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Ghatsila : 40 पोल की बिजली तार चोरी से मचा हड़कंप, तीन थाना क्षेत्रों की पुलिस जांच में जुटी

  • अमाईनगर ग्रिड से गालूडीह बराज तक बिछाई जा रही लाखों रुपये की विद्युत लाइन गायब, एक सप्ताह बाद भी नहीं मिला सुराग

जेबी लाइव, रिपोर्टर

घाटशिला : घाटशिला क्षेत्र में लगभग 40 पोल तक बिछाई जा रही बिजली तार की चोरी का मामला लगातार चर्चा का विषय बना हुआ है। जानकारी के अनुसार अमाईनगर ग्रिड से गालूडीह बराज तक बिछाई जा रही विद्युत लाइन को अज्ञात चोरों द्वारा काटकर ले जाने का आरोप है। चोरी की यह घटना घाटशिला, मऊभंडार और गालूडीह थाना क्षेत्र के अंतर्गत हुई बताई जा रही है, जिसके बाद तीनों थाना क्षेत्रों की पुलिस संयुक्त रूप से मामले की जांच में जुटी हुई है। बताया जा रहा है कि चोरी हुई बिजली तार की कीमत 10 लाख रुपये से अधिक हो सकती है। घटना के एक सप्ताह बाद भी पुलिस को कोई ठोस सफलता नहीं मिली है, हालांकि संदिग्धों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। मामले ने विद्युत विभाग की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

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सोनू मंडल और साथियों की तलाश में पुलिस, झोपड़ी से मिले कुछ उपकरण

सूत्रों के अनुसार पुलिस सोनू मंडल और उसके चार कथित साथियों की तलाश कर रही है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने उनके संभावित ठिकानों और रिश्तेदारों के यहां कई बार दबिश दी, लेकिन अब तक कोई गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। मंगलवार को घाटशिला पुलिस स्वर्णरेखा कैनाल के समीप स्थित एक कथित झोपड़ी तक पहुंची, जहां तलाशी अभियान चलाया गया। तलाशी के दौरान पुलिस को कुछ पुराने बिजली उपकरण, एक मोटरसाइकिल और झोपड़ी के अंदर गुमटीनुमा संरचना मिली। इसके बाद थाना प्रभारी ने परिसर को बंद कर चाबी अपने कब्जे में ले ली। स्थानीय स्तर पर यह भी चर्चा है कि संदिग्ध व्यक्ति पहले बिजली मिस्त्री के रूप में कार्य कर चुका है और वर्तमान में एक ठेकेदार के अधीन काम कर रहा था। हालांकि इन तथ्यों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।

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विद्युत विभाग और ठेकेदार की चुप्पी से उठ रहे सवाल

मामले में सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि करीब साढ़े चार किलोमीटर लंबी बिजली लाइन आखिर चोरी कैसे हो गई और इसकी जानकारी समय पर संबंधित एजेंसियों को क्यों नहीं मिली। स्थानीय लोगों का कहना है कि इतनी बड़ी मात्रा में तार की चोरी बिना किसी की नजर में आए होना गंभीर चिंता का विषय है। वहीं विद्युत विभाग और संबंधित ठेकेदार की ओर से अब तक कोई स्पष्ट बयान सामने नहीं आया है, जिससे कई तरह की चर्चाओं को बल मिल रहा है। पुलिस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है और दावा कर रही है कि जल्द ही पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा। फिलहाल क्षेत्र में इस घटना को लेकर लोगों के बीच उत्सुकता और चिंता दोनों बनी हुई है।

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गालूडीह में हुई महत्वपूर्ण बैठक, बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने की रणनीति पर हुआ मंथन जेबी लाइव, रिपोर्टर

  • गालूडीह में हुई महत्वपूर्ण बैठक, बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने की रणनीति पर हुआ मंथन

जेबी लाइव, रिपोर्टर

गालूडीह : गालूडीह (घाटशिला) स्थित मनोज महतो भवन में सोमवार को झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (JLKM) के पूर्वी सिंहभूम जिला संगठन के विस्तार एवं पुनर्गठन को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। कोल्हान प्रमंडल जिला पुनर्गठन प्रभारी देवेन्द्र नाथ महतो की अगुवाई में आयोजित इस बैठक में केंद्रीय वरीय उपाध्यक्ष संतोष महतो, केंद्रीय सचिव मार्शल महतो, संतोष सिंह, रवि महतो समेत संगठन के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए। बैठक में संगठन को नई ऊर्जा और नई संरचना के साथ आगे बढ़ाने, जनाधार को मजबूत बनाने तथा आगामी रणनीतियों पर विस्तार से चर्चा की गई। वक्ताओं ने कहा कि किसी भी राजनीतिक संगठन की असली ताकत उसके जमीनी कार्यकर्ताओं में निहित होती है। इसी सोच के साथ संगठन पंचायत, गांव और बूथ स्तर तक अपनी पकड़ मजबूत करने की दिशा में कार्य करेगा तथा जनसरोकार के मुद्दों को लेकर जनता के बीच सक्रिय भूमिका निभाएगा।

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युवाओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं को संगठन से जोड़ने की तैयारी

बैठक में संगठन विस्तार अभियान को व्यापक रूप देने पर जोर दिया गया। नेताओं ने कहा कि आने वाले दिनों में युवाओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और जनहित के मुद्दों पर काम करने वाले लोगों को JLKM से जोड़ने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। संगठन का लक्ष्य केवल सदस्य संख्या बढ़ाना नहीं, बल्कि ऐसे कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी देना है जो जनता की समस्याओं के समाधान के लिए समर्पित भाव से कार्य कर सकें। इसके लिए जिले के विभिन्न क्षेत्रों में संवाद और जनसंपर्क कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। बैठक में इस बात पर भी सहमति बनी कि संगठन को गांव-गांव तक पहुंचाकर लोगों को झारखंड के अधिकार, स्वाभिमान और विकास से जुड़े मुद्दों के प्रति जागरूक किया जाएगा।

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11 प्रखंडों और 6 विधानसभा क्षेत्रों में चलेगा विशेष अभियान

बैठक के दौरान जानकारी दी गई कि जिला संगठन के पुनर्गठन के तहत जिला अध्यक्ष, महासचिव, सचिव, वरीय उपाध्यक्ष, उपाध्यक्ष, कोषाध्यक्ष, प्रवक्ता एवं कार्यकारिणी सदस्य सहित कुल 51 जिला स्तरीय पदाधिकारियों की सूची जल्द जारी की जाएगी। संगठनात्मक प्रक्रिया अंतिम चरण में है और विभिन्न स्तरों पर विचार-विमर्श के बाद नई टीम की घोषणा की जाएगी। साथ ही सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि पूर्वी सिंहभूम जिले के सभी 11 प्रखंडों और 6 विधानसभा क्षेत्रों में विशेष संगठन विस्तार अभियान चलाया जाएगा। सक्रिय एवं समर्पित कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी देकर बूथ स्तर तक मजबूत संगठनात्मक ढांचा तैयार किया जाएगा। संगठन के नेताओं ने विश्वास जताया कि मजबूत टीम और व्यापक जनसंपर्क अभियान के माध्यम से JLKM जिले में अपनी राजनीतिक और सामाजिक उपस्थिति को और मजबूत करेगा।

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पोटका दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल युवक की कटक में इलाज के दौरान मौत, परिवार पर टूटा दुखों का

  • पोटका दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल युवक की कटक में इलाज के दौरान मौत, परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

जेबी लाइव, रिपोर्टर

राजनगर/पोटका : राजनगर/पोटका क्षेत्र के हेंसल गांव निवासी रोहित गोप की सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल होने के बाद इलाज के दौरान मौत हो गई। 15 जून की रात करीब 10 बजे ओडिशा के कटक स्थित एक अस्पताल में उन्होंने अंतिम सांस ली। उनकी मृत्यु की खबर मिलते ही गांव और आसपास के क्षेत्रों में शोक की लहर दौड़ गई। जानकारी के अनुसार, 14 मई 2026 को पोटका थाना क्षेत्र में एक अज्ञात वाहन ने रोहित गोप को जोरदार टक्कर मार दी थी, जिससे उनके सिर में गंभीर चोटें आई थीं। दुर्घटना के बाद स्थानीय लोगों ने उन्हें तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पोटका पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए टाटा मेन हॉस्पिटल (टीएमएच), जमशेदपुर रेफर किया गया। वहां कई दिनों तक आईसीयू में उपचार चलने के बाद उन्हें कटक ले जाया गया, लेकिन तमाम प्रयासों के बावजूद उनकी जान नहीं बचाई जा सकी।

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परिवार का एकमात्र सहारा था रोहित, पत्नी और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल

रोहित गोप अपने परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे। उनके निधन के बाद परिवार गहरे संकट में आ गया है। पीछे उनकी पत्नी, दो छोटे पुत्र विपुन गोप (10 वर्ष) और जीतू गोप (8 वर्ष) के साथ वृद्ध माता-पिता रह गए हैं। बेटे की असमय मौत से माता-पिता पूरी तरह टूट चुके हैं और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार के सामने अब आर्थिक और सामाजिक दोनों तरह की चुनौतियां खड़ी हो गई हैं। ग्रामीणों का कहना है कि रोहित मेहनती और मिलनसार स्वभाव के व्यक्ति थे, जिनकी असमय मृत्यु से पूरे गांव को गहरा आघात पहुंचा है। उनके निधन से न केवल परिवार, बल्कि गांव के लोगों ने भी एक जिम्मेदार और सहयोगी व्यक्ति को खो दिया है।

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अंतिम दर्शन के लिए उमड़ी भीड़, परिजनों ने की सरकारी सहायता की मांग

मंगलवार शाम करीब 7 बजे रोहित गोप का पार्थिव शरीर हेंसल गांव पहुंचा, जहां अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्र हुए। पूरे गांव में शोक और संवेदना का माहौल बना रहा। इसके बाद सैकड़ों ग्रामीणों की उपस्थिति में उनका अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान लोगों ने शोक संतप्त परिवार को ढांढस बंधाया। ग्रामीणों और परिजनों ने प्रशासन से मांग की है कि सड़क दुर्घटना में जान गंवाने वाले रोहित गोप के आश्रितों को उचित सरकारी मुआवजा, पारिवारिक सहायता और बच्चों की शिक्षा के लिए विशेष आर्थिक सहयोग उपलब्ध कराया जाए। लोगों का कहना है कि विपत्ति की इस घड़ी में प्रशासनिक सहायता परिवार के लिए बड़ा सहारा साबित हो सकती है। रोहित की असमय मृत्यु ने पूरे क्षेत्र को गमगीन कर दिया है।

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कोल्हन विश्वविद्यालय में स्नातक सत्र 2026-30 के लिए ऑनलाइन आवेदन शुरू, कुरमाली विषय भी शामिल जेबी लाइव, रिपोर्टर मनोहरपुर/खरसावां :

  • कोल्हन विश्वविद्यालय में स्नातक सत्र 2026-30 के लिए ऑनलाइन आवेदन शुरू, कुरमाली विषय भी शामिल

जेबी लाइव, रिपोर्टर

मनोहरपुर/खरसावां : मनोहरपुर/खरसावां क्षेत्र के विद्यार्थियों के लिए राहत भरी खबर है। कोल्हन विश्वविद्यालय के अंगीभूत एवं संबद्ध महाविद्यालयों में स्नातक सत्र 2026-30 में नामांकन के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 16 जून से शुरू हो गई है। छात्र-छात्राएं विश्वविद्यालय के चांसलर पोर्टल के माध्यम से विभिन्न विषयों में आवेदन कर सकते हैं। खास बात यह है कि काशी साहू कॉलेज, सरायकेला और जवाहरलाल नेहरू कॉलेज, चक्रधरपुर में कुरमाली विषय के लिए भी ऑनलाइन आवेदन की सुविधा उपलब्ध करा दी गई है। इससे कुरमाली भाषा एवं साहित्य में उच्च शिक्षा प्राप्त करने के इच्छुक विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों को बड़ी राहत मिली है। लंबे समय से नामांकन को लेकर बनी अनिश्चितता अब समाप्त होती दिखाई दे रही है।

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पूर्व में पत्र के बाद बना था भ्रम का माहौल, अब स्थिति हुई स्पष्ट

उल्लेखनीय है कि पिछले माह झारखंड सरकार के उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग की ओर से कोल्हन विश्वविद्यालय को भेजे गए एक पत्र में इन दोनों महाविद्यालयों में कुरमाली विषय में नामांकन नहीं लिए जाने का जिक्र किया गया था। इसके बाद कुड़माली समाज, विद्यार्थियों और अभिभावकों के बीच असमंजस की स्थिति उत्पन्न हो गई थी। विभिन्न स्तरों पर इस विषय को लेकर चर्चाएं और आशंकाएं भी सामने आने लगी थीं। हालांकि अब चांसलर पोर्टल पर कुरमाली विषय के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू होने से स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो गई है। इससे विद्यार्थियों के साथ-साथ समाज के लोगों ने भी संतोष व्यक्त किया है और उम्मीद जताई है कि कुरमाली भाषा के संरक्षण एवं संवर्धन की दिशा में यह एक सकारात्मक कदम साबित होगा।

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रोजो संक्रांति मेले में श्रद्धालुओं की सुरक्षा पर विशेष नजर, नशीले पदार्थों पर सख्त प्रतिबंध की चेतावनी जेबी लाइव, रिपोर्टर

  • रोजो संक्रांति मेले में श्रद्धालुओं की सुरक्षा पर विशेष नजर, नशीले पदार्थों पर सख्त प्रतिबंध की चेतावनी

जेबी लाइव, रिपोर्टर

पोटका : पोटका के कोल्हान प्रसिद्ध हरिणा मेले का मंगलवार को मुसाबनी डीएसपी रोहित कुमार रजवार ने दलबल के साथ निरीक्षण किया। रोजो संक्रांति के अवसर पर आयोजित इस ऐतिहासिक मेले में पहुंचकर उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया और मेले में तैनात पुलिस अधिकारियों एवं जवानों से आवश्यक जानकारी प्राप्त की। निरीक्षण के दौरान डीएसपी ने मेले में आने वाले श्रद्धालुओं और आगंतुकों की सुरक्षा को प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने मेले के विभिन्न हिस्सों का भ्रमण कर भीड़ प्रबंधन, यातायात व्यवस्था और सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा की। साथ ही अधिकारियों को सतर्कता बरतने और किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने का निर्देश दिया।

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शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में मेला संपन्न कराने की अपील

निरीक्षण के दौरान डीएसपी रोहित कुमार रजवार ने स्पष्ट किया कि मेले में किसी भी प्रकार के नशीले पदार्थों की बिक्री और सेवन को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि हरिणा मेला क्षेत्र की सांस्कृतिक और सामाजिक एकता का प्रतीक है, इसलिए सभी लोग इसे भाईचारे और सौहार्दपूर्ण वातावरण में मनाएं। उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील की कि किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि या समस्या की जानकारी तत्काल पुलिस और प्रशासन को दें। इस दौरान पुलिस पदाधिकारियों एवं जवानों ने भी मेले के विभिन्न स्थलों का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की। प्रशासन ने लोगों से सहयोग करने और शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील करते हुए आश्वस्त किया कि मेले को सुरक्षित एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए गए हैं।

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किरीबुरू थाना पुलिस ने चलाया जागरूकता एवं वाहन जांच अभियान, यातायात नियमों के पालन की अपील जेबी लाइव, रिपोर्टर गुवा

  • किरीबुरू थाना पुलिस ने चलाया जागरूकता एवं वाहन जांच अभियान, यातायात नियमों के पालन की अपील

जेबी लाइव, रिपोर्टर

गुवा : गुवा के मंगला हाट बाजार क्षेत्र में मंगलवार को किरीबुरू थाना पुलिस द्वारा व्यापक सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान चलाया गया। पुलिस अधीक्षक चाईबासा के निर्देश पर आयोजित इस अभियान का नेतृत्व थाना प्रभारी रोहित कुमार ने किया। अभियान का मुख्य उद्देश्य लोगों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करना तथा सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाना था। इस दौरान पुलिस टीम ने सड़क सुरक्षा संबंधी बैनरों और जागरूकता संदेशों के माध्यम से बाजार में मौजूद लोगों, वाहन चालकों और युवाओं को सुरक्षित वाहन संचालन के लिए प्रेरित किया। थाना प्रभारी ने लोगों को हेलमेट पहनने, चारपहिया वाहन में सीट बेल्ट लगाने और यातायात नियमों का पालन करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि सड़क पर थोड़ी-सी लापरवाही भी गंभीर दुर्घटनाओं का कारण बन सकती है।

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हेलमेट, सीट बेल्ट और निर्धारित गति सीमा पर दिया गया विशेष जोर

जागरूकता कार्यक्रम के दौरान थाना प्रभारी रोहित कुमार ने वाहन चालकों को निर्धारित गति सीमा का पालन करने, नशे की हालत में वाहन नहीं चलाने तथा ड्राइविंग के दौरान मोबाइल फोन का उपयोग नहीं करने की हिदायत दी। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। पुलिस अधिकारियों ने लोगों को बताया कि यातायात नियमों का पालन कर न केवल अपनी बल्कि दूसरों की जान भी सुरक्षित रखी जा सकती है। अभियान के दौरान कई लोगों ने पुलिस की पहल की सराहना करते हुए सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करने का संकल्प लिया।

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11 वाहनों पर कार्रवाई, आगे भी जारी रहेगा अभियान

जागरूकता अभियान के साथ-साथ विशेष वाहन जांच अभियान भी चलाया गया। जांच के दौरान यातायात नियमों का उल्लंघन करते पाए गए 11 दोपहिया वाहनों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए कुल 27 हजार रुपये का ऑनलाइन चालान काटा गया। वहीं कई वाहन चालकों को चेतावनी देकर भविष्य में नियमों का पालन करने की सख्त हिदायत दी गई। थाना प्रभारी रोहित कुमार ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए जनजागरूकता सबसे प्रभावी उपाय है और पुलिस आगे भी ऐसे अभियान लगातार चलाती रहेगी। उन्होंने लोगों से सुरक्षित वाहन संचालन की आदत विकसित करने और शून्य दुर्घटना के लक्ष्य को सफल बनाने में सहयोग की अपील की।

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आपदा के समय राहत एवं बचाव कार्यों में दक्षता बढ़ाने के लिए जमशेदपुर में शुरू हुआ विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम जेबी

  • आपदा के समय राहत एवं बचाव कार्यों में दक्षता बढ़ाने के लिए जमशेदपुर में शुरू हुआ विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम

जेबी लाइव, रिपोर्टर

जमशेदपुर : जमशेदपुर के बिष्टुपुर स्थित सिविल डिफेंस कार्यालय में 15 जून से 19 जून 2026 तक आयोजित पांच दिवसीय आपदा प्रबंधन एवं बचाव प्रशिक्षण शिविर का भव्य शुभारंभ किया गया। पूर्वी सिंहभूम जिले के नागरिकों और सिविल डिफेंस स्वयंसेवकों को आपदा के दौरान राहत एवं बचाव कार्यों में दक्ष बनाने के उद्देश्य से आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में 18 से 50 वर्ष आयु वर्ग के लगभग 70 प्रतिभागी भाग ले रहे हैं। कार्यक्रम का आयोजन आयुक्त, नागरिक सुरक्षा, झारखंड तथा कमांडेंट एनडीआरएफ के दिशा-निर्देशों के तहत किया जा रहा है। उद्घाटन समारोह में एडीएम राहुल जी आनंद, एनडीआरएफ के सब-इंस्पेक्टर कवि रंजन शर्मा तथा सिविल डिफेंस के चीफ वार्डन अरुण कुमार ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर प्रशिक्षण शिविर का शुभारंभ किया। इस अवसर पर प्रतिभागियों में उत्साह और सीखने की ललक स्पष्ट रूप से दिखाई दी।

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आपदा के समय समाज सेवा की भावना रखने की अपील

उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए एडीएम राहुल जी आनंद ने प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया और कहा कि आपदा के समय समाज की सेवा के लिए समर्पण और तत्परता बेहद आवश्यक है। वहीं एनडीआरएफ के सब-इंस्पेक्टर कवि रंजन शर्मा ने प्रशिक्षण कार्यक्रम के उद्देश्यों की विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि गृह मंत्रालय, भारत सरकार की विशेष पहल के तहत देश के प्रमुख सिविल डिफेंस जिलों में इस तरह के प्रशिक्षण आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य आम नागरिकों को इतना सक्षम बनाना है कि वे किसी भी आपातकालीन स्थिति में राहत एवं बचाव कार्यों में प्रभावी भूमिका निभा सकें। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को आपदा प्रबंधन, प्राथमिक उपचार, खोज एवं बचाव तकनीकों सहित कई महत्वपूर्ण विषयों की जानकारी दी जाएगी।

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जीवनरक्षक कौशल सीखने का मिलेगा अवसर

सिविल डिफेंस के चीफ वार्डन अरुण कुमार ने कहा कि जिला नागरिक सुरक्षा संगठन समय-समय पर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करता है, लेकिन एनडीआरएफ जैसी विशेषज्ञ संस्था द्वारा दिया जा रहा यह प्रशिक्षण विशेष महत्व रखता है। उन्होंने सभी प्रतिभागियों से प्रशिक्षण का अधिकतम लाभ उठाने और सीखे गए कौशल को समाजहित में उपयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि बढ़ती प्राकृतिक आपदाओं और आपात स्थितियों को देखते हुए ऐसे जीवनरक्षक कौशल हर नागरिक के लिए उपयोगी हैं। पूरे प्रशिक्षण कार्यक्रम का संचालन और व्यवस्थाएं कार्यालय प्रभारी सुरेश प्रसाद की देखरेख में की जा रही हैं, ताकि प्रतिभागियों को बेहतर प्रशिक्षण वातावरण उपलब्ध कराया जा सके।

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