14 घंटे की लगातार बारिश से खदानों, सड़कों और रिहायशी क्षेत्रों में भरा पानी, मशीनें और वाहन फंसे
बारिश से प्रभावित जनजीवन, सामान्य स्थिति बहाल होने की प्रतीक्षा
जेबी लाइव, रिपोर्टर
गुवा : सारंडा के गुवा, बड़ाजामदा, किरीबुरू, मेघाहातुबुरु समेत पूरे क्षेत्र में पिछले 14 घंटों से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। भारी वर्षा के कारण सड़कों, निचले इलाकों और औद्योगिक क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई है। सबसे अधिक असर सेल की गुवा लौह अयस्क खदान पर देखने को मिला है, जहां खदान के विभिन्न हिस्सों में पानी भर जाने से उत्पादन कार्य प्रभावित हो गया है। जीरो प्वाइंट सहित कई महत्वपूर्ण स्थानों पर जलभराव के कारण भारी मशीनें और वाहन फंस गए हैं। लगातार हो रही बारिश के चलते खनन कार्य लगभग ठप होने की स्थिति में पहुंच गया है। क्षेत्र के लोगों को भी आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है और कई स्थानों पर सामान्य गतिविधियां प्रभावित हुई हैं।
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खदान में फंसी भारी मशीनें, करोड़ों की संपत्ति पर मंडराया खतरा
जलभराव के कारण गुवा प्रबंधन की 15 नंबर शॉवेल मशीन, डोजर, कैंपर वाहन सहित कई भारी उपकरण पानी और मलबे में फंस गए हैं। खदान परिसर के भीतर स्थित शेल्टर हाउस, स्टोर और अन्य महत्वपूर्ण स्थलों में भी पानी घुस गया है। कई भारी वाहनों का आधा हिस्सा पानी में डूबा हुआ दिखाई दिया, जिससे करोड़ों रुपये मूल्य की मशीनरी को नुकसान पहुंचने की आशंका बढ़ गई है। लगातार बारिश के कारण खदान क्षेत्र में सुरक्षा और संचालन दोनों बड़ी चुनौती बन गए हैं। कर्मचारियों और अधिकारियों द्वारा जल निकासी की कोशिशें की जा रही हैं, लेकिन बारिश जारी रहने से स्थिति सामान्य होने में समय लग सकता है। औद्योगिक गतिविधियों पर पड़े इस प्रभाव से उत्पादन लक्ष्य भी प्रभावित होने की संभावना जताई जा रही है।
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जल निकासी व्यवस्था पर उठे सवाल, प्रबंधन पर लगाए गए गंभीर आरोप
इस पूरे मामले को लेकर झारखंड मजदूर संघर्ष संघ के केंद्रीय अध्यक्ष रामा पाण्डे ने सेल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रबंधन उत्पादन लक्ष्य पर अधिक ध्यान देता है, जबकि श्रमिकों और मशीनों की सुरक्षा की अनदेखी की जाती रही है। उनके अनुसार वैज्ञानिक माइनिंग प्लान के अनुरूप जल निकासी की समुचित व्यवस्था, मजबूत बेंच निर्माण और प्रभावी आपदा प्रबंधन की तैयारी नहीं होने के कारण आज खदान तालाब जैसी स्थिति में पहुंच गई है। उन्होंने कहा कि सारंडा क्षेत्र में हर वर्ष भारी बारिश होती है, इसके बावजूद स्थायी जल निकासी व्यवस्था विकसित नहीं की गई। रामा पाण्डे ने यह भी कहा कि समस्या केवल खदान तक सीमित नहीं है, बल्कि गुवा क्षेत्र में सेल कर्मियों एवं सप्लाई मजदूरों के कई सरकारी क्वार्टरों की हालत भी जर्जर है और छतों से पानी टपकने के कारण परिवारों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लगातार बारिश के बीच पूरे क्षेत्र में हालात सामान्य होने का इंतजार किया जा रहा है।























