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Manoharpur : जराईकेला-बिसरा मार्ग पर तेज रफ्तार मैक्स वाहन पलटा, चालक गंभीर रूप से घायल

  • बंगलाढीपा के पास छोटी पुलिया समीप हुआ हादसा, वाहन पूरी तरह क्षतिग्रस्त

जेबी लाइव, रिपोर्टर

मनोहरपुर : मनोहरपुर क्षेत्र के जराईकेला-बिसरा मुख्य मार्ग पर सोमवार शाम करीब 8 बजे एक दर्दनाक सड़क दुर्घटना में मैक्स वाहन अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खेत में पलट गया। हादसा बंगलाढीपा स्थित छोटी पुलिया के समीप हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार वाहन जराईकेला से बिसरा की ओर जा रहा था। इसी दौरान चालक वाहन पर नियंत्रण खो बैठा, जिससे मैक्स सड़क से नीचे उतरकर खेत में पलट गया। दुर्घटना इतनी जोरदार थी कि वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे के बाद चालक वाहन के अंदर फंसा हुआ था और बेहोशी की हालत में पड़ा मिला। घटना के बाद आसपास के ग्रामीण और राहगीर तत्काल मौके पर पहुंचे तथा राहत कार्य शुरू किया।

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स्थानीय लोगों ने पहुंचाया अस्पताल, पुलिस कर रही जांच

स्थानीय लोगों ने काफी मशक्कत के बाद घायल चालक को वाहन से बाहर निकाला और तत्काल उपचार के लिए बिसरा अस्पताल भेजा। चिकित्सकों के अनुसार चालक की स्थिति गंभीर बनी हुई है और उसका इलाज जारी है। ग्रामीणों ने बताया कि दुर्घटनाग्रस्त मैक्स वाहन बिसरा क्षेत्र का है तथा चालक भी पुराने बिसरा का निवासी बताया जा रहा है। हालांकि समाचार लिखे जाने तक चालक की आधिकारिक पहचान की पुष्टि नहीं हो सकी थी। दुर्घटना के कारणों का भी स्पष्ट पता नहीं चल पाया है। सूचना मिलने के बाद पुलिस मामले की जांच में जुट गई है और दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाने का प्रयास कर रही है। घटना के बाद क्षेत्र में कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।

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Chaibasa : विश्व जनसंख्या दिवस पर परिवार स्वास्थ्य मेला आयोजित, उत्कृष्ट स्वास्थ्यकर्मी हुए सम्मानित

परिवार नियोजन और मातृ-शिशु स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर दिया गया जोर जेबी लाइव, रिपोर्टर चाईबासा : चाईबासा के

  • परिवार नियोजन और मातृ-शिशु स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर दिया गया जोर

जेबी लाइव, रिपोर्टर

चाईबासा : चाईबासा के सदर अस्पताल स्थित नर्सिंग कौशल कॉलेज परिसर में विश्व जनसंख्या दिवस के अवसर पर परिवार स्वास्थ्य मेला-2026 का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला उपायुक्त मनीष कुमार ने की। मेले का उद्देश्य परिवार नियोजन, जनसंख्या स्थिरीकरण तथा मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के प्रति लोगों को जागरूक करना था। इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग की ओर से परिवार नियोजन के स्थायी एवं अस्थायी साधनों, मातृ-शिशु स्वास्थ्य सेवाओं तथा जनसंख्या नियंत्रण के महत्व से संबंधित प्रदर्शनी और परामर्श केंद्र लगाए गए। विशेषज्ञों ने लोगों को छोटे और स्वस्थ परिवार के लाभ, बच्चों के बीच उचित अंतराल बनाए रखने तथा उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी दी। मेले में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लेकर विभिन्न स्वास्थ्य संबंधी जानकारियां प्राप्त कीं।

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उपायुक्त ने परिवार नियोजन को बताया स्वस्थ समाज की आधारशिला

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उपायुक्त मनीष कुमार ने कहा कि “बच्चों में हो सही अंतराल, तभी हो परिवार का कल्याण।” उन्होंने कहा कि स्वस्थ और समृद्ध समाज के निर्माण के लिए परिवार नियोजन अत्यंत आवश्यक है। इससे मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य बेहतर होता है, साथ ही परिवार की आर्थिक और सामाजिक स्थिति भी मजबूत बनती है। उपायुक्त ने बताया कि वर्ष 2026 के लिए भारत की थीम “जब बच्चों में सही अंतराल, परिवार बने स्वस्थ और खुशहाल” निर्धारित की गई है। इसी के तहत जिले में 11 जुलाई से 10 अगस्त 2026 तक जनसंख्या स्थिरीकरण पखवाड़ा मनाया जाएगा। इस अवधि में स्वास्थ्य शिविर, जागरूकता अभियान, परामर्श सत्र और जनसंपर्क कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को परिवार नियोजन के प्रति जागरूक किया जाएगा।

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बेहतर कार्य करने वाले स्वास्थ्यकर्मियों को मिला सम्मान

कार्यक्रम के दौरान सिविल सर्जन ने बढ़ती जनसंख्या से उत्पन्न चुनौतियों, परिवार नियोजन के विभिन्न उपायों तथा छोटे और खुशहाल परिवार की अवधारणा पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने लोगों से स्वास्थ्य विभाग द्वारा उपलब्ध कराई जा रही सेवाओं का लाभ उठाने और परिवार नियोजन को अपनाने की अपील की। इस अवसर पर उपायुक्त मनीष कुमार ने फैमिली प्लानिंग एवं मिशन उदय 2.0 के तहत उत्कृष्ट कार्य करने वाले स्वास्थ्यकर्मियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग के पदाधिकारी, चिकित्सक, नर्सिंग कौशल कॉलेज के प्राचार्य, छात्र-छात्राएं, एएनएम तथा बड़ी संख्या में स्वास्थ्यकर्मी उपस्थित रहे। सभी ने जनसंख्या स्थिरीकरण और बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने का संकल्प लिया।

Jamshedpur : मानगो नगर निगम बोर्ड की बैठक नहीं होने पर सरयू राय ने उठाए सवाल, शीघ्र बैठक बुलाने की मांग

तीन माह से अधिक समय से नहीं हुई बोर्ड बैठक, नियमों की अनदेखी का लगाया आरोप जेबी लाइव, रिपोर्टर जमशेदपुर

  • तीन माह से अधिक समय से नहीं हुई बोर्ड बैठक, नियमों की अनदेखी का लगाया आरोप

जेबी लाइव, रिपोर्टर

जमशेदपुर : जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय ने मानगो नगर निगम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए अपर नगर आयुक्त को पत्र भेजकर निगम बोर्ड की बैठक शीघ्र आयोजित कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि नगर निगम अधिनियम के प्रावधानों का पालन नहीं किया जा रहा है। पत्र में उन्होंने उल्लेख किया है कि मानगो नगर निगम बोर्ड की पहली बैठक 16 अप्रैल 2026 को आयोजित हुई थी, जिसकी सूचना उन्हें बोर्ड के पदेन सदस्य के रूप में दी गई थी। लेकिन इसके बाद तीन महीने से अधिक समय बीत जाने के बावजूद दूसरी बैठक नहीं बुलाई गई है। सरयू राय ने कहा कि यह स्थिति न केवल प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाती है, बल्कि इससे निगम के महत्वपूर्ण निर्णय भी प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने निगम प्रशासन से नियमानुसार बैठक आयोजित करने की मांग की है।

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पहली बैठक की कार्यवाही की प्रति भी नहीं मिली, जनहित के मुद्दों पर जताई चिंता

सरयू राय ने अपने पत्र में यह भी कहा कि नगरपालिका अधिनियम के अनुसार निगम बोर्ड की बैठक प्रत्येक माह कम-से-कम एक बार आयोजित किया जाना अनिवार्य है। इसके बावजूद लगातार बैठक नहीं होना नियमों की अवहेलना है। उन्होंने यह भी बताया कि 16 अप्रैल को हुई पहली बोर्ड बैठक की कार्यवाही (मिनट्स) की प्रति अब तक उन्हें उपलब्ध नहीं कराई गई है, जबकि वे बोर्ड के पदेन सदस्य हैं और उन्हें इसकी जानकारी मिलनी चाहिए। विधायक ने अपर नगर आयुक्त से आग्रह किया है कि पिछली बैठक की कार्यवाही की प्रति जल्द उपलब्ध कराई जाए तथा अगली बोर्ड बैठक तत्काल बुलाई जाए। उन्होंने कहा कि जनहित और विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण मामले लंबित हैं, जिन पर चर्चा और निर्णय के लिए बोर्ड बैठक आवश्यक है। समय पर बैठक नहीं होने से विकास कार्यों की गति भी प्रभावित हो सकती है।

Seraikela : ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान को मिली नई गति, एलईडी जागरूकता रथ को उपायुक्त ने किया रवाना

समाहरणालय परिसर से शुरू हुआ जागरूकता अभियान हस्ताक्षर अभियान के माध्यम से दिलाई गई सामाजिक जिम्मेदारी की शपथ जेबी लाइव,

  • समाहरणालय परिसर से शुरू हुआ जागरूकता अभियान
  • हस्ताक्षर अभियान के माध्यम से दिलाई गई सामाजिक जिम्मेदारी की शपथ

जेबी लाइव, रिपोर्टर

सरायकेला : सरायकेला-खरसावाँ जिले में ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से मंगलवार को समाहरणालय परिसर से एलईडी जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। उपायुक्त नितिश कुमार सिंह एवं उप विकास आयुक्त रीना हांसदा ने संयुक्त रूप से इस जागरूकता रथ को रवाना किया। इस अवसर पर हस्ताक्षर अभियान का भी शुभारम्भ किया गया, जिसमें अधिकारियों, कर्मचारियों और आम नागरिकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। कार्यक्रम के दौरान उपायुक्त ने उपस्थित लोगों को लिंग भेद, कन्या भ्रूण हत्या, बालिकाओं के प्रति भेदभाव तथा अन्य सामाजिक कुरीतियों को समाप्त करने की शपथ दिलाई। उन्होंने बालिकाओं के सम्मान, सुरक्षा, शिक्षा और सशक्तिकरण के लिए समाज के प्रत्येक व्यक्ति को सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। हस्ताक्षर अभियान में शामिल लोगों ने बेटियों को समान अवसर और सम्मान दिलाने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।

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बेटियों की शिक्षा और सुरक्षा को बताया समाज की प्रगति का आधार

अपने संबोधन में उपायुक्त नितिश कुमार सिंह ने कहा कि किसी भी समाज की वास्तविक प्रगति उसकी बेटियों के सम्मान, सुरक्षा और शिक्षा पर निर्भर करती है। उन्होंने कहा कि बेटियों को समान अवसर प्रदान करना केवल सरकार का दायित्व नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की सामाजिक और नैतिक जिम्मेदारी भी है। उपायुक्त ने कहा कि लिंग आधारित भेदभाव, कन्या भ्रूण हत्या और बाल विवाह जैसी कुप्रथाओं को समाप्त करने के लिए समाज के सभी वर्गों की भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने अभिभावकों से आग्रह किया कि वे अपनी बेटियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं और आत्मनिर्भर बनने के अवसर उपलब्ध कराएं। साथ ही उन्होंने नागरिकों से अपील की कि यदि कहीं भी भ्रूण लिंग जांच या पीसीपीएनडीटी अधिनियम के उल्लंघन जैसी अवैध गतिविधियों की जानकारी मिले तो उसकी सूचना तत्काल प्रशासन को दें, ताकि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा सके।

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नौ प्रखंडों में पहुंचेगा जागरूकता रथ, एलईडी स्क्रीन पर दिखाए जाएंगे संदेश

कार्यक्रम में बताया गया कि एलईडी जागरूकता रथ जिले के सभी नौ प्रखंडों में भ्रमण करेगा और प्रत्येक प्रखंड में एक दिन रुककर लोगों को जागरूक करेगा। रथ में लगी एलईडी स्क्रीन के माध्यम से बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान, कन्या भ्रूण हत्या निषेध, बालिकाओं की शिक्षा, सुरक्षा, पोषण और महिला सशक्तिकरण से जुड़े संदेश, लघु फिल्में और अन्य सूचना सामग्री प्रदर्शित की जाएंगी। प्रशासन का उद्देश्य है कि अभियान का संदेश गांव-गांव और घर-घर तक पहुंचे तथा समाज में बेटियों के प्रति सकारात्मक सोच विकसित हो। अधिकारियों ने कहा कि यह रथ केवल सरकारी योजनाओं की जानकारी देने का माध्यम नहीं है, बल्कि समाज में जागरूकता और व्यवहारिक बदलाव लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

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जनसहभागिता से ही सफल होगा अभियान, अधिकाधिक लोगों से जुड़ने की अपील

जिला समाज कल्याण पदाधिकारी सत्या ठाकुर ने जिलेवासियों से अपील करते हुए कहा कि वे एलईडी जागरूकता रथ के कार्यक्रमों में अधिक से अधिक संख्या में भाग लें और हस्ताक्षर अभियान से जुड़कर इस जनआंदोलन को मजबूत बनाएं। उन्होंने कहा कि बालिकाओं के सम्मान, सुरक्षा, शिक्षा और सशक्तिकरण के लिए समाज के प्रत्येक वर्ग की सहभागिता आवश्यक है। उप विकास आयुक्त रीना हांसदा ने भी कहा कि बालिकाओं के प्रति सम्मानजनक और समानतामूलक दृष्टिकोण विकसित करना समय की मांग है तथा सामूहिक प्रयासों से ही अभियान के उद्देश्यों को प्राप्त किया जा सकता है। कार्यक्रम में जिला कल्याण पदाधिकारी गोपी उरांव, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी सत्या ठाकुर, सीडीपीओ सुरुचि प्रसाद, महिला पर्यवेक्षिका सविता सिन्हा, नेहा कुमारी सहित कई अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में बेटियों के सम्मान और अधिकारों को सुनिश्चित करने के लिए समाज में जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया।

Jadugoda : सूरदा माइंस के ठेका कर्मियों की समीक्षा बैठक, मांगों पर कार्रवाई नहीं होने से बढ़ी नाराजगी

झामुमो नेता बाघ राय मार्डी ने मजदूरों से अधिकारों के लिए एकजुट रहने का किया आह्वान जेबी लाइव, रिपोर्टर जादूगोड़ा

  • झामुमो नेता बाघ राय मार्डी ने मजदूरों से अधिकारों के लिए एकजुट रहने का किया आह्वान

जेबी लाइव, रिपोर्टर

जादूगोड़ा : जादूगोड़ा के मुसाबनी प्रखंड स्थित सूरदा तांबा खदान में कार्यरत ठेका मजदूरों की विभिन्न समस्याओं को लेकर झामुमो नेता बाघ राय मार्डी और आर.के. अर्थ लिमिटेड के मजदूरों के बीच समीक्षा बैठक आयोजित की गई। सूरदा बाजार में हुई इस बैठक में पूर्व में कंपनी प्रबंधन के साथ हुई वार्ता की प्रगति रिपोर्ट की समीक्षा की गई। मजदूरों ने एक-एक मांग पर कंपनी के रुख और अब तक की कार्रवाई का आकलन किया। बैठक में यह बात सामने आई कि पूर्व में हुए समझौते के कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर अभी तक कोई ठोस पहल नहीं की गई है। मजदूरों ने कहा कि कंपनी द्वारा आश्वासन तो दिए गए, लेकिन उन्हें धरातल पर लागू करने की दिशा में अपेक्षित कदम नहीं उठाए गए हैं, जिससे ठेका कर्मियों में असंतोष बढ़ता जा रहा है।

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13 सूत्री मांगों को लागू करने की मांग, आंदोलन की चेतावनी

समीक्षा बैठक के बाद मजदूर नेता एवं झामुमो नेता बाघ राय मार्डी ने कहा कि वार्ता के 15 दिन बीत जाने के बावजूद कैंटीन, वर्दी, मजदूरों के अपग्रेडेशन, प्रमोशन पॉलिसी तथा अकुशल श्रमिकों को कुशल श्रमिक का दर्जा देने सहित 13 सूत्री मांगों पर कंपनी प्रबंधन ने कोई ठोस निर्णय नहीं लिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि समझौता पत्र में शामिल कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर कंपनी प्रबंधन चुप्पी साधे हुए है। बाघ राय मार्डी ने मजदूरों से अपने हक और अधिकारों की लड़ाई के लिए एकजुट रहने का आह्वान करते हुए कहा कि संगठित प्रयासों से ही मांगों को हासिल किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि यदि आगामी वार्ता में भी कंपनी का रवैया सकारात्मक नहीं रहा तो मजदूर हितों की रक्षा के लिए आंदोलन का बिगुल फूंका जाएगा।

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कारगिल चौक की बैठक में भूमि वापसी को लेकर आंदोलन की रणनीति पर हुई चर्चा जेबी लाइव, रिपोर्टर जादूगोड़ा :

  • कारगिल चौक की बैठक में भूमि वापसी को लेकर आंदोलन की रणनीति पर हुई चर्चा

जेबी लाइव, रिपोर्टर

जादूगोड़ा : जादूगोड़ा थाना क्षेत्र के आसनवनी तथा आसपास के गांवों में जिंदल कंपनी द्वारा अधिग्रहित सैकड़ों एकड़ जमीन की वापसी को लेकर विरोध के स्वर तेज होने लगे हैं। इस मुद्दे पर झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (जेएलकेएम) के वरीय केंद्रीय उपाध्यक्ष भागीरथी हांसदा की अध्यक्षता में कारगिल चौक पर एक बैठक आयोजित की गई। बैठक में किसानों और रैयतों को एकजुट कर जमीन वापसी के लिए आंदोलन चलाने का निर्णय लिया गया। जेएलकेएम नेताओं ने आरोप लगाया कि वर्ष 2005 से 2013 के बीच आसनवनी समेत आसपास के क्षेत्रों में स्टील प्लांट स्थापित करने के नाम पर जिंदल कंपनी ने बिचौलियों के माध्यम से सैकड़ों एकड़ जमीन अधिग्रहित की थी। उस समय ग्रामीणों को रोजगार देने और क्षेत्र के विकास का भरोसा भी दिलाया गया था। उद्योग स्थापना के समर्थन में ग्रामीणों ने जनसुनवाई में भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया था और परियोजना का समर्थन किया था।

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उद्योग नहीं लगा तो जमीन लौटाने की मांग, आंदोलन की चेतावनी

जेएलकेएम के केंद्रीय वरीय उपाध्यक्ष भागीरथी हांसदा, जिला महासचिव बिमल महतो और शंकर भगत ने कहा कि भूमि अधिग्रहण के करीब दो दशक बाद भी क्षेत्र में उद्योग स्थापना की दिशा में कोई ठोस कार्य नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि जिस औद्योगिक परियोजना के लिए किसानों ने अपनी जमीन दी थी, वहां आज तक एक ईंट भी नहीं जुड़ी है। नेताओं ने भूमि अधिग्रहण, पुनर्वासन एवं पुनर्स्थापन अधिनियम 2013 की धारा 101 का हवाला देते हुए कहा कि अधिग्रहित भूमि पर निर्धारित अवधि में परियोजना शुरू नहीं होने की स्थिति में जमीन मूल रैयतों को वापस की जानी चाहिए। जेएलकेएम नेताओं ने झारखंड सरकार से सभी प्रभावित रैयतों की जमीन वापस करने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार इस दिशा में शीघ्र कार्रवाई नहीं करती है तो पार्टी किसानों के साथ मिलकर व्यापक आंदोलन शुरू करेगी। बैठक में बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता एवं स्थानीय ग्रामीण मौजूद रहे।

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कानून-व्यवस्था, अवैध खनन और भ्रष्टाचार को लेकर सरकार पर साधा निशाना जेबी लाइव, रिपोर्टर गुवा : झारखंड के प्रथम मुख्यमंत्री

  • कानून-व्यवस्था, अवैध खनन और भ्रष्टाचार को लेकर सरकार पर साधा निशाना

जेबी लाइव, रिपोर्टर

गुवा : झारखंड के प्रथम मुख्यमंत्री एवं विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने मेघाहातुबुरू स्थित सेल गेस्ट हाउस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान राज्य की हेमंत सोरेन सरकार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि झारखंड में कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है और सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हो रही है। मरांडी ने कहा कि राज्य में अपराध लगातार बढ़ रहे हैं तथा कानून के रखवालों के सामने ही हत्या और अन्य आपराधिक घटनाएं हो रही हैं। उन्होंने दावा किया कि आम जनता खुद को असुरक्षित महसूस कर रही है और सरकार अपराध नियंत्रण में पूरी तरह नाकाम साबित हुई है। उनके अनुसार प्रशासनिक तंत्र की कमजोरी का खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ रहा है।

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अवैध बालू कारोबार और बेरोजगारी को लेकर सरकार पर सवाल

बाबूलाल मरांडी ने आरोप लगाया कि राज्य में पुलिस अपराध रोकने के बजाय अवैध कोयला और बालू कारोबार से वसूली में व्यस्त है। उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर सीधा निशाना साधते हुए कहा कि पूरे झारखंड में अवैध बालू खनन का कारोबार धड़ल्ले से चल रहा है और इससे होने वाली काली कमाई का लाभ सत्ता के शीर्ष पर बैठे लोगों तक पहुंच रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य के शिक्षित युवा रोजगार के लिए भटक रहे हैं, जबकि शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था भी गंभीर चुनौतियों का सामना कर रही है। मरांडी ने कहा कि गरीब और ग्रामीण आबादी आज भी मूलभूत सुविधाओं से वंचित है, लेकिन सरकार जनहित के मुद्दों से ध्यान हटाकर भ्रष्टाचार में डूबी हुई है।

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डीएमएफटी फंड में अनियमितता की जांच की उठाई मांग

नेता प्रतिपक्ष ने पश्चिमी सिंहभूम जिले में डिस्ट्रिक्ट मिनरल फाउंडेशन ट्रस्ट (डीएमएफटी) फंड के उपयोग पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि खनिज प्रभावित क्षेत्रों के विकास के लिए बनाए गए इस फंड में बड़े पैमाने पर अनियमितता और बंदरबांट हुई है। मरांडी ने पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग करते हुए कहा कि यदि जांच कराई जाए तो कई बड़े तथ्य सामने आ सकते हैं। इस अवसर पर पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा, पूर्व सांसद गीता कोड़ा, पूर्व मंत्री बड़कुंवर गागराई, जे.बी. तुबिद, मंगल गिलुवा, अजीत सिंह, महेंद्र महाकुंड, श्याम गुप्ता, संजीव सिंह, नीरज राम, कनक मिश्रा, बंटी सरदार, वीरेंद्र मिश्रा, गोपी लागुरी, राजेश करजी, जावेद अख्तर और आसना बिरुवा समेत बड़ी संख्या में भाजपा नेता, कार्यकर्ता एवं ग्रामीण मौजूद रहे।

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हो भाषा को आठवीं अनुसूची और सरना धर्म कोड की मांग

कार्यक्रम के दौरान आदिवासी हो समाज युवा महासभा की केंद्रीय समिति ने राष्ट्रीय संगठन सचिव गोपी लागुरी के नेतृत्व में बाबूलाल मरांडी को एक स्मरण पत्र सौंपा। स्मरण पत्र में केंद्र सरकार से हो भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने तथा आदिवासियों के लिए अलग सरना धर्म कोड लागू करने की मांग की गई। महासभा के प्रतिनिधियों ने कहा कि इन दोनों मांगों को लोकसभा और राज्यसभा के माध्यम से कई बार केंद्र सरकार के समक्ष उठाया जा चुका है, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। राष्ट्रीय संगठन सचिव गोपी लागुरी ने कहा कि हो समाज अपनी भाषा, संस्कृति और धार्मिक पहचान को संवैधानिक मान्यता दिलाने के लिए लगातार संघर्ष कर रहा है तथा केंद्र सरकार से सकारात्मक पहल की अपेक्षा रखता है। इस दौरान कमल किशोर सिरका, माधव चंद्र कोड़ा, उम्लन हेस्सा, धनुर्जय लागुरी, संतोष पांडा सहित समाज के कई प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।

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