बाघराय मार्डी के आंदोलन के बाद प्रशासनिक पहल
अंचल पदाधिकारी की अध्यक्षता में त्रिपक्षीय बैठक
नियोजन, टेंडर प्रक्रिया और विस्थापितों के अधिकारों को लेकर लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय
टेंडर और रोजगार प्रक्रिया में ग्राम सभा की भूमिका बढ़ेगी
जेबी लाइव, रिपोर्टर
जादूगोड़ा : तुरामडीह यूरेनियम प्रोजेक्ट से जुड़े विस्थापितों की विभिन्न मांगों को लेकर सोमवार को जमशेदपुर अंचल कार्यालय में त्रिपक्षीय बैठक आयोजित की गई। अंचल पदाधिकारी की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में यूसिल प्रबंधन, झारखंड मुक्ति मोर्चा के प्रतिनिधियों तथा प्रभावित गांवों के ग्राम प्रधानों, मुखियाओं और विस्थापितों ने भाग लिया। बैठक के दौरान बड़ी संख्या में उपस्थित विस्थापितों ने यूसिल प्रबंधन पर कथित दलाली प्रथा को बढ़ावा देने का आरोप लगाते हुए इस पर रोक लगाने की मांग उठाई। बैठक में माइंस गेट के समीप बने एक अवैध भवन को सुरक्षा कारणों से सीआईएसएफ को सौंपने और उसकी तकनीकी जांच कराने पर सहमति बनी। साथ ही विभिन्न लंबित मामलों को मुख्यमंत्री स्तर पर उठाकर समाधान की दिशा में आगे बढ़ाने का निर्णय लिया गया।
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त्रिपक्षीय बैठक में विस्थापितों की समस्याओं पर हुई चर्चा

बैठक के बाद झामुमो के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व जिला परिषद सदस्य बाघराय मार्डी ने बताया कि यूसिल की तुरामडीह और नान्दूप गांव से जुड़े 18 विस्थापितों को दो दिनों के भीतर नियोजन देने पर सहमति बनी है। उन्होंने कहा कि यूसिल प्रबंधन के संरक्षण में बिना कार्य के वेतन प्राप्त कर रहे कर्मियों की जांच कर उनके विरुद्ध स्थानांतरण या अन्य विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा यह भी तय किया गया कि भविष्य में किसी भी टेंडर की सूचना संबंधित संवेदक को तुरामडीह राजस्व ग्राम सभा को देनी होगी। ग्राम सभा की मंजूरी के बाद ही चयनित लोगों को काम पर रखा जाएगा। इस निर्णय को विस्थापितों के अधिकारों की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
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18 विस्थापितों के नियोजन पर बनी सहमति

बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि यूसिल तुरामडीह यूनिट में संवेदकों के अधीन कार्यरत सभी ठेका कर्मियों को अगले 15 दिनों के भीतर अपने-अपने ग्राम प्रधान से सत्यापित दस्तावेज प्राप्त कर यूसिल प्रबंधन को जमा करना होगा। इसके बाद ही वास्तविक विस्थापितों को उनका अधिकार और रोजगार सुनिश्चित किया जाएगा। बाघराय मार्डी ने कहा कि भविष्य में प्रोजेक्ट से संबंधित किसी भी टेंडर की जानकारी संबंधित राजस्व ग्राम के ग्राम प्रधानों को उपलब्ध कराई जाएगी और उनके सत्यापन के आधार पर ही रोजगार दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि 1 जून को माइंस गेट के समक्ष हुए कथित असंवैधानिक धरना-प्रदर्शन में शामिल लोगों के खिलाफ यूसिल प्रबंधन 9 जून को कानूनी कार्रवाई करने की तैयारी में है। बैठक में यूसिल की ओर से उपमहाप्रबंधक राकेश कुमार, चंचल मन्ना और संजीव रंजन उपस्थित थे, जबकि पांच गांवों के ग्राम प्रधान, मुखिया, महिला आंदोलनकारी और विस्थापित प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया।


























