Share

Dumaria : दो साल से अधूरा हेंडेगोड़ा सिंचाई नाला, मजदूरों के 60 हजार रुपये बकाया

  • डुमरिया के बोमरो गांव में जिला परिषद फंड से निर्माण का दावा
  • न सूचना बोर्ड और न योजना की पूरी जानकारी; सिंचाई के अभाव में सैकड़ों किसानों की बढ़ी परेशानी
  • ग्रामीणों ने जांच और बकाया मजदूरी भुगतान की उठाई मांग

जेबी लाइव, रिपोर्टर

डुमरिया : पूर्वी सिंहभूम जिले के डुमरिया प्रखंड अंतर्गत केंदुआ पंचायत के बोमरो गांव में हेंडेगोड़ा सिंचाई नाला निर्माण की अधूरी योजना को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। ग्रामीणों के अनुसार, जिला परिषद फंड से स्वीकृत बताए जा रहे इस नाले का निर्माण कार्य करीब दो वर्षों से अधूरा पड़ा है। इसका सीधा असर क्षेत्र के सैकड़ों किसानों की सिंचाई व्यवस्था पर पड़ रहा है। वहीं, निर्माण कार्य में लगे मजदूरों की करीब 60 हजार रुपये की मजदूरी भी अब तक बकाया होने का मामला सामने आया है। ग्रामीणों का आरोप है कि एक ओर किसान खेतों तक पानी पहुंचने का इंतजार कर रहे हैं, तो दूसरी ओर मजदूर अपनी मेहनत की कमाई पाने के लिए परेशान हैं। कार्यस्थल पर योजना से संबंधित सूचना बोर्ड नहीं होने के कारण ग्रामीणों को इसकी लागत, कार्यादेश, निर्माण की समय-सीमा और जिम्मेदार संवेदक के बारे में भी स्पष्ट जानकारी नहीं मिल पा रही है। ग्रामीणों ने संबंधित विभाग और जिला प्रशासन से मामले की जांच कराकर जल्द कार्रवाई करने की मांग की है।

इसे भी पढ़ें : Jadugoda : यूसिल कर्मचारियों के खातों में आज पहुंचेगा ₹11.90 करोड़ का बोनस, दुर्गापूजा से पहले बाजार में लौटेगी रौनक

दो साल से अधूरा निर्माण, किसानों को नहीं मिल रहा सिंचाई का लाभ

हेंडेगोड़ा सिंचाई नाले का निर्माण खेतों तक पानी पहुंचाने के उद्देश्य से कराया जा रहा है। ग्रामीणों के मुताबिक, मधु सोरेन की जमीन से गुबाल सोरेन की जमीन तक पक्की नाली का निर्माण किया जाना है, ताकि आसपास के खेतों में सिंचाई की सुविधा उपलब्ध हो सके। लेकिन निर्माण कार्य पूरा नहीं होने से योजना का अपेक्षित लाभ किसानों को नहीं मिल पा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि सिंचाई की समुचित व्यवस्था खेती के लिए बेहद जरूरी है। विशेषकर धान की खेती के दौरान पानी की कमी होने से फसल प्रभावित होने और किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। किसानों को उम्मीद थी कि नाले का निर्माण पूरा होने के बाद खेतों तक पानी पहुंचाने में सहूलियत होगी, लेकिन लंबे समय से काम अधूरा रहने के कारण उनकी उम्मीदों पर पानी फिरता नजर आ रहा है। ग्रामीणों ने मांग की है कि नाले का निर्माण प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराया जाए, जिससे किसानों को सिंचाई सुविधा मिल सके और उन्हें खेती के लिए अनावश्यक परेशानी न उठानी पड़े।

इसे भी पढ़ें : Jamshedpur : जिला कांग्रेस ने स्व. रूपी सोरेन को दी श्रद्धांजलि, दो मिनट का मौन रखकर की प्रार्थना

काम पूरा करने के बाद भी मजदूरों को नहीं मिली मेहनत की कमाई

नाला निर्माण में लगे मजदूरों की करीब 60 हजार रुपये मजदूरी बकाया होने की बात ने मामले को और गंभीर बना दिया है। मजदूरों का कहना है कि उन्होंने निर्माण कार्य में अपनी मेहनत लगाई, लेकिन करीब दो वर्ष बीत जाने के बावजूद उन्हें भुगतान नहीं मिला है। उनके अनुसार, बकाया राशि प्राप्त करने के लिए किस जिम्मेदार व्यक्ति, ठेकेदार या विभाग से संपर्क किया जाए, इसे लेकर भी स्पष्टता नहीं है। मजदूरों का सवाल है कि जब उन्होंने काम किया है, तो उनकी मजदूरी का भुगतान करने की जिम्मेदारी आखिर किसकी है? लंबे समय तक भुगतान नहीं होने से उन्हें आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। मजदूरों का कहना है कि मेहनत करने के बाद अपनी ही कमाई के लिए भटकना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मजदूरों के बकाया भुगतान की स्थिति की जांच करने और नियमानुसार उनकी मजदूरी दिलाने की मांग की है। उनका कहना है कि निर्माण कार्य में लगे श्रमिकों को भुगतान सुनिश्चित किए बिना योजना से जुड़े विवाद का समाधान अधूरा रहेगा।

इसे भी पढ़ें : Jadugoda : लंबित मांगों पर यूसील प्रबंधन की लेटलतीफी से लेबर यूनियन नाराज, आंदोलन की चेतावनी

सूचना बोर्ड गायब, योजना की लागत और संवेदक के नाम पर उठे सवाल

ग्रामीणों ने निर्माण कार्य में पारदर्शिता की कमी पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि कार्यस्थल पर न तो सूचना बोर्ड लगाया गया है और न ही योजना से जुड़ी आवश्यक जानकारी सार्वजनिक की गई है। इसके कारण ग्रामीण यह पता नहीं लगा पा रहे हैं कि योजना की कुल लागत कितनी है, इसे कब तक पूरा किया जाना था और निर्माण कार्य की जिम्मेदारी किस ठेकेदार या संवेदक को सौंपी गई है। मजदूरों का दावा है कि यह योजना जिला परिषद फंड से सिंचाई नाला निर्माण के लिए स्वीकृत हुई है तथा मुसाबानी के बादल लामा द्वारा निर्माण कार्य कराया जा रहा था। इस संबंध में डुमरिया की जिला परिषद सदस्य पार्वती मुंडा से जानकारी लिए जाने पर उन्होंने बताया कि नाले का निर्माण उनके फंड से कराया जा रहा है। हालांकि, योजना के ठेकेदार अथवा संवेदक का नाम पूछे जाने पर स्पष्ट जानकारी नहीं मिल सकी। ऐसे में ग्रामीण योजना की निगरानी, कार्य की प्रगति और जिम्मेदारी तय करने की प्रक्रिया को लेकर सवाल उठा रहे हैं। ग्रामीणों की मांग है कि योजना की लागत, स्वीकृति, कार्यादेश और निर्माण की वर्तमान स्थिति की जानकारी सार्वजनिक की जाए।

इसे भी पढ़ें : Baharagoda : पुलिया टूटने से कोलारामा गांव का संपर्क कटा, सांसद प्रतिनिधि ने लिया जायजा

ग्रामीणों ने जांच और मजदूरी भुगतान की मांग उठाई, प्रशासन की कार्रवाई पर नजर

अधूरे नाले और मजदूरी भुगतान में कथित देरी के विरोध में ग्रामीणों ने संबंधित विभाग और प्रशासन से जल्द हस्तक्षेप करने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि सिंचाई जैसी महत्वपूर्ण योजना का निर्माण दो वर्षों तक अधूरा रहना और मजदूरों को उनकी मजदूरी नहीं मिलना गंभीर विषय है। उन्होंने नाले का निर्माण शीघ्र पूरा कराने, खेतों तक सिंचाई का पानी पहुंचाने, बकाया मजदूरी का भुगतान सुनिश्चित करने तथा योजना से संबंधित सभी जानकारियां सार्वजनिक करने की मांग की है। विरोध जताने वाले ग्रामीणों में सनातन कर्मकार, बोडो हांसदा, रघुनाथ सोरेन, लखन सोरेन, दुखु हेम्ब्रोम, दिकू मुर्मू, शंकर सबर, सीता हेम्ब्रोम और सानिया सोरेन सहित दर्जनों लोग शामिल थे। अब ग्रामीणों की नजर प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर हेंडेगोड़ा सिंचाई नाले का निर्माण कब पूरा होगा और मजदूरों को उनकी बकाया राशि कब मिलेगी? साथ ही, यह भी स्पष्ट होना जरूरी है कि योजना की निगरानी और भुगतान की जिम्मेदारी किसके पास है। ग्रामीणों ने उम्मीद जताई है कि प्रशासन मामले की निष्पक्ष जांच कराकर किसानों और मजदूरों को राहत दिलाएगा।

Leave a Comment

Jamshedpur : जमशेदपुर के पीएम मॉल पर टाटा स्टील का 223 करोड़ रुपये बकाया, हाई कोर्ट के आदेश के बाद जमीन की मापी शुरू

किराया और सेस भुगतान का मामला पहुंचा कार्रवाई के चरण में टाटा स्टील और सरकारी अधिकारियों की टीम कर रही

  • किराया और सेस भुगतान का मामला पहुंचा कार्रवाई के चरण में
  • टाटा स्टील और सरकारी अधिकारियों की टीम कर रही जमीन के वास्तविक क्षेत्रफल की जांच
  • परिसर के कुछ हिस्सों को सील किए जाने की भी जानकारी

जेबी लाइव, रिपोर्टर

जमशेदपुर : बिष्टुपुर स्थित पीएम मॉल पर टाटा स्टील का कथित तौर पर 223 करोड़ रुपये बकाया होने का मामला अब कार्रवाई के चरण में पहुंच गया है। हाई कोर्ट के आदेश के बाद मॉल परिसर में जमीन की मापी और उसके वास्तविक क्षेत्रफल की जांच शुरू कर दी गई है। टाटा स्टील के लैंड डिपार्टमेंट के अधिकारी और सरकारी कर्मचारियों की टीम मौके पर पहुंचकर जमीन की लंबाई-चौड़ाई सहित अन्य जरूरी पहलुओं का आकलन कर रही है। इस कार्रवाई के बाद मॉल प्रबंधन पर बकाया राशि के भुगतान को लेकर दबाव बढ़ गया है। मामले का संबंध टाटा स्टील की ओर से मॉल को किराये पर उपलब्ध कराई गई जमीन से बताया जा रहा है। फिलहाल जमीन की मापी के जरिए संबंधित भूखंड का वास्तविक क्षेत्रफल और उससे जुड़े पहलुओं की जांच की जा रही है। हालांकि, कार्रवाई के प्रत्येक चरण और उसकी विस्तृत कानूनी स्थिति की आधिकारिक पुष्टि सामने आना अभी बाकी है।

इसे भी पढ़ें : Jamshedpur : जमशेदपुर में ड्रग्स और सट्टेबाजी के खिलाफ चलेगा जनअभियान, 11 सदस्यीय संगठन बनाने की तैयारी

पीएम मॉल और टाटा स्टील के बीच बकाया राशि का विवाद, जमीन की जांच शुरू

प्राप्त जानकारी के अनुसार, टाटा स्टील ने पीएम मॉल को किराये पर जमीन उपलब्ध कराई थी। आरोप है कि जमीन के किराये और सेस का नियमित भुगतान नहीं होने के कारण बकाया राशि बढ़कर 223 करोड़ रुपये तक पहुंच गई। इस विवाद को लेकर न्यायालय में कानूनी प्रक्रिया चली। खबर के मुताबिक, हाई कोर्ट ने टाटा स्टील के पक्ष में फैसला सुनाते हुए पीएम मॉल को 15 दिनों के भीतर बकाया राशि का भुगतान करने का आदेश दिया था। निर्धारित समय सीमा पूरी होने के बाद जमीन की मापी और क्षेत्रफल की जांच की कार्रवाई शुरू होने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, न्यायालय के आदेश की सटीक शर्तों, भुगतान की समय-सीमा की गणना और वर्तमान कानूनी स्थिति की पुष्टि संबंधित आधिकारिक दस्तावेजों से किया जाना आवश्यक है। इस मामले में बकाया राशि की वसूली और जमीन से संबंधित आगे की कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

इसे भी पढ़ें : Jadugoda : दुर्गापूजा से पहले जादूगोड़ा पुलिस का बड़ा एक्शन, तीन अवैध शराब भट्ठियां ध्वस्त

किराया और सेस भुगतान को लेकर विवाद, 223 करोड़ रुपये की वसूली पर नजर

कार्रवाई के दौरान टाटा स्टील के लैंड डिपार्टमेंट के अधिकारियों और सरकारी कर्मचारियों की टीम मॉल परिसर में जमीन की लंबाई-चौड़ाई तथा वास्तविक क्षेत्रफल का आकलन कर रही है। इसका उद्देश्य संबंधित जमीन की स्थिति और उपलब्ध अभिलेखों से जुड़े तथ्यों की जांच करना बताया जा रहा है। मौके से मिली जानकारी के अनुसार, परिसर के कुछ हिस्सों को सील भी किया गया है। हालांकि, किन हिस्सों को सील किया गया है, इसके पीछे क्या आधिकारिक आधार है और इस कार्रवाई का दायरा कितना है, इसकी स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हो सकी है। ऐसे में सीलिंग की कार्रवाई को लेकर किसी अंतिम निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले संबंधित विभाग के आधिकारिक बयान और दस्तावेजों का सामने आना महत्वपूर्ण होगा। फिलहाल मापी और जांच की प्रक्रिया के आगे बढ़ने के साथ इस विवाद में आगे की कार्रवाई को लेकर स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।

इसे भी पढ़ें : Manoharpur/Anandpur : पुटुंगा स्कूल के विकास को मिलेगी नई गति, प्लस टू की मान्यता के लिए प्रयास करेंगे – जोबा माझी

जमीन की मापी के साथ पीएम मॉल परिसर में सीलिंग की सूचना

इस पूरे मामले में अब सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह है कि पीएम मॉल प्रबंधन कथित बकाया राशि का भुगतान कब तक करता है और भुगतान नहीं होने की स्थिति में आगे कौन-से कानूनी कदम उठाए जाते हैं। यदि विवाद का समाधान नहीं होता है, तो परिस्थितियों के अनुसार आगे कानूनी या प्रशासनिक कार्रवाई की स्थिति बन सकती है। इससे मॉल के संचालन पर क्या असर पड़ेगा, यह संबंधित आदेशों और आगे की कार्रवाई पर निर्भर करेगा। फिलहाल मॉल को बंद किए जाने को लेकर किसी आधिकारिक निर्णय की पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए मॉल के भविष्य को लेकर किसी निश्चित निष्कर्ष पर पहुंचना अभी जल्दबाजी होगी। बकाया राशि, जमीन की स्थिति और न्यायालय के आदेश के अनुपालन से जुड़े सभी पहलू इस मामले में महत्वपूर्ण बने हुए हैं।

इसे भी पढ़ें : Manoharpur : मनोहरपुर स्टेशन पर भटका 3 साल का मासूम, RPF और PLV टीम ने 6 घंटे में परिवार से मिलाया

बकाया भुगतान नहीं होने पर क्या होगी अगली कार्रवाई, मॉल के संचालन पर नजर

मापी और अन्य कार्रवाई के दौरान मौके पर मौजूद अधिकारियों से मामले की विस्तृत जानकारी लेने का प्रयास किया गया, लेकिन कोई भी अधिकारी कैमरे के सामने खुलकर बयान देने को तैयार नहीं हुआ। इस कारण कार्रवाई की पूरी प्रक्रिया, सील किए गए हिस्सों के विवरण और आगे की समय-सीमा को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी है। अब निगाहें पीएम मॉल प्रबंधन की ओर से संभावित भुगतान, टाटा स्टील की अगली कार्रवाई और संबंधित अधिकारियों के आधिकारिक पक्ष पर टिकी हैं। आने वाले दिनों में यह स्पष्ट होना महत्वपूर्ण होगा कि बकाया राशि के भुगतान को लेकर क्या कदम उठाए जाते हैं और जमीन से संबंधित जांच किस निष्कर्ष पर पहुंचती है।

Jamshedpur : जमशेदपुर में ड्रग्स और सट्टेबाजी के खिलाफ चलेगा जनअभियान, 11 सदस्यीय संगठन बनाने की तैयारी

विधायक सरयू राय की पहल को आगे बढ़ाएंगे पूर्व आईएएस (एलाइड) मनोज सिंह गोपनीय हेल्पलाइन, स्कूल-कॉलेजों में जागरूकता और चौक-चौराहों

  • विधायक सरयू राय की पहल को आगे बढ़ाएंगे पूर्व आईएएस (एलाइड) मनोज सिंह
  • गोपनीय हेल्पलाइन, स्कूल-कॉलेजों में जागरूकता और चौक-चौराहों पर नुक्कड़ नाटक के जरिए युवाओं को किया जाएगा जागरूक

जेबी लाइव, रिपोर्टर

जमशेदपुर : शहर में ड्रग्स और सट्टेबाजी जैसी सामाजिक समस्याओं के खिलाफ व्यापक जनअभियान चलाने की तैयारी शुरू हो गई है। जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय की परिकल्पना को आगे बढ़ाते हुए विचार क्रांति सम्मेलन के उद्देश्यों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए गैर-राजनीतिक संगठन गठित करने का निर्णय लिया गया है। शुक्रवार को बारीडीह स्थित विधायक कार्यालय में आयोजित समीक्षा बैठक में अभियान की रूपरेखा पर चर्चा की गई। बैठक में तय हुआ कि इस पहल को व्यवस्थित रूप देने के लिए पूर्व आईएएस (एलाइड) मनोज सिंह प्रस्तावित संगठन के संयोजक की जिम्मेदारी संभालेंगे। उनके नेतृत्व में 11 सदस्यीय टीम गठित की जाएगी। इसमें अधिवक्ताओं, काउंसलरों, पूर्व सैनिकों, पूर्व प्रशासनिक अधिकारियों और समाज के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े जागरूक नागरिकों को शामिल किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि 2 अक्टूबर को आयोजित विचार क्रांति सम्मेलन के बाद इस अभियान को व्यापक सामाजिक पहल के रूप में आगे बढ़ाने की योजना बनाई गई है।

इसे भी पढ़ें : Jadugoda : दुर्गापूजा से पहले जादूगोड़ा पुलिस का बड़ा एक्शन, तीन अवैध शराब भट्ठियां ध्वस्त

ड्रग्स और सट्टेबाजी के खिलाफ गैर-राजनीतिक संगठन बनाने की तैयारी

बैठक में अभियान के तहत गोपनीय हेल्पलाइन शुरू करने का भी निर्णय लिया गया। इसके माध्यम से ड्रग्स और सट्टेबाजी से संबंधित सूचनाएं एकत्र की जाएंगी। आयोजकों के अनुसार, हेल्पलाइन पर सूचना देने वालों की पहचान और सूचनाओं की गोपनीयता बनाए रखने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। प्राप्त जानकारियों के आधार पर प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों से संपर्क कर संबंधित मामलों में नियमानुसार कार्रवाई की मांग की जाएगी। बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि अभियान का उद्देश्य केवल समस्याओं को सामने लाना नहीं, बल्कि समाज और प्रशासन के बीच समन्वय स्थापित कर उनके समाधान की दिशा में प्रयास करना है। इसके लिए तथ्यात्मक जानकारी जुटाने, संबंधित अधिकारियों तक उसे पहुंचाने और आवश्यक कार्रवाई के लिए लगातार संवाद बनाए रखने की रणनीति तैयार की जाएगी। आयोजकों का मानना है कि नागरिकों की भागीदारी से ऐसी सामाजिक समस्याओं के प्रति जागरूकता बढ़ाने में मदद मिल सकती है।

इसे भी पढ़ें : Manoharpur/Anandpur : पुटुंगा स्कूल के विकास को मिलेगी नई गति, प्लस टू की मान्यता के लिए प्रयास करेंगे – जोबा माझी

गोपनीय हेल्पलाइन से जुटाई जाएंगी ड्रग्स और सट्टेबाजी से जुड़ी सूचनाएं

अभियान के तहत युवाओं को नशे और सट्टेबाजी के दुष्परिणामों से बचाने के लिए स्कूलों और कॉलेजों में विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। बैठक में तय किया गया कि विद्यार्थियों को इन समस्याओं के सामाजिक, पारिवारिक और व्यक्तिगत प्रभावों के बारे में जानकारी दी जाएगी। इसके अलावा शहर के प्रमुख चौक-चौराहों पर नुक्कड़ नाटक, पंपलेट वितरण, जनसंवाद और अन्य जनजागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएंगे। आयोजकों का मानना है कि युवाओं तक सीधे पहुंचकर उन्हें जागरूक करना इस पहल का महत्वपूर्ण हिस्सा होगा। अभियान में अभिभावकों, शिक्षकों और स्थानीय नागरिकों की भागीदारी भी बढ़ाने पर जोर दिया गया, ताकि नशे और सट्टेबाजी से संबंधित समस्याओं की पहचान करने तथा प्रभावित युवाओं को उचित सहायता तक पहुंचाने में सहयोग मिल सके।

इसे भी पढ़ें : Gua/Jagnathpur : रूपी सोरेन के निधन से झामुमो परिवार मर्माहत, प्रखंड कमिटी ने दी श्रद्धांजलि

स्कूल-कॉलेजों से चौक-चौराहों तक चलेगा जागरूकता अभियान

बैठक में वक्ताओं ने कहा कि ड्रग्स और सट्टेबाजी जैसी समस्याओं से निपटने के लिए सामाजिक जागरूकता, जनसहयोग और प्रशासनिक समन्वय जरूरी है। प्रस्तावित संगठन के माध्यम से इन विषयों पर लगातार संवाद स्थापित करने और विचार क्रांति सम्मेलन के उद्देश्यों को व्यापक स्तर पर पहुंचाने की योजना है। गैर-राजनीतिक स्वरूप में गठित होने वाली 11 सदस्यीय टीम अभियान की गतिविधियों को व्यवस्थित करने तथा विभिन्न क्षेत्रों के लोगों को जोड़ने का काम करेगी। बैठक में सुबोध श्रीवास्तव, अजय कुमार, नीरज सिंह, विवेक पाण्डेय, सतीश सिंह, अमित शर्मा, अमृता मिश्रा, रीना डे, पूजा महानंद, मंजू सिंह, जीतू सिंह, अरविंद चौधरी, राघवेंद्र सिंह, गोल्डन पाण्डेय, विकास रजक, प्रवीण सिंह, विकास साहनी, शेषनाथ पाठक, चुन्नू भूमिज और शमशाद खान सहित अन्य लोग उपस्थित थे।

इसे भी पढ़ें : Jamshedpur : डिजिटल अरेस्ट के नाम पर डरें नहीं, कानून में ऐसा कोई प्रावधान नहीं – DLSA

विचार क्रांति सम्मेलन के उद्देश्यों को जन-जन तक पहुंचाने की पहल

आयोजकों के अनुसार, इस अभियान का मुख्य उद्देश्य ड्रग्स और सट्टेबाजी से जुड़ी समस्याओं के खिलाफ समाज को संगठित करना, युवाओं को जागरूक बनाना और प्रशासन तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना है। प्रस्तावित हेल्पलाइन, जागरूकता कार्यक्रम और प्रशासनिक समन्वय के जरिए अभियान को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने की तैयारी है। अब निगाहें 11 सदस्यीय संगठन के गठन और जनजागरूकता गतिविधियों की शुरुआत पर टिकी हैं।

Jadugoda : दुर्गापूजा से पहले जादूगोड़ा पुलिस का बड़ा एक्शन, तीन अवैध शराब भट्ठियां ध्वस्त

भाटीन गांव के जाहिर टोला में छापेमारी कर 500 किलो जावा महुआ नष्ट शराब बनाने के उपकरण और प्लास्टिक के

  • भाटीन गांव के जाहिर टोला में छापेमारी कर 500 किलो जावा महुआ नष्ट
  • शराब बनाने के उपकरण और प्लास्टिक के जार भी किए गए नष्ट
  • त्योहार से पहले अवैध शराब कारोबारियों पर पुलिस की सख्ती

जेबी लाइव, रिपोर्टर

जादूगोड़ा : दुर्गापूजा के दौरान शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से जादूगोड़ा पुलिस ने अवैध शराब कारोबारियों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। इसी क्रम में पुलिस अधिकारी अनंत मार्डी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने भाटीन गांव के नदी किनारे स्थित जाहिर टोला में छापेमारी की। यहां लंबे समय से कथित रूप से संचालित अवैध शराब भट्ठियों पर कार्रवाई करते हुए तीन भट्ठियों को ध्वस्त कर दिया गया। छापेमारी के दौरान शराब बनाने में इस्तेमाल होने वाले करीब 500 किलो जावा महुआ को नष्ट किया गया। पुलिस की इस कार्रवाई से क्षेत्र में अवैध शराब कारोबार से जुड़े लोगों में हड़कंप मच गया। पुलिस का उद्देश्य त्योहार के दौरान अवैध शराब की बिक्री और उससे उत्पन्न होने वाली संभावित समस्याओं पर अंकुश लगाना है।

इसे भी पढ़ें : Manoharpur : मनोहरपुर स्टेशन पर भटका 3 साल का मासूम, RPF और PLV टीम ने 6 घंटे में परिवार से मिलाया

भाटीन गांव में अवैध शराब के खिलाफ पुलिस की छापेमारी, कच्चा माल नष्ट

कार्रवाई के दौरान पुलिस ने शराब बनाने में इस्तेमाल होने वाले उपकरणों और प्लास्टिक के जार को भी नष्ट कर दिया। पुलिस टीम में अधिकारी अनंत मार्डी के साथ सुमन सिंह, अशोक दास और अन्य सशस्त्र बल के जवान शामिल थे। छापेमारी के दौरान अवैध शराब कारोबार में संलिप्त लोग मौके से फरार होने में सफल रहे। इसके कारण किसी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी। पुलिस की इस कार्रवाई को दुर्गापूजा से पहले अवैध शराब के कारोबार पर लगाम लगाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। पुलिस क्षेत्र में अवैध गतिविधियों पर नजर रख रही है और ऐसी गतिविधियों की सूचना मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।

Manoharpur/Anandpur : पुटुंगा स्कूल के विकास को मिलेगी नई गति, प्लस टू की मान्यता के लिए प्रयास करेंगे – जोबा माझी

वार्षिकोत्सव में सिंहभूम सांसद ने खेल मैदान, शिक्षकों की कमी दूर करने और जरूरी संसाधन उपलब्ध कराने का दिया आश्वासन

  • वार्षिकोत्सव में सिंहभूम सांसद ने खेल मैदान, शिक्षकों की कमी दूर करने और जरूरी संसाधन उपलब्ध कराने का दिया आश्वासन
  • विद्यार्थियों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों से बांधा समां

जेबी लाइव, रिपोर्टर

मनोहरपुर/आनंदपुर : पश्चिमी सिंहभूम जिले के आनंदपुर प्रखंड स्थित सुदूरवर्ती उत्क्रमित उच्च विद्यालय पुटुंगा में शुक्रवार को वार्षिकोत्सव हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। समारोह में सिंहभूम की सांसद जोबा माझी मुख्य अतिथि तथा प्रखंड विकास पदाधिकारी अभिषेक कुमार विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम की शुरुआत छात्र-छात्राओं द्वारा पारंपरिक नृत्य-संगीत के माध्यम से अतिथियों के स्वागत के साथ हुई। इसके बाद अतिथियों ने पारंपरिक पत्थर धुलाई कार्यक्रम में भाग लिया। विद्यार्थियों ने विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया, जिसकी उपस्थित लोगों ने सराहना की। समारोह के दौरान शिक्षक मनोज कुमार सिंह ने स्वागत भाषण देते हुए विद्यालय की उपलब्धियों और वर्तमान समस्याओं से अतिथियों को अवगत कराया। विद्यालय सचिव पीटर भुइंया ने भी विद्यालय के विकास और विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराने से जुड़े विषयों पर अपने विचार रखे। समारोह में ग्रामीणों, अभिभावकों और विद्यार्थियों की अच्छी भागीदारी रही।

इसे भी पढ़ें : Manoharpur : मनोहरपुर स्टेशन पर भटका 3 साल का मासूम, RPF और PLV टीम ने 6 घंटे में परिवार से मिलाया

खपरैल भवन से उत्क्रमित उच्च विद्यालय तक पहुंचा पुटुंगा स्कूल, अब सुविधाएं बढ़ाने पर जोर

मुख्य अतिथि सांसद जोबा माझी ने कहा कि पुटुंगा विद्यालय ने लंबे संघर्ष के बाद खपरैल भवन से उत्क्रमित उच्च विद्यालय तक का सफर तय किया है। यह क्षेत्र के लोगों और शिक्षा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का परिणाम है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा का विस्तार और विद्यालयों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करना बेहद जरूरी है। शिक्षित समाज के निर्माण के लिए हर घर तक शिक्षा की रोशनी पहुंचनी चाहिए। सांसद ने बताया कि विद्यालय में चारदीवारी का निर्माण कार्य जारी है, लेकिन अभी भी कई बुनियादी सुविधाओं की आवश्यकता है। उन्होंने विद्यार्थियों के लिए खेल मैदान उपलब्ध कराने तथा विद्यालय में जरूरी संसाधनों की व्यवस्था करने का आश्वासन दिया। साथ ही शिक्षकों की कमी दूर करने के लिए प्रयास करने की बात कही। उन्होंने कहा कि विद्यालय के विकास के लिए हरसंभव सहयोग किया जाएगा, ताकि दूरदराज के ग्रामीण इलाकों के बच्चों को भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिल सके।

इसे भी पढ़ें : Gua/Jagnathpur : रूपी सोरेन के निधन से झामुमो परिवार मर्माहत, प्रखंड कमिटी ने दी श्रद्धांजलि

शिक्षकों की कमी दूर करने और खेल मैदान उपलब्ध कराने की उठी जरूरत

सांसद जोबा माझी ने विद्यालय को भविष्य में प्लस टू की मान्यता दिलाने के लिए भी प्रयास करने का आश्वासन दिया। इससे क्षेत्र के विद्यार्थियों को आगे की पढ़ाई के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की उम्मीद जगी है। उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना सामूहिक जिम्मेदारी है और विद्यालय के विकास से ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों का भविष्य मजबूत होगा। समारोह में रोबोकेरा थाना प्रभारी लालू प्रसाद, उपप्रमुख दीपक एक्का, जुनूल कंडुलना, कोमल भुइंया, अजय कच्छप, कालीपद सोरेन, सूर्य प्रताप सिंहदेव, ग्राम मुंडा राजेश भुइंया, संजीव गंताइत, राजू सिंह, शिक्षक बिराजमनी बुढ़, इंदु लालिमा तोपनो, पालेश्वर महतो और रोलेश पुरती सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं, अभिभावक और ग्रामीण उपस्थित थे। वार्षिकोत्सव के दौरान विद्यालय के विकास, शैक्षणिक सुविधाओं के विस्तार और विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य को लेकर सकारात्मक माहौल देखने को मिला।

Manoharpur : मनोहरपुर स्टेशन पर भटका 3 साल का मासूम, RPF और PLV टीम ने 6 घंटे में परिवार से मिलाया

सोशल मीडिया पर फोटो और जानकारी साझा करने से मिली सफलता कागजी प्रक्रिया पूरी कर बच्चे को मां रिमी देवी

  • सोशल मीडिया पर फोटो और जानकारी साझा करने से मिली सफलता
  • कागजी प्रक्रिया पूरी कर बच्चे को मां रिमी देवी को सौंपा गया
  • RPF, चाइल्ड हेल्पलाइन और DLSA टीम के समन्वय से सुरक्षित घर पहुंचा मासूम

जेबी लाइव, रिपोर्टर

मनोहरपुर : पश्चिमी सिंहभूम जिले के मनोहरपुर रेलवे स्टेशन पर शुक्रवार सुबह भटके तीन वर्षीय मासूम को रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और जिला विधिक सेवा प्राधिकार (DLSA) की PLV टीम की तत्परता से सकुशल उसके परिवार से मिला दिया गया। जानकारी के अनुसार, सुबह करीब 10 बजे स्टेशन के टेंपो स्टैंड पर बच्चा अकेला भटकता हुआ मिला। सूचना मिलने पर RPF और मनोहरपुर PLV टीम ने बच्चे को अपने संरक्षण में लेकर उसके परिजनों की तलाश शुरू की। बच्चे की तस्वीर और संबंधित जानकारी सोशल मीडिया पर साझा की गई, जिसके बाद दोपहर करीब 2:30 बजे परिवार ने संपर्क किया। बच्चे की पहचान अविनाश गोडाइत, पिता शंकर गोडाइत और माता रिमी गोडाइत, निवासी भट्टी मोहल्ला, मनोहरपुर के रूप में हुई।

इसे भी पढ़ें : Gua/Jagnathpur : रूपी सोरेन के निधन से झामुमो परिवार मर्माहत, प्रखंड कमिटी ने दी श्रद्धांजलि

सोशल मीडिया की मदद से चार घंटे में मिला बच्चे का परिवार

परिजनों की पहचान होने के बाद रेलवे RPF थाना में आवश्यक कागजी प्रक्रिया पूरी की गई। इसके बाद शाम करीब 4 बजे बच्चे को सकुशल उसकी मां रिमी देवी को सौंप दिया गया। इस कार्य में RPF थाना के पदाधिकारियों और कर्मचारियों के साथ चाइल्ड हेल्पलाइन के मनोज दास, जिला बाल संरक्षण इकाई (DCPU) के जगरनाथ पोद्दार तथा PLV अशोक कुमार महतो और अनिल कुमार महतो की महत्वपूर्ण भूमिका रही। टीम की तत्परता से मासूम को सुरक्षित परिवार तक पहुंचाया जा सका। इस घटना ने रेलवे स्टेशन जैसे सार्वजनिक स्थानों पर बच्चों की सुरक्षा और उनके भटकने की स्थिति में त्वरित सूचना एवं समन्वय के महत्व को भी रेखांकित किया।

Gua/Jagnathpur : रूपी सोरेन के निधन से झामुमो परिवार मर्माहत, प्रखंड कमिटी ने दी श्रद्धांजलि

गुवा-जगन्नाथपुर में प्रखंड अध्यक्ष महेंद्र तिरिया की अध्यक्षता में शोकसभा आयोजित मंजीत कोड़ा ने निधन को झारखंड के लिए अपूरणीय

  • गुवा-जगन्नाथपुर में प्रखंड अध्यक्ष महेंद्र तिरिया की अध्यक्षता में शोकसभा आयोजित
  • मंजीत कोड़ा ने निधन को झारखंड के लिए अपूरणीय क्षति बताया

जेबी लाइव, रिपोर्टर

गुवा/जगन्नाथपुर : झारखंड के मुख्यमंत्री एवं झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के केंद्रीय अध्यक्ष हेमंत सोरेन की माताजी स्वर्गीय रूपी सोरेन के निधन से पार्टी कार्यकर्ताओं में शोक की लहर है। उनके निधन पर शुक्रवार को झामुमो प्रखंड कमिटी की ओर से शोकसभा आयोजित कर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता झामुमो प्रखंड अध्यक्ष महेंद्र तिरिया ने की। इस दौरान उपस्थित पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने दिवंगत रूपी सोरेन की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की तथा शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की। कार्यकर्ताओं ने कहा कि रूपी सोरेन का निधन पार्टी परिवार के लिए गहरा दुख है। शोकसभा में सभी ने उनके प्रति सम्मान प्रकट करते हुए इस कठिन समय में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और उनके परिजनों के साथ खड़े रहने की बात कही।

इसे भी पढ़ें : Jamshedpur : डिजिटल अरेस्ट के नाम पर डरें नहीं, कानून में ऐसा कोई प्रावधान नहीं – DLSA

रूपी सोरेन के निधन पर झामुमो नेताओं ने जताया गहरा शोक

इस अवसर पर झामुमो नेता मंजीत कोड़ा ने शोक व्यक्त करते हुए कहा कि स्वर्गीय रूपी सोरेन का निधन झारखंड के लिए अपूरणीय क्षति है। उन्होंने कहा कि मां का निधन किसी भी परिवार के लिए असहनीय पीड़ा होती है। ऐसे दुखद समय में पूरा झारखंड मुक्ति मोर्चा परिवार मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और उनके परिवार के साथ खड़ा है। उन्होंने कहा कि दिवंगत रूपी सोरेन के प्रति पार्टी कार्यकर्ताओं के मन में हमेशा सम्मान और श्रद्धा बनी रहेगी। मंजीत कोड़ा ने ईश्वर से प्रार्थना की कि दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन सहित पूरे परिवार को इस दुख को सहन करने की शक्ति दें। उन्होंने कहा कि इस कठिन घड़ी में संवेदना और एकजुटता ही शोकाकुल परिवार को संबल प्रदान कर सकती है।

इसे भी पढ़ें : Jamshedpur : हिंडाल्को और आईडीटीआर जमशेदपुर के बीच समझौता, युवाओं को मिलेगा तकनीकी प्रशिक्षण

शोकसभा में दो मिनट का मौन रख दिवंगत आत्मा की शांति के लिए की प्रार्थना

शोकसभा के दौरान उपस्थित झामुमो नेताओं और कार्यकर्ताओं ने दो मिनट का मौन रखकर स्वर्गीय रूपी सोरेन को श्रद्धांजलि अर्पित की। सभी ने उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए शोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं प्रकट कीं। कार्यक्रम में प्रखंड अध्यक्ष महेंद्र तिरिया, झामुमो नेता मंजीत कोड़ा, भूषण लागुरी, मनोज लागुरी, मनोज बोबोंगा, सुदर्शन लागुरी, अजय सिंकु और तुलसीनाथ केराई सहित अन्य पार्टी कार्यकर्ता मौजूद थे। शोकसभा में उपस्थित लोगों ने दिवंगत आत्मा की शांति और परिवार को दुख सहन करने की शक्ति देने की कामना की। इस दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं ने दुख की इस घड़ी में एकजुटता बनाए रखने और परिवार के प्रति संवेदनशीलता व्यक्त करने का संदेश दिया।

Leave a Comment

You cannot copy content of this page

Scroll to Top