आंदोलन के बीच सौहार्द और संवाद का संदेश, विरोधियों का भी जीता दिल
धरना स्थल पर पहुंचकर मेयर ने दिखाई सकारात्मक पहल
धरना समाप्ति के बाद मेयर कक्ष में हुआ सम्मानजनक संवाद
जनहित के कार्यों पर नहीं लगेगा विराम, भ्रष्टाचार पर सख्त रुख
राजनीतिक मतभेदों के बीच सौहार्द की नई मिसाल
जेबी लाइव, रिपोर्टर
जमशेदपुर : मानगो नगर निगम में चल रहे आंदोलन के बीच सोमवार को राजनीतिक शालीनता और सौहार्द की एक अनोखी तस्वीर देखने को मिली। जहां एक ओर निगम की कार्यशैली और विभिन्न मुद्दों को लेकर विरोध प्रदर्शन जारी था, वहीं दूसरी ओर मेयर सुधा गुप्ता ने अपने व्यवहार से एक सकारात्मक संदेश दिया। मेयर स्वयं धरना स्थल पर पहुंचीं और जमशेदपुर पश्चिम के विधायक Saryu Roy का अभिवादन कर उनका हालचाल जाना। आंदोलन के दौरान मौजूद नेताओं और कार्यकर्ताओं से भी उन्होंने सौहार्दपूर्ण बातचीत की। इसके बाद धरना पर बैठे लोगों के लिए पानी की बोतलें और लड्डू भिजवाए गए, जिससे पूरे माहौल में एक अलग ही सकारात्मकता देखने को मिली। राजनीतिक विरोध के बावजूद संवाद और सम्मान की यह पहल आंदोलन स्थल पर चर्चा का विषय बन गई।
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मेयर की पहल से आंदोलन स्थल पर बदला माहौल

धरना कार्यक्रम समाप्त होने के बाद जदयू नेता पप्पू सिंह, नीरज सिंह सहित दर्जनों कार्यकर्ता मेयर के कक्ष पहुंचे। वहां मेयर सुधा गुप्ता ने सभी का खड़े होकर स्वागत किया और प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों से विस्तार से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने पप्पू सिंह और नीरज सिंह को अपने हाथों से लड्डू खिलाकर सम्मान व्यक्त किया। प्रतिनिधिमंडल ने आंदोलन से संबंधित मांगों और समस्याओं का ज्ञापन भी मेयर को सौंपा, जिसे उन्होंने गंभीरता से स्वीकार किया। इस मुलाकात में किसी प्रकार की कटुता नहीं दिखी, बल्कि जनहित के मुद्दों पर सकारात्मक चर्चा का माहौल नजर आया। राजनीतिक मतभेदों के बावजूद संवाद की यह संस्कृति लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करने वाली मानी जा रही है।
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ज्ञापन सौंपकर कार्यकर्ताओं ने रखीं अपनी मांगें
प्रतिनिधिमंडल से बातचीत के दौरान मेयर सुधा गुप्ता ने स्पष्ट कहा कि जनहित से जुड़े किसी भी कार्य को रोका नहीं जाएगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि विकास योजनाओं को गति देने के साथ-साथ भ्रष्टाचार, निर्माण कार्यों में गुणवत्ता की कमी और प्रशासनिक लापरवाही के मामलों पर सख्ती से कार्रवाई की जाएगी। मेयर ने कहा कि दोषी व्यक्ति चाहे किसी भी पद या प्रभाव का हो, उसके खिलाफ बिना किसी भेदभाव के कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उनके इस स्पष्ट रुख और सौम्य व्यवहार की चर्चा आंदोलन स्थल से लेकर राजनीतिक गलियारों तक होती रही। कई विरोधी कार्यकर्ता भी दबी जुबान में मेयर की कार्यशैली, संवाद क्षमता और शालीनता की सराहना करते नजर आए। आंदोलन और विरोध के बीच सम्मान और सौहार्द का यह दृश्य शहर में चर्चा का प्रमुख विषय बन गया।























