड़ा है।

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जल-जंगल-जमीन को आदिवासी समाज के जीवन और पहचान का आधार बताया

ज्ञापन में MMDR Act में जोड़ी गई धारा 9D का उल्लेख करते हुए कहा गया कि इसके तहत राज्य सरकारों की खनिज अधिकारों अथवा खनिज-युक्त भूमि पर कर, उपकर या अन्य लेवी लगाने की शक्ति प्रभावित हो सकती है। ज्ञापन सौंपने वालों ने राष्ट्रपति से पूरे मामले पर संवैधानिक अधिकारों और झारखंड के हितों को ध्यान में रखते हुए हस्तक्षेप करने की मांग की। साथ ही राज्य के जल, जंगल, जमीन और खनिज संसाधनों पर अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करने का आग्रह किया गया। ज्ञापन में झारखंड की वित्तीय स्वायत्तता और संघीय व्यवस्था से जुड़े पहलुओं पर भी विशेष ध्यान देने की मांग रखी गई।

Chaibasa : जामदा में समारोहपूर्वक मनाई गई लाको बोदरा की 107वीं जयंती

हो भाषा और साहित्य के विकास में लाको बोदरा के योगदान को किया गया याद जेबी लाइव, रिपोर्टर चाईबासा :

  • हो भाषा और साहित्य के विकास में लाको बोदरा के योगदान को किया गया याद

जेबी लाइव, रिपोर्टर

चाईबासा : आदिवासी हो समाज के महान दार्शनिक, साहित्यकार, नाटककार तथा वारंग क्षिति लिपि के खोजकर्ता ओतगुरू लाको बोदरा की 107वीं जयंती ओडिशा के जामदा में समारोहपूर्वक मनाई गई। आदिवासी हो समाज महासभा, ओडिशा की ओर से आयोजित समारोह में झारखंड और ओडिशा के 40 से अधिक सीमावर्ती गांवों से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। लाको बोदरा के हजारों अनुयायियों, श्रद्धालुओं, हो भाषा के लेखकों, कवियों, साहित्यकारों और आम लोगों ने उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित कर नमन किया। समारोह से पहले शहर में ढोल-नगाड़ों की थाप और धार्मिक पताकाओं के साथ भव्य जुलूस निकाला गया। कार्यक्रम में मयूरभंज सांसद नभाचरण माझी, जसीपुर विधायक सह वन एवं पर्यावरण मंत्री गणेश राम सिंह कुंटिया, करंजिया विधायक पदमाचरण हाईबुरू और रायरंगपुर विधायक जोलेन बारदा सहित कई अतिथि मौजूद रहे।

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लाको बोदरा की जयंती पर उमड़ा जनसैलाब, निकाली गई भव्य शोभायात्रा

समारोह को संबोधित करते हुए वन एवं पर्यावरण मंत्री गणेश राम सिंह कुंटिया ने कहा कि लाको बोदरा ने हो समाज के लिए वारंग क्षिति लिपि की खोज कर महत्वपूर्ण योगदान दिया, जिसे संरक्षित और आगे विकसित करने की आवश्यकता है। रायरंगपुर विधायक जोलेन बारदा ने कहा कि लिपि के विकास के लिए उनकी ओर से हरसंभव सहयोग किया जाएगा। करंजिया विधायक पदमाचरण हाईबुरू ने लाको बोदरा के आध्यात्मिक योगदान को अतुलनीय बताया। हो साहित्यकार डोबरो बुड़ीउली ने उनके जीवन और साहित्यिक योगदान पर विस्तार से प्रकाश डाला। समारोह में हो भाषा और साहित्य के संरक्षण तथा विकास को लेकर भी चर्चा हुई। मौके पर एंकर चंद्रिका कोडांकेल, मलोती आल्डा, पूनम पुरती, सतीश सामड, बिरसा कोडांकेल, मनोरंजन तिरिया, सेलाय पुरती समेत बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।

Chandil : चाचा की हत्या के आरोप में भतीजा गिरफ्तार, घर से खून से सना कटनी बरामद

तुलग्राम में 16 सितंबर को हुई थी आनंद सिंह सरदार की हत्या, पूछताछ के बाद भेजा गया न्यायिक हिरासत में

  • तुलग्राम में 16 सितंबर को हुई थी आनंद सिंह सरदार की हत्या, पूछताछ के बाद भेजा गया न्यायिक हिरासत में
  • आरोपित की निशानदेही पर बरामद हुआ हत्या में इस्तेमाल हथियार

जेबी लाइव, रिपोर्टर

चांडिल : चौका थाना क्षेत्र के तुलग्राम में चाचा आनंद सिंह सरदार की हत्या के मामले में पुलिस ने उनके भतीजे मधु सिंह सरदार (34) को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपित की निशानदेही पर उसके घर से हत्या में प्रयुक्त खून से सना हथियार (कटनी) भी बरामद किया है। घटना 16 सितंबर 2026 की बताई गई है। मामले की जानकारी एसडीपीओ शिव प्रकाश कुमार ने प्रेसवार्ता के दौरान दी। इस दौरान चौका थाना प्रभारी गौरव कुमार भी मौजूद थे। पुलिस के अनुसार हथियार से हत्या किए जाने के मामले में मृतक के छोटे भाई दुर्गा चरण सरदार की लिखित शिकायत पर चौका थाना में कांड संख्या 44/2026 दर्ज किया गया था।

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तुलग्राम हत्याकांड में पुलिस ने भतीजे को किया गिरफ्तार

पुलिस ने बताया कि मामले की जांच के दौरान मधु सिंह सरदार की कथित संलिप्तता के संबंध में जानकारी मिली। इसके बाद पुलिस टीम ने 18 सितंबर की रात उसे गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान मिली जानकारी और आरोपित की निशानदेही पर उसके घर से हत्या में इस्तेमाल किया गया खून लगा कटनी बरामद किया गया। पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद गिरफ्तार आरोपित को शनिवार, 19 सितंबर को न्यायिक हिरासत में भेज दिया। कार्रवाई चौका थाना प्रभारी गौरव कुमार के नेतृत्व में पुलिस पदाधिकारियों और सशस्त्र बल के जवानों ने की। पुलिस मामले में आगे की जांच और अन्य पहलुओं की पड़ताल कर रही है।

Chaibasa : चाईबासा में मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण पर एक दिवसीय जिलास्तरीय कार्यशाला संपन्न

सड़क दुर्घटना पीड़ितों को समय पर मुआवजा दिलाने और MACT प्रक्रिया सरल बनाने पर जोर दुर्घटना पीड़ितों को मुआवजा दिलाने

  • सड़क दुर्घटना पीड़ितों को समय पर मुआवजा दिलाने और MACT प्रक्रिया सरल बनाने पर जोर
  • दुर्घटना पीड़ितों को मुआवजा दिलाने में चिकित्सा दस्तावेजों की भूमिका अहम

जेबी लाइव, रिपोर्टर

चाईबासा : जिला विधिक सेवा प्राधिकार, पश्चिमी सिंहभूम चाईबासा के तत्वावधान में रविवार को व्यवहार न्यायालय परिसर स्थित न्यायालय सभागार में मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल (MACT) पर एक दिवसीय जिलास्तरीय कार्यशाला आयोजित की गई। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकार (नालसा), नई दिल्ली एवं झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार, रांची के निर्देशानुसार आयोजित कार्यशाला का उद्घाटन प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, पश्चिमी सिंहभूम मोहम्मद शाकिर ने दीप प्रज्वलित कर किया।

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MACT मामलों में पीड़ितों को त्वरित न्याय दिलाने पर जोर

कार्यशाला को संबोधित करते हुए प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश मोहम्मद शाकिर ने कहा कि सड़क दुर्घटना के पीड़ितों को समय पर और उचित मुआवजा दिलाना सभी संबंधित पक्षों की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि कार्यशाला में विशेषज्ञों द्वारा दी जा रही महत्वपूर्ण जानकारी का उपयोग कर MACT मामलों की प्रक्रिया को अधिक सरल और प्रभावी बनाया जा सकता है। उन्होंने बताया कि MACT मामलों में न्यायालय शुल्क मात्र 10 रुपये देय है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि ऐसे मामलों में निर्धारित समयसीमा के भीतर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि पीड़ित परिवारों को जल्द न्याय और मुआवजा मिल सके।

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MACT मामलों में महज 10 रुपये न्यायालय शुल्क की जानकारी दी गई

कार्यशाला के प्रथम तकनीकी सत्र में अधिवक्ता अमर बक्शी ने मोटर दुर्घटना कानून की धारा 166 के तहत विभिन्न प्रावधानों पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पुलिस द्वारा दुर्घटना से संबंधित सभी आवश्यक दस्तावेज समय पर न्यायालय में प्रस्तुत किया जाना जरूरी है। द्वितीय तकनीकी सत्र में अधिवक्ता प्रमोद प्रसाद ने पुलिस एवं विभिन्न विभागों के अधिकारियों को MACT के तहत अपनाई जाने वाली प्रक्रियाओं की जानकारी दी। उन्होंने विशेष रूप से AIR (एक्सीडेंटल इंफॉरमेशन रिपोर्ट) और DIR (डेथ इंफॉरमेशन रिपोर्ट) तैयार करने एवं प्रस्तुत करने की प्रक्रिया समझाई। अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी बहमण टूटी ने भी FIR दर्ज करने की प्रक्रिया तथा दुर्घटना से जुड़े क्लेम मामलों में बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में पुलिस अधिकारियों को जानकारी दी।

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AIR और DIR की प्रक्रिया पर अधिकारियों को दिया गया प्रशिक्षण

सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. शिवचरण हांसदा ने दुर्घटना पीड़ितों के उपचार और मुआवजा प्रक्रिया में चिकित्सकों एवं चिकित्सा प्रबंधन की भूमिका पर जानकारी दी। उन्होंने दुर्घटना में मृत्यु होने की स्थिति में पोस्टमार्टम रिपोर्ट समेत अन्य आवश्यक दस्तावेज समय पर ट्रिब्यूनल के समक्ष प्रस्तुत करने पर जोर दिया, ताकि पीड़ित परिवार को मुआवजा प्राप्त करने में परेशानी न हो। कार्यशाला का संचालन DLSA के सचिव रवि चौधरी ने किया। इस अवसर पर न्यायिक पदाधिकारी, अधिवक्ता, पुलिस पदाधिकारी एवं विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। कार्यशाला के माध्यम से दुर्घटना मामलों में समन्वय, दस्तावेजी प्रक्रिया और पीड़ितों को समय पर न्याय दिलाने की प्रक्रिया को बेहतर बनाने पर जोर दिया गया।

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