संयुक्त मोर्चा ने सेल प्रबंधन के फैसले का किया विरोध, लंबित मांगों पर कार्रवाई की मांग
रेफरल नीति और कर्मचारी हितों के मुद्दे पर संघर्ष जारी रखने की चेतावनी
जेबी लाइव, रिपोर्टर
गुवा : सेल प्रबंधन द्वारा 15 जून 2026 से सभी नियमित कर्मचारियों के लिए बायोमेट्रिक अटेंडेंस मैनेजमेंट सिस्टम (बीएएमएस) लागू करने के निर्णय के विरोध में सोमवार को मेघाहातुबुरु में श्रमिक संगठनों ने संयुक्त मोर्चा के बैनर तले जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। जनरल ऑफिस के समक्ष आयोजित इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कर्मचारियों ने भाग लिया और प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की। श्रमिक नेताओं ने कहा कि बायोमेट्रिक अटेंडेंस का मामला वर्तमान में न्यायालय में विचाराधीन है। ऐसे में अदालत के अंतिम निर्णय से पहले इसे लागू करने की घोषणा करना न्यायिक प्रक्रिया और कर्मचारियों के अधिकारों की अनदेखी है। नेताओं ने सवाल उठाया कि जब मामला कोर्ट में लंबित है, तब प्रबंधन किस आधार पर इसे 15 जून से लागू करना चाहता है। उन्होंने मांग की कि न्यायालय के निर्णय तक इस व्यवस्था को लागू करने की प्रक्रिया स्थगित रखी जाए।
इसे भी पढ़ें : Jadugoda : मुखी समाज विकास समिति के कार्यकारी अध्यक्ष बने टिक्की मुखी, समाज में खुशी की लहर
न्यायालय में लंबित मामले के बीच बायोमेट्रिक व्यवस्था लागू करने पर आपत्ति
धरना-प्रदर्शन के दौरान श्रमिक संगठनों ने किरीबुरु-मेघाहातुबुरु सेल अस्पताल की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। नेताओं ने कहा कि पिछले कई वर्षों से महिला रोग विशेषज्ञ, ईएनटी विशेषज्ञ, हड्डी रोग विशेषज्ञ, सर्जन और अन्य आवश्यक चिकित्सकों की नियुक्ति की मांग की जा रही है, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई है। इसके कारण हजारों सेलकर्मियों और उनके परिवारों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं की कमी के कारण कर्मचारियों को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ता है, जबकि प्रबंधन इस दिशा में अपेक्षित कदम उठाने में विफल रहा है।
इसे भी पढ़ें : Baharagoda : बहरागोड़ा में प्रतिभा सम्मान समारोह की तैयारियां तेज, राज्यपाल संतोष गंगवार के आगमन को लेकर प्रशासन सतर्क
अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी पर जताई नाराजगी
श्रमिक नेताओं ने रेफरल नीति की भी आलोचना करते हुए कहा कि गंभीर बीमारी या दुर्घटना की स्थिति में कर्मचारियों को बाहरी अस्पतालों में इलाज के लिए रेफरल सुविधा प्राप्त करने में अनावश्यक बाधाओं का सामना करना पड़ता है। इसे उन्होंने अव्यावहारिक और अमानवीय व्यवस्था बताया। संयुक्त मोर्चा ने चेतावनी दी कि कर्मचारियों की लंबित समस्याओं, स्वास्थ्य सुविधाओं और कल्याणकारी मांगों पर जब तक ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक बायोमेट्रिक अटेंडेंस लागू करने का विरोध जारी रहेगा। धरना-प्रदर्शन में अफताब आलम, इंतखाब आलम, दयानंद कुमार, गुंजन कुमार, बीरबल गुड़िया, अनिल टोपनो, इलियास चाम्पिया, धनीराम लकड़ा, एस.पी. गुप्ता, अर्जुन पूर्ति, संतोष पांडा सहित बड़ी संख्या में सेलकर्मी और श्रमिक नेता उपस्थित रहे।




























