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India Tour of England : Lords Test : बार-बार गेंद बदलने पर विवाद – टेस्ट क्रिकेट में बॉल बदलने के नियम क्या हैं?

  • लॉर्ड्स टेस्ट में 5 बार बदली गई गेंद, शुभमन गिल और मोहम्मद सिराज ने उठाए सवाल
  • जानिए क्यों और कब बदली जाती है टेस्ट मैच में बॉल?

झारखंड बिहार लाइव, रिपोर्टर

भारत और इंग्लैंड के बीच लॉर्ड्स में खेले गए हालिया टेस्ट मैच में बार-बार गेंद बदले जाने की घटना ने क्रिकेट जगत में नई बहस को जन्म दे दिया है। इस मैच में भारतीय पारी के दौरान 80 ओवर के बाद ली गई नई गेंद मात्र 10 ओवर में ही खराब हो गई थी, जिसे बदला गया। इसके बाद रिप्लेसमेंट बॉल भी 8 ओवर में डी-शेप हो गई और फिर से बदली गई। इंग्लैंड की पहली पारी में कुल 5 बार गेंदें बदली गईं, जिससे भारतीय कप्तान शुभमन गिल, उप कप्तान ऋषभ पंत और तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज जैसे खिलाड़ी नाराज दिखे।

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बॉल जल्दी खराब क्यों हो रही है, लॉर्ड्स की पिच या बॉल की क्वालिटी?

टेस्ट क्रिकेट में गेंद बदलने के नियम बहुत स्पष्ट हैं। पूर्व BCCI पैनल अंपायर राजीव रिसोड़कर के अनुसार, टेस्ट मैच में चार स्थितियों में गेंद बदली जा सकती है—अगर गेंद खो जाए, खराब हो जाए, उसका आकार बदल जाए या फिर बॉल टैम्परिंग का मामला हो। टैम्परिंग साबित होने पर विपक्षी टीम को 5 रन की पेनल्टी मिलती है और रिप्लेसमेंट गेंद का चयन बल्लेबाज करते हैं।

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गेंद गुम, सिलाई फटी या टैम्परिंगये हैं बॉल बदलने की 4 मुख्य वजहें

अंपायर गेंद की स्थिति की जांच हर ओवर के बाद, विकेट गिरने पर और जब गेंद बाउंड्री पार करे तब करते हैं। गेंद के आकार की जांच “गेज टेस्ट” से होती है, जिसमें गेंद को दो अलग-अलग आकार की रिंग्स से पास कराया जाता है। अगर गेंद दोनों से नहीं गुजरती या दोनों से गुजर जाती है, तो वह टेस्ट में फेल मानी जाती है और बदली जाती है।

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जानिए गेज टेस्ट क्या है और अंपायर कैसे तय करते हैं बॉल बदली जाए या नहीं

हर टेस्ट की पारी नई गेंद से शुरू होती है और 80 ओवर पूरे होने के बाद गेंदबाजी टीम नई गेंद की मांग कर सकती है। हालांकि लॉर्ड्स टेस्ट की तरह अगर गेंद समय से पहले ही खराब हो जाए, तो अंपायर उसे बदल सकते हैं। इस प्रक्रिया में गेंदबाजी और बल्लेबाजी दोनों टीमों के प्रतिनिधि मौजूद रहते हैं।

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क्या कप्तान जब चाहे बॉल बदलवा सकता है? जानिए 80 ओवर वाला नियम

रिप्लेसमेंट बॉल फोर्थ अंपायर के पास मौजूद ‘बॉल लाइब्रेरी’ से आती है। इसमें पुरानी बॉल्स को ICC मानकों के अनुसार जांच कर सहेजा जाता है। जरूरत के अनुसार, होस्ट एसोसिएशन या दोनों टीमों से प्रैक्टिस बॉल भी मंगाई जा सकती हैं। इंग्लैंड जैसे देशों में जहां बॉल जल्दी खराब होती है, वहां 20 तक रिप्लेसमेंट बॉल रखी जाती हैं।

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क्या होती है बॉल लाइब्रेरी और कैसे होती है रिप्लेसमेंट बॉल की सेलेक्शन प्रक्रिया?

एक जैसी रिप्लेसमेंट गेंद मिलना लगभग असंभव होता है। अंपायर कोशिश करते हैं कि मौजूदा गेंद की स्थिति के सबसे नजदीक कोई गेंद दी जाए। लॉर्ड्स टेस्ट में भारत ने गेंद बदलने की मांग की, लेकिन उन्हें नई गेंद के बजाय पहले से ज्यादा स्विंग करने वाली पुरानी गेंद मिली, जिससे गेंदबाज नाराज हो गए। इसीलिए गेंद बदलने की मांग रणनीति पर भी असर डाल सकती है।

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क्यों गिल और सिराज हुए नाराज, क्या रिप्लेसमेंट बॉल से हो रहा था नुकसान?

रिप्लेसमेंट गेंद का चयन फील्ड अंपायर करते हैं, और इस प्रक्रिया में बल्लेबाज, गेंदबाज और कप्तान मौजूद होते हैं। हालांकि अगर अंपायर को लगे कि गेंद खराब हो गई है या उसके साथ छेड़छाड़ की गई है, तो वह खुद भी गेंद को बिना किसी टीम की मांग के बदल सकता है। यह निर्णय अंपायर के अधिकार क्षेत्र में आता है।

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क्या अंपायर खुद से बॉल बदल सकते हैं? जानिए उनका अधिकार क्षेत्र

टेस्ट क्रिकेट में उपयोग की गई गेंदों को फेंका नहीं जाता, बल्कि अगली सीरीज़ या टेस्ट मैचों के लिए रिप्लेसमेंट बॉल के रूप में उपयोग किया जाता है। वहीं, हर देश अपने घरेलू टेस्ट मैचों में अपनी पसंदीदा गेंद का इस्तेमाल करता है। भारत में SG, इंग्लैंड और वेस्टइंडीज में ड्यूक, जबकि ऑस्ट्रेलिया और अन्य देशों में कूकाबुरा बॉल का इस्तेमाल होता है। विजिटिंग टीम इस पर आपत्ति नहीं जता सकती।

Jamshedpur : बाल विवाह रोकथाम में शिक्षकों की भूमिका अहम, जिला स्तरीय कार्यशाला में दिया गया जागरूकता का संदेश

बाल संरक्षण, पॉक्सो कानून और मानव तस्करी जैसे विषयों पर शिक्षकों को दी गई विस्तृत जानकारी जेबी लाइव, रिपोर्टर जमशेदपुर

  • बाल संरक्षण, पॉक्सो कानून और मानव तस्करी जैसे विषयों पर शिक्षकों को दी गई विस्तृत जानकारी

जेबी लाइव, रिपोर्टर

जमशेदपुर : सामाजिक संस्था युवा (यूथ फॉर यूनिटी वॉलंटरी एक्शन) एवं गर्ल्स फर्स्ट फंड के संयुक्त तत्वावधान में साकची स्थित होटल कैनेलाइट में बाल विवाह एवं बाल संरक्षण विषय पर जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में पोटका, जमशेदपुर और पश्चिम सिंहभूम के विभिन्न विद्यालयों के शिक्षकों ने भाग लिया। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य बच्चों के सुरक्षित, सम्मानजनक और उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में शिक्षकों की भूमिका को और अधिक प्रभावी बनाना था। मुख्य प्रशिक्षक अजय कुमार ने बच्चों के अधिकारों, बाल विवाह के कारणों और उसके दुष्परिणामों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने मानव तस्करी, पॉक्सो अधिनियम, ऑनलाइन दुर्व्यवहार और बाल संरक्षण से जुड़े विभिन्न कानूनों की जानकारी भी दी, ताकि शिक्षक इन विषयों पर बच्चों और अभिभावकों को जागरूक कर सकें।

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उत्कृष्ट शिक्षकों को किया गया सम्मानित

कार्यशाला के दौरान युवा संस्था की सचिव वार्णली चक्रवर्ती ने पंचायत प्रतिनिधियों और शिक्षकों से बाल विवाह रोकने में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की। उन्होंने कहा कि समाज के सभी वर्गों के सहयोग से ही बाल विवाह जैसी कुप्रथा पर प्रभावी रोक लगाई जा सकती है। इस अवसर पर उपस्थित शिक्षकों ने अपने अनुभव साझा करते हुए अभिभावक-शिक्षक बैठकों में बाल विवाह और बाल संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर नियमित चर्चा की आवश्यकता पर जोर दिया। कार्यक्रम में वरिष्ठ पत्रकार अन्नी अमृता सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यशाला के अंत में राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित शिक्षिका अनिता शर्मा एवं शिक्षक मनोज कुमार सिंह को शिक्षा के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया गया। इस सम्मान ने कार्यक्रम को और भी प्रेरणादायक बना दिया।

Manoharpur : शिल्पा स्वयं सहायता समूह के खाते से 4 लाख रुपये की कथित अवैध निकासी का आरोप, महिलाओं ने की जांच की मांग

6 लाख रुपये ऋण वितरण दिखाने पर खुला मामला, समूह की महिलाओं का दावा—मिले केवल 2 लाख रुपये जेबी लाइव,

  • 6 लाख रुपये ऋण वितरण दिखाने पर खुला मामला, समूह की महिलाओं का दावा—मिले केवल 2 लाख रुपये

जेबी लाइव, रिपोर्टर

मनोहरपुर : मनोहरपुर प्रखंड के रेंगालबेड़ा गांव स्थित शिल्पा स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने समूह के बैंक खाते से 4 लाख रुपये की कथित अवैध निकासी का गंभीर आरोप लगाया है। समूह की अध्यक्ष एतवारी लकड़ा ने बताया कि कुछ दिन पूर्व तिरला निवासी सुबानी लकड़ा तथा बैंक सहायक बेंजामिन पुर्ती ने उन्हें जानकारी दी थी कि समूह के खाते में राशि आई है और बैंक प्रबंधन की ओर से पैसे प्राप्त करने के लिए बुलाया गया है। इसके बाद सुबानी लकड़ा समूह की अध्यक्ष एवं सचिव को बैंक लेकर गई, जहां दो अलग-अलग दिनों में 49-49 हजार रुपये निकासी से संबंधित फॉर्म भरवाए गए। अध्यक्ष के अनुसार, कुछ दिनों बाद सुबानी लकड़ा ने समूह को 2 लाख रुपये नकद सौंप दिए, जिसके बाद महिलाओं को लगा कि उन्हें स्वीकृत राशि प्राप्त हो चुकी है।

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बैंक रिकॉर्ड में 6 लाख रुपये ऋण वितरण दर्ज होने से बढ़ा विवाद

मामले ने उस समय नया मोड़ ले लिया जब बैंक प्रबंधक और बैंक कर्मी बेंजामिन पुर्ती रेंगालबेड़ा स्थित समूह अध्यक्ष के घर पहुंचे और समूह के नाम पर लिए गए 6 लाख रुपये ऋण की राशि जमा करने की बात कही। यह सुनकर समूह की महिलाएं हैरान रह गईं। अध्यक्ष एतवारी लकड़ा ने स्पष्ट किया कि समूह को केवल 2 लाख रुपये ही प्राप्त हुए हैं, जबकि 6 लाख रुपये मिलने की कोई जानकारी उन्हें नहीं है। इसके बाद समूह की सदस्य बैंक पहुंचीं और पासबुक तथा खाते से संबंधित दस्तावेजों की जांच कराई। जांच के दौरान उन्हें जानकारी मिली कि बैंक रिकॉर्ड में समूह के खाते से कुल 6 लाख रुपये की निकासी दर्ज है, जबकि उनके पास केवल 2 लाख रुपये ही पहुंचे हैं।

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थाना में शिकायत दर्ज कराने की तैयारी, निष्पक्ष जांच की मांग

खाते की जानकारी सामने आने के बाद स्वयं सहायता समूह की महिलाओं में आक्रोश फैल गया। समूह की सदस्यों का आरोप है कि उनके खाते से 4 लाख रुपये की अवैध निकासी की गई है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। महिलाओं ने कहा कि मामले की गंभीरता को देखते हुए वे मनोहरपुर थाना में संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराएंगी और दोषियों पर कानूनी कार्रवाई की मांग करेंगी। साथ ही इस संबंध में एक लिखित शिकायत जेएसपीएल कार्यालय, मनोहरपुर को भी सौंप दी गई है। समूह की महिलाओं का कहना है कि जांच के बाद ही पूरे मामले की सच्चाई सामने आएगी और जिम्मेदार लोगों की पहचान हो सकेगी। अब स्थानीय लोगों की नजर इस मामले में प्रशासन और बैंक प्रबंधन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है।

Kharagpur : अंतर रेलवे नाट्य प्रतियोगिता में खड़गपुर मंडल की शानदार उपलब्धि, राष्ट्रीय स्तर पर मिला दूसरा स्थान

ड्रामा टीम ने प्रभावशाली प्रस्तुति से जीता दर्शकों और निर्णायकों का दिल, कई व्यक्तिगत पुरस्कार भी हुए हासिल जेबी लाइव,

  • ड्रामा टीम ने प्रभावशाली प्रस्तुति से जीता दर्शकों और निर्णायकों का दिल, कई व्यक्तिगत पुरस्कार भी हुए हासिल

जेबी लाइव, रिपोर्टर

खड़गपुर : दक्षिण पूर्व रेलवे के खड़गपुर मंडल की डिविजनल कल्चरल एसोसिएशन (डीसीए) की ड्रामा टीम ने अंतर रेलवे सांस्कृतिक प्रतियोगिता (नाटक)-2025 में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए राष्ट्रीय स्तर पर दूसरा स्थान प्राप्त कर मंडल और दक्षिण पूर्व रेलवे का गौरव बढ़ाया है। यह प्रतिष्ठित प्रतियोगिता 16 से 18 जून 2026 तक मुंबई के माटुंगा स्थित यशवंत नाट्य मंदिर में मध्य रेलवे के तत्वावधान में आयोजित की गई थी। देशभर के विभिन्न जोनल रेलवे और प्रोडक्शन यूनिट्स की प्रतिभाशाली टीमों के बीच खड़गपुर मंडल की टीम ने अपने सशक्त अभिनय, प्रभावशाली निर्देशन और उत्कृष्ट मंचन के दम पर विशेष पहचान बनाई। टीम की प्रस्तुति को निर्णायकों के साथ-साथ दर्शकों से भी भरपूर सराहना मिली। इस उपलब्धि को रेलवे कर्मचारियों की सांस्कृतिक प्रतिभा, समर्पण और रचनात्मक सोच का उत्कृष्ट उदाहरण माना जा रहा है।

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कलाकारों और निर्देशक को भी मिले व्यक्तिगत सम्मान

प्रतियोगिता में सामूहिक सफलता के साथ खड़गपुर मंडल के कलाकारों ने व्यक्तिगत श्रेणियों में भी शानदार प्रदर्शन किया। सौगत पॉल, टेक्नीशियन-1 (वरिष्ठ मंडल यांत्रिक अभियंता कार्यालय, खड़गपुर) को सर्वश्रेष्ठ अभिनेता श्रेणी में द्वितीय स्थान प्राप्त हुआ, जबकि प्रसेनजीत बनर्जी, टेक्नीशियन-1 को इसी श्रेणी में तृतीय स्थान से सम्मानित किया गया। वहीं वरिष्ठ तकनीशियन अमिया नंदा को सर्वश्रेष्ठ निर्देशक और सर्वश्रेष्ठ लेखक श्रेणी में तृतीय स्थान मिला। दक्षिण पूर्व रेलवे एवं खड़गपुर मंडल प्रशासन ने पूरी टीम को इस उपलब्धि पर बधाई देते हुए कहा कि कलाकारों ने राष्ट्रीय मंच पर रेलवे परिवार की सांस्कृतिक उत्कृष्टता को नई पहचान दिलाई है। अधिकारियों ने कहा कि रेलवे कर्मचारी अपनी पेशेवर जिम्मेदारियों के साथ-साथ कला, साहित्य और सांस्कृतिक गतिविधियों में भी उल्लेखनीय योगदान देकर संस्थान का नाम रोशन कर रहे हैं। यह सफलता आने वाले समय में अन्य कर्मचारियों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनेगी।

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भीषण गर्मी से राहत पाने डैम में उतरे हाथी, नजारा देखने जुटी ग्रामीणों की भीड़ जेबी लाइव, रिपोर्टर चांडिल :

  • भीषण गर्मी से राहत पाने डैम में उतरे हाथी, नजारा देखने जुटी ग्रामीणों की भीड़

जेबी लाइव, रिपोर्टर

चांडिल : सरायकेला-खरसावां जिले के नीमडीह प्रखंड अंतर्गत कल्याणपुर-धातकीडीह गांव के समीप स्थित चांडिल डैम में शुक्रवार सुबह तीन जंगली हाथियों का झुंड जलक्रीड़ा करते हुए दिखाई दिया। सुबह करीब छह बजे हाथी डैम के पानी में उतरे और लंबे समय तक स्नान करने के साथ पानी में अठखेलियां करते रहे। हाथियों को पानी में मस्ती करते देख आसपास के गांवों के लोगों की भीड़ मौके पर जुट गई। कई लोगों ने इस अनोखे दृश्य को अपने मोबाइल कैमरों में कैद किया। हाथियों के पानी में तैरने, सूंड उठाकर खेलने और एक-दूसरे पर पानी उछालने जैसे दृश्य लोगों के लिए खास आकर्षण का केंद्र बने रहे। इन तस्वीरों और वीडियो को सोशल मीडिया पर भी काफी पसंद किया जा रहा है।

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वन विभाग ने लोगों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की अपील की

ग्रामीणों का मानना है कि क्षेत्र में पड़ रही गर्मी और उमस से राहत पाने के लिए हाथियों का झुंड डैम के ठंडे पानी में उतरा था। घंटों तक चली इस जलक्रीड़ा के दौरान लोगों ने सुरक्षित दूरी से इस नजारे का आनंद लिया। वहीं वन विभाग और स्थानीय प्रशासन ने लोगों को सतर्क करते हुए जंगली हाथियों के पास नहीं जाने की सलाह दी है। अधिकारियों ने कहा कि जंगली हाथी सामान्य रूप से शांत दिखाई दें, लेकिन किसी भी समय आक्रामक हो सकते हैं। काफी देर तक पानी में मस्ती करने के बाद हाथियों का झुंड डैम क्षेत्र से निकलकर जंगल की ओर बढ़ गया। हाथियों की इस अनोखी जलक्रीड़ा की चर्चा पूरे इलाके में बनी हुई है।

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70 से अधिक मरीजों की हुई आंखों की जांच, मोतियाबिंद और दृष्टि दोष की पहचान कर दी गई चिकित्सीय सलाह

  • 70 से अधिक मरीजों की हुई आंखों की जांच, मोतियाबिंद और दृष्टि दोष की पहचान कर दी गई चिकित्सीय सलाह

जेबी लाइव, रिपोर्टर

बहरागोड़ा : ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को सुलभ और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से शनिवार को बहरागोड़ा प्रखंड सह अंचल कार्यालय परिसर में नि:शुल्क नेत्र चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया। पूर्णिमा नेत्रालय के सहयोग से आयोजित इस शिविर में दूर-दराज के गांवों से आए 70 से अधिक मरीजों ने अपनी आंखों की जांच कराई। नेत्र रोग विशेषज्ञों की टीम ने अत्याधुनिक मशीनों की सहायता से मरीजों की दृष्टि दोष, मोतियाबिंद एवं अन्य नेत्र संबंधी समस्याओं की बारीकी से जांच की। जांच के दौरान कई मरीजों में शुरुआती नेत्र रोगों की पहचान की गई, जबकि गंभीर मामलों को आगे के उपचार के लिए विशेषज्ञ चिकित्सा केंद्रों में जाने की सलाह दी गई। शिविर में आए लोगों ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे ग्रामीणों के लिए लाभकारी बताया।

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आंखों की सुरक्षा और जागरूकता पर डॉक्टरों ने दिए महत्वपूर्ण सुझाव

शिविर के दौरान चिकित्सकों ने मरीजों को आंखों की देखभाल और नियमित जांच के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मोबाइल, कंप्यूटर और अन्य डिजिटल स्क्रीन के बढ़ते उपयोग के कारण आंखों पर अतिरिक्त दबाव पड़ रहा है, जिससे दृष्टि संबंधी समस्याएं बढ़ रही हैं। डॉक्टरों ने धूल-मिट्टी और प्रदूषण से बचाव के उपाय भी बताए तथा जरूरतमंद मरीजों के बीच नि:शुल्क दवाइयों और आई ड्रॉप्स का वितरण किया। स्थानीय प्रशासन के सहयोग से आयोजित इस शिविर से विशेष रूप से बुजुर्गों और आर्थिक रूप से कमजोर ग्रामीणों को राहत मिली, जिन्हें शहरों के बड़े अस्पतालों तक पहुंचने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों ने भविष्य में भी ऐसे स्वास्थ्य शिविरों के आयोजन की मांग की।

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किरीबुरू में युवक पर हमले के बाद पुलिस की त्वरित कार्रवाई, दोनों आरोपियों को भेजा गया जेल जेबी लाइव, रिपोर्टर

  • किरीबुरू में युवक पर हमले के बाद पुलिस की त्वरित कार्रवाई, दोनों आरोपियों को भेजा गया जेल

जेबी लाइव, रिपोर्टर

गुवा : पश्चिमी सिंहभूम जिले के किरीबुरू थाना क्षेत्र में जानलेवा हमले के एक मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रोहित ठाकुर (19 वर्ष), पिता बेंगलू ठाकुर तथा आकाश दास उर्फ छोटू (21 वर्ष), पिता स्वर्गीय नितई दास, दोनों निवासी किरीबुरू थाना क्षेत्र के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार दोनों युवकों ने किरीबुरू निवासी अखिलेश पान पर हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया था। हमले में अखिलेश पान का पैर टूट गया, जिसके बाद उसे उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद दोनों को न्यायालय में प्रस्तुत किया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया।

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पुराने विवाद को लेकर हुई घटना, पुलिस कर रही मामले की गहन जांच

मामले की जानकारी देते हुए थाना प्रभारी रोहित कुमार ने बताया कि प्रारंभिक जांच में घटना के पीछे व्यक्तिगत विवाद का मामला सामने आया है। पुलिस के अनुसार घायल अखिलेश पान के खिलाफ पूर्व में भी एक आपराधिक मामला दर्ज था और उस पर अपनी पत्नी की हत्या का आरोप लग चुका था, जिसके कारण वह जेल भी जा चुका था। जेल से रिहा होने के बाद उसका दोनों आरोपियों की मां के साथ कथित संबंध होने की बात सामने आई, जिसे लेकर विवाद बढ़ गया। इसी विवाद के कारण दोनों युवकों ने अखिलेश पान पर हमला कर दिया। थाना प्रभारी ने बताया कि पुलिस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है तथा घटना से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि घटना में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका तो नहीं थी। पुलिस ने कहा कि क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

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